00:00पावर ऑफ मार्केट, फाइनेंशियल एजुकेशन और कंटेंट क्रिएशन प्लेटफॉर्म पर मैं अभिषेक उपाध्याय आप सभी का स्वागत करता हूं। हार्दिक अभिनंदन करता हूं। दोस्तों, मार्केट के अंदर आज पूरे ग्लोबल मार्केट की जो नजर है, वह अमेरिका के अंदर होने वाले महत्वपूर्ण फेड इवेंट के ऊपर है। जैसा कि आप लोग देख रहे हैं कि लगातार ग्लोबल अनिश्चितता के कारण, चाहे हम अमेरिका और ईरान के बीच में हो रहे तनाव के बारे में बात करें, इससे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ब्रांड क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार रैली देखने को मिल रही है। और वर्तमान में भी, जब अभी आप और हम चर्चा कर रहे हैं, तो अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ब्रांड क्रूड ऑयल लगभग $100 प्रति बैरल के ऊपर चल रहा है। अभी अगर हम बात करें तो यह लगभग $105 प्रति बैरल के आसपास है। तो जिस तरह की तेजी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में दिखाई दे रही है। मार्केट में क्रूड ऑयल के अंदर देखने को मिली है उसका एक अच्छा खासा नेगेटिव इम्पैक्ट, आपको भारत के फाइनेंशियल मार्केट में लगातार देखने को मिल रहा है। भारत के जो मेजर इंडेक्स हैं, वो लगातार महत्वपूर्ण सपोर्ट्स के नीचे चल रहे हैं। इसके अलावा दूसरा सबसे बड़ा फैक्टर रहा है कि अमेरिका के बॉन्ड मार्केट में पिछले कुछ दिनों से, लगभग पिछले कई हफ्तों से, जोरदार अनिश्चितता देखने को मिल रही है। और जो अमेरिका के, चाहे आप 10 साल के बॉन्ड यील्ड्स की बात करें या 30 साल के बॉन्ड पेपर्स की बात करें, लगातार यील्ड्स ऊपर की तरफ जा रहे हैं। जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स, ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स का कहीं न कहीं रुझान अमेरिका के बॉन्ड मार्केट की तरफ बढ़ रहा है, और उसका भी एक नेगेटिव इम्पैक्ट आपको भारत के फाइनेंशियल मार्केट में देखने को मिल रहा है। मिला है। तो एक तरफ तो बॉन्ड डील्स लगातार ऊपर जा रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें ऊपर चढ़ रही हैं, और साथ ही साथ में जिस तरह से कोई भी पॉजिटिव ट्रिगर उस समय भारत के फाइनेंशियल मार्केट को सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है। अब ऐसी स्थिति में पूरे मार्केट की नजर इस बात पर है कि आज रात में अमेरिका में होनी वाली एफOMC की बैठक में क्या निर्णय लिए जा सकते हैं। एफOMC बैठक की जो रणनीतियाँ हैं, वे इस बात से भी समझी जा सकती हैं कि उसके पहले मार्केट पहले ही काफी गिरावट कर चुका है। ग्लोबल मार्केट में भी बड़े सुधार देखने को मिले हैं। अलग-अलग एसेट क्लासेस में भी काफी हलचल हुई है। तो अब देखना होगा कि एक तरफ तो कमोडिटी एसेट क्लास भी काफी वोलैटाइल रहे हैं। इक्विटी मार्केट्स में लगातार प्रेशर देखने को मिल रहा है। स्थिति में आज अमेरिका के अंदर जो फेडरल ओपन मार्केट कमेटी का निर्णय होना है, सितंबर 2026 का पूरे महीने का सबसे महत्वपूर्ण ग्लोबल इवेंट है। वहां पे क्या निर्णय निकलकर आता है? क्या फेड ब्याज दरों को घटाएंगे, बढ़ाएंगे तो क्या 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाएंगे या 50 बेसिस पॉइंट, या कहीं ना कहीं एक मजबूत निर्णय आपको देखने को मिल सकता है। जिस तरह से केविन वॉश का लेके लगातार मार्केट में चर्चाएं हो रही हैं। आप अगर उनकी पिछली स्पीच को भी देखेंगे तो कोई स्पष्ट दिशा इन टर्म्स ऑफ़ ओरिंटेशन में, अगर आप रेट कटौती या रेट बढ़ाने की बात करें, तो इन टर्म्स ऑफ़ इंटरेस्ट रेट डिसीजन में कोई भी स्पष्टता नहीं मिली है। चाहे आप जैक्सन होल्स इंपासियम में उनकी स्पीच की बात करें या इसके अलावा भी वह जो उनकी महत्वपूर्ण स्पीच रही है, एक फेड चेयरमैन के रूप में। चेयरमैन, तो मई 2026 के बाद से हम लगातार देख रहे हैं कि पहले जब जेरम पॉवेल अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन थे, तो वहां पर कहीं न कहीं मार्केट को कुछ सिग्नल्स मिलते थे कि किस तरह से ब्याज दरें रह सकती हैं। पूरे 2026 के दौरान, यदि हम बात करें, तो जनवरी से लेकर लगभग सितंबर के महीने में समाप्त होने वाला है। पूरे इस पीरियड में हमने देखा है कि एक भी बार अमेरिका की इंटरस्ट rate में कोई भी मेजर चेंजेस नहीं हुए हैं। भारत के भी हाल ही के दिनों में जो रिटेल इनफ्लेशन का डाटा आया है, वह लगभग 4.8% से ऊपर भारत का सीपीआई का नंबर निकला है। इससे भी मार्केट में निगेटिविटी देखने को मिली है। साथ ही, भारत में होलसेल प्राइस इनफ्लेशन का जो डाटा है, वह लगातार 9.5% और 10% के बीच में बना हुआ है। तो एक तरफ तो भारत में, चाहे आप सीपीआई..
03:12 (अंत में टेक्स्ट कट गया है, इसलिए यहीं तक सुधार संभव है।) की बात करें, डब्ल्यूपीआई की बात करें, लगातार ऊपर के लेवल आ रहे हैं। आरबीआई का जो इंटरेस्ट रेट को लेकर डिसीजन अक्टूबर में आना है, वहां भी पॉसिबिलिटी कम लग रही है कि ब्याज दरों में कोई भी बदलाव होगा। यहाँ पर यह भी संभव है कि भारत के अंदर भी अक्टूबर में, जब फर्स्ट वीक में आरबीआई ब्याज दरों का निर्धारण करेगा, तो वहाँ भी कहीं न कहीं रेट हाई देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा, कल बैंक ऑफ इंग्लैंड की भी मौद्रिक नीति गुरुवार को आनी है, उसके ऊपर भी पूरे यूरोपियन मार्केट की नजर रहेगी। वहाँ भी संभावना है कि ब्याज दर में कुछ बदलाव हो सकते हैं। साथ ही, शुक्रवार को पूरे मार्केट की नजर एन कॅर्री ट्रेड पर रहेगी। जापान के अंदर, जिस तरीके से वहाँ की करेंसी को लेकर डॉलर के साथ पेयर की मूवमेंट रही है, वह काफी इम्पोर्टेंट है। जापान के अंदर भी। इन्फ्लेशन लगातार ऊपर की तरफ जा रही है। ग्लोबल स्तर पर भी इनफ्लेशन एक समस्या बनी हुई है। तो ऐसी स्थिति में शुक्रवार को भारत के समय के अनुसार लगभग 7:00 बजे से 10:00 बजे के बीच में बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति भी आनी है। तो कुल मिलाकर अगले तीन दिन में मार्केट में तीन विश्व के बड़े बैंकों की मौद्रिक नीति देखने को मिलेगी। पूरे ग्लोबल मार्केट के हिसाब से यह हफ्ते का सबसे इंपोर्टेंट इवेंट है; आज का समय 11:30 बजे है और लगभग यहां से 2025 मिनट के बाद में नीति की घोषणा हो जाएगी। नीति का पूरा सीक्वेंस, डिटेल में चर्चा करेंगे। क्या-क्या कब होने वाला है? क्या संभावनाएं लग रही हैं? अलग-अलग एजेंसियों का क्या सर्वे है? अगर ब्याज दरों को बढ़ाया जाता है तो क्या मार्केट उसको लगभग डिस्काउंट कर चुका है? आने वाले वीक में भी आपको उसका थोड़ा सा नेगेटिव इम्पैक्ट ग्लोबल रूप से देखने को मिल सकता है। एसेट्स पे इक्विटी मार्केट में देखने को मिल सकता है। साथ ही साथ में यह भी देखना होगा कि अभी मार्केट के अंदर और भी कई सारे ऐसे फैक्टर हैं, जहां पे आपको नेगेटिविटी देखने को मिल रही है। चाहे आप भारत के रूपी के अगर पिछले छह दिन का मूवमेंट देखेंगे, लगातार गिरावट का दौर जारी है। फिर से हमारा रुपया डॉलर के मुकाबले में लगातार कमजोर हो रहा है। तो कुल मिलाकर, चाहे आप ग्लोबल इंडिकेटर्स की बात करें, ग्लोबल इवेंट्स की बात करें, डाटा पॉइंट्स की बात करें, मार्केट के अंदर एट द मोमेंट कोई भी बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर नहीं निकल के आ रहा है। अब मार्केट की नजर जो है, वह क्वार्टरली एडवर्डिंग्स के ऊपर भी है। अप्रैल, मई, जून का क्वार्टर कंप्लीट हो चुका है। अब जुलाई, अगस्त, सितंबर का क्वार्टर भी लगभग 14-15 दिनों के बाद पूरा हो जाएगा। क्वार्टर टू, एफवाई 27, यह मार्केट के लिए एक ट्रिगर पॉइंट का काम कर सकता है। लेकिन यहां भी अभी लगभग दो हफ्ते का इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि जो रिजल्ट्स आना शुरू होंगे, वे अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होंगे। क्वार्टर 2, वित्तीय वर्ष 2027 के। भारत के अंदर जो कॉर्पोरेट अर्निंग्स के नंबर आएंगे, किस सेक्टर के अंदर क्या संभावनाएं दिख रही हैं, उसकी भी लगातार चर्चा हम करते रहेंगे। कुल मिलाकर, अब पूरे मार्केट की नजर रात रात के फैसले पर है, और साथ ही साथ जो केविन वाश अमेरिका के अंदर फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन हैं, उनकी स्पीच पर भी रहेगी। क्या चीजें निकल कर आती हैं, सारे महत्वपूर्ण पॉइंट आज के YouTube लाइव में विस्तार में डिकोड करेंगे, और जो भी लोग जुड़ चुके हैं, आप सभी का स्वागत है। सभी का हार्दिक अभिनंदन। डिस्क्लेमर डिस्क्लोजर यह है कि पावर ऑफ मार्केट एक वित्तीय एजुकेशन और कंटेंट क्रिएशन प्लेटफ़ॉर्म है। किसी भी तरीके की इन्वेस्टमेंट सलाह, ट्रेडिंग सलाह, स्टॉक टिप्स देने का काम पावर ऑफ मार्केट नहीं करता। इसके लिए आपको SEBI रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और रिसर्च एनालिस्ट से संपर्क करना चाहिए। हम नहीं हैं SEBI रजिस्टर्ड। हमारे जो YouTube लाइव क्लासेस हैं, वीडियो हैं, सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफ़ार्म पर पावर ऑफ मार्केट का कोई भी कंटेंट सिर्फ एजुकेशनल नॉलेज और इनफ़ॉर्मेशन पॉइंट ऑफ व्यू से रहता है। आपको उसे उसी तरीके से देखना चाहिए। पावर ऑफ मार्केट का उद्देश्य भारत के रिटेल पब्लिक ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स में ग्लोबल मार्केट के प्रति, ग्लोबल इकॉनमी के प्रति, माइक्रोइकॉनॉमिक डेटा के प्रति, भारत के फाइनेंशियल मार्केट के प्रति, ग्लोबल फाइनेंशियल न्यूज के प्रति एक सामान्य शिक्षा प्रदान करना है। अवेयरनेस और इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करने का काम पॉवर ऑफ मार्केट कर रहा है। उम्मीद करते हैं कि आप लोगों को डिस्क्लेमर समझ में आ गया होगा। जो भी लोग जुड़ चुके हैं, आप सभी का हार्दिक स्वागत है। लगभग 20-25 मिनट का समय बचा हुआ है, और उसके बाद अमेरिका में मौद्री नीति का डिसीजन आपके सामने आएगा। स्वाभाविक है कि उसके पहले मार्केट में कोई भी मेजर मूवमेंट अभी नहीं दिख रहा है। ग्लोबल एसेट क्लासेस की भी अभी हम एक बार चर्चा कर लेते हैं। पूरा ग्लोबल मार्केट का एक परस्पेक्टिव लेते हैं कि एफएमसी की मौद्री नीति के डिसीजन से पहले पूरे ग्लोबल मार्केट में क्या हलचल चल रही है। भारत के शेयर बाजार का भी पूरा वीकली परस्पेक्टिव लेते हैं कि पिछले वीक में ओवरऑल क्या ट्रेंड रहा है और इस वीक में भी लगभग 3 दिनों से क्या ट्रेंड चल रहा है। ओवरऑल भारत के शेयर..
06:46बाजार में शॉर्ट टर्म बेसिस पर यदि हम अपने पिछले 1 महीने के ट्रेंड की बात करें, तो एक नेगेटिव ट्रेंड आपको मेजर इंडेक्सेस के अंदर देखने को मिल रहा है। उसका भी एक पर्सपेक्टिव आपके सामने रखेंगे। किस तरीके का सपोर्ट और असिस्टेंस मार्केट के अंदर निकलकर आ रहा है। तो जो भी लोग जुड़ चुके हैं, स्वागत है आप सभी लोगों का। पहली बार यदि आपका चैनल पर आना हुआ हो, तो सबसे पहले चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं। लिंक वगैरह भी शेयर कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चैनल के साथ कनेक्ट हो सकें। तो जो भी नए आए हैं, आप सभी लोग फटाफट चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए और साथ ही जो लाइव आप देख रहे हैं, उसे लाइक करते चलिए। आपके हजारों प्रश्न भी आ रहे हैं। इसके बाद हम प्रश्न और उत्तर भी शुरू करेंगे। पर पहले एक बार पूरा पर्सपेक्टिव लेते हैं, जो भी लोग जुड़ चुके हैं और लगभग। 250 के करीब लोग अभी जुड़े हुए हैं, तो फटाफट आप लोग लाइक कर सकते हैं। सर, स्वागत है आपका, पुनीत शर्मा जी और विनायक पाठक साहब। स्वागत है इसके अलावा बिंदास खानू सर का भी, और केम चटारिया जी। वॉल्यूम लो है, वेरी गुड इवनिंग। सर, आवाज क्लियर आ रही है क्या? सर, आवाज क्लियर है क्या? हर-हर महादेव। सर, स्वागत है पुनीत शर्मा जी का भी, और दीपक अग्रवाल सर, अमलेश कुमार झा जी, इसके अलावा आलू अरविंद सर का भी। सर, आवाज क्लियर है क्या? एक बार जय श्रीराम। सर, स्वागत तबीयत ठीक है? बिल्कुल, सर, थैंक यू। सर, चंद कुमार सर का भी स्वागत है। आवाज क्लियर है क्या? सर, आवाज क्लियर है क्या? एक बार आप लोग बता सकते हैं। हां, थोड़ा आवाज स्लो हो सकता है। वॉइस स्लो है, वॉइस स्लो है, सर। एक मिनट, देखता हूं। हेलो, आवाज क्लियर आ रही है क्या? सर, आवाज क्लियर है क्या? बता सकते हैं। क्लियर है सर के। कुछ लोग कह रहे हैं, क्लियर है। थैंक यू सर। थैंक यू। हां। हां, तबीयत तो ठीक है सर। अमलेश कुमार झा सर का भी स्वागत है। उम्मीद कर रहा हूं कि आवाज क्लियर होगी। देखिए सर, अभी ज्यादा स्पीड में बोलना तो संभव नहीं है, पर जो भी है, कोशिश रहेगी कि आप लोगों को क्लियर रहे और एक पर्स्पेक्टिव मिल सके। चलिए सर, सब लोग एक बार लाइक कर दीजिए। लगभग 250 लोग जुड़े हैं और केवल 506 लोगों ने लाइक किया है। देखिए, आज पूरे मार्केट की नजर इस बात पर है कि पॉलिसी में क्या निकल के आना है, और आप भी देख रहे हैं कि भारत के मार्केट में लगातार गिरावट का दौर जारी है। पिछले लाइव में भी हम चर्चा कर रहे थे कि जो फैक्टर्स हैं, मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहे हैं। निफ्टी भी लगातार जब 24,000 के नीचे चला गया था, तब संभावनाएं लग रही थीं कि मार्केट में नेगेटिविटी और बढ़ सकती है। है। बैंक निफ्टी भी ऊपर के लेवल पर टिक नहीं रहा था। जिस तरह से नेगेटिव खबरें आ रही थीं और खासकर जिस तरीके से इनफ्लेशन का डेटा पिकअप हो रहा था, भारत के अंदर भी इनफ्लेशन को लेकर लगातार चर्चा चल रही है कि आने वाले दिनों में भारत में रिटेल इनफ्लेशन 5% से ऊपर भी जा सकता है। तो ये सारे फैक्टर रहे हैं रिटेल इनफ्लेशन का डेटा। चलिए, पूरे ग्लोबल मार्केट के संकेत एक बार ले लेते हैं। भारत के अंदर भी आप जानते हैं कि जो रिटेल इनफ्लेशन का डेटा आया है, वह एक चिंता का विषय है क्योंकि हमारे यहां भी आरबीआई की पॉलिसी अगले महीने में, 5 से 7 अक्टूबर के बीच, आनी है। तीन दिनों की मीटिंग रहेगी। 7 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे, आरबीआई के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा जी आरबीआई की पॉलिसी का उद्घोषणा करेंगे। करेंगे। उस पे भी भारत के मार्केट की नजर रहेगी। पर अभी वहां पे टाइम है और भारत के अंदर रिटेल इनफ्लेशन और डब्ल्यूपीआई के डाटा अनाउंस हुए हैं। रिटेल इनफ्लेशन की बात करें तो वर्तमान में भारत का जो सीपीआई है, वह लगभग 4.82% पे आ गया है। आरबीआई का जो टारगेट है वह 4 से 6% का है। लोअर रेंज से लगभग 0.82% के आसपास ऊपर चल रहा है। तो इनफ्लेशन को लेकर स्वाभाविक है, भारत के मार्केट में भी चिंता है। और डब्ल्यूपीआई की अगर बात करें, तो ओवरऑल जो डब्ल्यूपीआई का इनफ्लेशन है, वह लगभग 10% के आसपास आ गया है। 9.92% के आसपास डब्ल्यूपीआई आया है, अगस्त 2026 के डाटा की बात कर रहे हैं। भारत का जो रिटेल इनफ्लेशन (सीपीआई) है, वह लगभग 4.82% है, और जो डब्ल्यूपीआई है, वह लगभग 9.92% है। कुल मिलाकर, इनफ्लेशन ऊपर की तरफ लगातार जा रहा है। इसके अलावा, भारत के अंदर..
