00:00[संगीत] गुड मॉर्निंग दोस्तों, आपका एक बार फिर स्वागत है आपके अपने चैनल डेली डोज इन्वेस्टमेंट में। तो दोस्तों, पिछले कुछ दिनों से मैं आपके लिए थोड़ी डिफरेंट तरह की वीडियोस पोस्ट कर रहा हूं, जिसमें हम कुछ इंपॉर्टेंट कंपनीज़ का कंपैरेटिव एनालिसिस कर रहे हैं। तो, आप सब लोगों को ये सीरीज पसंद आ रही है। इसी कारण से मैं सीरीज को कंटिन्यू रख रहा हूं। तो आज के दिन भी हम यहां पर एक इंपॉर्टेंट इंडस्ट्री है, जो इंडिया के डिफेंस सेक्टर के अंदर आती है। यह इंडस्ट्री है शिप बिल्डिंग की इंडस्ट्री। आज हम शिप बिल्डिंग की इंडस्ट्री की दो इंपॉर्टेंट कंपनीज़ का कंपैरेटिव एनालिसिस करेंगे। लेकिन वीडियो की शुरुआत करने से पहले जैसा मैं आपको हर वीडियो से पहले इन्फॉर्म करता हूं, हमारी आज की वीडियो भी पूरी तरीके से एजुकेशनल पर्पस से बनाई गई है। हम अपनी वीडियोस में किसी भी प्रकार का कोई रिकमेंडेशन नहीं देते हैं, और दोस्तों, मैं कोई सेबी रजिस्टर्ड, रिसर्च एनालिस्ट या फाइनेंसियल एडवाइजर नहीं हूं। तो अगर आपको मार्केट में कोई भी डिसीजन लेना है, उससे पहले आप लोग को अपने सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और फाइनेंसियल एडवाइजर की सलाह लेना बहुत जरूरी है। इसलिए दोस्तों, हम अपनी वीडियोस में सिर्फ कंपनीज़ के फंडामेंटल्स और बिजनेस मॉडल पे फोकस करते हैं। हम कंपनीज़ के प्राइस के ऊपर और उसके टेक्निकल चार्ट्स के ऊपर कोई भी डिस्कशन नहीं करते हैं। इसके अलावा दोस्तों, आपको एक और चीज पता होनी चाहिए। आपको कभी भी किसी भी रैंडम रिकमेंडेशन पे मार्केट में कोई भी डिसीजन लेने से बचना चाहिए, क्योंकि अगर आप किसी के भी रैंडम रिकमेंडेशन पर मार्केट में अपने डिसीजन को बेस करेंगे तो आप लोग को मार्केट में हैवी लॉस उठाना पड़ सकता है। तो यह सब चीजें आपको अपने ध्यान में रखनी है इन वीडियोस को देखने से पहले। और दोस्तों अगर आप लोग चैनल पे पहली बार आए हैं तो प्लीज चैनल को सब्सक्राइब कीजिए और वीडियो को लाइक कीजिए। अगर आप लोग की कोई भी इंपॉर्टेंट क्वेरी होती है या अगर आप लोग मार्केट आस्क के दौरान मेरे से कनेक्ट होना चाहते हैं किसी भी क्वेरी के लिए तो आप मेरे जनरल Telegram चैनल को जॉइ कर सकते हैं, मेरे जनरल। Telegram चैनल का लिंक आपको हर वीडियो के नीचे डिस्क्रिप्शन में देखने को मिल जाएगा। इसके साथ-साथ अगर आप लोग को चैनल की मेंबरशिप चाहिए, तो आप लोग को सिंपली यहां पर जॉइन बटन पर क्लिक करना है। जैसे ही आप लोग जॉइन बटन पर क्लिक करेंगे, आपको अलग-अलग टायर्स की मेंबरशिप देखने को मिलेंगी। आप इनमें से कोई सी भी इंपॉर्टेंट मेंबरशिप सेलेक्ट कर सकते हैं। यहां पे चार इंपॉर्टेंट मेंबरशिप्स हैं: फर्स्ट टाइमर, बिगिनर, गोल्ड इन्वेस्टर और लास्ट मेंबरशिप है यहां पे प्लैटिनम इन्वेस्टर की। प्लैटिनम इन्वेस्टर की मेंबरशिप की दोस्तों, आपके पास एक एडवांटेज होगी कि आप लोग डायरेक्टली मेरे से कांटेक्ट कर सकते हैं। इसके अलावा दोस्तों, आप लोगों के पास इन चारों में से कोई सी भी मेंबरशिप होगी। आप सब लोगों को यहां पे दो इंपॉर्टेंट एडवांटेजेस मिलेंगी चैनल की मेंबरशिप लेने की। जैसे ही आप यहां पे जॉइन बटन पे क्लिक करके चैनल की मेंबरशिप लेंगे, इसके बाद आप लोग को अपनी स्क्रीन में दो इंपॉर्टेंट ऑप्शन देखने को मिलेंगे। पहला ऑप्शन होगा यहां पे पोस्ट का और दूसरा मेंबरशिप का। आपको सबसे पहले पोस्ट के अंदर जाना है। इसके अंदर आपको मेरे मेंबर्स ओनली Telegram चैनल का लिंक देखने को मिलेगा। यह लिंक दोस्तों लेकिन आपको तभी विज़िबल होगा जब आप लोगों ने चैनल की मेंबरशिप ले रखी होगी और आप कोई सी भी मेंबरशिप लेंगे, यह सारे ऑप्शन आपको विज़िबल होंगे। तो आपको पोस्ट के अंदर जाना है। मेंबरशिप लेने के बाद और उस लिंक के थ्रू मेंबर्स ओनली Telegram चैनल को ज्वाइन करना है, तो दोस्तों उस मेंबर्स ओनली Telegram चैनल के अंदर मैं आपके लिए काफी इंपॉर्टेंट कंपनीज़ के ऊपर डिटेल एनालिसिस की वीडियोस पोस्ट करता हूं, और जैसे मैंने आपको वीडियो की स्टार्टिंग में बताया, हम सिर्फ फोकस करते हैं कंपनी के बिज़नेस एनालिसिस पे, हम कंपनी के प्राइस के ऊपर या उसके टेक्निकल चार्ट्स के ऊपर कोई भी डिस्कशन नहीं करते हैं। इसके साथ-साथ दोस्तों यहां पे आपको एक और एडवांटेज मिलेगी चैनल की मेंबरशिप प्लान की। आप लोग को अपनी स्क्रीन में यहां पे मेंबरशिप टैब देखने को मिलेगा। इसमें ऐप के अंदर भी आपको काफी इंपॉर्टेंट कंपनीज़ के ऊपर और इंडस्ट्रीज के ऊपर डिटेल एनालिसिस की वीडियोस देखने को मिलेंगी। तो लास्ट वीक दोस्तों, मैंने आपके लिए दो इंपॉर्टेंट कंपनीज़ का डिटेल एनालिसिस पोस्ट किया था। उस वीडियो को आप मेंबरशिप टैब के अंदर जाके चेक आउट कर सकते हैं। इसके अलावा, यहां पे आपको टोटल तीन वीडियोस देखने को मिलेंगी जो मैंने आप लोग के लिए पोस्ट की हैं। और यहां पे दोस्तों, आने वाले एक आध दिनों में मैं आपके लिए एक और इंपॉर्टेंट वीडियो पोस्ट करने वाला हूं, एक नई लिस्टेड कंपनी के ऊपर। वो कंपनी रिसेंटली डिमर्ज हुई है। तो हम उस कंपनी का भी बिज़नेस एनालिसिस करेंगे। तो अगर आपको वो वीडियो भी चेक आउट करनी है, तो चैनल की मेंबरशिप लीजिए और उस वीडियो का वेट कीजिए। तो यह। दोस्तों, कुछ एडवांटेजेस हैं यहां पे चैनल की मेंबरशिप लेने की। इसके अलावा, अगर आप मेरे रेगुलर चैनल पे भी देखें तो मेजॉरिटी दोस्तों, सेक्टर मैं वैसे ही कवर कर चुका हूं। आप उन सब सेक्टर्स को चेक आउट कर सकते हैं। तो दोस्तों, अगर आप इन सेक्टर एनालिसिस की सारी वीडियोज़ को एक साथ चेक आउट करना चाहते हैं, तो आप मेरे चैनल की प्लेलिस्ट चेक आउट कर सकते हैं। यहां पे आपको अलग से एक प्लेलिस्ट देखने को मिल जाएगी, जिसमें जो सेक्टर एनालिसिस की हेडिंग है, आप उसके अंदर जाके सारी इंपॉर्टेंट सेक्टर एनालिसिस की वीडियोस को चेक आउट कर सकते हैं। तो, यह तो दोस्तों, हर कोई एक्सेस कर सकता है क्योंकि जनरल YouTube चैनल पे आपको ये सब अवेलेबल है। इसके अलावा, मैंने आप लोगों को यहां पे मेंबरशिप की भी एडवांटेजेस बता दी हैं। अब हम सीधे चलते हैं आज के हमारे इंपॉर्टेंट कंपेरेटिव एनालिसिस में। तो दोस्तों, जिस सेक्टर के अंदर हम कंपेरेटिव एनालिसिस करने वाले हैं, यह डिफेंस का सेक्टर है। आप कह सकते हैं, ब्रॉडर रूप में, और इसके अंदर से हमने एक स्पेसिफिक इंडस्ट्री को चुना है जो है शिप बिल्डिंग की इंडस्ट्री। यहां