00:00अगर आप एक स्कूल स्टूडेंट हो, कॉलेज स्टूडेंट हो या नौ से पाँच वाली नौकरी कर रहे हो, इस वीडियो में मैं आपको एक ऐसी गोल्ड स्ट्रेटजी बताने वाला हूं जो लिक्विडिटी पर काम करती है और जो स्ट्रेटजी आपसे दिन का 2 से 3 घंटे से ज्यादा टाइम नहीं मांगेगी, जिसे आप प्रॉफिटेबल तरीके से ट्रेड कर सकते हो। लेकिन Before we go to the strategy, there are certain things that I want to know because इस स्ट्रेटजी को यूज़ करने से पहले, अगर आपने ये चीजें नहीं कीं, तो आप इसे प्रॉफिटेबली ट्रेड नहीं कर पाएंगे। सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि जब उनको कोई ट्रेडिंग स्ट्रेटजी मिलती है, तो वो blindly अगले दिन से उसे ट्रेड करने लगते हैं, इस सोच के साथ कि मैं करोड़पति बन जाऊंगा। लेकिन मैं आपको दुनिया की सबसे अच्छी स्ट्रेटजी भी बता दूंगा। यदि आपने उसे खुद बैकटेस्ट करके नहीं ट्रेड किया, तो आप उसे। प्रॉफिटेबलली ट्रेड नहीं कर पाओगे। क्यों नहीं कर पाओगे? क्योंकि उसके पीछे का कारण यह है कि अगर मैं आपको आज एक स्ट्रेटजी बता देता हूं और जैसे आप वो ट्रेड करना शुरू करते हो, तो आपके पास न तो कॉन्फिडेंस है, न ही आपकी इमोशनल स्टेबिलिटी है, और न ही आपके पास डाटा है। अब इन तीनों चीजों के बिना एक ट्रैडर प्रोफिटेबल नहीं बन सकता है। आपको इस वीडियो में जो जानकारी मिलने वाली है, वह सेकंड हैंड इनफॉर्मेशन होने वाली है। सेकंड हैंड इनफॉर्मेशन का मतलब यह होता है कि मैंने आपको कुछ चीजें बताई। आपने उस इनफॉर्मेशन को लिया। अब उसके ऊपर आप एक्शन कर रहे हो। अब जो आपके एक्शन होंगे, वे purely इस बेसिस पर होने वाले हैं कि हां भाई, किसी ने मुझे बताया है, तो उसके ऊपर भरोसा करके मैं उस चीज को इंप्लीमेंट कर रहा हूं। अब मैं समझ गया हूं कि तु गाइज, ट्रस्ट मी और यू वांट टू हियर। फ्रॉम मी। लेकिन किसी के ऊपर भी ब्लाइंड ट्रस्ट नहीं करना चाहिए। यहाँ तक कि यदि यह मेरी स्ट्रैटेजी है तो भी ब्लाइंडली भरोसा न करें। जो मैं आप को बताने वाला हूँ, इस स्ट्रैटेजी को ले कर आपको पिछले एक साल के डेटा पर बैक टेस्ट करना है। इससे क्या मिलेगा? मैं तो आपको बता रहा हूँ कि यह स्ट्रैटेजी काम करती है। लेकिन जब आप इसे पिछले एक साल के डेटा पर बैक टेस्ट करेंगे, 100 ट्रेड्स के ऊपर बैक टेस्ट करोगे, तो आपका दिमाग उस सेटअप को स्पॉट करने के लिए ट्रेंड हो जाएगा। जब तक आप अपने को उस सेटअप को स्पॉट करने, उसे एग्जीक्यूट करने, और उसकी रिस्क मीनजमेंट करने के लिए ट्रेन नहीं करोगे, आप इसे लाभकारी रूप से ट्रेड नहीं कर पाएंगे। तो प्रैक्टिस करने के बाद सबसे पहली बात आपको खुद का आत्मविश्वास आएगा उस स्ट्रैटेजी के ऊपर। आपको खुद सेटअप के ऊपर कॉन्फिडेंस आ जाएगा, और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि जैसे भी प्राइस मूव करेगा, आपको उसके ऊपर भी कॉन्फिडेंस आ जाएगा कि हां, ठीक है, प्राइस ईज गोग्लिंग अॉर्डिंग टू माई स्ट्रैटेजी। मैंने 100 ट्रेड से ज्यादा देखे हैं, जो एग्जीक्यूट हुए हैं, और मुझे पता है कि प्राइस एक सर्टेन वे में ही बिहेव करता है। इस पर्टिकुलर कॉन्फिडेंस के बिना आप इस स्ट्रैटेजी को प्रॉफिटेबलली ट्रेड नहीं कर पाएंगे। और ऑफ कोर्स, द मोस्टेंट चीज़ है रिस्क मैनेजमेंट। ये सब करने के बावजूद भी अगर आपने बहुत ज्यादा रिस्क लिया या फिर आप इसे एक गैंबलर की तरह ट्रेड करने वाले हो, तो आप फिर भी मनी नहीं कमा पाएंगे। तो यह है वह डिस्क्लेरेशन जो मैं