10:56अपनी व्यापार घाटा की बात करें, तो जिस तरह से क्रूड ऑयल की कीमत ऊपर गई है। इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट का डेटा भी अनाउंस हो चुका है 15 तारीख को, मंगलवार को। भारत का इस बार का बैलेंस ऑफ ट्रेड का डेटा लगभग -26.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आसपास आया है। इसलिए वहां पर भी बहुत ज्यादा पॉजिटिविटी नहीं है। एक्सपोर्ट की बात करें, पिछली बार भारत का एक्सपोर्ट लगभग 44.2 अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास था। इस बार जो एक्सपोर्ट का नंबर है, वो लगभग 43.8 अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास है। तो एक्सपोर्ट में भी कोई बड़ा सुधार नहीं है। और इम्पोर्ट की बात करें, तो हमारा इम्पोर्ट लगभग 6 अरब डॉलर के आसपास घटा है। कुल मिलाकर, जो बैलेंस ऑफ ट्रेड है, उसमें थोड़ा सुधार दिख रहा है, लेकिन यह कोई पॉजिटिव फैक्टर नहीं है क्योंकि हमारा इम्पोर्ट 6 अरब डॉलर के आसपास कम हुआ है। पर एक्सपोर्ट में कोई मेजर चेंजेस आपको देखने को नहीं मिल रहे हैं। तो ओवरऑल जो बैलेंस ऑफ ट्रेड का डेटा है, वह भी मार्केट को कोई पॉजिटिवली सपोर्ट नहीं कर पाया है, जो मंगलवार को आया है। और भारत का रिटेल इनफ्लेशन का डेटा सोमवार को आया है। इसके अलावा, जो अगला मेजर डेटा भारत के अंदर आना है, वह शुक्रवार को 18 सितंबर को मिलेगा। शुक्रवार को भारत के बैंकों का लोन ग्रोथ और डिपॉजिट ग्रोथ का डेटा मिलना है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। पिछली बार हमने यहां पर थोड़ी गिरावट देखी है। इसके अलावा, भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का डेटा निश्चित रूप से ऑल टाइम हाई के आसपास है, लगभग 785.7 अरब डॉलर। भारत के रिजर्व में अच्छा सुधार देखने को मिला है, पर देखना होगा कि क्या इनफ्लेशन की चिंता आगे और बढ़ सकती है। अब सितंबर-अक्टूबर को लेकर कुछ एक्सपर्ट ये मान कर चल रहे हैं। भारत के अंदर अक्टूबर में आप जानते हैं कि एक फेस्टिव सीजन होता है। सितंबर और अक्टूबर से गणेश उत्सव के बाद नवरात्रि है, और दीपावली, क्रिसमस वगैरह में अच्छा खासा खर्चा देखने को मिलता है। कंजमशन बढ़ता है, तो उसके कारण भी कहीं न कहीं जो मनी फ्लो है वो मार्केट के अंदर फ्लो होता है। तो इनफ्लेशन बढ़ने का एक रिस्क रहता है। वैसे भी सितंबर से लेकर दिसंबर के महीनों में नॉर्मली इनफ्लेशन थोड़ा ऊपर की तरफ जाता है, और उसके पहले ही हम देख रहे हैं कि अगस्त का जो आंकड़ा है, वो लगभग 4.82% है, CPI का और WPI का जो आंकड़ा है, वो लगभग 9.92% है। तो भारत में भी लगभग इनफ्लेशन ऊपर की तरफ जा रही है। अमेरिका के अंदर भी अगर हम रिटेल इनफ्लेशन की बात करें, तो वर्तमान में 3.4% चल रहा है। वहां पे भी चिंता यही है कि जो फेडरल रिजर्व बैंक का टारगेट है 2%, उससे लगातार ऊपर चल रहा है। केविन वॉश लगातार इस बात को कह रहे हैं कि अभी भी हमारा मौजूदा मुद्रास्फीति का टारगेट हमने रिवाइज नहीं किया है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक का जो इनफ्लेशन का मैंडेट है, वह 2% का है। इसका मतलब है कि उनका टारगेट है कि मुद्रास्फीति 2% के आसपास ही रहे। लेकिन काफी समय से हम देख रहे हैं कि अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन 2% से ऊपर जा रही है। वर्तमान में अगस्त 2026 के आंकड़े के मुताबिक यह लगभग 3.4% के आसपास है। सितंबर का आंकड़ा अभी नहीं आया है। सितंबर का डाटा भी आने वाला है। अमेरिका में यह देखना बड़ा महत्वपूर्ण रहेगा कि सितंबर का डाटा क्या आएगा। अभी लगभग 15 मिनट का समय बचा है, और बाजार में काफी हलचल देखने को मिल सकती है। देखिए, अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन का डाटा बहुत महत्वपूर्ण रहेगा कि मार्केट कैसे प्रतिक्रिया देता है। चीजें पेट आउट हो रही हैं। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन का डेटा भी शुक्रवार को आपको देखने को मिलेगा। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति के अंदर भी संभावना है कि 25 बेसिस पॉइंट वहां भी बढ़ सकता है। तो एक तरफ तो अमेरिका में आज रात में संभावना है कि ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया जा सकता है। तो ग्लोबल स्तर पर हम देख रहे हैं कि इनफ्लेशन हर जगह पिकअप हो रहा है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ रही है, जापान में भी इनफ्लेशन पिकअप हो रहा है। अब इनफ्लेशन ऐसी स्थिति पर आ गया है कि वैश्विक स्तर पर, जिस तरीके से एक तरफ वेस्ट एशिया का क्राइसिस जारी है, रशिया-यूक्रेन का क्राइसिस भी जारी है। और अब एक और नया फ्रंट आपने देखा होगा, वह है सऊदी अरब और हूती के बीच का क्राइसिस। सऊदी अरब विश्व के सबसे बड़े कच्चे तेल के सप्लायर में से एक है। स्वाभाविक है कि एक अल्टरनेटिव रूट एक पाइपलाइन के माध्यम से भी बड़ी मात्रा में सऊदी अरबिया क्रूड ऑयल सप्लाई करता है, अलग-अलग देशों को। तो वहां पे भी कुछ इश्यूज चल रहे हैं। तो ग्लोबल स्तर पर क्रूड ऑयल की जो सप्लाई चेन है, जो क्रूड ऑयल की सप्लाई है, उसको लेकर लगातार डिसरप्शन आपको देखने को मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कुछ समय तक आपको क्रूड ऑयल की जो प्राइस है, वो ऊपर के लेवल पर देखने को मिल सकती है। तो अगर आप शॉर्ट टर्म बेसिस पर मार्केट को 15 दिन, 1 महीने के हिसाब से देख रहे हैं, तो ये एक बहुत नेगेटिव फैक्टर के तौर पर ऑपरेट हो रहा है। कई सारे ऐसे सेक्टर हैं जो क्रूड ऑयल से प्रभावित होते हैं, चाहे आप ऑयल सेक्टर की बात करें, टायर सेक्टर की बात करें, पेंट इंडस्ट्री की बात करें। भारत में फेस्टिव सीजन में पेंट इंडस्ट्री का वॉल्यूम..
14:50बदलाव हो रहा है। सेल्स वगैरह पिक अप हो रही है। पर जो क्रूड ऑयल का फैक्टर है, वो वहां पर एक इनपुट मटेरियल के रूप में उपयोग होता है। सिविल एब्ज़ार्डन सेक्टर में भी आपको प्रेशर देखने को मिल रहा है। क्रूड ऑयल एयर टर्बाइन फ्यूल में एक इनपुट मटेरियल के रूप में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, जो रिफाइनरी प्लेयर्स हैं, उनके लिए यह फायदेमंद चीज है, जो रिफाइन करते हैं। स्वाभाविक है। तो कहीं न कहीं, जो आपकी अपस्ट्रीम सेक्टर है क्रूड ऑयल के अंदर, उनके लिए यह चीज एक फायदेमंद साबित होती है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत ऊपर के लेवल पर चल रही है, और हम लगातार देख रहे हैं कि $90 के ऊपर प्रति बैरल क्रूड ऑयल पहुंच चुका है। लगातार ऊपर के स्तर पर देखने को मिल रहा है। तो वहां पर भी एक दृष्टिकोण आपके सामने रख रहा हूँ। लगभग 13 मिनट का समय बचा है, विस्तार में चर्चा करेंगे। करेंगे। कुछ आप लोगों के प्रश्न भी ले रहे हैं, और जो भी लोग जुड़ चुके हैं, आप सभी का स्वागत है। सर, आवाज वगैरह क्लियर आ रही होगी। वेरी गুড इवनिंग सर। स्वागत है। फिक्स द साउंड। साउंड तो फिक्स ही है। हेलो हेलो हेलो हेलो, आवाज क्लियर आ रही है क्या सर? अच्छा आप लोग एक बार बता सकते हैं कि यदि आवाज क्लियर आ रही हो। विनय पाठक साहब, देखिए, थोड़ा सा आवाज अभी स्लो रहेगी, हेल्थ इश्यूज के कारण, लेकिन यदि आपको आवाज क्लियर आ रही है, तो वॉइस वरी वरी लो, आवाज क्लियर हो। देयर विल बी फेड न्यूज एट 11:30। बिल्कुल सर, 11:30 बजे डिसीजन होना है। यदि आवाज क्लियर हो, तो एक बार आप लोग बता सकते हैं। इट्स वर्किंग नाउ। आई एम फाइन सर, थैंक यू, थैंक यू, थैंक यू सर। क्लियर है। पुनीत सर कह रहे हैं, बिल्कुल क्लियर है। लाउड एंड क्लियर है। चलिए सर, काफी लोगों को क्लियर है। आप अपने मोबाइल की आवाज भी थोड़ा बढ़ा सकते हैं। हैं। सेटिंग कर सकते हैं। हो सकता है वहां पे कुछ इशू हो। मेरी तरफ से तो आवाज क्लियर होगी। देखिए, क्रूड ऑयल का जो सर्वव्यापी रुख है, वह लगातार ऊपर की तरफ देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अगर हम ब्रेंड क्रूड ऑयल की बात करें, तो एक जोरदार तेजी वहां पर देखने को मिल रही है। स्पष्टता है। चलिए, सर, ज्यादातर लोग कह रहे हैं, हाँ, थोड़ा स्लो तो बोल रहा हूं
16:47देखिए, ससेक्स की कल एक्सपायरी भी है। यह बात आपको ध्यान रखनी है। कल ससेक्स का वीकली एक्सपायरी है। जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, और स्वाभाविक है, इतनी बड़ी इवेंट के बाद कई बार आपने देखा है कि मार्केट में बड़े गैप अप और गैप डाउन होते हैं। तो ये चीज़ आपको ध्यान रखनी है कि, क्योंकि ससेक्स की वीकली एक्सपायरी है, तो मार्केट में उस हिसाब से आपको एक दृष्टिकोण लेना चाहिए। उतार-चढ़ाव आपको सेंसेक्स के अंदर काफी कुछ देखने को मिल सकता है। कान जी परम सर, स्वागत है हमारे यूट्यूब कम्युनिटी सदस्य हैं। लगातार चैनल को सपोर्ट करते हैं। आप में से जो लोग भी यूट्यूब कम्युनिटी ज्वाइन करना चाहे तो लिंक आपको यूट्यूब चैनल पर मिल जाएगी। टेलीग्राम चैनल की लिंक नीचे दी हुई है। वहां पर क्लिक करके आप टेलीग्राम प्लेटफार्म ज्वाइन कर सकते हैं। हजारों लोग वहां पे जुड़े हैं, और जो भी लोग ज्वाइन करना चाहे तो टेलीग्राम चैनल की लिंक दी हुई है। वहां पर क्लिक करके आप टेलीग्राम प्लेटफार्म भी ज्वाइन कर सकते हैं। बहुत सारे महत्वपूर्ण अपडेट आपको लगातार वहां पर देखने को मिलते हैं। नीचे क्लिक करके टेलीग्राम प्लेटफार्म ज्वाइन कर सकते हैं। लगभग 550 से ज्यादा लोग जुड़ गए हैं। चलिए, अब डिटेल चर्चाएं शुरू कर रहे हैं और लगभग 10 मिनट का समय बचा है। 10 मिनट। के बाद में फेड का फैसला आने वाला है। डिटेल में चर्चाएँ करेंगे। उसके पहले एक पूरा ग्लोबल मार्केट का आउटलुक ले लेते हैं कि क्या सिचुएशन वहां पर चल रही है। तो सबसे पहले अगर हम देखें, डाऊ जॉन्स की बात करें, लगातार गिरावट का दौर जारी है। शॉर्ट टर्म बेसिस पर पिछले चार दिनों से आपको एक नेगेटिव ट्रेंड देखने को मिल रहा है। वीकली ट्रेंड भी नेगेटिव है। अभी अगर हम बात करें तो बिल्कुल फ्लैट है। स्वाभाविक है, अमेरिका के अंदर इतना महत्वपूर्ण इवेंट है। उसके पहले डाउ जॉन्स का जो मूवमेंट है, वो लगभग आपको फ्लैट साइड पर देखने को मिल रहा है। इन्ट्राडे बेसिस पर कोई भी मेजर मूवमेंट नहीं है। और 52,700 का मेजर रेजिस्टेंस है। तो जब तक 52,700 के रेजिस्टेंस के ऊपर नहीं निकलता, कोई मेजर रिकवरी यहां पर आने की संभावनाएं कम लग रही हैं। इसके बाद अगर हम Nifty की बात करें। टेक्नोलॉजी कंपनियों का इंडेक्स है अमेरिका में लगभग 200 पॉइंट से ज्यादा की तेजी। इसका स्वाभाविक है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, यानी चिप बनाने वाला सेक्टर, जो टेक्नोलॉजी सेक्टर का ही हिस्सा है, वहां पर आज यूएस में अच्छी खासी मजबूती देखने को मिल रही है। 16 सितंबर को अमेरिका में मॉनिटरी पॉलिसी के पहले लगभग 208 पॉइंट की तेजी आई है। तो, ओवरऑल, मार्केट में एक तरह का सकारात्मक ट्रेंड दिख रहा है। यूरोपियन मार्केट की बात करें तो सबसे पहले जर्मनी के डेक्स इंडेक्स की बात करते हैं, तो डेक्स लगभग 135 पॉइंट के आसपास पॉजिटिव चल रहा है। फ्रांस का CAC 40 भी लगभग 40 पॉइंट सकारात्मक है। इसके बाद एशिया की तरफ चलते हैं, तो जापान के फ्यूचर्स की बात करें, नेक्काई की तो यह भी लगभग 850 पॉइंट से ज्यादा ऊपर हैं। पॉजिटिव चल रहा है, और जोरदार तेजी आपको यहां पर देखने को मिल रही है। नीचे के लेवल पर जो मेजर सपोर्ट है, वह लगभग 62,700 के आसपास है। तो एक जोरदार तेजी आपको जापान के मार्केट में भी देखने को मिल रही है। इमीडिएट जो रेजिस्टेंस है, वह लगभग 65,400 के आसपास नजर आ रहा है। नेक पेई में और इसके बाद, अगर हम हांगकांग की बात करें, तो गिफ्ट निफ्टी बिल्कुल फ्लैट चल रहा है, कोई भी मेजर मूवमेंट नहीं है। हांगकांग में लगभग 45 पॉइंट के आसपास पॉजिटिव साइड पर है। तो कुल मिलाकर, ग्लोबल स्तर पर मार्केट पॉजिटिव साइड का सेंटिमेंट बना हुआ है। इसके बाद, अगर हम गिफ्ट निफ्टी की बात करें, तो गिफ्ट निफ्टी 510 पॉइंट प्लस या माइनस हो रहा है। स्वाभाविक है कि डाटा आने के बाद गिफ्ट निफ्टी में ये मूवमेंट और भी स्पष्ट हो सकता है, लेकिन अभी के जो भी मूवमेंट हैं, उनके हिसाब से। एक फ्लैट ओपनिंग की संभावना मार्केट में बन रही है, और कि डाटा आने के बाद में फेड चेयरमैन केविन वॉलेश की स्पीच रहेगी, उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी। तो स्वाभाविक है कि वहां आप कहीं ना कहीं संभावना देख रहे हैं कि मार्केट के अंदर काफी उतार-चढ़ाव आ सकता है, और आज का जो मूवमेंट है, वह काफी महत्वपूर्ण रहेगा। भारत के मार्केट में वैसे भी एक नेगेटिव ट्रेंड दिखाई दे रहा है। तो सबसे पहले, अगर हम क्रूड ऑयल की बात करें, तो देखिए, क्रूड ऑयल में जोरदार उतार-चढ़ाव जारी है। यदि आप इसे लंबी अवधि के चार्ट्स में देखेंगे तो बिलकुल साफतौर पर आप तेजी की संभावना देख सकते हैं। यह जो क्रूड ऑयल की तेजी है, आप लगभग देख सकते हैं कि नीचे के लेवल पर, $90 प्रति बैरल के बाद से, लगभग यह $20 प्रति बैरल की तेजी पर पहुंच चुका है, और फिलहाल यह $110 के ऊपर ट्रेंड कर रहा है। बैरल के आसपास तुरंत resistance है। अगर यह इसके ऊपर आज क्लोजिंग करता है, तो कल के हिसाब से भी थोड़ा और नेगेटिव हो सकता है। नीचे की तरफ जो मेजर सपोर्ट है, वह लगभग 100 से 112 डॉलर के बीच अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ब्रांड क्रूड ऑयल में देखने को मिल रहा है। आज जरूर लगभग 0.5% के आसपास की गिरावट है, लेकिन इसमें कोई मेजर पॉज़िटिव साइड पर इसको अपन नहीं ले सकते। अभी भी, अगर आज की भी बात करें तो, लगभग 108 डॉलर पर बैरल तक इंट्राडे बेसिस पर गया था, और अभी लगभग अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ब्रांड क्रूड अभी भी एक मजबूत स्थिति में देखने को मिल रहा है। तो पहला जो इंडिकेटर है, उसके अनुसार कल के हिसाब से थोड़ा नेगेटिव लग रहा है। अभी हम इन्हें लाइव मार्केट में भी देखेंगे। नीति के पहले, अगर हम बॉन्ड यील्ड की बात करें, तो यहां पर भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है, और लगभग 4.95% के आसपास। आसपास चल रहा है। ऑल टाइम हाई जो है, उसका लगभग पाँच के आसपास है। 5.02 के आसपास का यह हाई बना चुका है। तो लगभग 3 साल के उच्चतम स्तर पर है, अक्टूबर 2023 में अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड यील्ड्स 5.05 के आसपास चल रहे थे, और लगभग उसी लेवल के आसपास का मूवमेंट अभी सितंबर 2026 में देखने को मिल रहा है। 3 साल के उच्चतम स्तर पर, अपने करियर के बिल्कुल नए हाई पर, यदि बात करें तो 5.045 के आसपास हमने इसका एक ऑल टाइम हाई देखा है। यह आप देख सकते हैं कि 3 साल के महत्वपूर्ण resistance के ऊपर यह चल रहा है, और जैसी रैली इसके अंदर चल रही है। अगर यह और यहाँ से तेजी दिखाता है, तो अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड यील्ड्स के और भी बढ़ने की संभावना है, जिससे भारत जैसे उभरते हुए इक्विटी मार्केट में और भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स का निवेश स्थिर रहेगा, और उनका दृष्टिकोण लगातार नकारात्मक दिशा में हो सकता है। हम एफआईआई की बात कर रहे हैं। करें, एफपीआई की बात करें तो वो मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहा है। तो एक तरफ तो इंडेक्स के संकेत भी नेगेटिव लग रहे हैं। कल के आधार पर मार्केट के लिए अमेरिका के ट्रेजरी 10 साल के बॉन्ड डील के संकेत भी नेगेटिव दिख रहे हैं। इसके बाद अगर हम डॉलर इंडेक्स की बात करें, तो वो भी लगभग 100 के आसपास चल रहा है, और देखा जाए तो लगभग 99.75 के आसपास है। अगला जो मेजर रेसिस्टेंस है, वो 100 के आसपास है और नीचे का सपोर्ट लगभग 98.5 है। तो आज अगर अमेरिका की मौद्रिक नीति का असर देखें, तो दो संकेत हैं। एक, यह लगभग संकेत दे रहा है कि अमेरिका में आज ब्याज दरों में वृद्धि देखी जा सकती है। दूसरी बात यह है कि अगर यह नीचे की तरफ 98.5 के सपोर्ट को तोड़ता है, तो स्वाभाविक है कि मार्केट के लिए अधिक आरामदायक स्थिति बन सकती है, पर उसकी..