पे दोस्तों, शिप बिल्डिंग की इंडस्ट्री में हमने दो इंपॉर्टेंट कंपनीज़ को कंपेरेटिव एनालिसिस करने के लिए चुना है। पहली कंपनी है मसगाउंट डॉग शिप बिल्डर्स, और उसके अलावा दूसरी कंपनी है कोचीन शिपयार्स। तो सबसे पहले दोस्तों, अगर आप देखें यहां पे जो शिप बिल्डिंग कंपनीज़ हैं, इंडिया के अंदर यह इस टाइम पे काफी क्रिटिकल है नेशन के मैरिटाइम एंबिशन के लिए, क्योंकि ये सारी कंपनीज़ दोस्तों इस टाइम पे कंस्ट्रक्शन करती है वॉरशिप्स का, सबमरींस का, कमर्शियल वेसल्स का, उसके अलावा ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स का। यहां पे गवर्नमेंट के जो इंपॉर्टेंट इनिशिएटिव हैं दोस्तों, जैसे मैरिटाइम इंडिया विज़न 2030, ये टारगेट कर रहे हैं इंडिया को टॉप 10 ग्लोबल रैंकिंग में लाने के लिए बाय 2030। यहां पे दोस्तों जो सेक्टर है इस टाइम पे, इसकी अगर आप करेंटली वैल्यू देखें, तो आपको 1.12 बिलियन की दिखेगी, और यहां पे एक्सपेक्ट किया जा रहा है कि ये वैल्यू रीच करके हो जाएगी करीबन 8 बिलियन के आसपास की 2033 तक। तो आप खुद इमेजिन कर। सकते हैं, दोस्तों, यहां पर लगभग आपको आठ गुना होती हुई दिखेगी 2033 तक यह इंडस्ट्री इंडिया के अंदर। तो, यहां पर शिप बिल्डिंग काफी फास्ट ग्रोइंग इंडस्ट्री आप कह सकते हैं। अगर आप यहां पे, दोस्तों, कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट देखें इस इंडस्ट्री का 2033 तक, तो यहां पे आपको दिखेगा 60% का। तो, दोस्तों, ये इंडस्ट्री आपको 60% के सीजीआर से ग्रो करती हुई दिखेगी 2033 तक और ये ड्रिवन है, दोस्तों, इस टाइम पे करेंटली डिफेंस के मॉडर्नाइजेशन के कारण और कमर्शियल एक्सपोर्ट्स के कारण। और जैसा मैंने आपको बताया, इस इंडस्ट्री के अंदर हमने दो इंपॉर्टेंट कंपनीज़ को सेलेक्ट किया है, मसगाउंड शिप बिल्डर्स और कोचीन शिपयार्ड्स। तो, आज के दिन, दोस्तों, हम इन दोनों कंपनीज़ को डिफरेंट-डिफरेंट मैट्रिक्स के ऊपर कंपेयर करेंगे। हम यहां पे चेक आउट करेंगे। सबसे पहले इन कंपनीज़ के बिज़नेस मॉडल को, इस पे हमारा फोकस रहेगा। ऑर्डर बुक पे हमारा फोकस रहेगा, वैल्यू्यूएशन चेक आउट करेंगे, मार्जिन चेक आउट करेंगे और ग्रोथ को चेक आउट करेंगे। एडिशनली दोस्तों, यहां पे कुछ और इंपॉर्टेंट मैट्रिक्स हैं, जैसे वर्किंग कैपिटल एफिशिएंसी, एक्सपोर्ट डिपेंडेंसी और सस्टेनेबिलिटी, इन्वेस्टमेंट इन सब के ऊपर भी हमारा फोकस रहेगा। तो आप लोग कह सकते हैं दोस्तों, ये दोनों कंपनी इस टाइम पर स्पेशलाइज करती हैं डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के अंदर, लेकिन फिर भी दोनों कंपनी यहां पर डिफर करती है। स्पेशलाइजेशन में, डायवर्सिफिकेशन में और ज्योग्राफिकल यहां पे फोकस में, तो हम चेक आउट करते हैं इन कंपनीज़ के बारे में कुछ और बेसिक डिटेल। सबसे पहले दोस्तों, मैं आपको इन दोनों कंपनीज़ के बारे में बेसिक इनफेशन प्रोवाइड करता हूं। हम यहां पे सबसे पहले चेक आउट करते हैं मसगाउंड डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड को, तो इस कंपनी की फॉर्मेशन दोस्तों यहां पे हुई थी 1774 में। इसका हेड क्वार्टर आपको मुंबई, महाराष्ट्र के अंदर दिखेगा, तो मसगाउंड डॉक का आप कह सकते हैं दोस्तों, मिनी रत्न पीएसयू है इस टाइम पर अंडर डिफेंस मिनिस्ट्री। यह कंपनी स्पेशलाइज करती है वॉरशिप्स के अंदर, सबमरींस के अंदर, ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स के अंदर, यहां पे अगर आप इसके रेवेन्यू ब्रेकअप में देखें तो 95% जो कंपनी का रेवेन्यू आता है, दोस्तों, यह डिफेंस सेगमेंट से आता है, तो आप कह सकते हैं, एसेंशियली, यह एक डिफेंस कंपनी है। यह ऑपरेट करती है, दोस्तों, प्राइमरी यहां पे फैसिलिटी में अपने मुंबई के अंदर, विद ड्राई डॉग कैपेसिटी फॉर वेसल्स अप टू 40 डीडब्ल्यू। यहां पर दोस्तों, इसने डिलीवर किए हैं अभी तक 802 वेसल्स सिंस 1960, तो काफी बड़े तरीके से इंडिया को इस कंपनी ने सर्व किया है। इसके अलावा दोस्तों, ये कंपनी काम कर रही है यहां पे स्कॉर्पियन सबमरीन, स्टेल्थ फ्रिगेट्स के अंदर। मसगाउंड डॉक आप कह सकते हैं, सर्व कर रही है इंडियन नेवी को, कोस्ट गार्ड्स को, और इसके एक्सपोर्ट अगर आप देखें रेवेन्यू, यह आपको 5% के दिखेंगे। इंडिया के अंदर से दोस्तों, आपको ये कंपनीज़ अब एक्सपोर्ट करती हुई दिख रही हैं। और इंटरेस्टिंगली दोस्तों, आपको पता होना चाहिए 2015 तक जो इंडिया का डिफेंस एक्सपोर्ट था, वो कुछ भी नहीं था। तो यहां पर आपको एक सिंगल कंपनी 5% के आसपास का रेवेन्यू एक्सपोर्ट मार्केट से कंट्रीब्यूट करती हुई दिख रही है। इसके साथ-साथ दोस्तों, कंपनी का फोकस है यहां पे कॉम्प्लेक्स नेवल प्रोजेक्ट्स के अंदर, लाइक प्रोजेक्ट 75 ए सबमरींस। यह कंपनी एमफेसिस करती है यहां पे इंडजनाइजेशन पे, 70% लोकल सोर्सिंग करती है दोस्तों अपने प्रोडक्ट्स के लिए, और यहां पे एंप्लॉय करती है 7,000 वर्कर्स को। यहां पे ईसीजी कंप्लायंस है दोस्तों, जो इनको भी फॉलो करती है। कंपनी वाया आईएसओ 14,001 सर्टिफिकेशंस और इसके अलावा इन्वेस्टमेंट कर रखा है इसने ग्रीन वेल्डिंग टेक के अंदर, तो यह मैंने आपको बेसिक डिटेल दिखाई मसगाउंड और शिप बिल्डर्स की। अब हम चलते हैं नेक्स्ट कंपनी में। नेक्स्ट कंपनी है यहां पे कोचिन शिपयार्ड। यह कंपनी इस्टैब्लिश हुई थी दोस्तों यहां पे 1972 में। यहां पे बेस्ड है कोचिन केरला के अंदर। यह कंपनी दोस्तों इस टाइम पे शेड्यूल ए पीएसयू है अंडर मिनिस्ट्री ऑफ़ पोर्ट्स शिपिंग एंड वाटरवेज और ऑफर करती है शिप बिल्डिंग। यहां पे 50% कंपनी का बिज़नेस यही है, इसके अलावा 30% जो कंपनी का रेवेन्यू आता है, यहां पे आपको रिपेयर के वर्क से आता हुआ दिखेगा। इसके बाद यहां पे 20% का आपको मरीन इंजीनियरिंग की तरफ से आता हुआ दिखेगा, तो यह आप कह सकते हैं कंपनी के रेवेन्यू का यहां पर ब्रेकडाउन है, 50% का शिप बिल्डिंग से, 30% का रिपेयरिंग से और मरीन इंजीनियरिंग से 20% का। यह कंपनी दोस्तों ऑपरेट करती है अ मेनयार्ड इन कोची विद मल्टीपल ड्राई डॉक्स फॉर वेसल अप टू 125000 डीडब्ल्यू। यहां पे दोस्तों कंपनी ने अभी तक बिल्ड किया है 150 प्लस शिप्स और यहां पे रिपेयर किया है 1800 प्लस शिप्स को। पोचिन शिपयार्ड दोस्तों कैटर करता है यहां पे डिफेंस की तरफ को। यहां पे अगर आप देखें इसको मगा ग्राउंड के मुकाबले तो यहां पे कंपनी का आपको 65% का डिफेंस सेगमेंट से आते हुए