आपसे शेयर करना चाहता हूँ, क्योंकि अगर आपने ये बातें नहीं मानीं, तो आप इसको प्रॉफिटेबलली ट्रेड नहीं कर पाएंगे। अब चलिए, बिना किसी वेस्टिंग के इस स्ट्रैटेजी की ओर चलते हैं। जैसा कि मैंने आपको बोला, यह एक लिक्विडिटी-बेस्ड स्ट्रेटजी है। पिछला वीडियो, जो मैंने बनाया था, "How to Read Liquidity," उसके ऊपर इतना सारा प्यार और इतना सारे कमेंट्स आए कि एक लिक्विडिटी वाली स्ट्रेटजी भी बनाओ। तो मैं यहां पर शेयर कर रहा हूं आपके साथ एक स्ट्रेटजी ऑन गोल्ड, जो वर्क्स ऑन लिक्विडिटी। तो सबसे पहली चीज जिसकी आपको जरूरत है, वह है सेशन इंडिकेटर। आप इसको ट्रेडिंग व्यू पर जाकर सर्च कर सकते हैं। आपको सर्च करना है, "FXN Asian Session Range"। उस इंडिकेटर को आप प्लॉट करोगे, तो यह आपको दिखाई देगा। यह बेसिकली इंडिकेटर आपको बताता है फॉरेक्स मार्केट के टाइमिंग्स। अगर आप चाहते हो कि मैं फॉरेक्स मार्केट की आवर्स पर एक डिटेल्ड वीडियो बनाऊं और सारी टाइमिंग्स आपको इसी सरल तरीके से समझाऊं, तो कमेंट में "फॉरेक्स टाइमिंग्स" लिखो, और मैं वो वीडियो आपके लिए बनाऊंगा। अंदर इसके अलावा कि यह आपको एक सिंपल इंडिकेटर है जो आपको टाइम विंडोज़ बताता है, तो जो ब्लू कालर का बॉक्स होता है, यह एशिया रेंज होता है, जो लंदन सत्र के बराबर होता है। ग्रीन कालर का बॉक्स होता है, और जो वाइट कालर का बॉक्स होता है, वह न्यूयॉर्क सत्र होता है। तो अब अगर आपने मेरा लिक्विडिटी वाला वीडियो नहीं देखा है, तो आपको देखना पड़ेगा क्योंकि उसके बिना आपको यह रणनीति नहीं समझ में आएगी। आप को समझना होगा डेंस ऑफ लिक्विडिटी और लिक्विडिटी क्या रोल प्ले करता है एक ट्रेडर के लाइफ में। ठीक है? तो अब इस रणनीति का उपयोग केस बहुत सिंपल है। इसे हम सिर्फ और सिर्फ न्यूयॉर्क सत्र में ट्रेड करेंगे। क्यों? क्योंकि न्यूयॉर्क सत्र सबसे ज्यादा वोलैटाइल होता है, और अक्सर न्यूयॉर्क सत्र 80 से 90 प्रतिशत समय में मूवमेंट करता है, जब लंदन सत्र के साथ मिलकर। और एशिया की लिक्विडिटी को स्वैप करने के बाद मूव देता है, सही? तो, हम जो है उस लिक्विडिटी स्वैप मूव के ऊपर ट्रेड करने वाले हैं। एक सिंपल सी एज बताया हूं मैं आपको। अब उस एज के ऊपर हम लोग एक स्ट्रेटजी को एग्जीक्यूट करेंगे। अब मैं आपको बताऊंगा कि इसको आप को कैसे एग्जीक्यूट करना है। मैं आपको पांच से दस एग्जांपल दूंगा ताकि आप इस स्ट्रेटजी को अच्छे से समझ जाओ। ठीक है? तो अब इसमें देखना क्या है? सबसे पहली चीज तो आपको चार घंटे के टाइम फ्रेम पर जाना है। मैं रैंडमली एक चार्ट पर रुक जाता हूं। यहां पर मैं रैंडमली रुक गया हूं। अब हमें चार घंटे पे बायस डिसाइड करना है। बायस डिसाइड करना है कि ओके, स्ट्रक्चर बुलिश है या बेयरिश है। तो अब अगर आपको बायस डिसाइड करने में प्रॉब्लम है या मार्केट स्ट्रक्चर पढ़ने में समस्या है, तो इसके ऊपर मैंने एक फुल कोर्स फ्री में प्रदान किया है। अपलोड किया हुआ है YouTube पे। How to read the market structure like a professional। उस वीडियो को जरूर देखना। तो दिस according to me is a bullish bias right now, क्योंकि फॉर अ वरी सिंपल रीज़न प्राइस ने यहां पे सपोर्ट ब्रेक किया है, बट ठीक है। प्राइस is bouncing off from anent level over here। यहां से प्राइस ने bullish candle दिया है, bullish structure दिया है। यहां से फिर lower high दिया है, and फिर अब यहां से higher high बनाने की कोशिश कर रहा है। सो according