23:47संभावनाएं कम लग रही हैं। पिछले वीक से हम लगभग देख रहे हैं कि डॉलर इंडेक्स नीचे के लेवल पर कंसोलिडेट कर रहा है और अब यह ऊपर की तरफ 100 के resistance को पार करने की कोशिश कर रहा है। आज यदि इसकी क्लोजिंग अमेरिका की मौद्रिक नीति के बाद 100 के ऊपर होती है, तो अगला जो मेजर resistance है, वह लगभग 100.75 के आसपास देखने को मिल सकता है। तो डॉलर इंडेक्स के भी जो संकेत हैं, वे कल के मार्केट के हिसाब से नकारात्मक लग रहे हैं। इसके बाद, यदि हम USD/INR की बात करें, तो इससे पता चलता है कि भारत का रुपया अमेरिका के डॉलर के मुकाबले मजबूत हो रहा है या कमजोर हो रहा है। कुल मिला कर वीकली दृष्टिकोण काफी नकारात्मक है। एक समय ऐसा लग रहा था कि यह 94 के नीचे जा सकता है, पर आप देख सकते हैं कि 94 पर लगभग ट्रिपल बॉटम बना कर एक मेजर support आपको देखने को मिला है, जो अप्रैल 2026 के बाद से बना है। रुपया है कि 94 से ज्यादा मजबूती में नहीं आई है, और जैसे ही यह नीचे की ओर जाता है, रुपये मजबूत होता है। और जब यह चार्ट ऊपर की तरफ जाता है, तो डॉलर मजबूत होता है, क्योंकि यह डॉलर के रिस्पेक्ट में रुपy's का चार्ट है। तो यूएसडी आईआर के भी संकेत मार्केट के लिए, भारत के शेयर बाजार के हिसाब से, शॉर्ट टर्म बेसिस पर भी नेगेटिव लग रहे हैं, और एक नेगेटिव सेंटीमेंट आपको देखने को मिल रहा है। कुल मिलाकर, अगर हम आज के चारों इंडिकेटरों की बात करें, चाहे आप ब्रेंट क्रूड ऑइल की बात करें, डॉलर इंडेक्स की बात करें, अमेरिका के ट्रेजरी 10 ईयर बॉन्ड यील्ड्स की बात करें, इसका बैंकिंग और फाइनैंशियल सेक्टर पर काफी इंपैक्ट होता है। और अगर हम यूएसडी आईआर की बात करें, तो भारत की जो इंपोर्ट और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री है, आईटी सेक्टर है, फार्मा सेक्टर है, वहां पर एक अच्छा खासा...</user> अब इसका प्रभाव आता है। ओवरऑल चारों इंडिकेटर के जो संकेत हैं, वो मार्केट के हिसाब से शॉर्ट टर्म बेसिस पर नेगेटिव लग रहे हैं। कोई भी पॉजिटिव डेवलपमेंट यहाँ देखने को नहीं मिल रहा है। अब लगभग 4-प मिनट का समय बचा है। तो लगातार आप लोग जुड़े रहिए। हम देखते हैं कि क्या फैसला होता है। आपके सामने पूरा सीक्वेंस भी रखेंगे, क्या संभावनाएँ लग रही हैं, और पूरा देखेंगे कि डॉलर इंडेक्स वगैरह में क्या मूवमेंट हो रहा है। मार्केट में क्या डेवलपमेंट होता है, सबके ऊपर लगातार लाइव मार्केट में नजर डालेंगे कि क्या मूवमेंट हो रहा है। क्रूड ऑयल पर भी नजर रखेंगे। जो भी लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, चैनल को जरूर सब्सक्राइब करते चलें। लगभग 700-750 लोग अभी जुड़े हैं। आप सभी का स्वागत है। अमेरिका के अंदर मौद्रिक नीति लगभग 3 से 4 मिनट में आने वाली है। जो भी लोग। चैनल पे पहली बार आए हैं, अगर अभी तक आपने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो फटाफट पहले चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए। लिंक वगैरह भी शेयर करते चलिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चैनल के साथ जुड़ सकें। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, फटाफट आप चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। लिंक वगैरह शेयर करते चलिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चैनल के साथ जुड़ सकें। अमेरिका की मौद्रिक नीति में क्या संभावनाएँ लग रही हैं? इसकी चर्चा कर लेते हैं दो मिनट में। देखिए, लगभग संभावना यह लग रही है कि 25 बेसिस पॉइंट का इंटरेस्ट रेट में आपको इनक्रीस देखने को मिल सकता है। इसके कई कारण हैं। एक तो जो बॉन्ड ईल्ड्स हैं, वे लगभग पांच के आसपास आ गई हैं। जब भी अमेरिका में बॉन्ड ईल्ड्स तेजी से ऊपर जाती हैं, उससे आपको संकेत यही मिलते हैं कि आने वाले दिनों में ब्याज दरें..
26:31में आपको एक इन्क्रीस देखने को मिल सकता है। साथ ही साथ में डॉलर इंडेक्स भी यही संकेत दे रहा है। इसके अलावा, अगर हम बात करें तो महंगाई, यानी इनफ्लेशन का जो फैक्टर है, वह काफी महत्वपूर्ण फैक्टर है। वह भी लगभग यही संकेत दे रहा है कि अमेरिका में आने वाले दिनों में भी इनफ्लेशन थोड़ा यहां से पिकअप कर सकता है। कुछ एक्सपर्ट 3.65 से लेकर 3.75 तक की भी बात कर रहे हैं। वर्तमान में, 3.4% के आसपास अमेरिका का इनफ्लेशन खड़ा हुआ है। तो ऐसी स्थिति में, ज्यादातर संकेत यही दे रहे हैं। यह बात जरूर है कि अमेरिका के अंदर लंबे समय से जो हम बात कर रहे हैं, खासकर जब जेरॉम पॉवेल मई 2026 से पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन थे, और उस टाइम पर लगातार डोनाल्ड ट्रंप के साथ में जिस तरह के स्टेटमेंट रहे हैं। आपने देखा है कि लगातार ट्रंप साहब ब्याज दरों। में कटौती की बात कर रहे थे, पर जेरेम पॉवेल की तरफ से लगातार डेटाबेस ड्रिवन, डाटा सेंटरिक मौद्रिक नीति आपको यूएस के अंदर देखने को मिली। अब केबिन वॉश को लेकर चर्चाएं जरूर जोरों पर थी कि ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, पर जिस तरह का इकोनॉमिकल पैरामीटर है, क्योंकि देखिए, फेडरल रिजर्व बैंक के अंदर लगभग 12 वोटिंग सदस्य होते हैं। तो किसी एक सदस्य के लिए संभव नहीं है कि निर्णय को मुख्य रूप से प्रभावित कर सके। अलग-अलग जो गवर्नर्स होते हैं, उनके हिसाब से एक समिति बनती है। 12 उसमें वोटिंग सदस्य हैं और निर्णय भी सविचारित होते हैं। कई बार गैर-सविचारित निर्णय भी होते हैं। तो स्वाभाविक है कि हर सदस्य का, हर गवर्नर का अपना एक दृष्टिकोण होता है, और फेड चेयरमैन उसका नेतृत्व करते हैं। तो अब जिस तरह के फैक्टर्स और पैरामीटर सामने हैं। उसमें ऐसी स्थिति में पैरामीटर्स का अवॉइड करना संभव नहीं है। लगभग संभावना यह दिख रही है कि आज की मीटिंग में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है, अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है। उसके बाद मार्केट को चूंकि यह पहले से ही पता है, लगातार गिरावट देख रहे हैं, तो मार्केट स्वाभाविक है कि थोड़ा नकारात्मक रह सकता है। ब्याज दरें अगर बढ़ती हैं, तो मार्केट इस बात का भी इंतजार करेगा कि पीछे का कारण क्या है, और फेड चेयरमैन जेरोम पावेल इसकी क्या स्टेटमेंट देंगे। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी मार्केट की नजर रहेगी। इकोनॉमिक प्रोजेक्शंस पर भी ध्यान रहेगा। इंफ्लेशन को लेकर क्या प्रोजेक्शंस करते हैं, लिक्विडिटी की स्थिति क्या है, क्या लिक्विडिटी इनफ्यूजन से संबंधित कोई स्टेटमेंट आएंगे? जीडीपी को लेकर क्या..
28:32कहते हैं, अमेरिका में लेबर मार्केट की क्या स्थिति चल रही है। इन सारी चीजों पर भी मार्केट की नजर रहेगी। तो सबसे पहले फेडरल फंड रेट का निर्णय होगा 11:30 बजे। उसके बाद फेड चेयरमैन केमिन वाश की स्पीच होगी। उसके बाद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। महत्वपूर्ण प्रश्न वहीं रहेंगे, और उसके बाद में आर्थिक अनुमानों और स्टेटमेंट का पूरा ड्राफ्ट आपके सामने रहेगा। तो कुल मिलाकर लगभग एक से डेढ़ घंटे का महत्वपूर्ण वैश्विक इवेंट है। पूरा मार्केट काफी वोलटाइल होता है। अलग-अलग एसेट क्लासेस को भी देखेंगे, जैसे गोल्ड और सिल्वर में क्या हलचल चल रही है, वहां भी काफी उतार-चढ़ाव होता है, सामान्यतः मौद्रिक नीति के आसपास। तो अब किसी भी समय मौद्रिक नीति आ सकती है, और एक बार मौद्रिक नीति आने के बाद, सबसे पहले हम देखेंगे कि निर्णय क्या है। हुआ है और लगभग 900 के करीब लोग अभी जुड़े हुए हैं। तो आप सभी का स्वागत है। सर, थोड़ी देर में अमेरिका की मौद्रिक नीति की अपनी सबसे पहले चर्चा कर लेते हैं। जो भी लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, अगर अभी तक आपने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, तो नीचे टेलीग्राम चैनल की लिंक है। वहां भी आप क्लिक करके ज्वाइन कर सकते हैं। जैसे ही निर्णय आता है, तो सबसे पहले हम इसकी चर्चा करेंगे कि निर्णय क्या हुआ है। टेलीग्राम चैनल की लिंक नीचे दी है, वहां क्लिक करके आप ज्वाइन कर सकते हैं। अच्छा, देखिए निर्णय आ चुका है और ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट से बढ़ा दिया गया है। अमेरिका के अंदर देखिए, यह बिल्कुल एक्सपेक्टेड था। अब देख लेते हैं कि मार्केट में मेजर मूवमेंट क्या होता है। पर निर्णय आ चुका है। अमेरिका में इंटरेस्ट रेट को 25 बेसिस पॉइंट से बढ़ा दिया गया है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व का फेडरल फंड रेट। जो कि जनवरी 2026 से हम बात कर रहे हैं कि कैलेंडर ईयर सिस्टम अमेरिका में चलता है। जनवरी 2026 से सितंबर 2026 तक एक भी बार ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था। तो 2026 का पहला इंटरेस्ट रेट का परिवर्तन है, जो कि मार्केट के हिसाब से नकारात्मक लग रहा है। अमेरिका में लगातार इस बात को लेकर चर्चाएँ चल रही थीं कि क्या ब्याज दरों में कटौती की साइकिल शुरू हो सकती है। संभावनाएं कम लग रही हैं, जिस तरीके के फैक्टर्स हैं। लगातार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, वेस्ट एशिया क्राइसिस बढ़ रहा है, रूस-यूक्रेन के बीच भी तनाव बना हुआ है। इसका एक असर आप मार्केट में देख सकते हैं। तो फेडरल रिज़र्व ने फैसला कर लिया है और ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट से बढ़ा दिया है। जो नया..
30:47टारगेट रेंज है कि वह 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच होगी, तो आप समझ सकते हैं कि पहले यह 3.5 से 3.75 प्रतिशत था। फेडरल फंड रेट अब बढ़कर 3.75 से 4 प्रतिशत हो गया है, और जो टारगेट रेंज है, वह 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच में हो गया है। तो अमेरिका के अंदर इंटरेस्ट रेट को बढ़ाया गया है। इनफ्लेशन पर इसका क्या प्रभाव होगा? अब इन सारी बातों को देखते हैं। मार्केट पर क्या प्रभाव हो रहा है? तो निर्णय हो चुका है। अमेरिका में फेडरल मार्केट कमेटी का निर्णय आ चुका है। मार्केट में हलचल शुरू हो गई है। तो सबसे पहले हम एक बार पूरे देख भी लेते हैं कि अलग-अलग एसेट क्लासेस में अभी क्या प्रभाव हो रहा है। और अब आप देख सकते हैं, देखिए, मार्केट में जोरदार हलचल शुरू हो गई है। डुब जोंस आपके सामने हैं, और मार्केट ने पहले ही एक नकारात्मक ट्रेंड दिखाना शुरू कर दिया है, जो हम पहले ही बात कर रहे थे, कि यह स्वाभाविक है। मॉर्केट इसको नकारात्मक रूप से लेगा क्योंकि अमेरिका में लगातार चर्चाएं चल रही थीं ब्याज दरों में कटौती को लेकर, पर वैसा कुछ अभी आपको देखने को नहीं मिल रहा है, और उल्टा, अमेरिका में अब इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की साइकिल शुरू हो गई है। 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा करके अमेरिका में ब्याज दरों को 3.75% से बढ़ाकर 4% कर दिया गया है। इस खबर के परिणामस्वरूप जो जोरदार गिरावट शुरू हुई है, वह देखने को मिली है। लगभग पॉलिसी आने से पहले बाजार 52,170 के आसपास चल रहा था, और पॉलिसी के अनाउंसमेंट के बाद यह 52,175 पॉइंट तक गिर गया है। यह गिरावट अलग-अलग एसेट क्लासेस में देखी जा सकती है। देखिए, डॉलर इंडेक्स का मूवमेंट भी आपको बता रहा है कि मार्केट में किस तरह का उतार-चढ़ाव चल रहा है। ये जो कैंडल्स हैं, ये भी संकेत दे रही हैं कि ये कितना महत्वपूर्ण इवेंट है, और साथ ही साथ डॉलर इंडेक्स का भी प्रभाव मार्केट पर पड़ा है। तेजी से ऊपर गया है। यह हमारे कल के मार्केट के हिसाब से थोड़ा नकारात्मक लग रहा है। इसका इम्पैक्ट अभी हम गिफ्ट निफ्टी में भी देखेंगे। तो एक बार के लिए अलग-अलग एसेट क्लासेस में नीति (पॉलिसी) का जो अनाउंसमेंट हुआ है, उसका लाइव इम्पैक्ट देख लेते हैं। नीति आ चुकी है। जो भी लोग नए जुड़े हैं, फटाफट आप चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं। लगभग 1200 लोग अभी जुड़े हैं, तो लगातार आप लोग बने रहिए। और जो लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, फटाफट चैनल को भी सब्सक्राइब करते चलिए। लिंक वगैरह भी शेयर करते चलिए। नीचे टेलीग्राम चैनल की लिंक है, उसको भी आप कनेक्ट हो सकते हैं। देखिए, अमेरिका के अंदर मौद्रिक नीति (मॉनटी पॉलिसी) का सितंबर 2026 का अनाउंसमेंट हो चुका है। उसके जो मेजर हाईलाइट्स हैं, वो मैं आपके सामने रख रहा हूँ, और इवेंट के बाद का इम्पैक्ट क्या है, वो भी आपके सामने रखूंगा। रहा हूं। देखिए, जोरदार हलचल डॉलर इंडेक्स में आ रही है, और डॉलर इंडेक्स लगभग यह एक ऐसा इंडिकेटर था जो थोड़ा 100 के नीचे चल रहा था, जिससे मार्केट के लिए थोड़ा कंफर्ट प्रोवाइड कर रहा था। बाकी तीनों इंडिकेटर पहले ही मार्केट में एक रिस्की ज़ोन में चल रहे थे, एक रिस्क फैक्टर के रूप में भारत के मार्केट के लिए देखे जा रहे थे। और अब डॉलर इंडेक्स में देखिए, जोरदार तेजी देखी जा रही है। इससे लगभग संभावना है कि मार्केट में एक नकारात्मक ट्रेंड की स्थिति बन सकती है, क्योंकि जब भी डॉलर इंडेक्स में इस तरह की तेजी आती है, तो अचानक तेजी देखने को मिलती है। इसका नकारात्मक प्रभाव आपको सोने और चांदी में भी देखने को मिल रहा होगा। तो अभी हम इन सारी चीजों को पहले देखते हैं। सबसे पहले जो है, नकारात्मक प्रभाव आप डॉउनस के अंदर देख रहे हैं, लगातार नकारात्मकता बनी हुई है। इसके बाद में आप..