दिखेगा का रेवेन्यू। इसके अलावा कंपनी का 20% का आपको कमर्शियल एक्सपोर्ट। से आते हुए दिख रहा है रेवेन्यू। यहां पे उसके अलावा दोस्तों, डोमेस्टिक क्लाइंट्स भी हैं, काफी जिनको कंपनी सर्व कर रही है, इंक्लूडिंग एलएजी कैरियर्स और हाइब्रिड फरीज़। यहां पे टारगेट कर रही है दोस्तों, कंपनी ग्रीन शिपिंग को विद एलएजी पावर्ड वेसल्स और एंप्लॉय कर रही है कंपनी करेंटली इस टाइम पे 4000 वर्कर्स को। होल्ड कर रही है दोस्तों, आईएसओ 9001 और 14001 सर्टिफिकेशंस और फोकस है इसका इस टाइम पे इंटरनेशनल जॉइंट वेंचर्स के अंदर फॉर ट्रैक ट्रांसफर। तो यहां पर मैंने आपको कोचीन शिपयार्ड का और गार्डनरी शिप बिल्डर्स का बेसिक बिजनेस चेक आउट कराया है। अब हम चलते हैं नेक्स्ट पार्ट में। नेक्स्ट पार्ट में हम चेक आउट करते। हैं, इनके बिजनेस मॉडल को। तो यहां पे दोस्तों, अगर आप देखें, बोथ कंपनीज़ इस टाइम पे ऑपरेट कर रही है इंटीग्रेटेड शिप बिल्डिंग मॉडल्स के अंदर, हैंडलिंग डिज़ाइन के अंदर, कंस्ट्रक्शन के अंदर। साथ में रिपेयर कर रही है कंपनी, साथ में कमीशनिंग कर रही है फॉर नेवल और कमर्शियल वेसल्स। यहां पर बेनिफिट हो रहा है इन दोनों कंपनीज़ को मेक इन इंडिया का, क्योंकि गवर्नमेंट के जो इनिशिएटिव है दोस्तों, इस टाइम पर इंडजीनाइजेशन पर फोकस कर रहे हैं। यहां पर लो कॉस्ट लेबर का भी इन्हें बेनिफिट हो रहा है। अब यहां पे दोस्तों, अगर आप एक बेसिक डिफरेंस देखें इन दोनों के बिज़नेस में, तो जो मसगाउन डॉग है, इस टाइम पे डिफेंस हैवी है, क्योंकि कंपनी का मेजॉरिटी बिज़नेस इस टाइम पे डिफेंस की तरफ से आ रहा है, और यह दोस्तों यहां पे इंश्योर करता है स्टेबल गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स। यहां पे अगर आप कोचिन शिपयार्ड्स को देखें तो ये डवर्सिफाइड है, थोड़ा रिपेयर करता है, एक्सपोर्ट करता है, तो ये प्रोवाइड करता है थोड़ी सी फ्लेक्सिबिलिटी। तो ये एक बेसिक डिफरेंस है, आप कह सकते हैं बिज़नेस मॉडल में। लेकिन अब हम चेक आउट करेंगे दोस्तों डिफरेंट-डिफरेंट एट्रिब्यूट्स के बेसिस पे इन दोनों बिज़नेससेस में क्या डिफरेंस है। तो हम चलते हैं अपने एनालिसिस के नेक्स्ट पार्ट में जो मोस्टेंट पार्ट है, वो है इनके डिफरेंस का। तो सबसे पहले हम यहां पे अगर आप देखें दोस्तों एट्रिब्यूट्स हैं जो इनके बेसिस पे। मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स और यहां पे कोचीन शिपयार्ड को कंपेयर करेंगे। सबसे पहला एट्रिब्यूट है यहां पे जो इनका कोर फोकस है। यहां पर अगर आप मझगांव डॉक शिप बिल्डर का देखें, तो इनका कोर फोकस है वॉरशिप्स के अंदर, सबमरींस के अंदर, क्योंकि 95% कंपनी का रेवेन्यू इन्हीं दोनों कैटेगरी से आ रहा है। इसके अलावा दोस्तों, अगर आप कोचीन शिपयार्ड्स का फोकस देखें, तो इसका फोकस है शिप बिल्डिंग के अंदर और रिपेयर के अंदर। यहां पे अगर आप रेवेन्यू का स्प्लिट देखें इनके कोर फोकस में, तो शिप बिल्डिंग से कंपनी का 50% का रेवेन्यू आ रहा है और 30% का कंपनी का रेवेन्यू रिपेयर की सर्विज से आ रहा है। इसके बाद दोस्तों, दूसरा यहां पे एट्रिब्यूट दिखेगा आपको। की सेगमेंट जो सर्व करती है कंपनी। तो यहां पर अगर आप लोग सबसे पहले मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स को देखें, ये सेगमेंट जिनको यह सर्व करती है, तो यहां पर आपको पहला सेगमेंट दिखेगा इंडियन नेवी का, कोस्ट गार्ड्स का और ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स का। इसके अलावा यहां पे अगर आप चेक आउट करें कोचीन शिपयार्ड को, तो ये सर्व करती है डिफेंस सेक्टर को, कमर्शियल एक्सपोर्ट को, एलएनजी और कैरियर्स को। अब हम अगले इंपॉर्टेंट एट्रिब्यूट के बेसिस पे इन्हें कंपेयर करते हैं। अगला इंपॉर्टेंट एट्रिब्यूट है यहां पे डाइवर्सिफिकेशन का और यूनिक एज का। तो यहां पे मझगांव डॉक के अंदर दोस्तों, सबमरीन एक्सपर्टीज है कंपनी के पास। जैसे मैंने आपको दिखाया स्कॉर्पियन ऑफ्स के। अंदर यह काम कर रही है। यहां पर इंडिजनाइजेशन की तरफ को 70% इसका फोकस है। एक इसके पास प्राइमरी यार्ड है, आप कह सकते हैं। यहां पे अगर आप चेक आउट करें, कोचीन शिपयार्ड का डाइवर्सिफिकेशन और यूनिक एज, तो इसका इस टाइम पे यूनिक एज आपको दिखेगा ग्रीन वेसल्स की तरफ को, एलएनजी और हाइब्रिड में। इसके अलावा इंटरनेशनल जेवी किए हैं दोस्तों इसने, जॉइंट वेंचर्स जिसमें आपको एचडी कोरिया दिखेगा। यहां पे तीन ड्राई डॉक्स हैं इसके पास और इंटरनेशनल रिपेयर यूनिट भी है। इसके बाद अगला इंपॉर्टेंट एट्रिब्यूट है यहां पे इंस्टॉल कैपेसिटी का एफवाई 25 के अनुसार। तो ये सबसे पहले अगर आप चेक आउट करें दोस्तों, इनकी कैपेसिटी का जो मैट्रिक है, डीडब्ल्यूटी में। नापते हैं, तो मसगाउं डॉगशिप बिल्डर का आपको यहां पे 40,000 का दिखेगा। एक ड्राई डॉग है इसके पास और ये एक्सपेंड कर रही है अभी अपनी कैपेसिटी को यहां पे दो में। इसके बाद दोस्तों अगर आप कोचन शिपयार्ड का देखें तो आपको यहां पे ₹1,25,000 का दिखेगा। यहां पे मल्टीपल डॉग्स हैं इसके पास और एक नया डॉग इस टाइम पे 25 में यह और ऐड करने वाली है। इसके अलावा दोस्तों यहां पर रेवेन्यू फ्रॉम डिफेंस देखें अगर आप इन दोनों में, यह अगला इंपॉर्टेंट मैट्रिक है जिसमें मैंने आपको इनको कंपेयर करके दिखा रखा है, तो यहां पर मसगाउंड डॉग का आपको 95% का रेवेन्यू डिफेंस सेगमेंट से आता हुआ दिखेगा और कोचिन शिपयार्ड का 65% का डिफेंस सेगमेंट से आ रहा है। तो यहां पे आप। कह सकते हैं इसका पूरी तरीके से फोकस है मसगाउंट डॉग का डिफेंस के ऊपर, और यहां पे कोचीन शिपयार्ड थोड़ा डवर्सिफाइड है। अब दोस्तों, हम चलते हैं नेक्स्ट पार्ट में। नेक्स्ट पार्ट में हम चेक आउट करते हैं यहां पे अगले इंपॉर्टेंट क्या मैट्रिक्स हैं, जिनके बेसिस पे हमने कंपेयर कर रखा है इन कंपनीज़ को। तो यहां पर मसगाउं डॉग के अंदर आपको सबसे पहले नंबर ऑफ प्लांट्स और फैसिलिटीज को चेक आउट कराऊंगा मैं। तो मसगाउंट डॉग की आपको एक दिख रही है यहां पर फैसिलिटीज मुंबई के अंदर, और यहां पे मॉड्यूलर ओब भी है इसके पास। इसके अलावा कोचीन शिपयार्ड की आपको एक कोच्ची के अंदर दिख रही है, और एक इंटरनेशनल रिपेयर यूनिट दिख रही है। इसके बाद अगर आप ज्योग्राफिकल प्रेजेंस देखें तो, मसगाउंड डॉक की आपको इंडिया के अंदर फोकस दिख रहा है। माइनर यहां पे एक्सपोर्ट दिख रहा है आपको, को 5% कंपनी एक्सपोर्ट भी कर रही है। अगर आप यहां पे कोचिंग शिपयार्ड को देखें तो, इंडिया के अंदर और साथ में एक्सपोर्ट पे भी इसका फोकस है। 