to me, दिस is a bullish structure। ठीक है? उसके बाद आपको Asia-London session खत्म होने तक वेट करना है। अब यहां पे जो है, it is very important for you to understand this। If you remember in my liquidity वीडियो, मैंने आपको ये सिखाया था कि sessions के high और low पर liquidity resting होती है। इसका मतलब ये है कि Asia session का जो high है, डियर, इस ज़्यादा हाई चांस यहां पे स्टॉप लॉस है। यहां पे लो है, डियर, इस ज़्यादा हाई चांस यहां पे स्टॉप लॉस है। लंदन सेशन का लो है, डियर, इस ज़्यादा हाई चांस यहां पे स्टॉप लॉस है। तो नॉर्मली न्यूयॉर्क सेशन में क्या होता है? न्यूयॉर्क सेशन में जब बड़ा मूव आने वाला होता है, तो न्यूयॉर्क सेशन के पहले 7:00 बजे के पहले एक फेक मूव आता है, जो या तो ये हाई को टेक डाउन करेगा या तो ये लो को टेक डाउन करेगा, और उसके बाद कुछ ऐसा मूव आएगा, राइट? सो दैट इज़ एग्जैक्टली व्हाट वी वांट टू सी। तो सबसे पहली चीज़ जो मैंने आपको बता दी है, फ़ोर आवर पे अपना बायस डिसाइड करना है। उसके बाद, सेकंड स्टेप है, टू मार्क आउटेंट लिक्विडिटी पूल्स। सो, लाइक, आई सेड दिस, इज़ अ एरिया ऑफ लिक्विडिटी, दिस, इज़ एन एरिया ऑफ लिक्विडिटी। दिस, इज़ एन एरिया ऑफ लिक्विडिटी। बट, अब मेरा बायस बुलिश है, तो मैं ये चाहूंगा। कि बेरिश स्वीप हो और मुझे कुछ ऐसा ट्रेड मिले, तो फॉर मी नाउ इस लेवल इज़ यूज़लेस, राइट? सो फॉर मी ओनली दिलाज़ टू लेवल्स रेंट। तो अब मुझे अगर ट्रेड लेना है, तो मैं ये चाहूंगा कि प्राइस इसको स्वीप करे, यहाँ से बुलिश स्ट्रक्चर दे और मैं एंट्री लूं। सो दैट इज़ गोइंग टू बी माय प्लान, सो लेट्स सी इफ वी गेट दैट। तो जैसे कि आप देख सकते हो, यहाँ पे वी हैव अ लंदन स्वीप, लंदन का लॉस जो है, मार्केट ने स्वीप कर दिया है। तकनीकी रूप से यहाँ पे मैं एंट्री ले सकता हूं या फिर मैं यहाँ बुलिश एलंगिंग पे एंट्री ले सकता हूं। फिर से एंट्री मॉडल पूरी तरह से आप पर निर्भर है। आपको कौन सा एंट्री फॉलो करना है, मैं आपको ये रेकमेंड करूंगा कि आप 5 मिनट के ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर पे एंट्री फॉलो करोगे तो बेहतर है। अगर आपको 15 मिनट की कैंडल क्लोजिंग का वेट करना है, तो आप वो भी कर सकते हो। आप 30 मिनट की कैंडल भी देख सकते हो। क्लोजिंग के लिए वेट करना है, वो भी कर सकते हो। कंप्लीटली आप पर निर्भर है। लेकिन आपका एंट्री मॉडल बहुत अलग होगा। उदाहरण के लिए, यहाँ मैं 15 मिनट की क्लोजिंग के लिए वेट करूंगा और उसके लिए उसे एंट्री मॉडल की तरह इस्तेमाल करूंगा। तो अब मान लो कि यहाँ मैंने एंट्री ले ली इस कैंडल क्लोजिंग पर। ये मेरा स्टॉप लॉस है। आपको सिंपल 1:2 का रिस्क रिवॉर्ड रखना है। यहाँ हम 1:2 का टारगेट लगाते हैं। ठीक है? देखें कि यह प्लेआउट कैसे होता है। ओके? तो यहाँ पर अब पूरा सेशन लगभग साइडवेज चल रहा है। अब यहाँ आपको 12:00 बजे तक का टाइम स्टॉप लगाना है। मतलब आपकी एंट्री विंडो 7:00 बजे से 8:00 बजे के बीच होगी। अगर इससे पहले आपको एंट्री मिल जाती है, तो आप एंट्री कर सकते हैं। लेकिन 12:00 बजे के बाद आपको अपना ट्रेड होल्ड नहीं करना चाहिए, क्योंकि बाजार में लिक्विडिटी खत्म हो जाती है। मार्केट में वॉल्यूम्स खत्म हो जाती हैं। तो यहाँ पे टेक्निकलली हमारा ट्रेड चला 12:00 बजे तक। यहाँ पे हमने लिटिल मनी, तो उसको मैं ब्रेक ईवन ही मान लूंगा। सो, यह था एक ब्रेक ईवन ट्रेड। ठीक है? चलिए, आगे