33:28डॉलर इंडेक्स में तेजी देखने को मिल रही है। एक बार के लिए हम पहले ब्रैंड क्रूड ऑइल भी देख लेते हैं कि वहां पर क्या इम्पैक्ट हुआ है, और ब्रैंड क्रूड ऑयल बिल्कुल साइडवेज है। वहां पर कोई मेजर इम्पैक्ट नहीं है। गोल्ड की तरफ चलते हैं, स्वाभाविक है, गोल्ड में एक डेवलपमेंट हो रहा है। आप देख सकते हैं, बड़ी गिरावट गोल्ड में है, और यह कई बार मैं आपको कांसेप्ट समझा चुका हूं। तो इसके अभी हम डिटेल में नहीं जा रहे हैं कि अक्सर जब भी डॉलर इंडेक्स में सडन तेजी आती है, तो गोल्ड में क्यों करेक्शन होता है। गोल्ड भी एक प्रकार से ग्लोबल ट्रेड में पहले एक इम्पोर्टेंट मीडियम था। डॉलर भी एक इम्पोर्टेंट ग्लोबल ट्रेड का इंस्ट्रूमेंट होता है। तो स्वाभाविक है, और गोल्ड का जितना भी मेजर ग्लोबल स्तर पर सेटलमेंट होता है, चाहे आप अमेरिका के अंदर हो या विश्व के अंदर। बड़े-बड़े गोल्ड फंड्स, जैसे GVR और सिल्वर के ईटीएफ फंड्स, तो ग्लोबल स्तर पर गोल्ड और सिल्वर का सेटलमेंट आमतौर पर डॉलर में होता है। तो एक यह नेगेटिव कोरिलेशन हमेशा माइंड में रखना चाहिए, और अचानक प्रभाव देखने को मिल रहा है। यह मैं भी आपको दिखाता हूँ। देखिए, गोल्ड एकदम नीति आने के बाद पहले 4370 डॉलर के आसपास खड़ा था, और अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। डॉलर वहीं स्थिर था, और यहां तेजी देखने को मिली है। यह कोरिलेशन आप यहां देख सकते हैं। इसके बाद अगर हम सिल्वर की बात करें, तो भी स्वाभाविक है कि एक नेगेटिव ट्रेंड नीचे की तरफ देखने को मिल रहा है। इसके बाद अगर हम बिटकॉइन की बात करें, तो वहां भी काफी हलचल हो रही है। वहां पर भी आप देख रहे हैं कि पॉलिसी के बाद में एक जोरदार तेजी आपको देखने को मिल रही है। बिटकॉइन में एक जोरदार मूवमेंट चल रहा था, बहुत बड़ी रैली हुई थी। अभी इसकी भी हम डिटेल में चर्चा करेंगे। अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड यील्ड पर यहाँ पर देखते हैं किस तरह का मूवमेंट देखने को मिल रहा है। काफी क्रिटिकल है, यह पांच के लेवल के आसपास चल रहा है। अभी लगभग 4.95 पर खड़ा है। तो इस पर भी हमें नजर बनाए रखते हुए देखना है कि यहां क्या डेवलपमेंट होता है, और [गला साफ करने की आवाज़] तो मॉर्नी नीति में मेजर जो इंपैक्ट है, वो डॉलर इंडेक्स पर आपको नजर बनाए रखना है। जैसा मैंने आपको बताया, ब्रेंट क्रूड ऑयल पहले ही $100 प्रति बैरल के ऊपर है, जब तक यह बना रहता है, हमारे मार्केट के लिए कॉन्फर्टेबल स्थिति नहीं रहती। यह कांसेप्ट हमने कई बार चर्चा की है। अगर आपको यह कांसेप्ट क्लियर है। यदि नहीं है तो पुराने वीडियो जाकर देख सकते हैं। दूसरी बात ये है कि जिस तरीके से गोल्ड और सिल्वर के अंदर अभी वो आ रही है। गोल्ड और सिल्वर में एक मोमेंटम डेवलप हुआ था। अभी टेक्निकल स्टेटस भी देखेंगे। तो लगभग 10 मिनट का समय अब हो चुका है। पॉलिसी आए हुए मार्केट धीरे-धीरे स्टेबलाइज होने की कोशिश कर रहा है। एक बार के लिए आप लोगों के प्रश्न भी ले लेते हैं। लगातार प्रश्न भी आप लोगों के आ रहे हैं। जो भी लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, चैनल को जरूर सब्सक्राइब करते चलें ताकि लगातार आप हमारे साथ कनेक्ट हो सकें, वीडियोस वगैरह देख सकें। लाइव सेशन जो आप लोग देख रहे हैं, उसको लाइक भी करते चलें, शेयर भी करते चलें। तो गोल्ड और सिल्वर के कांसेप्ट को हम समझ रहे थे कि वहां पे किस तरीके की हलचल हो रही है। देखिए, जिस तरीके से डॉलर इंडेक्स में जो राइज अभी चल रहा है, वह भी भारत के मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव फैक्टर के रूप में आप इसे देख सकते हैं, और अभी हम देख रहे हैं कि लगभग 100 के आसपास आ गया है। और आज अगर डॉलर इंडेक्स 100, जो कि एक साइक्लोजिकल असिस्टेंस भी है, टेक्निकल भी हम पिछले कई दिनों से, कई हफ्तों से देख रहे हैं कि डॉलर इंडेक्स यहाँ तक कि 98.5 तक चला गया था। वहां से थोड़ा मार्केट को कंफर्ट सपोर्ट मिला था। पर अब जिस तरीके से तेजी डॉलर इंडेक्स में आ रही है, यह भी मार्केट के हिसाब से नेगेटिव है। और अभी, जब हम बात कर रहे हैं, तो डॉलर इंडेक्स लगभग 99.85 के आसपास चल रहा है। अमेरिका के बॉन्ड डॉट्स भी लगभग पांच के आसपास खड़े हैं, जो कि पिछले 3 साल का रेजिस्टेंस है। तो अब, मार्केट को स्वाभाविक ही ये बात पता थी। चलिए, अभी गिफ्ट निफ्टी का भी मूवमेंट देख लेते हैं कि गिफ्ट निफ्टी में क्या चल रहा है। आप लोगों के प्रश्न भी..
37:22लगातार आ रहे हैं, और अभी लगभग 1100-1200 लोग जुड़े हुए हैं। 1350 के करीब लोग अभी जुड़े हुए हैं, 1400 लोग जुड़े हैं। तो देखिए, सर, प्रश्न आप लोगों के लगातार हजारों प्रश्न आ रहे हैं। पहले कांसेप्ट आपके सामने रख रहा हूं। हुआ क्या है कि मार्केट के अंदर जिस तरीके से एक सडन राइज आपको देखने को मिला है, उसका एक इम्पैक्ट आपको यहां पर देखने को मिल रहा है। जो सडन राइज मार्केट के अंदर आया है, उसमें सबसे बड़े फैक्टर्स के तौर पर जो मिडिल ईस्ट में क्राइसिस चल रहा है, अमेरिका-ईरान का जो क्राइसिस है, वह सबसे बड़ा ट्रिगर पॉइंट है। आप देख रहे हैं कि लगातार तीसरे राउंड में तनाव चल रहा है। रूस-यूक्रेन का मामला पहले ही मार्केट में डिस्काउंट हो चुका है। वहां पर भी तनाव लगातार जारी है। और अभी हाल ही में सऊदी अरबिया और हूती का पूरा मामला है, तो आपने देखा होगा कि सऊदी अरबिया और जो..
38:04हुती का पूरा मसला चल रहा है, यह मार्केट के लिए एक स्वाभाविक बात है। यह बहुत बड़े नेगेटिव फैक्टर के रूप में विकसित हुआ है। सऊदी अरब यदि आप ओपेक और ओपेक की इतिहास में जाएंगे, तो सऊदी अरब विश्व के सबसे बड़े क्रूड ऑइल सप्लायर्स में से एक है। ओपेक का मेंबर भी है। और जिस तरह से सऊदी अरब अल्टरनेटिव रूट के माध्यम से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए अलग-अलग देशों को क्रूड ऑइल सप्लाई कर रहा था, उससे जो स्टेट ऑफ फॉर्मूला का मसला था, उस पर काफी हद तक वहां पे मैनेजमेंट हो रहा था सप्लाई चेन को लेकर। अब सऊदी अरब का जो तनाव चल रहा है, यदि यह एक्सटेंड होता है तो क्रूड ऑइल की प्राइस कुछ एक्सपर्ट्स ये मान के चल रहे हैं कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इसकी कीमत $10 से $125 प्रति बैरल तक जा सकती है। वर्तमान में आपने देखा है कि जो तनाव अभी चल रहा है, क्रूड ऑइल के बाद लगभग $110 के आसपास का बैरल हाई बना है और अभी भी देखिए, $110 से नीचे नहीं गया है। आज की बात करें तो केवल 2% का करेक्शन हुआ है, और उसका कोई मेजर सिग्निफिकेंस नहीं है। कुल मिलाकर, जो शॉर्ट टर्म मार्केट का परिदृश्य बन रहा है, वहां पर कोई भी पॉजिटिव फैक्टर मार्केट के लिए इस समय नहीं है। अब यह बात जरूर है कि सितंबर-अक्तूबर में मार्केट के लिए क्या पॉजिटिविटी हो सकती है, इस पर हमें फोकस करना चाहिए। लगभग आप देख रहे हैं, आप 11-12 मिनट हो चुके हैं। पॉलिसी भी आ चुकी है, लेकिन उसके बाद भी अभी आपको मार्केट में कोई रिकवरी देखने को नहीं मिल रही है। मार्केट पहले ही इस खबर को नकारात्मक तरीके से डिस्काउंट कर चुका था। क्या है? सर्वे वगैरह पहले ही आ जाते हैं, अलग-अलग एजेंसियां सर्वे करती हैं, अलग-अलग एक्सपर्ट अपनी रिपोर्ट्स देते हैं। जाती है। तो लगभग मार्केट यह मान कर चल रहा था कि 25 बेसिस पॉइंट का इंक्रीमेंट मिलेगा, और जो टारगेट रेंज है, वो अब 3.5 से 3.75% से बढ़कर 3.75 से 4% के बीच में आ गई है। अमेरिका के अंदर भी ब्याज दरों में कटौती की बात अब काफी दूर है। ब्याज दरों को बढ़ाने की साइकिल शुरू हो गई है। और नॉर्मली जब भी इस तरह की साइकिल शुरू होती है, तो इसका असर दूसरे केंद्रीय बैंक पर भी होता है। जैसा मैंने आपको बताया, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति शुक्रवार को आनी है। इसके अलावा, कल बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति भारत के समयानुसार 4:00 बजे के आसपास आना है। तो यूरोपीय बाजार में भी हलचल हो सकती है। स्वाभाविक है कि जब फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को बढ़ाता है, तो ग्लोबल सप्लाई चेन और लिक्विडिटी पर प्रभाव पड़ता है। उसके ऊपर एक इम्पैक्ट होता है। पूरे वैश्विक स्तर पर जो इंटरेस्ट की चक्रवात है, वह कहीं ना कहीं उससे जुड़ी हुई है। इनफ्लेशन एक कंसर्न बना हुआ है। जापान के अंदर पहले भी कई बार Yen Carry Rate का एक अनुभव देख चुके हैं। जापान के अंदर ब्याज दरें एक समय पर 0% भी थीं। अब धीरे-धीरे बढ़कर अभी वर्तमान में जापान के अंदर जो इंटरेस्ट रेट है, वह 1% है। तो अगले, अगर हम महीने डेढ़ महीने के मार्केट के आउटलुक की बात करें, तो मार्केट के हिसाब से कोई पॉजिटिव ट्रिगर अभी मार्केट में नजर नहीं आ रहा है, और मार्केट अपने महत्वपूर्ण तकनीकी समर्थन के नीचे चल रहा है। तो स्वाभाविक है, यदि ऐसी स्थिति में कोई भी बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर नहीं निकलता है, तो मार्केट थोड़ा रेंज में जा सकता है। साइडवेज से नकारात्मक ट्रेंड आने वाले कुछ हफ्तों में आपको मार्केट के अंदर देखने को मिल सकता है। है। बात जरूर है कि फेस्टिव सीजन में कुछ आपको कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर है या कुछ जो आपके ऑटो सेक्टर के अंदर कुछ डेवलपमेंट होते हैं, जो कि एक प्रकार से एक सीजनल फैक्टर रहता है। और मार्केट में, यदि बात करें तो एक ब्रॉडर सेंटीमेंट की बात करें तो मार्केट का भी जो सेंटीमेंट है, तकनीकी, फंडामेंटल और इकोनॉमिकती तीनों साइड से कहीं न कहीं नकारात्मकता मार्केट के अंदर फ्लोट कर रही है। और जब तक जियोपॉलिटिकल स्तर पर, ग्लोबल स्तर पर, कुछ पॉजिटिव स्थिरता मार्केट में नहीं लौटती, तब तक मार्केट के अंदर कोई पॉजिटिव सेंटीमेंट डेवलप नहीं होंगे। इकोनॉमिक फंडामेंटल की बात करें तो इसकी संभावनाएं कम लग रही हैं, और लगातार आप लोगों के प्रश्न भी आ रहे हैं। हम अपनी कॉन्सेप्ट को भी डिस्कस करते चल रहे हैं। आपके प्रश्न भी लेने की कोशिश करता हूं, और ग्लोबल स्तर पर मार्केट में देखिए, कोई भी मेजर..