20% कंपनी यहां पे एक्सपोर्ट से कमा रही है, यूरोप और एशिया के अंदर। तो, यह दोस्तों एक बेसिक डिफरेंस दिख रहा है आपको। यहां पर जो मजगाउन डॉक है, इसका फोकस इंडिया के अंदर है। 5% ही इसका रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आ रहा है, लेकिन यहां पे जो कोचिन शिपयार्ड है, इसका 20% एक्सपोर्ट से आ रहा है। इसके बाद दोस्तों, ईयर इन ऑपरेशंस देखें अगर आप दोनों कंपनियां एफओ 25 के अनुसार कितने टाइम से ऑपरेशंस में है, तो यहां पे आपको मसगाउंड डॉग 251 ईयर से ऑपरेशन में दिखेगा, और उसके अलावा यहां पे आपको 53 इयर्स से ऑपरेशन में कोचिन शिप ऐड दिखेगा। इसके बाद दोस्तों, हम चेक आउट करते हैं, यहां पे सोर्सिंग मिक्स, दोनों कंपनियां सोर्स कहां से करती हैं? तो यहां पर सबसे पहले आपको मजगा दिखेगा, 70% डोमेस्टिक मार्केट से सोर्स करता हुआ। यह अप हुआ है दोस्तों, यहां पे 20% ईयर ऑन ईयर बेसिस पे, और यहां पे 30% अभी भी कंपनी सोर्सिंग के लिए इंपोर्ट कर रही है। इसके अलावा यहां पे अगर आप कोचिंग शिप ऐड का देखें, तो 60% ये आपको डोमेस्टिक मार्केट से सोर्स करती हुई दिखेगी, और 40% यहां पे इंपोर्ट कर रही है। तो यहां पे दोस्तों, ये बेसिक डिफरेंस है इस टाइम पे। सोर्सिंग मिक्स में आपको जो सोर्सिंग मिक्स है, वो मझगांव डॉक का बेहतर दिख रहा है। अब इसके अलावा दोस्तों, अगर आप देखें सस्टेनेबिलिटी के सर्टिफिकेशन, तो यहां पे मझगांव डॉक के पास आईएसओ 14001 और ग्रीन बिल्डिंग पेटेंट है। इसके अलावा यहां पे कोचीन शिपयार्ड के पास आईएसओ 9001 और 140001 है, एलएनजी हाइब्रिड पे जिसका फोकस है। इसके अलावा दोस्तों, यहां पे अगर आप वर्किंग कैपिटल डेज देखें, एफओ 25 के आंकड़ों के अनुसार, तो आपको मझगांव डॉक के 45 डेज के दिखेंगे, जो डाउन है 55 डेज से पिछले आंकड़ों के अनुसार, और यहां पे कोचीन शिपयार्ड के आपको 60 डेज के आसपास स्टेबल दिखेंगे। अब हम चलते हैं नेक्स्ट इंपॉर्टेंट आंकड़ों में। यहां पर दोस्तों, हमने कंपेयर कर रखा है एक्सपोर्ट डिपेंडेंसी के बेसिस पर इन दोनों कंपनियों को, तो मजगाउंड डॉग की अगर आप देखें, एक्सपोर्ट पर डिपेंडेंसी खाली 5% की है, ओशियनशिप ऐड की 20% की है। सस्टेनेबिलिटी के अगर आप इन्वेस्टमेंट देखें, ये सब करोड़ में मेंशन कर रखे हैं, तो मजगा डॉग के आपको 100 करोड़ के दिखेंगे इंडज और ईएसजी के ऊपर, और इसके अलावा आपको 150 करोड़ के दिखेंगे कोचिन शिपयार्ड के ग्रीनटेक और इंटरनेशनल रिपेयर्स में। अब दोस्तों, इन दोनों कंपनीज को लेकर हम इनसाइड चेक आउट करते हैं, तो मजगाउंड डॉग का दोस्तों इस टाइम पर जो डिफेंस स्पेशलाइजेशन है, यह यील्ड कर रहा है हाई विजिबिलिटी, लेकिन यहां पे इसमें आपको सिक्केटी दिखेगी, यहां पे जो ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज़ हैं दोस्तों, ये भी लिमिटेड है, लेकिन कंपनी का जो इंडजीनाइजेशन का एज है, यह रिड्यूस कर रहा है यहां पे फॉररेक्स के रिस्क को। इसके अलावा दोस्तों, अगर आप कोचिन शिपयार्ड देखें, इसका मेन फोकस रिपेयर और एक्सपोर्ट के ऊपर है। इसके अलावा दोस्तों, यहां पे कोचिन शिपयार्ड का जो रिपेयर और एक्सपोर्ट है, यह इसको डवर्सिफिकेशन प्रोवाइड करते हैं और बफर देते हैं यहां पे टिक्लीकेटी के अगेंस्ट। इसके अलावा यहां पर 20% के फॉरेक्स गेन जो कंपनी को हुए हैं एफओ 25 में, इन्होंने भी ऐड किया है कंपनी को, लेकिन यहां पर दोस्तों, यह सब कंपनी को एक्सपोज कर रहे हैं कमर्शियल वोलेटिलिटी से। दोनों कंपनियां दोस्तों यहां पे लेवरेज कर रही है सरगमला। फॉर इंफ्रा, डोमेस्टिक सोर्सिंग अप टू 20% ईयर ऑन ईयर बेसिस पे जो आपको वाया पीएलआई स्कीम होती हुई दिख रही है, इसके अलावा जो मजगांव है दोस्तों, इसके लोअर वर्किंग कैपिटल डे सिग्नल कर रहे हैं, हाई एफिशिएंसी और कोचीन का यहां पे जो एक्सपोर्ट है, यह बूस्ट कर रहे हैं ग्रोथ को, लेकिन ऐड कर रहे हैं यहां पे एफएक्स की वोलेटिलिटी। तो मैंने काफी इंपॉर्टेंट मैट्रिक्स में मस्ट गाउन डॉग और कोचिनशिप ऐड को कंपेयर करके आपको चेक आउट कराया है। अब हम चलते हैं नेक्स्ट इंपॉर्टेंट मैट्रिक में। नेक्स्ट इंपॉर्टेंट मैट्रिक है आपको यहां पे दिखेगा ऑर्डर बुक का। ऑर्डर बुक दोस्तों इंडिकेट करती है विज़िबिलिटी फ्रॉम नेवी टेंडर्स एक्सपोर्ट और यहां पे। 25% की ईयर ऑन ईयर बेस पे आपको इनफ्लो में भी ग्रोथ होती हुई दिख रही है, तो हम यहां पे चेक आउट करेंगे कि हिसाब से इन दोनों कंपनीज़ की ऑर्डर बुक रोबस दिख रही है और किस हिसाब से ग्रो कर रही है, और साथ में जो लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट है, यह किस हिसाब से सपोर्ट कर रहे हैं इस टाइम पे, क्योंकि लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट दोस्तों यहां पे वॉल्यूम में आपको 40 टू 50% दिखेंगे। अगर आप यहां पर सबसे पहले एट्रिब्यूट्स देखें, मसगाउ डॉग शिप बिल्डर्स के और कोचिन शिपयार्ड के, तो यहां पर कुछ इंपॉर्टेंट फैक्टर्स में मैंने आपको इनको कंपेयर करके दिखा रखा है ऑर्डर बुक को। यहां पे अगर आप प्लेन सिंपल ऑर्डर बुक देखें कंपनीज़ की, तो मस ग्राउंड डॉग शिप बिल्डर्स की। आपको ऑर्डर बुक 32,000 करोड़ की दिखेगी। डिफेंस के अंदर हैवी है ये, जैसे मैंने आपको दिखाया 95% कंपनी का डिफेंस से आ रहा है। इसके अलावा यहां पे अगर आप देखें 3.3x है, F25 की रेवेन्यू के मुकाबले, तो यहां पे रेवेन्यू की विज़िबिलिटी भी देती है कंपनी की ऑर्डर बुक। इसके अलावा दोस्तों अगर आप कोचीन शिपयार्ड की ऑर्डर बुक देखें तो करेंटली आपको ₹1,000 करोड़ की दिखेगी। यह मिक्स्ड है, यहां पे डिफेंस के अलावा एक्सपोर्ट की तरफ से भी कंपनी की ऑर्डर बुक। यहां पे अगर आप देखें दोस्तों 4.3x की एफओ 25 के रेवेन्यू के मुकाबले इसकी ऑर्डर बुक है, तो यहां पे भी आपको फ्यूचर के रेवेन्यू की विज़िबिलिटी दिखती है। इसके अलावा अगर आप इनकी ऑर्डर बुक की ईयर ऑन ईयर बेसिस पे ग्रोथ देखें तो, मजगाउंड डॉक शिप बिल्डर्स की जो ऑर्डर बुक है, 38% ग्रो की है। सबमरीन टेंडर्स दिखेंगे आपको इसके अंदर। इसके अलावा, कोचिन शिपयार्ड की जो ऑर्डर बुक है, 25% ग्रो की है। इसके अंदर आपको एलएजी एक्सपोर्ट्स और रिपेयर का वर्क दिखेगा। इसके अलावा दोस्तों, यहां पे जो कवरेज रेशियो है ऑर्डर बुक का रेवेन्यू