बढ़ते हैं अगले दिन की ओर, और देखेंगे कि हम कैसे ट्रेड कर सकते हैं, और अगला दिन कैसा रहा। ओके? तो यह रहा मेरा अगला दिन। बायासर्स रिमेंस बुलिश हैं। प्राइस स्ट्रक्चर अच्छा दिख रहा है। एशिया सत्र का हाई स्वीप हो चुका है। लंदन सत्र का हाई भी स्वीप हो चुका है, लेकिन फिर भी हमें बुलिश मूवमेंट देखना है, तो हमें यह देखना है कि जब लो स्वीप हो और उसके बाद बुलिश प्राइस एक्शन मिले। यदि ऐसा नहीं होता है और बिना स्वीप के प्राइस ऊपर जारी रहता है, तो भी यह हमारे लिए कोई चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि यहाँ पर बिल्कुल ऐसा हुआ है। तो यह हमारे लिए कोई ट्रेडिंग का दिन नहीं है, क्योंकि हमारा फंडामेंटल एज अलग है। स्ट्रेटजी का ये है कि एशिया और लंदन का लिक्विडिटी जब तक स्वीप नहीं होगा और वन ऑफ देम, लंदन का भी होगा तो चलेगा। एशिया का होगा तो भी चलेगा और दोनों का होगा तो बेहतर है। लेकिन यहां पे किसी का भी नहीं हुआ। सो ऑन दिस पर्टिकुलर डे हमने ट्रेड नहीं लिया। सो हम क्या करेंगे? अब हम अगले दिन का इंतजार करेंगे। और मैं यही मानता हूं कि रियल चार्ट्स पर जाकर रियल एफ्फार्मल्स देकर सिखाना बहुत बेहतर है, क्योंकि लोग जो टैबलेट पकड़ कर टेक्स्टबुक के उदाहरण दिखाते हैं, वो देख कर अच्छा लगता है, लेकिन रियल लाइफ में वो काम नहीं करता है। और यही वजह है कि मुझे चलेगा अगर मैं आपको बेहतरीन उदाहरण नहीं दिखाऊं, लेकिन मैं ये चाहूंगा कि मैं आपको एक व्यवहारिक स्थिति बताऊं। सही? तो एक ट्रेड हमने लिया, जो ब्रेक ईवन था। दूसरे दिन हमें ट्रेड नहीं मिला। चलिए, वेट करते हैं। थर्ड डे एंड सी व्हाट हैपेंस। यहाँ पे हमारा बायस बुलिश है। ठीक है? एशिया हाई स्वीप हो चुका है। अब यहाँ पे लंदन लोस है। दिस इज़ अ वेरिएंट एरिया ऑफ लिक्विडिटी और दिस इज़ अ वेरिएंट एरिया ऑफ लिक्विडिटी। क्योंकि हमारा बायस बुलिश है, हम ये चाहेंगे कि लो स्वीप होके प्राइस वापस ऊपर की तरफ जाए। ओके? यहाँ पे हमारे पास एक लो स्वीप आ चुका है और 15 मिनट का बुलिश कैंडल भी हमें मिल चुका है। इसका वॉल्यूम भी बहुत ज्यादा हाई है। तो यहाँ पे हमारा एक एंट्री ट्रिगर हो जाएगा। तो यहाँ पे मैं इसको इसके कैंडल के नीचे स्टॉप लॉस रख देता हूँ। मेरा टारगेट होगा एकःदो, और देखते हैं कि क्या ये सफल रहता है। चलिए देखते हैं। यह एक सिंपल स्ट्रेटजी है। अब वहाँ हम एक ऐसा सीनरीओ बनाने जा रहे हैं जहां यह ज्यादा बड़ा मूव दे सकता है। उसको कैसे कैपिटलाइज करना है, यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है। थर्ड उदाहरण में हमें ट्रेड मिला। हमने मनी कमाई। चलो, देखते हैं और दूसरे दो उदाहरणों को और देखते हैं और देखते हैं क्या होता है। अब यहां बहुत दिलचस्प सिनेरियो है क्योंकि आप देख सकते हैं कि हमारे पास एक न्यूज़ एज भी है। यह वाला न्यूज़ बहुत महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन चलो, कोशिश करते हैं समझने की कि स्ट्रक्चर क्या है। स्ट्रक्चर अभी भी बुलिश है। अब अगर आप शुरुआती हैं और आपका स्ट्रक्चर पढ़ने का अनुभव इतना मजबूत नहीं है, तो आपको हर बार, रोज लंदन क्लोज के बाद, चार घंटे बैठकर स्ट्रक्चर का विश्लेषण करना चाहिए, अपना दैनिक.bias तय करना चाहिए। उसके बाद ही अपना ट्रेड शुरू करना चाहिए। मैंने छह साल तक चार्ट के साथ बिताए हैं, तो मुझे फिर से खोलने और चार घंटे के टाइम फ्रेम में पुष्टि करने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपके लिए यह बहुत अलग है, है ना? तो यहां, हमारे पास एशियाई सत्र है। ठीक है? एशिया का लो स्वीप खत्म हो चुका है। प्राइस हैज़ कम डाउन। लंदन का लो भी टेक्निकल्ली स्वीप हो चुका है। इसको मैं लंदन का लो नहीं बोलूंगा, लेकिन मान लीजिए यहां पे लंदन भी स्वीप हो चुका है। फॉर न्यूयॉर्क, हम लुकिंग फॉर अ बुलिश एंट्री, लेकिन मैं चाहूंगा कि यदि यह लो स्वीप हो कर फिर प्राइस ऊपर जाए। ऑल राइट, देयर, वी गो। डेअड एक्सैक्टली व्हाट हैपेंड। अब यहां पे एक एंट्री बना सकते हैं, लेकिन यह न्यूज खत्म हो चुकी है। ओके? सो, यहां पे मैं एंट्री लेता हूं। अब ये जो 15 मिनट का कैंडल है, यह नहीं है सबसे अच्छी कैंडल जिस पर मैं एंटर करना चाहूंगा, लेकिन उदाहरण के लिए, मैं यहां पे एंट्री ले रहा हूं। तो, यहां पे हमारा स्टॉप लॉस इसका नीचे होगा। हमारा टारगेट हम रख देंगे सिंपल 1:2 का। यहां स्टॉप लॉस बहुत छोटा है, इसलिए टारगेट भी बहुत छोटा दिख रहा है। लगभग हमारा स्टॉप लॉस हिट हो गया, प्राइस नीचे आ गया, और मुझे लगता है कि अब 12:00 बज गए हैं। हां। 12:00 बज गए। सो इसको भी हम एक ब्रेक ईवन ट्रेड में कंसिडर करेंगे। सो दिस वाज़ अ वेरी स्मॉल स्टॉप लॉस। अगर उसको ऑफ कोर्स लेटर होल्ड करते तो प्रॉफिट में जाता। बट फॉर्थ एग्जांपल, ब्रेक ईवन। नो प्रॉब्लम। अब इसके अंदर आप कुछ और एडिशनल रूल्स बना सकते हो कि अगर 1:1 अचीव हो जाता है तो आप उस स्टॉप लॉस को ब्रेक ईवन पे ले आओ या फिर हाफ बुक कर लो। अगेन, कम्प्लीटली अप टू यू। माय जॉब इन दिस वीडियो का है तो यू एन एज जिसको आप प्रॉफिटेबली ट्रेड कर सकते हो। राइट? मूविंग ऑन टू द नेक्स्ट डे। चार दिन में से एक दिन का प्रॉफिट हुआ है। एक दिन ट्रेड नहीं मिला है और दो दिन हमें जो है, ब्रेक ईवन मिला है। ठीक है? अब यहां पे वी हैव अनदर इंटरेस्टिंग सिनेरियो बाइसेस, जो कि बुलिश हैं। एशिया सेशन हाई है, टेकन आउट हो गया। प्राइस कंटीन्यूअसली ऊपर गया। लंदन सेशन बहुत साइडवेज था और लंदन सेशन का हाई भी टेक आउट। गया है और प्राइस कंटीन्यूअसली ऊपर जा रहा है। व्हाट आई वड लाइक टू सी हियर है ये लंदन सेशन को स्वीप करके, प्राइस अगर कुछ बुलिश एक्शन देता है, तो मजा आएगा हमें इस स्ट्रेटजी को ट्रेड करने में। अनफॉर्चुनेटली वो नहीं हुआ। सो, फifth डे, नो ट्रेड एट ऑल। नो प्रॉब्लम। वी विल मूव फॉरवर्ड टू द सिक्स्थ डे एंड सी वॉट हैपेंड। सो, व्हेयर हैं अ बुलिश एशियन सेशन। एशियन लो भी स्विप्ड। अब यहां पे जो है, थोड़ा सा इंटरेस्टिंग सीनारियो फिर से बन रहा है। इफ वी कैन सी अ स्विप ऑफ दिस, ये इज़ अ गुड प्रीवियस लंदन सेशन। ये इज़ टुडे़ का लंदन सेशन। अगर यह स्वीप करके, प्राइस कुछ बुलिश एक्शन देता है, तो हम इसको एक बार के लिए ट्रेड कर सकते हैं। लेट्स सी इफ दैट हैपंस। ओके? सो, न्यूयॉर्क सेशन भी बहुत ड्राई था। आई थिंक, मे बी यहां पे बैंक हॉलीडे था, इसलिए प्राइस ने कुछ भी नहीं किया। मूविंग ऑन टू द सेवनथ डे। ओके, वी हैव एन एक्सट्रीमली बेरिश एशिया रेंज एंड एक्सट्रीमली बेरिश लंदन रेंज। अब यहाँ पे जो है, जरूरत पड़ सकती है फोर आवर खोलकर देखने के लिए। अब यहाँ पे फोर आवर खोलकर मैंने क्यों देखा? क्योंकि इतना ज्यादा ट्रेंडिंग था और इतना ज्यादा बेरिश डे था। अब यहाँ पे मुझे यह समझ में आ रहा है कि प्राइस एक रेज़िस्टेंस को फेस करके अब यहाँ से लोअर हाई और लोअर लो वाला स्ट्रक्चर बनाना शुरू कर दिया है। सो, मैं जब भी ऐसा कुछ विजन करता हूँ कि ठीक