41:32इंप्रूवमेंट अभी भी आपको देखने को नहीं मिल रहा है। दाऊद जोस बिल्कुल फ्लैट है, लगभग दो पॉइंट नीचे चल रहा है। एनएसडीसी टेक्नोलॉजी सेक्टर के अंदर आज जरूर अमेरिका में एक अच्छी रिकवरी आई है, और भारत के अंदर भी ठीक-ठाक मार्केट रहा है। पर एक प्रकार की शॉर्ट कवरिंग रैली है। इंट्राडे बेसिस पर आप उसको शॉर्ट कवरिंग रैली के तौर पर देख सकते हैं, और अभी गिफ्ट निफ्टी लगभग 20 पॉइंट नीचे चल रहा है। तो गिफ्ट निफ्टी लगातार फ्लैट से नेगेटिव साइड पर उसके हिसाब से संभावना लग रही है कि मार्केट में थोड़ा नेगेटिव ओपनिंग कल आपको देखने को मिल सकती है। जहां तक दाऊद जोस की बात करें, बहुत ही फ्लैट है। एनएसडीसी 230 पॉइंट पॉजिटिव चल रहा है। यूरोपियन मार्केट में भी हलचल है, और बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रीष्य नीति के पहले एक्सपेक्टेशन पॉजिटिव साइड पर है। जापान का इंडेक्स लगभग 980 पॉइंट है। ग्लोबल स्तर पे जो संकेत हैं, वे मिलेजुले हैं, और गिफ्ट निफ्टी के जो संकेत हैं उसके हिसाब से लग रहा है कि भारत के मार्केट के अंदर आज जो एक शॉर्ट कवरिंग रैली आपको देखने को मिली है, क्या उसका फॉलोअप आपको इस वीक में देखने को मिलेगा। जैसी संभावनाएं कम लग रही हैं। टेक्निकलली मार्केट काफी ओवरसोल्ड है। ट्रेजरी में 24,000 के लेवल से लगभग निफ्टी गिरता गिरता 23,200 के ज़ोन में चल रहा है। वहां पे भी एक पर्सपेक्टिव अभी आपके सामने रखेंगे और उसकी भी लगातार चर्चा करेंगे। और भी जो इम्पॉर्टेंट पॉइंट है, एनएससी का IPO को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। उसको लेकर भी अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO भी काफी क्रूशियल है, और कल से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO भी ओपन हो रहा है। दिग्गज कंपनी है, भारत के अंदर आप जानते हैं। मतलब लगभग सालों से लोग… इंतजार कर रहे हैं, और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के बाद भारत का दूसरा स्टॉक एक्सचेंज है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, उसका आईपीओ 17 तारीख से खुल रहा है। तो अच्छी पैडिगरी है, जो बिजनेस मॉडल है, वो आपके सामने है। एक प्रकार से डोमेस्टिक ये पूरा एक सेगमेंट है, जहां पे BSC है, एनएससी है। तो स्वाभाविक है, एनएससी का जो वॉल्यूम है, वो काफी कई सेगमेंट में काफी ज्यादा है, और [गला साफ करने की आवाज़] इसके अलावा, मूल्यांकन वगैरह को लेकर भी ठीक-ठाक है, जो मार्केट के अंदर एक्सपेक्टेशन है। जो हम बात कर रहे हैं कि जो सिचुएशन है, तो उस हिसाब से अगर आप देखेंगे, तो मूल्यांकन पॉइंट ऑफ व्यू से भी कोई मेजर इशूज़ नहीं हैं। मूल्यांकन भी ठीक-ठाक है। इस तरीके की सिचुएशन है, तो स्वाभाविक है कि मूल्यांकन पॉइंट ऑफ व्यू से भी कोई विशेष वहां पे इशू नहीं है। और पैडिगरी आप जानते हैं। बिजनेस मॉडल को लेकर आपके पास क्लेरिटी है कि किस प्रकार का बिजनेस मॉडल है। तो वहां पर किस तरह की हलचल आती है, उस पर भी थोड़ा ध्यान देना पड़ेगा, क्योंकि जब भी आईपीओ मार्केट में, प्राइमरी मार्केट में इस तरीके का एक दिग्गज अगर आईपीओ आता है, तो उसका इंपैक्ट कहीं न कहीं आपको सेकेंडरी मार्केट के अंदर भी देखने को मिलता है। अभी केविन वॉश की थोड़ी देर में स्पीच शुरू होने वाली है। मार्केट वहीं का इंतजार कर रहा है कि स्पीच में क्या निकल के आता है। कुल मिलाकर, जो पोलिसी है, वह मार्केट के हिसाब से यदि देखें तो ब्याज दरों को बढ़ाया गया है। स्वाभाविक है कि इंटरेस्ट रेट का जो राइज है, जो वर्तमान सिचुएशनल कंडीशन को देखते हुए, इसमें ब्याज दरों को बढ़ाना, महंगाई को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। क्योंकि इंटरेस्ट रेट को घटाना या बढ़ाना..
44:09सिचुएशनल, आपको देखना पड़ता है कि अन्य पैरामीटर क्या चल रहे हैं। चाहे आप महंगाई की बात करें, जीडीपी की बात करें। खासकर अमेरिका में अगर आप मौद्रिक नीति को जानते हैं, तो वहां पर जो मजदूरी बाजार की स्थिति है, जो वहां पर आपका गैर-फार्म रोजगार परिवर्तन का डेटा है, वह काफी महत्वपूर्ण होता है। और यदि गैर-फार्म में मुख्य सुधार देखने को मिलता है, तो वह भी मौद्रिक नीति को प्रभावित करता है। बेरोजगारी दर का डेटा भी आपको अमेरिका में देखने को मिलता है। तो मजदूरी बाजार में चाहे आप गैर-फार्म रोजगार परिवर्तन की बात करें, औसत साप्ताहिक आय की बात करें, अनवकाली बेरोजगारी की बात करें, ये भी बहुत महत्वपूर्ण फैक्टर होते हैं। और इसके अलावा, वर्तमान संकट, जिस तरह से वैश्विक संकट चल रहा है, आगे वहां पर क्या स्थिति होगी? कोई नहीं नोज़। तो, वह भी एक क्रूशियल फैक्टर रहा है, जिसके कारण कहीं ना कहीं आपको यह डिसीजन देखने को मिला है। तो, अब स्वाभाविक है कि मार्केट इस बात का इंतज़ार करेगा कि इसके पीछे का संदर्भ क्या है। केविन वॉर्स जब लगभग 10 मिनट के बाद में उनकी स्पीच शुरू होगी, तो 12:00 बजे जब उनकी स्पीच शुरू होगी, तो मार्केट के अंदर इस बात पर होगी कि यह जो निर्णय हुआ है, इसमें किस तरीके से निर्णय लिया गया है। क्या इसके पीछे के मेजर फैक्टर रहे हैं, इकोनॉमिक पैरामीटर को लेकर, इकोनॉमिक जो प्रोजेक्शंस हैं, उनके स्टेटमेंट्स खासकर इनफ्लेशन को लेकर आने वाले दिनों में इनफ्लेशन की क्या ट्रेजेक्टरी रह सकती है? 2% का जो टारगेट है, क्या उसको रिवाइज किया जाएगा? आने वाले दिनों में इनफ्लेशन कहां तक पीक आउट हो सकती है? किस लेवल पर जाकर अमेरिका में। इनफ्लेशन के अमेरिका में भी रिटेल इनफ्लेशन 4% के ऊपर निकल सकती है। भारत में वर्तमान में जो रिटेल इनफ्लेशन है, वह 4.82% चल रही है। तो इन सारी चीजों पर स्वाभाविक है, मार्केट की नजर रहेगी और लगातार आप लोगों के प्रश्न भी आ रहे हैं। आप अपने प्रश्न भी रखते चलें। मैं थोड़ी देर में आपके प्रश्न लेने वाला हूं। निफ्टी, निफ्टी सर, लगभग 20 पॉइंट अभी नीचे चल रहा है। हां, लगभग निफ्टी 20 पॉइंट के करीब नीचे है। अभी ठीक है, आप देख सकते हैं कि डॉलर इंडेक्स लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है, और 100 के ऊपर भी यह निकलने की पूरी कोशिश कर रहा है। 99.8 के आसपास एक क्रूशियल लेवल को क्रॉस करने के बाद, एक जोरदार तेजी देखने को मिल रही है डॉलर इंडेक्स के अंदर। तो स्वाभाविक है कि इसका नकारात्मक प्रभाव आपको इक्विटी एसेट क्लास के अंदर देखने को मिल सकता है, खासकर भारत जैसे देशों में। इमर्जिंग इक्विटी मार्केट के लिए काफी नकारात्मक है, और डॉलर इंडेक्स काफी समय से, लगभग पिछले दो हफ्तों से, 100 के नीचे चल रहा था, और अभी यह भी लगभग 100 की तरफ जा रहा है। 100 के मेजर रेसिस्टेंस को टच कर रहा है, और आप ये देख सकते हैं। तो काफी बड़ी तेजी आज आपको यहां पे देखने को मिल रही है डॉलर इंडेक्स में। नीचे की तरफ अगर हम सपोर्ट की बात करें, तो जो इमीडिएट सपोर्ट है डॉलर इंडेक्स में, वो लगभग अब आपको 99 के आसपास और 98.5 के आसपास देखने को मिल रहे हैं। यदि इसको हम लॉन्ग टर्म बेसिस पे भी देखें, तो जैसा कि मैं बता रहा था, यह मार्केट के लिए काफी सपोर्टिव रहा है। जिस तरीके का यह करेक्शन रहा है डॉलर इंडेक्स में, वह गोल्ड और सिल्वर के लिए भी, जब करेक्शन फेस में जाता है, तो थोड़ा पॉजिटिव रहता है। लेकिन शॉर्ट टर्म बेसिस पे, अब यह पिछले हफ्ते से… रिकवरी आ रही है और उसमें लगभग यही है कि ब्याज दरों को जो बढ़ाने की संभावना थी, उसका एक इम्पैक्ट आपको डॉलर इंडेक्स के अंदर देखने को मिल रहा है। तो काफी इंटरेस्टिंग रहेगा आज की डॉलर इंडेक्स की क्लोजिंग, और यह आप देख सकते हैं कि लगभग 3 अगस्त 2026 के हिसाब से, यदि हम देखें तो लगभग 1.5 महीने से जो डॉलर इंडेक्स है, वह लगातार 100 के नीचे चल रहा था। थोड़ा मार्केट को कंफर्ट सपोर्ट प्रोवाइड करने का काम कर रहा था। यह केवल एक ऐसा इंडिकेटर था, जो मार्केट के लिए अभी बहुत बड़े रिस्क फैक्टर के तौर पर उभर नहीं रहा था। पर अब धीरे-धीरे अगर यह भी आज 100 के ऊपर निकल जाता है, तो मार्केट के लिए एक नेगेटिव फैक्टर के तौर पर उभर सकता है। तो एक जोरदार तेजी आपको यहां भी देखने को मिल रही है। और अब आप देख रहे हैं कि अभी लगभग 30 पॉइंट के आसपास नीचे पॉलिसी आने के बाद, लगातार आपको एक… नेगेटिव ट्रेंड में देखने को मिल रहा है। लगभग 150 पॉइंट से ज्यादा का करेक्शन इंट्राडे हाई से आपको यहां पर देखने को मिला है। और दिनों में भी अगर हम बात करें कि लगभग पिछले 5 से 7 दिन से यह पॉलिसी को डिस्काउंट कर रहा है। अगर आप पिछले एक हफ्त का ट्रेंड देखेंगे तो डाउ जोंस में भी लगभग 54,000 के लेवल से 2,000 पॉइंट का करेक्शन पिछले हफ्ते में आपको देखने को मिल चुका है। तो ऑलरेडी मार्केट को लगभग ये चीज पता थी कि ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता है, और अब डाउ जोंस बिल्कुल 100 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के सपोर्ट के आसपास खड़ा है, जो कि लगभग आपको 51,800 से 52,000 के ज़ोन में देखने को मिल रहा है। आज अगर यह 51,800 के नीचे स्लिप करता है, तो बड़ी नीचे के करेक्शन की संभावना बन सकती है। एक नेगेटिव स्पेस यहां पर ओपन हो सकता है। टेक्निकली भी ये लगभग..
50:09100 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के आसपास खड़ा है, जो कि एक नकारात्मक साइन है, और यह जो मेजर सपोर्ट है, यह लगभग 25 जून 2026 का है। आप कह सकते हैं कि लगभग 2 महीने के महत्वपूर्ण लेवल के सपोर्ट लेवल के नीचे गिरावट की स्थिति बनी हुई है, और जो संभावनाएं लग रही हैं, वे पॉजिटिव ट्रिगर नहीं हैं। अगर जो कमेंट्री और उसके बाद वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नकारात्मक विकास बनते हैं, तो स्वाभाविक है कि मार्केट और तेज़ी से रिएक्ट कर सकता है। अभी जो संकेत हमारे सामने हैं, उनके हिसाब से नीचे और नकारात्मकता देखने को मिल सकती है। अभी लगातार आप देख रहे हैं कि नीति आने के बाद मार्केट नीचे की तरफ बना हुआ है, और सोना और चांदी में भी काफी उतार-चढ़ाव हो रहा है। भारत के शेयर बाजार से संबंधित भी आप लोगों के प्रश्न लगातार आ रहे हैं। हैं। तो थोड़ी देर में मैं आपके वहां भी प्रश्न ले रहा हूं। चलिए सर, कुछ प्रश्न ले लेते हैं। देखिए, मार्केट के अंदर महेश साहब स्वाभाविक है कि एक नेगेटिव ओपनिंग की स्थिति बन रही है, जो आप कह रहे हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] मार्केट के अंदर स्वाभाविक रूप से एक नेगेटिव ओपनिंग की स्थिति बन सकती है। रेडी साहब, क्या कह रहे हैं सर? हेलो, आवाज क्लियर है क्या सर? एक बार आप लोग बता सकते हैं कि अगर आवाज क्लियर आ रही हो। देखिए, इंडिया के अंदर भी संभावना यही है, विराज साहब, कि जो अक्टूबर में 5 से 7 अक्टूबर 2026 को होने वाली RBI की अक्टूबर 2026 की मॉनिटरी पॉलिसी है, वहां भी संभावनाएं 25 बेसिस points की लग रही है, जो आपका अभी आकलन है। और स्थिति यह है कि भारत के अंदर रिटेल इनफ्लेशन की पिछले 5-6 महीने की ट्रेेक्ट्रि आप देखेंगे, लगातार ऊपर की तरफ जा रही है। भारत में रिटेल इनफ्लेशन लगभग आपका..
51:554.82% पहुंच गया अगस्त के महीने में और डब्ल्यूपीआई का डेटा लगभग 9.92% पहुंच गया है। स्वाभाविक है कि जो आपका सोचना है, उस हिसाब से स्थिति ठीक है, सर। बिल्कुल, सर। आवाज क्लियर है? क्या एक बार आप लोग बता सकते हैं, आरबीआई बिल्कुल। सर, छः से सात अक्टूबर 2026 में आरबीआई की पॉलिसी है, वहां पर भी ईंधरस्ट रेट को बढ़ाया जा सकता है। कानजी परम, सर, स्वागत है। चलिए, बिटकॉइन वगैरह का भी बताते हैं। क्रूड ऑयल के अंदर आज इन्ट्राडे बेसिस पर जरूर आपको नेगेटिविटी लग रही है, पर ओवरऑल जो ट्रेंड है, वह पॉजिटिविटी में है। देखिए, जहां तक गोल्ड को लेकर पर्सपेक्टिव है, गोल्ड के अंदर एक नेगेटिव ट्रेंड अभी आपको पॉलिसी के बाद में देखने को मिल रहा है। और डॉलर इंडेक्स अगर 100 के ऊपर निकलता है, तो और ज्यादा शॉर्ट टर्म बेसिस पर वहां पर थोड़ा प्रैशर रह सकता है। चलिए, बिटकॉइन की बात कर लेते हैं। बिटकॉइन का… लगातार पूछ रहे हैं सर, तो देखिए, बिटकॉइन के अंदर एक अच्छा मूवमेंट डेवलप हुआ था। अभी पॉलिसी आने के बाद आपको तेजी देखने को मिल रही है, और लगभग अभी 75,850 के आसपास खड़ा है। एक चीज़ आपको ध्यान रखना है, बहुत इंपॉर्टेंट सपोर्ट पर बिटकॉइन खड़ा है। और अगर आज यह 74,800 के नीचे स्लिप होता है, तो बिटकॉइन में और फंडामेंटल नेगेटिविटी आपको यहाँ पर देखने को मिल सकती है। तो 74,800 के नीचे अगर यह स्लिप होता है, तो फंडामेंटल नेगेटिविटी और ज्यादा देखने को मिल सकती है। 74,800 के आसपास मेजर सपोर्ट है, और टेक्निकल रेजिस्टेंस की बात करें तो लगभग $80,000 इमीडियेट रेजिस्टेंस के तौर पर बिटकॉइन पर देखने को मिल रहा है। आप देख सकते हैं, जोरदार वोलैटिलिटी है। एक तेजी यहाँ पर आई है, लगभग $240 के आसपास बिटकॉइन अभी पॉज़िटिव चल रहा है। और नीचे अगर 74,800 के नीचे स्लिप होता है..