के मुकाबले, तो यहां पे आपको 3.3x का दिख रहा है, मगा ग्राउंड डॉक शिप बिल्डर्स का, जो यहां पे 3 से 4 साल की विज़िबिलिटी दे रहा है। इसके अलावा अगर आप देखें कोचिन शिशियाड का, तो यहां पे 4.3x का दिख रहा है, जो यहां पे चार से पांच साल की विज़िबिलिटी दे रहा है। अब हम चलते हैं नेक्स्ट इंपॉर्टेंट पार्ट में। यहां पे हम ऑर्डर बुक के अंदर कुछ और इंपॉर्टेंट फैक्टर्स को कंपेयर करेंगे। अगर आप यहां पे ऑर्डर बुक में की ड्राइवर्स देखें, तो यहां पे आपको मझगांव डॉक के अंदर सबसे पहला की ड्राइवर दिखेगा, P75 ए सबमरीन का, 10,000 करोड़ का। यहां पे ऑफशोर ऑपरेशंस है। इसके अलावा, कोचीन शिपयार्ड का आपको यहां पे सिक्स एलएजी वेसल्स का दिखेगा, जो 2000 करोड़ का है, और यहां पे इंटरनेशनल रिपेयर का भी है। तो, ये दोनों कंपनियों के लिए दोस्तों इंपॉर्टेंट की ड्राइवर है, जो मैंने आपको मेंशन किए ऑर्डर बुक के अंदर। यहां पे अगर आप देखें टोलिंग और कॉन्ट्रैक्ट्स को, तो आपको 50% इसके फाइव टू से ईयर डिफेंस टर्म्स के दिखेंगे। और यहां पर अगर आप कोचीन शिपिड को चेक आउट करें, तो इसके मिक्स्ड है। लेकिन इसके 40% आपको थ्री टू फाइव ईयर के दिखेंगे। तो यहां पर दोस्तों, आपको ज्यादा बड़े कांटेक्ट इस टाइम पे मजगांव के दिख रहे हैं। इसके अलावा अगर आप यहां पे स्क्रैप और कन्वर्ज़ रिस्क देखें, तो 5 टू 10% का आपको दिख रहा है मजगांव डॉक के अंदर। यहां पे टैक अपग्रेड्स भी है। इसके अलावा कोचिन शिप के अंदर देखें, तो 10 टू 15% का दिख रहा है एक्सपोर्ट के डिलेज़ के कारण। इसके बाद दोस्तों, हम इनसाइड चेक आउट करते हैं यहां पर ऑर्डर बुक के अंदर। तो मजगांव इस टाइम पर लार्जर डिफेंस फोकस ऑर्डर बुक रखता है। यहां पर आपको ऑफर करता है सुपीरियर डी रिस्किंग। 3 साल की यहां पे ईयर की विज़िबिलिटी है। कोचिन शिपयार्ड की कंपैरिजन में 4 साल की विज़िबिलिटी देता है। और यह ड्रिवन है, यहां पे P75 ए कॉन्ट्रैक्ट्स। इसके अलावा कोचीन की आपको अगर ग्रोथ देखें, यहां पर एक्सपोर्ट की तरफ आपको ज्यादा दिखेगी क्योंकि एक्सपोर्ट पे भी इसका फोकस है। यूरोप के अंदर आपको 30% की ईयर ऑन ईयर बेसिस पे ग्रोथ होती हुई दिखी है। यहां पे इसके अलावा डवर्सिफाइड है, कंपनी का बिज़नेस आप कह सकते हैं, लेकिन इसके कारण यहां पे आपको जो फॉररेक्स का रिस्क है, यह भी इनक्रीस होता हुआ दिखता है। और शॉर्टर टर्म में दोस्तों, यहां पे जो हाई 10 है, वोलेटिलिटी यह आपको दिख सकती है। आप कह सकते हैं, दोनों कंपनी यहां पे फेस करती है 5 टू 15% कन्वर्ज़ रिस्क फ्रॉम टेंडेड डिलेज़। यहां पर मैरिटाइम जो दोस्तों रीजन है, यह बूस्ट करता है इनफ्लोस को बाय। 30% इन एफ 26 और का यहां पे जो रिपेयर बिजनेस है, दोस्तों, 30% इसका बुक का हिस्सा है। यह ऐड करता है यहां पे स्टेबिलिटी, डवर्सिफिकेशन होने के कारण। अब हम चलते हैं नेक्स्टेंट मैट्रिक में। नेक्स्ट इंपॉर्टेंट मैट्रिक है यहां पे वैल्यूएशंस का। तो करंट वैल्यूएशन दोस्तों यहां पे रिफ्लेक्ट करते हैं सेक्टर के ऑप्टिमिज्म को एज ऑफ लेट सितंबर 25 विद मल्टीपल्स बेस्ड और एफआरओ 25 अर्निंग्स। यहां पे प्रीमियम दिया जा रहा है दोनों कंपनियों को। यहां पे अगर आप देखें डिफेंस की इंडस्ट्री के अंदर टेलमेंट्स चल रही हैं और मजगांव यहां पे स्केल कर रहा है, जो कमांड कर रहे हैं यहां पे 20 टू 30% हायर मल्टीपल्स। यहां पे सबसे पहला अगर आप चेक आउट करें, दोस्तों। वैल्यूएशंस मल्टीपल्स, तो पहला मैट्रिक है यहां पे पीई रेशियो का, यानी प्राइस टू अर्निंग रेशियो का। तो यहां पे आपको मझगांव डॉक का दिखेगा 38.7 का, कोचीन शिपयार्ड का यहां पे आपको पीई रेशियो 50.5 का दिखेगा। पीबी रेशियो अगर आप देखें दोस्तों यहां पे, तो आपको यहां पे मझगांव डॉक का दिखेगा 14.3 का और यहां पे आपको कोचीन शिपयार्ड का 8.5 का। ईवी टू एबिट देखें अगर आप पे, तो मझगांव डॉक का आपको 25 का दिखेगा और कोचीन शिपयार्ड का 32 होगा। अब हम चलते हैं नेक्स्ट इंपॉर्टेंट मैट्रिक में, वैल्यूएशंस के। यहां पे अगर आप देखें दोस्तों, एडिशनल वैल्यू्यूएशन मैट्रिक, तो यहां पे आपको मझगांव डॉक की मार्केट कैप दिखेगी ₹13,000 करोड़ की और यहां पे कोचीन शिपयार्ड की। 47,972 करोड़ की। यहां पे रिटर्न ऑन इक्विटी देखें, अगर आप मसगाउंट डॉक का तो 34 का है। रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड 38 का। डेप्ट टू इक्विटी रेशियो में अगर आप देखें, तो डेप्ट की कोई प्रॉब्लम नहीं है यहां पे मसगाउंट डॉक की। यहां पे इंटरेस्ट एवरेज रेशियो देखें अगर आप, तो नेट डेप्ट फ्री कंपनी है इस टाइम पे। इसके अलावा कोचिन शेप ऐड के अंदर अगर आप देखें दोस्तों, रिटर्न ऑन इक्विटी तो आपको 15 का दिखेगा। रिटर्न ऑन कैपिटल 20 का दिखेगा। डेप्ट टू इक्विटी रेशियो यहां पे 0.09 का है। यहां पे इंटरेस्ट कवरेज रेशियो आपको 12 का दिखेगा। तो यहां पे दोस्तों जो इंपॉर्टेंट आंकड़े हैं, इसमें आपको बेटर आंकड़े मजगांव डॉग के दिख रहे हैं। तो दोस्तों अगर आप यहां पे इनसाइड चेक आउट करें तो, यहां पे कोचीन का जो एलिवेटेड पीई रेशियो है, यह रिफ्लेक्ट करता है एक्सपोर्ट की ग्रोथ, बट जो लोअर यहां पे आरओई है, यह सिग्नल करता है लेवरेज। लेकिन मजगांव के जो मल्टीपल है, अलाइन करते हैं यहां पर 25% के आरओआईसी के साथ। इसके अलावा अगर आप सेक्टर एवरेज पीई देखें तो, 45x का दिखेगा। इनकर्पोरेट्स 20 टू 30% एफओ 26 ग्रोथ, तो आप कह सकते हैं दोनों कंपनी स्टेप पे ट्रेड कर रही है, अबव हिस्टोरिकल मीडियन पीई। मजगांव का आपको 2x दिखेगा और कोचीन का 1.5x। नेक्स्ट पार्ट में हम कंपेयर करेंगे इन दोनों कंपनी के मार्जिनस को, तो मार्जिन लगातार एक्सपेंड कर रहे हैं इन दोनों कंपनीज़ के, F25 के आंकड़ों के अनुसार ड्यू टू। इंडिजनाइजेशन और साथ में आप लोगों को कॉस्ट सेविंग होती हुई दिख रही है, 10 टू 15% की ईयर ऑन ईयर बेसिस पे। यहां पर स्टेबल जो स्टील के प्राइसेस हैं दोस्तों, आपको $600 टर्न के दिखेंगे एवरेज प्राइस। यह मझगांव डॉक को हेल्प करता है डिफेंस को स्केल करने के लिए और यील्ड करने के लिए बेटर एवरेज। यहां पे अगर आप प्रॉफिट मार्जिन देखें एफओ 25 के दोनों कंपनीज़ के, तो सबसे पहले अगर आप एबिटा मार्जिन का मैट्रिक देखें, तो मझगांव डॉक का आपको 23.5 का दिखेगा, शिपयार्ड का 18.6 का। सिमिलरली यहां पर दोस्तों, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स के मार्जिन