है, प्राइस लगातार अप ट्रेंड में था, अब वो डाउन ट्रेंड में आ चुकी है। तो मैं एक-दिन वेट करने का रेकमेंडेशन देता हूँ, क्योंकि जब स्ट्रक्चर ऊपर-नीचे हो रहा होता है या स्ट्रक्चर बार-बार चेंज हो रहा है, तब सबसे ज्यादा लोग लॉस करके बैठते हैं। और यह बिल्कुल सही है कि आप को स्टेप बैक लेना चाहिए और ट्रेडिंग से पहले सही विश्लेषण करना चाहिए। वेट। तो इस पर्टिकुलर न्यूयॉर्क सेशन में भले ही मुझे कितना भी अच्छा ट्रेड मिल जाए, मैं ट्रेड नहीं लेने वाला हूं। वीज़ जस्ट गาวेट एंड वॉच एंड सी व्हैट हैपेंस। क्योंकि एक-दो दिन बाद जो है, मार्केट स्ट्रक्चर नॉर्मली करेक्ट हो जाता है। एंड मार्केट स्ट्रक्चर यूजुअली शो़ज दैट व्हाट इट एक्सचुअली वांट्स टू डू। राइट? सो यहां पे अभी फिलहाल मार्केट स्ट्रक्चर हमें बता रहा है कि उसको नीचे जाना है, बट मे बी द नेक्स्ट डे विल गेट सम मोर क्लेरिटी ऑफ व्हाट मार्केट वांट्स टू डू। इट इज़ बेटर टू ट्रेड विथ क्लेरिटी डेन विथ कन्फ्यूजन एंड यू नो रिस्क योर हार्ड अर्न मनी। अब यहां पे वी हैव एन इंटरेस्टिंग एशिया सेशन। एशिया सेशन वाज़ बेरिश। लंडन वाज़ बुलिश, एंड हियर वी हैव न्यूयॉर्क। अब क्या आप इसको बुलिश बायस कंसीडर करोगे? मैं इसको बुलिश बायस कंसीडर नहीं करूंगा। आई वुड कंसीडर। यह एक बुलिश बायस है, जब तक यह हाई टेक आउट नहीं हो जाता। यह हाई टेक आउट होगा। यह मेरे लिए बुलिश है। यह लो टेक आउट होगा। यह मेरे लिए कंफर्म्ड बुलिश है। लेकिन अभी के लिए, इस स्ट्रक्चर के आधार पर, यह मेरे लिए स्लाइटली बुलिश है। सही? तो अब बुलिश सीनारियो में मैं क्या चाहूंगा? मैं चाहूंगा कि लंदन का हाई स्वीप हो और मुझे ऐसा स्ट्रक्चर मिले, जिससे मैं इसे शॉर्ट कर सकूं। लेकिन फिर भी, मैं 100% भरोसेमंद नहीं हूं क्योंकि यह स्ट्रक्चर अभी बहुत साफ नहीं है। और वैसे भी, हमें अभी कोई ट्रेडिंग सेटअप नहीं मिला है। तो चलिए, अगले उदाहरण का इंतजार करते हैं। तो हम अभी और डे में हैं। फिर से, यहाँ पर अभी हमारा लो टेक आउट हो चुका है। अब हमने इस खास लो को टेक आउट किया है। बायस नेचुरली बुलिश में शिफ्ट हो जाएगा, लेकिन फिर भी हमारे पास एक बहुत मजबूत सपोर्ट लेवल है, जहाँ से प्राइस टैप कर चुका है। उसके बाद जो..
12:15है, अब हमारा बायर्स वापस बुलिश पर शिफ्ट हो सकता है। उनका स्ट्रक्चर फिर से चेंज हो सकता है, इसलिए हम वेट करेंगे कि लंदन क्या करता है, और उसके बाद शायद हम ट्रेड लें। सो, एशिया वॉर्ज बुलिश थी। लंदन भी वॉर्ज बुलिश थी। वॉट आइ वुड लाइक टू सी हियर इज़ अगेन। अब अगर मैं यहां पर ट्रेड लेता हूं, तो यह एक हाई रिस्क ट्रेड होगा, क्योंकि स्ट्रक्चर अभी तक क्लियर नहीं है। लेकिन अगर यह स्वैप हो जाता है, लिक्विडिटी पूल बनता है, तो अगर ऐसा स्ट्रक्चर बनता है, तो मैं खुशी से ट्रेड लोंगा। तो, चलिए चेक करते हैं कि क्या यह आज का केस है। ठीक है, वह नहीं हुआ। प्राइस कंटिन्यूड हाईयर। यह ऐसी रणनीति नहीं है, दोस्तों, जिसमें आपको रोज ट्रेड मिलेगा। लेकिन जब आपको ट्रेड मिलेगा, तो वह 70 से 80 प्रतिशत सटीक ट्रेड होगा, और उसका बहुत बड़ा चांस है। आप उससे पैसा कमा सकते हैं, या फिर आपको ब्रेक-ईवन मिल सकता है। जाएगा। एंड दैट इज़ एक्सैक्टली व्हाई मैंने स्टार्टिंग में कहा था कि एक कॉलेज स्टूडेंट जो है या फिर एक इंसान 9-5 में इनवॉल्व्ड है। इवन दैट पर्सन कैन ट्रेड दिस स्ट्रेटजी आराम से विद अ पीस ऑफ माइंड। आप मान लीजिए कॉलेज से वापस आ रहे हो या आप काम से घर जा रहे हो। शाम में आपको लंदन सेशन के क्लोज के बाद आपका चार्ट देखना है और ये समझना है कि अच्छा भाई, आज ट्रेड मिल सकता है या नहीं मिल सकता है। बाइसेस क्या हैं मेरा? मेरे इम्पोर्टेंट लिक्विडिटी पूल्स क्या हैं? उसके बाद आपको अलर्ट सेट कर देना है। आपका अलर्ट सेट हो जाता है। लिक्विडिटी पूल दिख जाता है। 