53:29है, तो फिर यहाँ पर थोड़ा नेटगेटिव ट्रेंड आपको बिटकॉइन में देखने को मिल सकता है। इथेरियम की बात करें तो पॉलिसी के बाद में वहां पर क्या मूवमेंट चल रहा है, तो देखिए, इथेरियम में भी जो मेजर सपोर्ट है, वह लगभग 2350 डॉलर के आसपास है और अभी लगभग 2400 डॉलर के आसपास खड़ा है। नीचे और ऊपर की तरफ जो क्रूशियल रेजिस्टेंस है, वह लगभग 2565 डॉलर के आसपास देखने को मिल रहा है। तो अगर इथेरियम 2565 डॉलर के रेजिस्टेंस को क्रॉस करता है, तो और भी अधिक मजबूती देखने को मिल सकती है, और आज लगभग 6 प्रतिशत की तेजी है। तो ओवरऑल अभी पॉजिटिव ट्रेंड आपको पूरे क्रिप्टो मार्केट के अंदर नजर आ रहा है। सोलाना की बात करें तो वही स्थिति है, सोलाना में भी लगभग 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी है, और इमीडिएट जो इंट्राडे रेजिस्टेंस है। यह लगभग आपको $10 के आसपास देखने को मिल रहा है। सोलाना में $16 के आसपास का मेजर रेजिस्टेंस है, और नीचे जो सपोर्ट है, जहां पे 200-दिवसीय एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज भी देखने को मिल रहा है, वह लगभग आपका $92 के आसपास खड़ा है। तो जब तक ये $92 का सपोर्ट बनाए रख रहा है, कोई भी अतिरिक्त नेगेटिविटी आने की संभावना कम लग रही है। एक बार सोना और चांदी का पारस्पेक्टिव ही लेते हैं। लगभग 4 मिनट के बाद में फेट चेयरमैन केविन वॉस का एक महत्वपूर्ण भाषण होने वाला है, जिसमें भी जो भी महत्वपूर्ण पॉइंट्स होंगे, मैं आपको सामान्य शब्दों में समझाने की कोशिश करूंगा। अपडेट करूंगा। हमारा प्रयास है कि एक पारस्पेक्टिव आपके सामने आए। आज देखिए, मार्केट में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पहले ही हो चुका है कि अमेरिका में ब्याज दरों को बढ़ाने का चक्र शुरू हो चुका है। 2026 में पहली बार ईंधरस्त रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया गया है। वर्तमान में अमेरिका में जो ईंधरस्त रेट है, वो आपका 3.75% से बढ़कर 4% हो गया है। और जिसका टारगेट रेंज है, वो आपकी 3.5 से 3.75% से बढ़कर 3.75 से 4% के बीच मेंटेन है। जहां तक गोल्ड की पर्सपेक्टिव की बात करें, तो एक डिटेल पर्सपेक्टिव आपके सामने है। देखिए, गोल्ड में एक अच्छा मोमेंटम जनरेट हुआ था। एक शॉर्ट टर्म में आपको मोमेंटम दिख रहा था। पर अब जिस तरह से डॉलर इंडेक्स में तेजी आ रही है, करेक्टिव फेस में गोल्ड अभी आपको दिख रहा है और आज इंटरडे बेसिस पर भी काफी उतार-चढ़ाव है। नीचे का जो मेजर सपोर्ट है, वो लगभग आपका $4300 का है। तो अगर आज यह $4300 के नीचे क्लोज करता है, तो इंटरडे बेसिस पर हम एक नकारात्मक क्लोजिंग के तौर पर इसे देख सकते हैं। जहां तक ऊपर की तरफ तुरंत रेजिस्टेंस की बात है। करें तो इमीडिएट टेक्निकल रेजिस्टेंस आपको $4,500 इनायत के आसपास है। तो नीचे की तरफ $4,300 का समर्थन है और ऊपर की तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो मेजर रेजिस्टेंस है वह लगभग आपको $4,500 इनस के आसपास गोल्ड में देखने को मिल रहा है। आज काफी उतार-चढ़ाव है, और अगर डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर निकलता है, तो एक फर्दर नेगेटिविटी यहां पर डेवलप हो सकती है। सिल्वर भी नीचे की तरफ प्रेशर में है, लगभग 200 दिन और 100 दिन के एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज के नीचे चल रहा है। नीचे की तरफ जो मेजर टेक्निकल सपोर्ट है वह लगभग आपको $60 के आसपास सिल्वर में खड़ा है। तब तक सिल्वर $60 के ऊपर चल रहा है। कोई फर्दर नेगेटिविटी की संभावनाएँ कम हैं। $60 के समर्थन को अगर यह तोड़ता है, तो एक फर्दर नेगेटिव ज़ोन में जा सकता है। ऊपर की तरफ जो इमीडिएट रेजिस्टेंस है वह लगभग आपको $72 के आसपास है। सिल्वर में नीचे की तरफ $60 का सपोर्ट है और ऊपर की तरफ $72 का रेजिस्टेंस आपको यहां पर देखने को मिल रहा है। शॉर्ट टर्म बेसिस पर जो एक मोमेंटम जेनरेट हो रहा था, वह फिजल आउट हो चुका है। यह आप देख सकते हैं कि एक अच्छी रैली यहां पर जेनरेट हो रही थी, और अब यदि डॉलर इंडेक्स में इसी तरह की तेजी रहती है, तो सिल्वर के अंदर भी आपको थोड़ा प्रेशर देखने को मिल सकता है। जहां तक नेचुरल गैस की बात करें, देखिए, नेचुरल गैस में अमेरिका के अंदर जो वीकली स्टोरेज का डेटा है, वह कल आपको देखने को मिलेगा। नेचुरल गैस में एक अच्छा ट्रेंड यहां पर डेवलप हो रहा है। शॉर्ट टर्म बेसिस पर, एक राउंडिंग बॉटम पैटर्न का निर्माण हो रहा है। ऊपर की तरफ जो इंटरनेशनल मार्केट में रेजिस्टेंस है, वह लगभग 3.40 के आसपास है, और नीचे की तरफ 2.63 का इंटरनेशनल मार्केट में नेचुरल गैस का समर्थन है। मेजर सपोर्ट है। तो जब तक यह 2.63 के ऊपर चल रहा है, कोई फ Further negativity आने की संभावनाएं कम हैं। पर एक अच्छा टेक्निकल पैटर्न, एक अच्छी टेक्निकल रिकवरी अभी आपको देखने को मिल रही है। आज इंट्राडे बेसिस पर लगभग 2.45% की गिरावट है। कल का जो अमेरिका का लगभग रात 8:00 बजे जो डेटा आएगा, नेचुरल गैस स्टोरेज का, काफी महत्वपूर्ण रहेगा। तो नेचुरल गैस स्टोरेज का जो डेटा है, वह ट्रेंड के हिसाब से वैसे भी शॉर्ट टर्म बेसिस पर काफी महत्वपूर्ण रहता है। ये चीज़ आपको ध्यान रखना है। देखिए, डॉलर इंडेक्स में फिर आपको गिरावट देखने को मिली और यह 51900 का लो कर गया। तो नीति आने के बाद 52170 से, यदि आप देखें, तो लगभग 51,900 का स्तर है। लगभग 200 से 250 पॉइंट का करेक्शन नीति के बाद में देखा गया है, और नीति आने से पहले हमने बात की थी 35-40 पॉइंट की। पॉजिटिव था। अब लगभग 100 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट आपको DEX जॉस के अंदर लगातार देखने को मिल रही है, और डॉलर इंडेक्स में जो तेजी है, उससे हमारे मार्केट के अंदर भी नेगेटिव सेंटीमेंट कल आपको देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, आधे घंटे जो पॉलिसी के हैं, वो मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहे हैं। अगर हम इक्विटी मार्केट के पॉइंट ऑफ व्यू से बात करें, तो कमोडिटी में, यदि हम गोल्ड और सिल्वर जैसी धातुओं की बात करें, तो उनके भी पॉइंट ऑफ व्यू से नेगेटिविटी लग रही है। क्रूड ऑयल के अंदर आज इन्ट्राडे बेसिस पर थोड़ा करेक्शन है, लेकिन मेजर क्रूड ऑयल का टेक्निकल ट्रेंड शॉर्ट टर्म बेसिस पर अभी भी पॉजिटिव डाइरेक्शन में देखने को मिल रहा है। अब आप देख रहे हैं कि डॉलर इंडेक्स थोड़ी देर पहले हम बात कर रहे थे कि 100 के ऊपर जा सकता है, और अब यह लगभग 100 के ऊपर निकल गया है। पॉलिसी के बाद में देख रहे हैं आप कि देखिए, अभी लगातार गिरावट बढ़ रही है और अब स्पीच शुरू होने वाली है। लगातार आप लोग बने रहिए। जो भी लोग चैनल पर पहली बार हैं, अगर अभी तक आपने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, तो फटाफट आप चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं। हां, फटाफट आप लोग चैनल को भी सब्सक्राइब करते चलिए। जिन्होंने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, नीचे टेलीग्राम चैनल की लिंक है। तो वहाँ पे क्लिक करके आप टेलीग्राम प्लेटफार्म भी ज्वाइन कर सकते हैं। हजारों लोग वहाँ पे भी जुड़े हैं, इम्पॉर्टेंट अपडेट आपको वहाँ पे लगातार मिलते रहते हैं। तो जो भी इंटरेस्टेड है, वो भी आप ज्वाइन कर सकते हैं। हां, बिल्कुल, फेड का डिसीजन हो चुका है, और ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट का इंक्रीज हो चुका है, सर। ब्याज दरों को 25 बेसिस प्वाइंट से बढ़ाया गया है, तो जो भी लोग अभी नए जुड़े हैं, फेड चेयरमैन। केविन वॉश की थोड़ी देर में स्पीच शुरू होने वाली है। बड़ा इम्पोर्टेंट डेवलपमेंट है, वहां पे क्या चीजें निकल के आती हैं, उसके ऊपर भी मार्केट की नजर रहेगी। जो केविन वॉश की स्पीच है, काफी इम्पोर्टेंट है मार्केट के पॉइंट ऑफ व्यू से। अगर हम बात करें, तो आपको एक फैक्टर पता चलेंगे कि वर्तमान में क्या लग रहा है, फेड को आने वाले दिनों में इंटरेस्ट रेट का क्या सिनेरियो रह सकता है। साथ ही साथ में इनफ्लेशन को लेकर क्या सिचुएशन बन सकती है। इन सारी चीजों पे स्वाभाविक है, मार्केट की नजर रहेगी। तो उस पे भी हमें ध्यान देना है कि वहां पे क्या पर्सपेक्टिव बन रहा है, किस तरीके से सिनेरियो निकल कर आ सकते हैं, और थोड़ी देर में वहां पे स्पीच में क्या निकल के आता है, मैं आपके सामने रख रहा हूं। लगातार आप लोगों के प्रश्न भी आ रहे हैं, भारत के फाइनेंशियल मार्केट के अंदर भी। नेगेटिव ट्रेंड आपको पिछले कुछ दिनों से देखने को मिल रहा है। आज मार्केट में एक शॉर्ट कवरिंग रैली जरूर डेवलप हुई थी। ओवरऑल मार्केट काफी इंपॉर्टेंट लॉन्ग टर्म सपोर्ट्स के आसपास ट्रेड कर रहा है, और लगभग पिछले कई हफ्तों से हम देख रहे हैं कि मार्केट के ऊपर के लेवल पर आपको प्रेशर आ रहा है। ऊपर के लेवल पर मार्केट सस्टेन नहीं कर पा रहा है, लगातार वहां पर प्रेशर चल रहा है। अलग-अलग सेक्टर्स के अंदर रोटेशन हो रहे हैं। कोई भी बड़ा डोमेस्टिक पॉजिटिव ट्रिगर भी मार्केट को सपोर्ट नहीं कर पा रहा है। और जो जिओपॉलिटिकल फैक्टर्स हैं, जो ग्लोबल फैक्टर्स हैं, वे लगातार मार्केट के अंदर नेगेटिविटी विकसित कर रहे हैं। उसका अच्छा खासा नेगेटिव इम्पैक्ट आपको लगातार मार्केट के अंदर देखने को मिल रहा है। हां, केविन, आपकी स्पीच थोड़ी देर में शुरू होने वाली है। है। जो भी लोग नए जुड़े हैं, आप लोगों को उम्मीद कर रहा हूं कि आवाज वगैरह क्लियर आ रही होगी। लगभग 1000 लोग अभी भी जुड़े हुए हैं। तो बिल्कुल सर, देखिए, डॉलर इंडेक्स में बहुत तेज़ी आपको यहां पर देखने को मिल रही है। जिस तरीके की तेज़ी डॉलर इंडेक्स में चल रही है, तो स्वाभाविक है कि मार्केट का पर्सपेक्टिव बहुत ही नेगेटिव लग रहा है। जिस तरीके की तेज़ी अभी आप यहां पर देख रहे हैं, उससे मार्केट का जो पर्सपेक्टिव है, वह कल के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहा है, और बड़ी गिरावट देखिए, अब मार्केट में शुरू हो चुकी है। बहुत बड़ी गिरावट अब आप देख रहे हैं, ڈाऊ जॉस में शुरू हो गई है, जो हमने थोड़ी देर पहले भी समझाया था। अब आप देख सकते हैं, 52,175 पर ڈाऊ जॉस चल रहा था, लगभग वहां से 350-400 पॉइंट की बड़ी गिरावट अभी ڈाऊ جॉस में, अब आप देख सकते हैं, किस तरीके की बड़ी गिरावट। डाऊ जॉस में चल रही है, और मैंने आपको थोड़ी देर पहले ही सारे अलग-अलग एंगल से समझाया था कि मार्केट का जो ओवरऑल आउटलुक है, काफी नेगेटिव लग रहा है, और जिस तरीके की ये गिरावट हो रही है, उसका एक बड़ा नेगेटिव इम्पैक्ट आपको भारत के फाइनेंशियल मार्केट में भी अब देखने को मिल सकता है। डाऊ जॉस इंटरडे से, अगर हम बात करें, तो 52,175 के आसपास चल रहा था, और अब आ गया है 51,800 के क्रूशियल सपोर्ट पर, जो बहुत ही इंपॉर्टेंट सपोर्ट है। अगर यह सपोर्ट आज तोड़ता है, तो मैंने थोड़ी देर पहले ही बताया था कि अगर यह सपोर्ट तोड़ता है, तो एक बड़े करेक्शन की तरफ डुब जॉस जा सकता है। बिल्कुल 100 दिन के मूविंग एवरेज पर खड़ा है। यदि यह जो सपोर्ट है, 51,800, इसके नीचे स्लिप होता है, तो लगभग 1,000 पॉइंट का स्पेस यहां पे खुल सकता है। तो 1,000 का टेक्निकल स्ट्रक्चर बन रहा है। कॉम का काफी नेगेटिव लग रहा है। जिस तरीके का इवेंट है, नॉर्मली जब कोई भी टेक्निकल स्ट्रक्चर वीक साइड पर जाता है और उस समय अगर कोई बड़ा मै इवेंट है, यही हैसेंस की बात है, तो उसमें आपको एक बड़े सिग्नल मार्केट के अंदर देखने को मिलते हैं। और अब आप देख रहे हैं, लगभग 1000 पॉइंट के आसपास का स्पेस डाउनोज़ में नीचे की तरफ ओपन हो रहा है। इसका मतलब है कि ग्लोबल स्तर पर फिर से मार्केट एक बड़े सेल ऑफ की तैयारी कर रहा है। और अब आप देख रहे हैं, देखिए, बात करते-करते आपसे लगभग 500 पॉइंट के आसपास का करेक्शन ऊपर के लेवल से आप डब जॉस में देख चुके हैं। लगभग 310 पॉइंट अब डब जॉस टूट चुका है। गिरावट लगातार बढ़ रही है। यह आप देख सकते हैं, किस तरीके की गिरावट आपको डब जॉस में देखने को मिल रही है। और वही तेजी आपको डॉलर इंडेक्स में भी देखने को मिल रही है। इंडेक्स 100 लगातार ऊपर जा रहा है, और यह हमारे मार्केट के लिए कल काफी नकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। गोल्ड और सिल्वर के लिए भी शॉर्ट टर्म बेसिस पर काफी नकारात्मक संकेत दिख रहे हैं। आप देख सकते हैं कि डॉलर इंडेक्स में जो तेजी है, अमेरिका के बॉन्ड यील्ड्स भी धीरे-धीरे पांच की तरफ बढ़ रहे हैं। तो एक बड़ी गिरावट की तैयारी हो रही है, मार्केट धीरे-धीरे इसका संकेत दे रहा है। जो संकेत आपको मिल रहे हैं, वे भी बताते हैं कि मार्केट एक बड़ी गिरावट की तैयारी कर रहा है। हां, सर, सब लोग एक बार लाइक कर दीजिए। अभी लगभग 1000 लोग जुड़े हैं। मार्केट के अंदर स्वाभाविक है कि कल सेंसेक्स की एक्सपायरी है, इसलिए उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। मेजर लेवल्स भी हम चर्चा करेंगे। और देखिए, अब डाउनज स्ट्रक्चर में लगातार गिरावट बढ़ रही है। आप देख ही रहे हैं कि मार्केट में लगातार गिरावट बढ़ रही है। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, नीचे लिंक दी हुई है। आप चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं। आप यूट्यूब कम्युनिटी भी ज्वाइन कर सकते हैं। टेलीग्राम चैनल भी आप ज्वाइन कर सकते हैं। देखिए केविन वॉश की स्पीच और उनकी ओवरऑल कमेंट्री, यह काफी क्रूशियल है। लगभग 45 मिनट से 1 घंटे के बीच में ओवरऑल तस्वीर क्लियर हो जाएगी। पर अभी तक जो मौद्रिक नीति का आउटलुक है, मार्केट के हिसाब से काफी नकारात्मक लग रहा है। कोई भी पॉजिटिव पॉइंट या ऐसा कोई पॉइंट जिससे मार्केट में स्थिरता लौटेगी, इसकी संभावनाएं इतनी अधिक नहीं दिख रही हैं। तो अभी तक लगभग 40 मिनट हो चुके हैं नीति की घोषणा को और ओवरऑल मार्केट की चर्चा शुरू हो चुकी है। अलग-अलग एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट्स वगैरह, कई चैनल्स पर इंटरव्यू होते हैं, उसके बाद भी हम देख रहे हैं कि मार्केट में कहीं..