में भी आपको मज गाउ डॉक का 19.9 का दिख रहा है, लगभग 20% का और यहां पर आपको कोचीन शिपयार्ड का प्रॉफिट एफ टैक्स का मार्जिन 17.2% का। दिख रहा है। तो जैसे मैंने आपको बताया, दोस्तों, यहां पे जो स्टील के स्टेबल प्राइसेस हैं, यहां पे हेल्प कर रहे हैं इस टाइम पे मसगाउड को यील्ड करने के लिए बेटर एवरेज और इसका कारण है कि कंपनी यहां पे बड़े लेवल पे स्केल कर पाती है अपने बिज़नेस को। अब हम चलते हैं नेक्स्ट पार्ट में। यहां पर हम कुछ और इंपॉर्टेंट एडिशनल मार्जिन के मैट्रिक्स को चेक आउट करते हैं। यहां पर अगर आप देखें, दोस्तों, मार्जिन का यहां पे कैसे इंप्रूवमेंट हुआ है ईयर ऑन ईयर बेसिस पे एक्सपेंशन, सबसे पहले अगर आप देखें मसगा ग्राउंड डॉक का, तो यहां पे आपको 2.5%ेज पॉइंट्स का इंक्रीज दिख रहा है एबिटा मार्जिन के अंदर, क्वार्टर फोर में आपको यहां पे प्लस वन परसेंटेज पॉइंट्स। का इंक्रीज़ देता हुआ दिखा था। इसके अलावा दोस्तों, यहां पे अगर आप चेक आउट करें, की फैक्टर्स जिन्होंने कंट्रीब्यूट किया था। अफ्रीका 95% का बिज़नेस इस टाइम पे डिफेंस की तरफ से आ रहा है। तो यहां पे इंडजीनाइज़ेशन के कारण सेविंग हुई थी। वर्किंग कैपिटल जो डेज़ है, यह भी बेटर हुए, 45 डेज गए थे 55 डेज से, और यहां पे जो प्रोविज़ंस थे, 747 करोड़ के दिखे थे आपको। यहां पे दोस्तों, वैल्यू एडेड जो मिक्स है कंपनी का रेवेन्यू का, जैसे मैंने आपको दिखाया, 95% का डिफेंस ही आ रहा है। इसके अलावा अगर आप कोचिनशिप को देखें, तो यहां पे भी आपको थोड़े मार्जिन इंप्रूव होते दिखे हैं। तो मजगा ग्राउंड डॉग की तरह दोस्तों, हैवी इनक्रीस तो नहीं हुआ है, लेकिन यहां पे जो एबिट है, इसमें आपको 0.5%ेज पॉइंट का इंक्रीज़ दिखा है, लेकिन क्वार्टर 4 में आपको यहां पे नेगेटिव 1%ेज पॉइंट का डिक्रीज़ होता हुआ दिखा था। यहां पर दोस्तों, जो रिपेयर की स्केलिंग है, देखिए, यह काफी की फैक्टर है। इस टाइम पर जिसने कंट्रीब्यूट किया था, एक्सपोर्ट का जो गेन हुआ था, इसने भी मार्जिन को इंप्रूव किया था, लेकिन यहां पे जो सब कॉन्ट्रैक्ट्स की कॉस्ट थी दोस्तों, इसने यहां पे इंपैक्ट डाला था क्वार्टर 4 में और जैसा मैंने आपको दिखाया दोस्तों, इस कंपनी का यहां पे 50% का आपको वैल्यू एडेड मिक्स दिखेगा। तो यहां पे जो मझगांव डॉक है, उसका वैल्यूड एडेड मिक्स भी इससे बेटर है, जो यहां पे बेटर मार्जिन में कंट्रीब्यूट करता है। इसके अलावा, दोस्तों, यहां पर कुछ इंपॉर्टेंट इनसाइट्स देखें, अगर आप तो, मजगांव का जो स्टैंप है, सुपीरियर एबिट है, यह स्टैंप कर रहा है कंपनी के स्केल से। तो, कोचिन शिपयार्ड के मुकाबले 2.3x इसका रेवेन्यू है। यहां पे 33% की वॉल्यूम में भी ग्रोथ आपको दिखी थी, विद आरओआईसी यहां पे 38.7% और कोचिन का जो स्लाइट कॉन्ट्रैक्शन है, यह टाई करता है इसके केपेक्स के साथ, जो 300 करोड़ का इसने एफ2 में केपेक्स किया था। लेकिन, यहां पे जो प्रॉफिट ऑफ टैक्स है, इसने अभी भी यहां पे रेिलेंस दिखाई थी और एक्सपोर्ट की वजह से यहां पे 5% का एफएक्स गेन हुआ था और जैसा मैं आपको बार-बार पहले भी बता चुका हूं, यहां पे जो हायर डिफेंस मिक्स है, यह मस ग्राउंड अप को हेल्प करता है ड्राइव करने के लिए। स्टेबिलिटी। अब हम चलते हैं नेक्स्टेंट पार्ट में। नेक्स्टेंट पार्ट में हम कंपेयर करेंगे दोनों कंपनीज़ की ग्रोथ को। तो ग्रोथ एक्सलेट हुई थी दोस्तों, F25 में इन दोनों कंपनीज़ की। यहां पे कैपेसिटी का रैंप अप हुआ था और टेंडर के इनफ्ल् बढ़े थे 30% ईयर इन ईयर बेसिस पे। तो अगर आप सबसे पहले चेक आउट करें दोस्तों, कुछ की इंपॉर्टेंट मैट्रिक्स। यहां पे ग्रोथ का सीएजीआर यानी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट दे रखा है पिछले 3 साल का यानी एफओ 23 से 25 का। तो पहला मैट्रिक है यहां पे 3 साल के रेवेन्यू का सीएजीआर, इसमें आपको मजगाउंड डॉक का 33% का दिखेगा, कोचिन शिशिप यार्ड का 24% का। तो यहां पे भी क्लियरली पिछले 3 साल के हिसाब से ज्यादा फास्ट स्पीड से। मजगाउंट डॉक के रेवेन्यू ग्रो किए हैं। अब यहां पे अगर आप पिछले 3 साल का प्रॉफिट का सीएजीआर देखें, यानी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट, तो मसगाउंट डॉक का 47% का दिख रहा है और कोचिनशिप ऐड का 10% का। तो यह कुछ इंपॉर्टेंट क्लियर कट डिफरेंस है यहां पे इन दोनों के ग्रोथ में पिछले 3 साल के हिसाब से। अब हम चलते हैं नेक्स्ट इंपॉर्टेंट एडिशनल आंकड़ों में। यहां पे एडिशनल अगर आप ग्रोथ के मैट्रिक्स देखें, तो यहां पे एफ425 के रेवेन्यू में सबसे पहले आपको दिखेगा रेवेन्यू, एमएस गाउ डॉक का 11432 करोड़ का। यहां पर अगर आपका ब्रेकअप प्रॉफिट टैक्स देखें, तो ₹2273 करोड़ का है। इसके मुकाबले दोस्तों, जो कोचिनशिप है, देखिए इसका स्केल कम है। यहां पे इसके रेवेन्यू आपको लगभग 498 करोड़ के दिख रहे हैं, और प्रॉफिट यहां पे 843 करोड़ का दिख रहा है। यहां पे अगर आप FY26 की गाइडेंस देखें दोनों कंपनीज़ की, तो यहां पे मझगांव डॉक ने 10 टू 12% की रेवेन्यू की गाइडेंस दे रखी है, और यहां पे 20 प्लस प्रॉफिट की गाइडेंस दे रखी है। लेकिन यहां पे अगर आप चेक आउट करें कोचीन शिपयार्ड की, तो इसकी FY26 की रेवेन्यू की गाइडेंस है 20 से 25% की। तो यहां पे जो कोचीन शिपयार्ड का मैनेजमेंट है, इसने जो रेवेन्यू की गाइडेंस दे रखी है, यह काफी हायर है इसने यहां पे मझगांव डॉक के मुकाबले। इसके अलावा दोस्तों, अगर आप इन दोनों कंपनीज़ के केपेक्स के प्लान देखें, तो यहां पे आपको मझगांव डॉक का 500 करोड़ का प्लान दिखेगा केपेक्स का। आपको सब ऑब्स दिखेंगे, और 50 के यहां पे डीW की कैपेसिटी का एक्सपेंशन दिखेगा। कोचीन शिपयार्ड के अंदर अगर आप देखें तो 300 करोड़ का इसका एक्सपेंशन का प्लान है, जिसमें एलएनजी और रिपेयर के ऊपर इसका फोकस रहेगा। यहां पे अगर आप वॉल्यूम के हिसाब से ग्रोथ देखें दोस्तों, ईयर ऑन ईयर बेसिस पे, तो आपको मझगांव डॉक के अंदर 33% की वॉल्यूम में ग्रोथ दिखेगी और कोचीन शिपयार्ड में 24% की वॉल्यूम के हिसाब से ग्रोथ दिखेगी। तो गाउंड डॉक का दोस्तों जो 33% का रेवेन्यू का सीजीआर है, यह रिफ्लेक्ट करता है यहां पे डिफेंस की स्केलिंग को, यहां पे सबमरीन के पुश को, और 33% आपको वॉल्यूम में भी सर्च दिख रहा है। लेकिन यहां पे कोचीन शिपयार्ड का जो 24% का इस टाइम पे ग्रोथ है, यह करती है यहां पे रिपेयर के वर्क के साथ, लेकिन जो