15 मिनट का कैंडल क्लोज होता है, आपको एंट्री लेनी है, और आपको बस स्टॉप लॉस और टारगेट लगा कर उसको भूल जाना है। राइट? सो, ऑफ कोर्स, ऐसी स्ट्रेटजी जहां पर रोज ट्रेड करना पड़े, एक वर्किंग प्रोफेशनल और एक कॉलेज स्टूडेंट दोनों कर सकते हैं। नॉट डू दैट। एंड दैट इज़ अगेन वान ऑफ़ द रीज़न कि मैंने ऐसी स्ट्रेटजी आपके साथ शेयर की, सो दैट आप जितने भी लोग देख रहे हो, मैजोरिटी ऑफ़ यू गाइज़ कैन ट्रेड दिस स्ट्रेटजी प्रॉफिटेबली। अब यहाँ पे एशिया बेरिश है और लंदन भी लुक्स बेरिश। दिस इज़ नॉट गुड न्यूज़ क्योंकि सपोर्ट से बाउंस करने के बाद प्राइस आइडियली ऊपर जाना चाहिए। प्राइस जो है, वापस नीचे की तरफ आ रहा है। अभी तक हमें क्लियरिटी नहीं है। मेरे हिसाब से यह हाई टेक आउट होगा तो मेरा बायस बुलिश हो जाएगा। यह लो टेक आउट होगा तो मेरा बायस बेरिश हो जाएगा। बट अभी मुझे क्लियरिटी नहीं आ रही है प्राइस के ऊपर। तो टेक्निकली यहाँ पे यू कैन से दैट, ओके, हमारा सेटअप बना था क्योंकि लंदन लो स्वीप हो गया, और प्राइस ऊपर चला गया। बट मैं इसको कंसीडर नहीं करूंगा क्योंकि वो न्यूज की वजह से मूव आया था। ओके, एंड एनीवेयर, प्राइस वापस नीचे चला रहा है। गया। सो, अभी हम ने शुरू किया है एक नई हफ्ते की शुरुआत। प्राइस लग रहा है बुलिश। एशियाई सत्र में लंदन सत्र के दौरान बहुत तेजी से ट्रेंडिंग हो रही है। बहुत अधिक बुलिश है। प्राइस ने स्ट्रक्चर को ब्रेक कर दिया है। खरीदारों ने अपना अनुमान बदला है और अब मार्केट बुलिश हो गई है। अब मैं चाहूंगा कि प्राइस इस मौके को साफ कर दे, और यहां से कुछ ऐसा मूव दे कि हमारी उम्मीदें पूरी हो जाएं। देखते हैं कि ऐसा होता है या नहीं। सामान्यतः जब एशिया और लंदन दोनों ही बहुत अधिक ट्रेंडिंग होती हैं, तो न्यूयॉर्क सत्र भी ट्रेंड को जारी रखता है। वो स्वीप नहीं करता। इसलिए, बहुत ट्रेंडिंग दिनों में हमें ट्रेडिंग मौके नहीं मिलते। एक बात याद रखिए, यहाँ पे। आप देखोगे तो प्राइस ने तकनीकी रूप से कोशिश की, लेकिन प्राइस में इतनी ताकत थी कि वो लगातार ऊपर ही चलता गया और नीचे नहीं आया। अब चलता है अगले दिन की ओर। बायसेस रिमेन बुलिश। एशिया सत्र में भी। बेरिश। लंदन मेट गो अप। एशिया में स्वीप करके वापस ऊपर जा सकता है, पर नहीं गया। ओके। बायस रिकवरी बुलिश। ओके, हमें शायद एक स्वीप दिखाई दे रहा है, जो पहले ही हो चुका है। हमें शायद एक स्वीप ऑफ दिस और इसके बाद एक कन्टिन्यूअशन ऑन द अपसाइड भी दिखाई दे रहा है, लेकिन एशिया और लंदन दोनों बेरिश हैं। यह थोड़ा सा कंसर्निंग है मेरे लिए, लेकिन देखते हैं कि हमें बुलिश कैंडल का एंट्री मिलती है या नहीं। ठीक है। तो यहाँ पर हमने वह हमारा एंट्री की थी। लंदन स्वीप के बाद हमारा एंट्री हो गया है। लंदन में स्वीप हो चुका है। ओके, यह एक बुलिश कैंडल है। मैंने अपनी स्टॉप लॉस यहाँ रखा है, और यहाँ भी आप स्टॉप लॉस रख सकते हैं, लेकिन मैं अपनी स्टॉप लॉस यहाँ रखूंगा। मेरा टारगेट सिंपल है 1:2 का, यहाँ पर। यहाँ पर हम गए। तो यहाँ पर यह इन्वर फेवर हमारे लगभग एक टारगेट तक पहुंच गया है, और फिर स्टार्ट हो गया है फिर से हमें खिलाफ में। सही है? और शुरुआत में, जैसा मैंने आपको कहा था कि मैं..
