1. बुल और बेयर मार्केट की परिभाषा और पहचान [0]

1.1. वित्तीय शब्दावली का परिचय [0]

  1. वित्तीय चर्चा में प्रयुक्त शब्द: विश्लेषक अक्सर बुलिश (तेजी) या बेयरिश (मंदी) होने की बात करते हैं [0]।
  2. बाजार की स्थिति: विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कोई संपत्ति बुल मार्केट या बेयर मार्केट में है [1]।
  3. बुल मार्केट की परिभाषा: जब कीमतें ऊपर जा रही हों और आशावाद का माहौल हो, तो यह बुल मार्केट है [2]।
  4. बेयर मार्केट की परिभाषा: जब कीमतें नीचे जा रही हों और अधिकांश लोग निराशावादी हों, तो यह बेयर मार्केट है [3]।

1.2. बुल/बेयर मार्केट की समय सीमा और सिद्धांत [4]

  1. बाजार की स्थिति कब मानी जाती है: यह निश्चित नहीं है, लेकिन डाउ थ्योरी के अनुसार पहचान होती है [4]।

    1. बुल मार्केट: कीमतों में कम से कम 20% की वृद्धि हुई हो [4]।
    2. बेयर मार्केट: कीमतों में 20% या उससे अधिक की गिरावट आई हो [4]।
  2. बाजार चक्रों की अवधि: विभिन्न सिद्धांत मौजूद हैं, लेकिन इन्हें व्यापक रूप से वर्गीकृत किया जा सकता है [5]।

    1. सेक्युलर (Secular): ये बेयर मार्केट पाँच वर्षों से अधिक समय तक चलते हैं [5]।
    2. साइक्लिकल (Cyclical): ये बेयर मार्केट तीन वर्ष तक चलते हैं [5]।
  3. शब्दों की उत्पत्ति: इन शब्दों का उपयोग कब शुरू हुआ, इस पर अनिश्चितता है [6]।

    1. मेरियम-वेबस्टर के अनुसार: 18वीं शताब्दी में भालू की खाल बेचने वालों द्वारा उपयोग किया गया [6]।
    2. वे कहते थे, "भालू को मारे बिना उसकी खाल मत बेचो" [6]।
    3. अन्य मत: ये शब्द 17वीं शताब्दी में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में पहले आए [6]।
    4. बुल (Bulls) स्टॉक खरीदने के प्रस्तावों वाली बुलेटिन बोर्ड थी [7]।
    5. बेयर मार्केट में बोर्ड बेयर (खाली) हो जाता था [7]।
  4. पशुओं के व्यवहार पर आधारित: उत्पत्ति जानवरों के हमले के तरीके पर आधारित हो सकती है [8]।

    1. बुल: अपने सींगों को ऊपर की ओर मारता है [8]।
    2. बेयर: अपने पंजों को नीचे की ओर मारता है [8]।
  5. निष्कर्ष: यह लगभग पूरी जानकारी है [9]।