स्लोअर यहां पे प्रॉफिट ऑफ़ टैक्स की ग्रोथ है, इसमें आपको इंपैक्ट होता हुआ दिख रहा है कॉस्ट का, लेकिन बोथ कंपनीज़ दोस्तों यहां पर आई करी है 2 से 3X का रेवेन्यू यहां पे बाय 2030 और मैंने आपको पहले ही चेक आउट करा दिया है, जो पूरा सेक्टर है इस टाइम पे इंडिया के अंदर, वो काफी फास्ट स्पीड से ग्रो कर रहा है। मजगांव की दोस्तों इस टाइम पे जो वॉल्यूम ग्रोथ है, यह हाईलाइट करती है इसके एग्जीक्यूशन पावर को। अब हम चलते हैं नेक्स्ट पार्ट में। नेक्स्ट पार्ट में हम चेक आउट करते हैं यहां पे कीटेक वेज़ हमारे इस इंपॉर्टेंट एनालिसिस से, यहां पे हम कीटेक वेज़ और स्ट्रेटेजिक पोजीशनिंग के अंदर चेक आउट करते। हैं, पहला पार्ट है यहां पे लीडर्स इन ग्रोथ और एफिशिएंसी, तो यहां पे दोस्तों आपको जो लीडर दिखेगा ग्रोथ और एफिशिएंसी के अंदर, ये मझगांव डॉक दिखेगा। ये डेमोंस्ट्रेट कर रहा है यहां पे रोबस्ट एक्सपेंशन के साथ। यहां पे 3 साल का जो रेवेन्यू का सीजीआर है, आपको 33% का दिखेगा, जो प्रॉफिट आफ्टर टैक्स का सीजीआर है, 47% का दिखेगा। अलोंग साइड यहां पे जो एबिटा मार्जिन है, ये भी आपको 23.5% के दिख रहा है, तो इन तीनों मैट्रिक्स में यह आपको कोचीन शिपयार्ड से सुपीरियर दिख रहा है। इसके अलावा दोस्तों, जो ऑर्डर बुक कवरेज है, यहां पे आपको 3.3x की दिख रही है, जो रिफ्लेक्ट कर रही है यहां पे डिमांड फ्रॉम नेवल सेगमेंट। यहां पे जो कैपेसिटी ट्रेजरी है, दोस्तों, 50k TWT की बाय FO28, यहां पे इस पे भी फोकस कर रही है कंपनी। डिफेंस मिक्स जो आपको दिख रहा है 95% का और सस्टेनेबिलिटी इन्वेस्टमेंट 100 करोड़ के एफओ 25 में यह सपोर्ट कर रहे हैं, 20% प्लस की वॉल्यूम ग्रोथ और यहां पे 25% प्लस की प्रॉफिटेबिलिटी की ग्रोथ एफओ 26 में। तो यहां पे दोस्तों, ये सब चीजें कंपनी को पुश करेंगी सबमरीन और ऑफशोर अपोरर्चुनिटीज़ के अंदर और अंडर मैरिटाइम विज़न 2030 जो गवर्नमेंट का प्लान है इसके अंदर। अब दोस्तों, दूसरा इंपॉर्टेंट जो टेक अवे है इसमें आपको स्टेबल स्केल प्लेयर्स दिखेगा। स्टेबल स्केल प्लेड में आपको कोचिंगशिप ऐड दिखेगा जो कि कंट्रीब्यूट कर रहा है यहां पे ऑपरेशनल कंसिस्टेंसी के थ्रू एफ2
27:57में। इसका रेवेन्यू का बेस आपको 498 करोड़ का दिखेगा। यहां पे एक्सपोर्ट भी है दोस्तों, जो डवर्सिफिकेशन दे रहे हैं और स्टेबिलिटी दे रहे हैं कंपनी को। यहां पे 20% कंपनी का रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आ रहा है। यहां पे कंपनी डिलीवर कर रही है रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड 20% का। यहां पे फेस एक्सपेंशन प्लान है कंपनी के, ऐड करने के लिए रिपेयर की कैपेसिटी को। कंपनी के पास 53 ईयर की एक्सपर्टीज है। यहां पे मिक्स कॉन्ट्रैक्ट्स हैं इसके पास। साथ में जो कंपनी का वर्किंग कैपिटल है, इसके अंदर आपको 60 डेज के आसपास स्टेबिलिटी दिख रही है। यह इनेबल कर रहा है कंपनी को रिलायबल एग्जीक्यूशन देने के लिए। इसके अलावा दोस्तों, यहां पे एफओ 26 की जो गाइडेंस है, कंपनी की यह आपको ज्यादा हायर दिखेगी। मसगाउन डॉक के मुकाबले यह आपको करीबन 20 से 25% की दिख रही है रेवेन्यू की गाइडेंस। यह अंडरस्कोर कर रहा है कंपनी के रेजिडेंस को इन ग्रीन कमर्शियल अलॉय अमिड डोमेस्टिक टेंडर फॉर्मलाइजेशन। अब हम चेक आउट करते हैं नेक्स्टेंट की टेक अवे को। यहां पर अगर आप देखें दोस्तों, रिस्क अक्रॉस बोर्ड तो दोनों कंपनी यहां पर शेयर करती है वनेबिलिटीज क्योंकि दोनों एक ही सेक्टर को बिलोंग करती हैं। तो सबसे पहले दोस्तों, आपको स्टील के प्राइसेस है जो उनके अंदर जो फ्लक्चुएशन आता है, यह इंपैक्ट डालता हुआ दिखेगा दोनों कंपनीज़ को। जैसे मैंने आपको दिखाया, जो मसगाउन डॉक है, इसकी सोर्सिंग आपको कम होती हुई दिख रही। है। इंपोर्ट की तरफ से डोमेस्टिक की तरफ से ज्यादा है, तो वो का रिस्क आपको ज्यादा इस टाइम पे कोचिन शिपयार्ड में दिखेगा, लेकिन दोनों कंपनियों के अंदर वोलेटिलिटी का रिस्क है स्टील प्राइसेस के। इसके अलावा दोस्तों, पोटेंशियली देखें अगर स्टील के प्राइसेस में ज्यादा वेरिएशन हुआ, तो यहां पर आपको यह रोट करते हुए दिख सकता है इन दोनों कंपनी के मार्जिन को बाय वन टू 2%ेज पॉइंट्स। इसके अलावा रेगुलेटरी डिलेज़ हुए दोस्तों, यहां पर टेंडर्स में क्योंकि आप लोग को पता होनी चाहिए दोस्तों, गवर्नमेंट के साथ जो कंपनीज़ काम करती है, उनके टेंडर्स में आपको अक्सर डिले देखने को भी मिलते हैं, तो यहां पे जो इंपॉर्टेंट प्रोजेक्ट है दोनों कंपनी के। पी 75 इंडिजिनस कैरियर के ये इंपैक्ट कर सकते हैं 20 टू 30% इनफ्लो को, अगर यहां पे डिले देखने को मिला। और इसके अलावा दोस्तों, यहां पे जो कंपटीशन है फ्रॉम प्राइवेट यार्ड्स, 20% यहां पे मार्केट आपको प्राइवेट यार्ड्स के अंदर दिखेगी। यह कंप्रेस कर सकती है प्राइसिंग को इन कमर्शियल बाय 5 टू 10% ईयर ऑन ईयर बेसिस पे। फर्दर यहां पर दोस्तों, 4x का एक्सपोजर है स्पेशली कोचिन के अंदर, 20% का यहां पर कैपेक्स का एग्जीक्यूशन है, जो कंबाइंड रूप से 800 करोड़ का है। यह भी इंपैक्ट डाल सकता है अगर एग्जीक्यूशन टाइम पे नहीं हुआ दोनों कंपनी के अंदर। और एग्जीक्यूशन डिले का दोस्तों, डायरेक्टली यहां पे इंपैक्ट पड़ेगा दोनों कंपनीज की ग्रोथ में भी और पूरे। सेक्टर की ग्रोथ में भी अब हम चलते हैं एनालिसिस के नेक्स्ट पार्ट में। नेक्स्ट पार्ट में हम चेक आउट करते हैं यहां पे फ्यूचर के प्रोस्पेक्ट शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के। तो इंडिया का दोस्तों शिप बिल्डिंग सेक्टर है, इंटीग्रल है यहां पे 19 बिलियन की ग्लोबल मार्केट है। आप कह सकते हैं इस टाइप पे शिप बिल्डिंग की। इंडिया के पास खाली 1% का मार्केट शेयर है यहां पे 2025 के आंकड़ों के अनुसार। तो इंडिया के पास दोस्तों अभी भी काफी रूम है ग्रो करने का। यहां पे इंडिया पोइज्ड है एक्सप्लोसिव ग्रोथ के लिए थ्रू 2030 रिवन बाय मैरिटाइम इंडिया विज़न 2030 जो गवर्नमेंट का प्लान है टॉप 10 रैंकिंग में आने का। तो यहां पे दोस्तों जो गवर्नमेंट का प्लान है अमृतकाल 2047 का। यहां पर गवर्नमेंट आना चाह रही है इस इंडस्ट्री के अंदर टॉप फाइव में, और यहां पर इन्वेस्टमेंट होने वाला है करीबन 3.35 ट्रिलियन का पोर्ट्स के अंदर और शिपिंग इंडस्ट्री के अंदर। तो करेंटली दोस्तों, प्रोजेक्टेड है यह सेक्टर काफी हैवीली ग्रो करेगा यहां पे 60% के