15:16मैं बहुत ज्यादा भरोसा नहीं कर रहा हूँ इस बारे में क्योंकि normalmente जब बहुत ट्रेंडिंग डे होता है, प्राइस न्यूयॉर्क में भी लगातार चलता रहता है। अब यहां पर मान लीजिए आपने कोई ऐसा नियम सेट किया हो कि 1:1 पर मैं स्टॉप लॉस को ब्रेक इवन पर ट्रेल कर लूंगा। तो आप वहां पर कुछ भी नुकसान नहीं करेंगे। यह एक और नियम हो सकता है जिसे आप खुद जोड़ सकते हैं। क्योंकि सामान्यतः जब लिक्विडिटी स्वीप होती है, तो प्राइस बहुत वाइडली मूव करता है। या तो आपका प्राइस सीधे टारगेट में जाएगा, या फिर प्राइस वापस स्टॉप लॉस में आएगा। तो ऐसी स्थिति में आप ऐसा नियम बना सकते हैं कि यदि 1:1 प्राप्त हो जाता है, तो मेरा स्टॉप लॉस ब्रेक इवन पर आ जाएगा, और यदि प्राइस वापस कॉस्ट पर आता है, तो वहाँ पर हाई चांस है कि वह फिर से स्टॉप लॉस को टैग करेगा। इसलिए यह भी एक ब्रेक इवन ट्रेड हो सकता है आपके लिए। लेटर ऑन अगर आप देख सकते हैं कि प्राइस धीरे-धीरे कम हो रहा है। मैं एक अंतिम उदाहरण लूंगा और उसके बाद मैं इसे पूरा सारांश करूँगा, फिर आपको एक बार फिर से एक चेकलिस्ट दे दूंगा स्ट्रैटेजी का। ओके? एशिया सत्र बहुत बुलिश है। लंदन सत्र थोड़ा साइडवेज है, ठीक है। तो तकनीकी रूप से न्यूयॉर्क ने यहां पर स्वाइप मारा है, और बायरर्स रिमेंस बुलिश हैं। तो यह वैध एंट्री थी। यह मेरी एंट्री होगी। मैं इस विशेष कैंडल पर एंट्री लूँगा। स्टॉप लॉस इस लो पर होगा। हमारा टारगेट सिम्पल 1:2 का रहेगा। और यहां पर प्राइस ने हमारा टारगेट आउट कर लिया है। तो बहुत आसान स्ट्रैटेजी है दोस्तों। मुझे उम्मीद है कि अब तक आप समझ गए होंगे। सिम्पल चेकलिस्ट यह है: सबसे पहली चीज, आपको 4 घंटे के टाइम फ्रेम पर अपना बायस तय करना है। हमेशा मार्केट के ट्रेंड के साथ ट्रेंड करना चाहिए। हमेशा मार्केट स्ट्रक्चर के साथ ट्रेड करें। जो भी मार्केट स्ट्रक्चर कह रहा है, उसके हिसाब से आपको ट्रेड करना है। मार्केट स्ट्रक्चर का आपने मेरा फ्री कोर्स नहीं देखा है तो आपको वो देखना जरूरी है। बहुत ज्यादा लिक्विडिटी वाला वीडियो नहीं देखा है, वो भी देखना बहुत जरूरी है। सेकंड चीज, एशिया और लंदन पर जब लंदन क्लोज हो जाएगा, मेजर लिक्विडिटी पूल्स मार्क करना है कि कहां पर लिक्विडिटी रेस्ट कर रहा है। उसके बाद, न्यूयॉर्क के ओपन के बाद और 6:00 से 8:00 के बीच में जब भी लिक्विडिटी स्वीप होता है, इंतजार कीजिए 5 मिनट का ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर और 15 मिनट का कैंडल क्लोज। 15 मिनट के कैंडल के रिजेक्शन पर आपको एंट्री लेनी है। स्टॉप लॉस रहेगा 15 मिनट के कैंडल का लो और टारगेट रहेगा, सिंपल 1:2। यह ट्रेडिंग स्ट्रेटजी आपको अत्यधिक लाभकारी तो नहीं बनाएगी, लेकिन लाभप्रद जरूर बना देगी। प्रॉफिटेबल क्यों नहीं बना पाएंगे? क्योंकि इसकी ट्रेड फ्रीक्वेंसी कम है। आपको शायद हफ्ते में एक से दो ट्रेड ही मिलेगा। लेकिन जो एक से दो ट्रेड आपको मिलेगा, वह अच्छा मुनाफा देगा और उसका युनिक्यरसी रेट बहुत high होगा। लेकिन इन द स्टार्ट ऑफ द वीडियो, जैसा मैंने आपको कहा था, बिना इसे टेस्ट किए ट्रेड करना मत शुरू करना, क्योंकि आपको कॉन्फिडेंस नहीं आएगा और आप इसे ट्रेड नहीं कर पाओगे। सो, यह स्ट्रेटजी है। यदि आपको कोई डाउट हो, तो कृपया कमेंट सेक्शन में कमेंट करें और मैं आपसे अगले वीडियो में मिलूंगा। धन्यवाद।