सीजीआर से, और यह 2033 तक ग्रो करके हो सकता है 8 बिलियन के आसपास का। यहां पे ऐड किए जाएंगे दोस्तों, एक्स्ट्रा 180 प्लस वेसल्स को बाय 2030 फॉर इंडियन नेवी, कोस्ट गार्ड्स, और साथ में यहां पे कॉम्बैट क्लीट्स को भी ऐड किया जाएगा 200 प्लस प्लस शिप्स को बाय 2027। अब दोस्तों, हम चेक आउट करते हैं कुछ इंपॉर्टेंट यहां पे जो सेपरेट पॉइंट्स हैं जिसके अंदर यहां। पे फ्यूचर के प्रोस्पेक्ट काफी ब्राइट दिखते हैं, तो सबसे पहला इंपॉर्टेंट फैक्टर आपको दिखेगा डिफेंस के मॉडर्नाइजेशन का और किस हिसाब से ड्राइव कर रहा है यहां पे डिमांड को। तो यहां पे सेक्टर दोस्तों बेनिफिट कर रहा है इस टाइम पे क्योंकि यहां पे 2.2 लाख करोड़ का जो डिफेंस का ऑर्डर है, पाइपलाइन बाय 2027, यह डायरेक्टली यहां पे पॉजिटिवली कंट्रीब्यूट करेंगी इन सारी कंपनीज़ के लिए, इंक्लूडिंग यहां पे P75 ए सबमरीन और आईएससी टू कैरियर्स यहां पे सपोर्ट कर रहे हैं कॉम्बैट फ्रीड के एक्सपेंशन को। तो यहां पर ऐड होने वाली है 200 प्लस शिप्स बाय 2027। इसके अलावा इंडिया के अंदर आपको नेवल मॉडर्नाइजेशन पर फोकस होता हुआ दिखेगा, 70% यहां। पे इंडजनाइजेशन पर फोकस है, एफ2 में और टारगेट किया जा रहा है यहां पे 90% बाय 2030। इसके अलावा दोस्तों, एनश्योर किया जा रहा है स्टेबल इनफ्लो होगा यहां पे पीएसयूस के अंदर, लाइक मजगाउंड डॉग, कोचिंग शिपयार्ड, जो कंट्रीब्यूट कर रहे हैं यहां पे 60% ऑफ़ सेक्टर ग्रोथ। इसके अलावा दोस्तों, यहां पर अगर आप देखें पॉलिसी के इंसेंटिव्स और उसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर के बूस्ट, यह भी काफी बढ़िया तरीके से की फैक्टर्स की तरह कंट्रीब्यूट करेंगे। पीएलआई स्कीम और यहां पे जो सरगम माला प्लान है दोस्तों, इसके अंदर आपको 70,000 करोड़ का फंड दिख रहा है, जीएसटी के डिफरेंशियल दिख रहा है और यहां पे एनहांस करेंगे डोमेस्टिक स्टील स्कैप के कलेक्शन को। 25% ईयर ऑन ईयर बेसिस पे राइज़ होता हुआ दिखा है आपको। यहां पे क्रिटिकल टेक रिकवरी है दोस्तों जो 95% लोकल यह गवर्नमेंट का एम है बाय 2026 यहां पे। यहां पे इसके अलावा जो इन्वेस्टमेंट होगा पोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर पे, ड्राई डॉक्स पे, यह इंप्रूव करेगा कैपेसिटी यूटिलाइजेशन अप टू 80% बाय 2028 और ये सब चीजें दोस्तों मिला के यहां पे इनेबल करेंगी 20 से 25% एनुअल वॉल्यूम की ग्रोथ को स्पेशली फॉर ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स। इसके बाद दोस्तों अगला इंपॉर्टेंट फैक्टर है यहां पे सस्टेनेबिलिटी का और ग्रीनशिपिंग इनिशिएटिव्स का। यहां पे जो मैंडेट्स हैं दोस्तों ग्रीन वेसल्स के, एलएनजी हाइब्रिड, यह अलाइन करते हैं विद ईयू एफिशिएंसी गोल्स 75%
32:41बाय 2025, 80% बाय 2030, यह क्रिएट करेंगे। दोस्तों, यहां पे पॉसिबली 50000 जॉब्स को वाया 3 बिलियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट, साथ में जो इनोवेशंस लाइक मॉड्यूलर डिज़ाइन है, 95% रिकवरी, 40% ये कॉस्ट सेविंग करेंगी। तो ये सब चीजें दोस्तों पोजीशन करी है इंडिया को फॉर लीडरशिप इन इको फ्रेंडली शिप बिल्डिंग, जो ऐड करेंग यहां पे 15% के एक्सपोर्ट पोटेंशियल को। अब हम चलते हैं एनालिसिस के लास्ट पार्ट में। लास्ट पार्ट में हम चेक आउट करते हैं यहां पे कंक्लूजन को। तो दोस्तों, इन समरी आप कह सकते हैं, मसगाउंट डॉग शिप बिल्डर और कोचिन शिपयार्ड इलस्ट्रेट करते हैं वैरिड स्ट्रेटजीस विद इन इंडियास इवॉल्विंग शिप बिल्डिंग सेक्टर। तो ये सब। एम्प्लॉय कर रहे हैं यहां पे इंटीग्रेटेड मॉडल्स को टू मीट नेवल और कमर्शियल डिमांड, टू डिस्टिंक्ट एफेसिस ऑन डिफेंस और स्पेशलाइजेशन एंड डवर्सिफिकेशन। तो मसगाउंड डॉग जैसे मैंने आपको पहले भी दिखाया, यहां पे शो कर रहा है 3 साल के यहां पे रेवेन्यू का सीजीआर करीबन 33% का और मार्जिन एक्सपेंशन यहां पे करीबन 2.5%ेज पॉइंट्स के। इसके अलावा यहां पे ऑर्डर बुक का कवरेज दिख रहा है आपको 3.3x का विद विद स्ट्रेंथ इन सबमरींस और ऑफशोर सेगमेंट। सिमिलरली यहां पे आपको कोचिन शिपड मेंटेन करते हुए दिख रहा है। एफओ25 की जो रेवेन्यू का बेस है 498 करोड़ का और एक्सपोर्ट पे इसका फोकस है, 20% कंपनी के रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आ रहा है। तो डवर्सिफाइड। बिजनेस है और लेवरेज करेगा, यहां पे 21,000 करोड़ की जो इसकी ऑर्डर बुक है, इसको फॉर ग्रीन वेसल एग्जीक्यूशन। लेकिन यहां पे कुछ चैलेंजेस भी हैं दोस्तों, जो आपको लगातार ट्रैक करते रहने हैं। यहां पे चैलेंजेस लाइक मटेरियल वेलेटिलिटी, टेंडर डिलेज़, यह रिक्वायर करते हैं मॉनिटरिंग। तो आपको इन सबको मॉनिटर करना है। अब यहां पे दोस्तों, जो मैरिटाइम विज़न है, यह एडवांस कर रहा है और यहां पे जो कंपनीज़ हैं, इंपॉर्टेंट जो इन सेगमेंट में काम करती है, यह पोज़्ड है ड्राइव करने के लिए सेक्टर की मैच्योरिटी को, लेकिन सब चीजें कंटेंजेंट होगी इस टाइम पे केपेक्स की डिलीवरी को लेके और यहां पे टेंडर के इकोसिस्टम के एनहांसमेंट को लेके, तो ये कुछ। इंपॉर्टेंट डिटेल थी यहां पे इस कंपेरेटिव एनालिसिस की, और जैसा मैंने आपको वीडियो की स्टार्टिंग में इनफॉर्म किया था, यह वीडियो पूरी तरीके से एजुकेशनल पर्पस से बनाई गई है। हमने कंपनी के प्राइस और उसके टेक्निकल चार्ट्स के ऊपर कोई भी डिस्कशन नहीं किया। हमारा पूरा फोकस कंपनीज़ के कंपेरेटिव एनालिसिस पर था और बिजनेस एनालिसिस पर था जो हमने किया डिफरेंट-डिफरेंट मैट्रिक्स को कंपेयर करके। इसके अलावा दोस्तों, आपको पता होना चाहिए मैं कोई सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट या फाइनेंसियल एडवाइजर नहीं हूं। तो अगर आपको मार्केट में कोई भी डिसीजन लेना है, उससे पहले आप लोग को अपने सेबी रजिस्टर, रिसर्च एनालिस्ट और फाइनेंसियल एडवाइजर की सलाह लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर आप किसी के भी रैंडम रिकमेंडेशन पे अपने डिसीजन को मार्केट में बेस करेंगे, तो आप लोग को मार्केट में हैवी लॉस उठाना पड़ सकता है। तो आप लोग को यह सारी चीजें अपने ध्यान में रखनी है मार्केट में, कोई भी डिसीजन लेने से पहले। तो मैं होप करता हूं दोस्तों, आप लोग को आज की वीडियो पसंद आई होगी। अगर आप लोग को आज की वीडियो पसंद आई है, तो प्लीज वीडियो को लाइक कीजिए और चैनल को सब्सक्राइब कीजिए। थैंक्स फॉर वाचिंग गाइस, टेक केयर।