01:06:54सभी पॉजिटिव ट्रिगर अभी भी देखने को नहीं मिल रहे हैं। तो मार्केट एक स्वाभाविकात्मक तरीके से नेगेटिव ट्रेंड में चल रहा है। ग्लोबल स्तर पर लगातार गिरावट देखी जा रही है। लगभग 1100 लोग अभी जुड़े हैं। तो मैं आपको समझाने की कोशिश कर रहा था कि जो पॉलिसी का आउटलुक है, वह काफी हद तक मार्केट के हिसाब से नेगेटिव लग रहा है, और अमेरिका में ब्याज दरों को बढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया है। निफ्टी लगभग 20 पॉइंट नीचे है, अमेरिका के मार्केट में अब बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। वहां पर बंपर गिरावट हो रही है। देखिए, गिफ्ट निफ्टी अभी लगभग 45 पॉइंट के आसपास नीचे है, जबकि पॉलिसी आने से पहले गिफ्ट निफ्टी लगभग फ्लैट चल रहा था। 45 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट यहां देखने को मिल रही है। गिफ्ट निफ्टी लगभग 45 पॉइंट से ज्यादा नीचे चल रहा है, तो वहां भी गिरावट बढ़ रही है। है। ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट बढ़ रही है। कमोडिटीज के अंदर भी प्रेशर आपको पॉलिसी के बाद में देखने को मिल रहा है। बिटकॉइन वगैरह काफी वोलैटाइल है। ओवरऑल बिटकॉइन में उतार-चढ़ाव पिछले एक हफ्ते से आपको देखने को मिल रहा है। कोई मेजर ट्रेंड नहीं है। यह बात जरूर है कि $30,000 के लेवल से अगर आप बिटकॉइन को देखेंगे तो अभी भी वहां से लगभग $15,000 ऊपर चल रहा है। बिटकॉइन लगभग $30,000 के आसपास खड़ा है। तो डिजिटल एसेट के अंदर भी ओवरऑल पिछले दो महीने का ऑउटलुक पॉजिटिव ही रहा है। और इक्विटी मार्केट में, यदि हम पिछले दो महीने के फ्लो की बात करें, तो विदेशी निवेशकों का भी जो फ्लो है, वह मार्केट के हिसाब से उतना सपोर्टिव नहीं है। भारत के अंदर भी जो ओवरऑल फ्लो हैं, मार्केट के, उतने ज्यादा पॉजिटिव साइड पे देखने को नहीं मिल रहे हैं। सेकंड, मैं उम्मीद कर रहा हूं कि आवाज़ वगैरह आप लोगों को क्लियर आ रही होगी। आप लोगों के प्रश्न भी लगातार आ रहे हैं। देखिए, मार्केट के अंदर गिरावट जारी है। गिफ्ट निफ्टी में भी एक प्रेशर देखने को मिल रहा है, लगभग 45 पॉइंट से ज्यादा का करेक्शन हो चुका है। इसके अलावा, डिजिटल निफ्टी के अंदर जो कि इन्ट्राडे बेसिस पर पॉलिसी आने से पहले आपको पॉजिटिव साइड पर भी गिरावट बढ़ रही है। अब स्पीच और कमेंट्री इस पर जरूर मार्केट की नजर है, क्योंकि अगर वहां पर कुछ इनफ्लेशन वगैरह से रिलेटेड या पॉइंट ऑफ व्यू निकल कर आता है, इकोनॉमिक प्रोजेक्शंस होते हैं, स्टेटमेंट होते हैं, इनफ्लेशन के ऊपर क्या स्टेटमेंट आते हैं—वहां पर मार्केट की नजर रहेगी। ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) को लेकर क्या सिचुएशन है, लगभग जनवरी 2026 से जून 2026 तक का जो पहला हाफ इयरली आउटलुक है, वहां पर क्या रिलायंस। है? किस तरह की स्थिति आगे बन सकती है? लेबर मार्केट को लेकर क्या स्टेटमेंट रहते हैं केविन वॉश के? उस पर मार्केट की नजर रहेगी। वहाँ पर मार्केट कुछ पॉजिटिविटी देखने की कोशिश कर सकता है। पर अभी तक ओवरऑल लगभग 45 मिनट का समय हो चुका है। लगातार गिरावट का दौर पूरे ग्लोबल मार्केट में जारी है। डब जॉब में भी एक उतार-चढ़ाव आपको देखने को मिल रहा है। अब स्पीच का जो ओवरऑल आउटलुक है, वह मार्केट के हिसाब से काफी इम्पॉर्टेंट है। आप लोग लगातार बने रहिए और आपके प्रश्न भी थोड़ी देर में लेने वाला हूँ। भारत के मार्केट की भी चर्चा करेंगे। एक बार परिप्रेक्ष्य आपको पूरा स्पष्ट हो जाए कि क्या स्थिति मार्केट में चल रही है। फिर उसके बाद हम भारत के मार्केट की भी डिटेल में चर्चा करेंगे। जो भी लोग नए चैनल पर जुड़े हैं, नियमित बेसिस पर लाइव सेशन में आप 10:30 बजे के आसपास। कनेक्ट हो सकते हैं, और इसके अलावा ऑफलाइन वीडियो भी चैनल पर आपको देखने को मिलते हैं। जो लोग शॉर्ट वीडियो देखना चाहते हैं, 10 से 15 मिनट के ऑफलाइन वीडियो भी लगातार चैनल पर आते हैं। इंपॉर्टेंट कॉन्सेप्चुअल डिस्कशन पावर ऑफ मार्केट में हम लगातार करते हैं। कोई भी ग्लोबल इवेंट हो, मैक्रो इवेंट हो, मार्केट के मैक्रो फैक्टर्स हो, माइक्रो फैक्टर्स हो, ग्लोबल अर्थव्यवस्था में जियोपॉलिटिक्स में क्या चल रहा है, मार्केट को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, इसकी डिटेल चर्चा हम लगातार पावर ऑफ मार्केट पर लेते हैं। आपके मन में जो प्रश्न चल रहे हैं, जिज्ञासाएँ चल रही हैं, उनका भी उत्तर देने की कोशिश करते हैं और एक अलग एंगल से पूरे ग्लोबल अर्थव्यवस्था को समझने की कोशिश करते हैं कि एक ब्रॉडर पिक्चर मार्केट में क्या बन सकती है। आज के टाइम में जिस तरीके से जियोपॉलिटिकल इवेंट्स हो रहे हैं। हैं। मार्केट पर उतार-चढ़ाव आपको लगातार देखने को मिलता है। वह मार्केट की काफी ज्यादा रहती है। एकदम से मार्केट में करेक्शंस आते हैं, रिकवरीज़ आती हैं। तो इन चीज़ों को हमें दिमाग में लेके चलना है कि मार्केट में बहुत शॉर्ट टर्म आउटलुक हमें लेकर नहीं चलना चाहिए। थोड़ा एक मार्केट का आपका मिनिमम आउटलुक आपको लेकर कम से कम एक महीने का, 15 दिन से एक महीने का, मार्केट में मिनिमम बनाना चाहिए। क्योंकि दो दिन, चार दिन के आउटलुक में सडन अगर कोई ग्लोबल स्तर पर न्यूज आती है, अभी हम देख रहे हैं लगातार अलग-अलग फ्रंट पर टेंशन चल रही है। तो इन चीज़ों का भी इम्पैक्ट कहीं-न-कहीं मॉनिटरिंग पॉलिसीज के ऊपर है। और यह बात जरूर है कि मई 2026 के बाद जब केविन वॉश आए थे, तो मार्केट की एक्सपेक्टेशन बहुत ज्यादा थी, और उस एक्सपेक्टेशन में अमेरिका के मार्केट में जोरदार तेजी आई। आपको वहां पे देखने को मिली मार्केट। यह अपेक्षा लेके चल रहा था कि जो नए फेड चेयरमैन हैं, केविन वुड के और वहां पे ब्याज दरों में कटौती को लेकर ट्रंप साहब की तरफ से लगातार कहा जा रहा था कि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती होनी चाहिए, पर वो कटौती आपको वहां पे देखने को नहीं मिल रही थी। तो स्वाभाविक है कि मार्केट उस चीज को पकड़ने की कोशिश कर रहा था कि अमेरिका में किस तरीके से चीजें हो सकती हैं, खासकर ब्याज दरों से संबंधित जो बातें चल रही थीं कि वहां पे क्या स्थिति बन सकती है। इसको लेकर मार्केट की एक अंदरुनी अपेक्षा थी, और वो अपेक्षा भी मार्केट की उस तरीके से पूरी नहीं हुई है। और अब जिस तरीके से ब्याज दरों को बढ़ाया जा रहा है, उससे मार्केट में तनाव बढ़ रहा है। भारत के अंदर भी आप जानते हैं, 5 से 7 अक्टूबर 2026 को। आरबीआई की पॉलिसी आनी है और वहां भी अगर ब्याज दरों को बढ़ाने की स्थिति बन सकती है। हां, भारत के अंदर 5 से 7 अक्टूबर 2026 को आरबीआई की बैठक है। तीन दिनों की मौद्रिक नीति समिति की मीटिंग होगी। कल बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति भी क्रूशियल है। वहां भी ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता है। देखिए, बड़ा स्टेटमेंट यह निकल कर आ रहा है कि केविन वाश साहब की स्पीच लगातार जारी है। उनकी तरफ से यह कहना है कि जो इनफ्लेशन के ट्रेंड्स हैं, वह नॉट पासिंग दी टेस्ट। इसका मतलब यह है कि इनफ्लेशन को लेकर जो समिति की अपेक्षाएं हैं, उसके हिसाब से नंबर्स नहीं आ रहे हैं। जो फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के मेंबर्स हैं, उनके अनुसार आपको नंबर वहां पर देखने को नहीं मिल रहे हैं और बहुत कम बदलाव की अपेक्षा है। इसका मतलब यह है कि आने वाले दिनों में भी संभावनाएं लग रही हैं कि अमेरिका में इनफ्लेशन तेजी से नीचे की तरफ जाएगा, और यह फैक्टर भी कहीं न कहीं मार्केट के हिसाब से थोड़ा सा नकारात्मक साइड पर जा सकता है। तो फेड चेयरमैन केविन वॉश की स्पीच में जो भी महत्वपूर्ण पॉइंट्स हैं, आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा और आपको समझाने की भी कोशिश करूंगा। इसके अलावा, जो इनफ्लेशन है, उसको लेकर चेयरमैन साहब का यह कहना है कि अभी भी एलिवेटेड है। केविन वॉश की जो कमेटी है, उनका मानना है कि इनफ्लेशन अभी भी ऊपर के लेवल पर लगातार स्थिर कर रही है, रिटेन कर रही है। जिस स्थिति में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कम हैं, तो स्वाभाविक है कि वही चीज़ें आपको देखने को मिल रही हैं। इकोनॉमिकल कंडीशन, जीडीपी को लेकर पहले भी केविन वॉश की कमेटी का मानना था कि रिजिलिएंस स्ट्रेंथ अभी भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में देखने को मिल रही है। तो जब भी इस तरह की स्थिति होती है, यह भी..
01:14:47आपको संकेत करता है कि यदि आर्थिक स्थिति बनी रहती है तो समिति बहुत जल्दीबाजी में नहीं रहती। यदि अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है और मुद्रास्फीति बढ़ रही है, तो वहां पर एक कॉल की स्थिति बनती है कि आईडर यू हैव टू गेट दी स्ट्रॉन्ग योर इकॉनमी और इनफ्लेशन को आपको नियंत्रित करना है। तो अभी जो मुख्य फोकस समझ में आ रहा है, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी का, वह मुद्रास्फीति की ओर अधिक है। इसके अलावा, नौकरी मार्केट को लेकर भी बहुत जरूरी बातें हैं, जो लगातार आपके सामने रख रहा हूं। क्या बातें निकल कर आ रही हैं? कल जो बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति जारी होनी है, वह भारत के समयानुसार शाम को 4:30 बजे आएगी। इसमें आर्थिक अनुमानों, आर्थिक वक्तव्य, बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर या चेयरमैन की स्पीच और..
01:15:31उसके बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस। ये सारे इवेंट होने हैं। लगभग नौ मेंबर्स वहां पे बैंक ऑफ इंग्लैंड की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी होती है। भारत के अंदर आप जानते हैं, छः मेंबर होते हैं। तीन एक्सटर्नल और तीन इंटरनल मेंबर, छः मेंबर्स की भारत के अंदर कमेटी रहती है। और अमेरिका के अंदर जो वोटिंग मेंबर्स हैं वो 12 हैं। इसके अलावा, अगर हम इंग्लैंड की बात करें तो नाइं मेंबर्स की एक कमेटी है वहां पे। क्या संभावनाएं लग रही हैं? देखिए, इंग्लैंड के अंदर वर्तमान में जो ऑफिशियल बैंक रेट है, भारत के अंदर जो इंटरेस्ट रेट का बेंचमार्क है, उसको हम रेपो रेट के नाम से जानते हैं। अमेरिका में उसको फेडरल फंड रेट कहते हैं, और इंग्लैंड के अंदर ऑफिशियल बैंक रेट के रूप में भी जाना जाता है। कनाडा में इसी को ओवरनाइट रेट कहा जाता है। यह एक प्रकार का इंटरेस्ट रेट डिसाइड करने का बेंचमार्क होता है देश का अपना। तो इंग्लैंड के..
01:16:08अंदर जो ऑफिशियल बैंक रेट है, वर्तमान में वह 3.75% चल रहा है। स्वाभाविक है कि अभी की स्थिति में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 3.75% को यहां पर भी बढ़ाकर 4% किया जाएगा। तो कल जो बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है, वह शाम को 4:30 बजे आएगी, और अमेरिका में कल बेरोजगारी भत्ता, अनइंप्लॉयमेंट क्लेम का डाटा शाम 6:00 बजे जारी होगा। हाउसिंग सेक्टर के कुछ डाटा, जैसे बिल्डिंग परमिट और हाउसिंग कंस्ट्रक्शन स्टार्ट का डाटा भी आना है, साथ ही कमोडिटी मार्केट में नेचुरल गैस स्टोरेज का डाटा भी आने वाला है, जो कि थोड़ा बढ़ कर आ सकता है। सामान्यतः जब नेचुरल गैस स्टोरेज बढ़ता है, तो यह बाजार में कमजोरी के संकेत हो सकते हैं। पिछली बार यह डाटा लगभग 40 बी के आसपास आया था, इस बार लगभग 49 बी के आसपास आने की संभावना है। तो कल स्वाभाविक है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और साथ ही अमेरिका के महत्वपूर्ण रिलीसेज का प्रभाव बाजार पर देखने को मिल सकता है। इकोनॉमिकल डेटा आने वाला है, तो कल के मार्केट के हिसाब से बहुत ही महत्वपूर्ण रहेंगे। 17 तारीख की बात करें, तो भी जो महत्वपूर्ण पॉइंट्स निकलकर आते हैं, मैं आपके सामने रख रहा हूं। आप देख सकते हैं कि मार्केट में लगातार नेगेटिव संकेत हैं, हमारे मार्केट के हिसाब से। अभी भी डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर चल रहा है, और यदि आप देखें तो लगातार करेक्शन जारी है। डुब जॉस में लगातार गिरावट जारी है। आप लोगों के कुछ प्रश्न भी ले लेते हैं। हां, फैट चेयरमैन साहब की स्पेस चल रही है। बिल्कुल सर। अगला प्रश्न क्या है? डुब जॉस के अंदर अभी लगभग 250 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट है। लेकिन यदि आप इसे इनtra-day बेसिस पर देखेंगे तो लगभग 450 से 500 दिन का इनtra-day हाई है, जो 16 सितंबर का दिन का हाई था। पॉलिसी के पहले डुब जॉस लगभग 52,172 पर चल रहा था। वहां से लगभग आपको 450-500 पॉइंट का करेक्शन देखने को मिला। सुखबीर सिंह साहब, आपका स्वागत है, और विनोद कुमार जी का भी स्वागत है। देखिए, बैंकिंग सेक्टर के अंदर स्वाभाविक है कि जो मौद्नीटी पॉलिसीज़ हैं, वे सबसे ज्यादा असर डालती हैं, और जब भी इंटरेस्ट रेट में कटौती नहीं होती, और अगर ब्याज दरों को बढ़ाने की साइकिल शुरू होती है, तो बैंकिंग सेक्टर के लिए शॉर्ट टर्म बेसिस पर थोड़ा नकारात्मक होता है। क्योंकि उनके लोन वगैरह कम रिटर्न देते हैं, और लोग स्वाभाविक हैं कि जब ब्याज दरें उच्च रहती हैं, तो कम लोग लोन लेते हैं। तो बैंक के अंदर क्रेडिट ग्रोथ, यानी लोन ग्रोथ का डेटा, वहाँ पर एक नकारात्मक असर आता है। ग्लोबल स्तर पर भी और भारत में भी, जब आरबीआई की पॉलिसी आती है, और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, तो उसका असर भारत पर भी दिखाई देता है। के अंदर भी और अन्य केंद्रीय बैंकों जैसे कि बैंक ऑफ जापान की जो बात कर रहे हैं, शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान का जो पॉलिसी आना है, वहां पर भी आपको इसका एक इंपैक्ट देखने को मिल सकता है। हाँ, डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी जा रही है। अब देखिए, डॉलर फिर तेजी से नीचे की तरफ जा रहा है। केविन वॉर्स की स्पीच के बाद भी अब आपको लगातार यहाँ पर गिरावट देखने को मिल रही है। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, एक बार फटाफट आप चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं। मैं आप लोगों के प्रश्न भी लगातार ले रहा हूँ। टेलीग्राम चैनल का लिंक नीचे दिया है। वहाँ पर क्लिक करके आप टेलीग्राम प्लेटफॉर्म भी ज्वाइन कर सकते हैं। अब देखिए, एक बहुत बड़ा स्टेटमेंट आया है केविन वॉर्स का, जो इनफ्लेशन को लेकर मैंने अभी आपको समझाया था कि जो कमेटी मेंबर्स हैं, उनका यह मानना है कि इनफ्लेशन जो 2% के लक्ष्य के पास है। टारगेट उस डायरेक्शन में नहीं जा रही है। तो इससे संकेत यह है कि इनफ्लेशन ऊपर की तरफ़ जा रही है, क्योंकि जो टारगेट है वह 2% का है। वर्तमान में यह 3.4% चल रही है। तो केविन वाश की स्पीच में जो स्टेटमेंट निकल के आ रहे हैं, वे भी लगातार मार्केट के हिसाब से नेगेटिव लग रहे हैं और मार्केट एक नेगेटिव ट्रेंड की तैयारी कर रहा है। टेलीग्राम चैनल आप लोग सब्सक्राइब कर सकते हैं। नीचे लिंक दी, हजारों लोग वहां पर जुड़े हैं। जरूरी अपडेट, जानकारियां लगातार आपको लिंक वगैरह, वीडियोस, वेबिनार वगैरह की लिंक ये सब आपको वहां पर लगातार देखने को मिलती रहती हैं। देखें, रियलिटी सेक्टर की अगर बात करें तो थोड़ा फेस्टिव सीजन में डिमांड पिकअप हो सकती है, पर कोई मेजर रिवाइवल की संभावनाएं नहीं हैं, क्योंकि जिस तरीके से जितने भी इन्वेस्टमेंट सेंसिटिव सेक्टर हैं, जब भी ब्याज दरों को बढ़ाने की। साइकिल शुरू होती है, यानी इंटरेस्ट रेट राइजिंग साइकिल शुरू हो जाती है। तो चाहे ऑटो सेक्टर की बात करें, थोड़ा डिमांड के ऊपर नैगेटिव इम्पैक्ट आता है, तो शॉर्ट टर्म बेसिस पर स्वाभाविक है कि वहां भी थोड़ा प्रेशर देखने को मिल सकता है। देखिए, जहां तक गोल्ड के परफार्मेंस की बात करें, कुल मिलाकर अभी अगर हम डिमांड की बात करें, तो गोल्ड और सिल्वर के अंदर थोड़ी डिमांड इनक्रीस हुई है। पिछले 3 महीने का यदि आप डाटा देखेंगे, ग्लोबल स्तर पर यह बात जरूर है कि उसके पहले जनवरी 2026 के पहले जो मोमेंटम चल रहा था, वह लगभग खत्म हो चुका है। अब बाजार एक कंसोलिडेशन फेस में है। कोई मेजर नेगेटिविटी की स्थिति नहीं बन रही है, और कोई बड़ी रिकवरी भी वर्तमान में नजर नहीं आ रही है। यह बात जरूर है कि जो फंडामेंटल डिमांड है, उसमें पिछले 3-4 महीने में, जनवरी 2026 के बाद, थोड़ा बदलाव देखा गया है। डिमांड के अंदर भी गिरावट हुई थी, और कई विश्व के बड़े-बड़े केंद्रीय बैंक, गोल्ड और सिल्वर के रिजर्व वगैरह बना रहे थे। वहां पर अब कुछ हद तक क्रिप्टो मार्केट के अंदर डिजिटल एसेट्स भी बढ़े हैं, और इसके अलावा उस तरीके से डिमांड नहीं पिक अप हुई, एक प्रेशर रहा है। पिछले 6-8 महीनों से उबर और गोल्ड और सिल्वर के अंदर जनवरी 2026 के बाद से आपको एक प्रेशर देखने को मिल रहा है। तो अभी भी वहां पर कोई एकदम रैपिड रैली की शुरुआत नहीं हो रही है। इसकी संभावनाएं कम लग रही हैं, और मार्केट एक साइडवेज़ zone में दिखाई दे रही है। पर यह बात जरूर है कि आज जो डॉलर इंडेक्स में तेजी अभी देखने को मिल रही है, उसका एक अच्छा खासा नेगेटिव इंपैक्ट वहां पर देखने को मिल सकता है। यह चीज ध्यान रखना है। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया, फटाफट आप चैनल को भी सब्सक्राइब कर लें। सब्सक्राइब कर सकते हैं। नमस्कार सर। तयत तो ठीक है, सर। मुझे नहीं लगता कि इंडियन मार्केट में अभी पॉजिटिवनेस आ रही है। एक करेक्शन फेस में चल रहा है, तो मुझे नहीं लग रहा कि पॉजिटिविटी है। इंडियन मार्केट में आपको अभी पॉजिटिव लग रही होगी, लेकिन मार्केट करेक्शन फेस में है। अब आप देख सकते हैं, देखिए डाउ जॉन्स में जोरदार गिरावट जा रही है, आपके सामने ही बंपर गिरावट शुरू हो गई है। आप देख सकते हैं, अमेरिका के मार्केट में जोरदार गिरावट जारी है, और लगभग फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के बाद, मैंने आपको भी बताया था, लगभग 1 घंटे हो गए हैं, मार्केट एकदम क्रैश हो रहा है। जब डाउ जॉन्स बिल्कुल फ्लैट था, तभी मैंने आपको बताया था कि जो संकेत हैं, वो मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहे हैं। और यदि आप अभी देखें, तो डाउ जॉन्स लगभग 450-500 पॉइंट से अधिक नीचे गिर रहा है। गिरावट लगातार बढ़ती जा रही है। डाउ जॉन्स में अभी। गिरावट बढ़ रही है। डॉलर इंडेक्स उतनी ही तेजी से ऊपर जा रहा है। डॉब जॉस के अलावा, यदि आप बात करें तो गोल्ड में भी प्रेशर बढ़ रहा है। आप देख सकते हैं कि गोल्ड भी बिल्कुल लो प्वाइंट पर खड़ा है, और सिल्वर की बात करें तो वहाँ भी आपको एक प्रेशर देखने को मिल रहा है। सिल्वर में भी गिरावट बढ़ रही है। इसके अलावा, यदि हम स्टैंडर्ड और पुअर्स 500 की बात करें, तो वहां भी आपको अच्छा खासा प्रेशर देखने को मिल रहा है। बड़ी गिरावट वहाँ भी बढ़ रही है, और यूरोपियन मार्केट पर भी नीति के बाद थोड़ी गिरावट आई है। तो बहुत बड़ी गिरावट आपको नीतिके बाद देखने को मिल रही है, और मैंने भी बताया था कि देखिए, मार्केट बहुत तेजी से नीचे जा रहा है। आप देख सकते हैं कि यह बहुत महत्वपूर्ण समर्थन के नीचे जाने की कोशिश कर रहा है, जो कि 51,500 के आसपास है। यदि 51,500 के नीचे यह स्लिप होता है, तो… लगभग यहां से 700-800 पॉइंट का स्पेस ओपन हो सकता है। बिल्कुल, तो मार्केट में अमेरिका का मार्केट एक बड़े करेक्शन की शुरुआत कर रहा है, और लगभग 500 पॉइंट के आसपास अब नीचे जा रहा है। जिस तरीके की आज नीति आई है, जैक्स वॉश की स्पीच के साथ जैसे-जैसे स्पीच आगे बढ़ रही है, मार्केट में जोरदार गिरावट हो रही है। तो जैक्स वॉश की स्पीच के बाद मार्केट में आपको बंपर गिरावट देखने को मिल रही है। आप देख रहे हैं, बड़ी गिरावट मार्केट में चल रही है। बहुत बड़ी गिरावट आपको अब देखने को मिल रही है। लगातार गिरावट बढ़ रही है और डॉलर इंडेक्स उतनी ही तेजी से ऊपर जा रहा है, जो कि हमारे मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव है और इसका एक बड़ा नेगेटिव असर भी आप भारत के फाइनेंशियल मार्केट में देख सकते हैं। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, वे नीचे लिंक दी हुई है। अभी तक आपने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है। रेगुलर बेसिस पर आप हमारे साथ कनेक्ट हो सकते हैं। 10:30 बजे के आसपास लाइव सेशन शुरू होता है। 1 से 2 घंटे की क्लासेस रहती हैं। एफओएमसी की जो मीटिंग है, वो थोड़ी लंबी चलती है। डिस्कशन लगातार चल रहे हैं। अभी आप देख रहे हैं, सीरीज़ ऑफ़ इम्पोर्टेंट ग्लोबल इवेंट्स सामने आ रहे हैं। पहले एफओएमसी की जो दो दिनों की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग थी, वो 16 और 17 तारीख को दो दिन की मीटिंग अमेरिका में होती है। भारत के अंदर मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिन की मीटिंग रहती है। अमेरिका में दो दिन की मीटिंग के बाद, 12 वोटिंग मेम्बर्स होते हैं फेड के अंदर। उनके डिसीजन में यह हुआ है कि 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की गई है। अब केविन वॉरशिप की तरफ से, इनफ्लेशन को लेकर जो चिंता जताई गई है, उसके बाद मार्केट के अंदर एक बड़ा सेल ऑफ देखने को मिल रहा है क्योंकि इससे अब यह लग रहा है। रहा है कि आने वाली जो अमेरिका के अंदर मौद्रिक नीतियां हैं, वहां भी कहीं न कहीं हो सकता है कि आप ब्याज दरें बढ़ते हुए देख सकते हैं। तो वह मार्केट को अभी एक चिंता सता रही है। अमेरिका के अंदर जो अगली फेडरल रिजर्व की नीति आनी है, उसमें थोड़ा मार्केट को चिंता सता रही है। अगली अमेरिका में जो फेड नीति है, वह आपको 27 या 28 अक्टूबर 2026 के आसपास देखने को मिलेगी। उसके बाद, इस साल की फाइनल और आखिरी नीति अमेरिका में 8 से 9 दिसंबर 2026 को देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर, अक्टूबर और दिसंबर में दो नीतियों की घोषणा होगी। और अक्टूबर में ही आप जानते हैं कि 5 से 7 तारीख के बीच भारत के अंदर भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होने वाली है। यह बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है। हां सर, मैं आपके प्रश्न भी ले रहा हूं। आप स्पीच में। से भी इंपोर्टेंट पॉइंट बता रहा हूं। एक जोरदार गिरावट आपको अमेरिका के मार्केट में देखने को मिल रही है। बंपर गिरावट, चौतरफा गिरावट है। आज गोल्ड के अंदर भी गिरावट है, सिल्वर के अंदर भी गिरावट है। अब निफ्टी भी धीरे-धीरे नीचे की तरफ जा रहा है। अब देखिए, निफ्टी लगभग 90 पॉइंट के आसपास नीचे हो गया है। गिरावट बढ़ रही है, निफ्टी में भी। हाँ, लगभग 90 पॉइंट के आसपास निफ्टी नीचे चला गया है। अब देखिए, 115 पॉइंट लगातार गिरावट हो रही है, और निफ्टी में भी। गिफ्ट निफ्टी लगभग 500 पॉइंट नीचे है, और गिफ्ट निफ्टी लगभग 115 पॉइंट नीचे है, जिससे बड़ी गैप डाउन ओपनिंग की तैयारी मार्केट कर रहा है। गिफ्ट निफ्टी में भी गिरावट लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे फेड चेयरमैन के बयान की स्पीच बढ़ रही है, गिफ्ट निफ्टी में लगातार गिरावट बढ़ रही है। है, संकेत काफी ज्यादा नेगेटिव हैं। मार्केट एक नेगेटिव तैयारी कर रहा है। बड़ी गिरावट के लिए आपको तैयार रहना चाहिए। मार्केट की जो स्थिति बन रही है, उसमें एक बड़ा सेलऑफ़ आपको मार्केट के अंदर देखने को मिल सकता है। हां, मार्केट एक बड़ी गिरावट की तरफ बढ़ रहा है आगे। अच्छा, देखिए किविन वॉश की तरफ से अब ये कहा जा रहा है कि इनफ्लेशन के कारण जो अमेरिका के लेबर्स हैं, वर्कर्स हैं, उनकी जो टेक होम सैलरी है, उसका जो नेट इम्पैक्ट है, वहां पर कमी आपको देखने को मिल रही है। इसका मतलब यह है कि जब भी महंगाई बढ़ती है, किसी भी देश में, तो जो आपकी परचेसिंग पावर है, वो कम होती है। स्वाभाविक है कि चीजें महंगी हो जाती हैं। तो वो एक नेगेटिव इम्पैक्ट है, जो कंजमशन होती है, जो आपकी परचेसिंग पावर है, अमेरिका के कंज्यूमर्स की, वहां पर एक नेगेटिव इम्पैक्ट देखने को मिल रहा है। है। और ये इकॉनमी के हिसाब से थोड़ा नेगेटिव है कि ओवरऑल जो नेट वैल्यू है, जो नेट परचेसिंग पावर है, अमेरिका के कंज्यूमर्स की, वहां पे गिरावट देखने को मिल रही है। तो ये भी कहीं न कहीं एक कारण है, और जिस तरीके से बॉन्ड ईल्ड्स में तेजी बढ़ रही है, उससे भी ओवरऑल इक्विटी मार्केट के अंदर आपको एक प्रेशर देखने को मिल सकता है। तो केविन वॉश की तरफ से अभी तक इस स्पीच में जो पॉइंट निकल कर आए, लगातार स्पीच जारी है, और लगभग आधा घंटे का समय हो चुका है। केविन वॉश की स्पीच के बाद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस रहेगी, वो भी बड़ी इम्पॉर्टेंट है। प्रश्न भी लगातार वहां पे चल रहे हैं। तो कुल मिलाकर, लगभग 1 घंटे से ज्यादा का समय अमेरिका की मॉनिटरी पॉलिसी के बाद में हो चुका है, और मार्केट में कोई भी रिकवरी के संकेत नहीं हैं। ग्लोबल स्तर पे, चाहे आप यूएस मार्केट की बात करें, गिफ्ट निफ्टी की बात करें, लगातार गिरावट का दौर जारी है। आप देख सकते हैं, लगातार मार्केट में प्रेशर चल रहा है। कहीं भी अभी तक कोई रिकवरी के संकेत नहीं मिल रहे हैं। बिल्कुल सर, अगला प्रश्न क्या है आपका, सर? देखिए, सेंसेक्स की अगर बात करें, तो ओवरऑल ट्रेंड नेगेटिव डाइरेक्शन में है। आज एक शॉर्ट कवरिंग रैली जरूर देखने को मिली है, पर अभी कोई मेजर रिकवरी के संकेत नहीं हैं। जिस तरीके के अभी निफ्टी के संकेत हैं, उसके हिसाब से मार्केट में एक नेगेटिव ओपनिंग संभव है। अभी निफ्टी लगभग 115 से 120 पॉइंट नीचे चल रहा है। तो मार्केट के संकेत देखते हुए, अभी कोई भी पॉजिटिविटी नहीं दिख रही है। हां, मार्केट के संकेत लगातार नेगेटिव ही प्रतीत हो रहे हैं। लगातार नकारात्मकता देखने को मिल रही है। बिल्कुल, एक सेकंड सर, केविन वॉर्स की स्पीच में और भी कुछ फैक्टर्स निकल कर आ रहे हैं। जैसे, इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर जरूर अभी भी जो कमेटी है, वो काफी पॉजिटिव है। और अमेरिका के अंदर, यह बात जरूर है कि जीडीपी की जो ओवरऑल कंडीशन है, अभी तक 2026 में, जितनी भी आप स्पीच की बात करें, आज की फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की बात करें, तो जीडीपी के फ्रंट पे कोई मेजर नकारात्मकता अभी भी यहां पर देखने को नहीं मिल रही है। और क्या होगा? देखिए, क्रूड ऑइल की अगर बात करें, तो ओवरऑल क्रूड ऑइल का शॉर्ट टर्म ट्रेंड है, वो लगातार पॉजिटिव साइड पर है। आज जरूर आपको इंटरडेज बेसिस पर थोड़ा सा करेक्शन देखने को मिला है, पर उसका कोई मेजर इम्पैक्ट नहीं है। और टोटल, जो क्रूड ऑइल का मामला है, उसको आपको तीन भागों में देखना है: पहले आधार, सऊदी अरब और अन्य का जो..
01:35:09मामला है कि अगर वहां पे कुछ स्थिरता लौटती है, तो स्वाभाविक है कि वह थोड़ा सा मार्केट के हिसाब से एक मेजर डेवलपमेंट है। दूसरी बात करें, तो आपको अमेरिका और ईरान का जो मामला है, वहाँ पे भी नजर बनाके चलना है। वह भी एक क्रूशियल फैक्टर के तौर पर आप देख सकते हैं। काफी मार्केट के लिए महत्वपूर्ण है। और तीसरा, जो मामला रूस और यूक्रेन का है, उसके भी यदि कुछ सकारात्मक विकास होता है, या कोई बातचीत होती है, या कोई संकेत निकलते हैं, तो मार्केट के लिए एक सकारात्मकता के तौर पर हो सकता है। पर उसका कोई मेजर नेगेटिव इंपैक्ट अभी देखने को नहीं मिल रहा है, क्योंकि आप जानते हैं कि लगभग चार से पांच साल से वह चीज चल रही है। रूस और यूक्रेन के मैटर को मार्केट लगभग डिस्काउंट कर चुका है। तो वहाँ पे यदि कोई मेजर सकारात्मक बात निकल कर आती है, तो वह थोड़ा..
01:35:57मार्केट के लिए सपोर्टिव हो सकता है। नेगेटिव साइड पर वहां पर कोई बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है। अभी जो सऊदी अरब का हालिया मामला है, उसके कारण जरूर ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की सप्लाई में डिसेप्शन का इम्पैक्ट देखने को मिला है। और जिस तेजी से यह $110 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, यदि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ता है तो यह $120 से $125 पर बैरल की तरफ जा सकता है। तो अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अगर क्रूड ऑइल की कीमत इसी तेजी से ऊपर जाती है, तो मार्केट के लिए काफी नेगेटिव हो सकता है। भारत के कई सेक्टर्स पर भी इसका नेगेटिव प्रभाव देखने को मिल सकता है। तो जो आपका क्रूड ऑइल का प्रश्न है, उसमें स्वाभाविक रूप से मजबूत ऑवेरऑल स्ट्रेंथ देखने को मिल रही है। चलिए, सेंसेक्स और निफ्टी वगैरह की भी चर्चा करते हैं। चर्चा कर लेते हैं। केविन वाश आपकी स्पीच को आपको थोड़ा समझाने की कोशिश कर रहा था। जिन्होंने अभी तक टेलीग्राम चैनल ज्वाइन नहीं किया है, नीचे लिंक दी हुई है। वहां पर क्लिक करके आप ज्वाइन कर सकते हैं। देखिए, आप देख रहे हैं कि डॉलर इंडेक्स लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है। यह जो संकेत है, मार्केट के लिए बहुत नेगेटिव लग रहे हैं। अब डॉलर इंडेक्स बिलकुल हाई पर खड़ा है, लगभग 100.25 के आसपास है। पिछले कुछ दिनों से जोरदार तेजी चल रही है, और आज की FOMC पौलिसी के बाद आप देख सकते हैं कि जोरदार बुलिश ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है डॉलर इंडेक्स में। और यह बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र के ऊपर निकल रहा है, जो हमारे मार्केट के लिए काफी नेगेटिव संकेत है। अगला जो मेजर रेजिस्टेंस है, डॉलर इंडेक्स में, वह 100.75 है, और उसके बाद यह फिर से 102 की तरफ जा सकता है। तो अब जिस तेजी से यह 100 के ऊपर जा रहा है। निकल रहा है यह बाजार में एक और नए नकारात्मक फैक्टर के तौर पर विकसित हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से, यहां तक कि पिछले हफ्तों से, हम देख रहे थे कि डॉलर इंडेक्स काफी मजबूत था। पर आज जोरदार तेजी देखने को मिली, जो लगभग 100.25 के ऊपर निकल गया है, जबकि नीति के पहले यह 100 के नीचे था। अब आप देख रहे हैं, इंट्राडे बेसिस पर डॉलर इंडेक्स में आज काफी बड़ी तेजी है, और उससे ही इतनी ही बड़ी गिरावट फिर डॉलर जॉब्स के अंदर देखने को मिली। गिरावट लगातार बढ़ रही है। लगभग 700 पॉइंट की गिरावट हुई जब यह बिल्कुल फ्लैट और पॉजिटिव चल रहा था, जब मॉनिटरी पॉलिसी नहीं आई थी। उस समय हम कह रहे थे कि सेंटीमेंट काफी नकारात्मक लग रहा है, स्थिति नकारात्मक है। और अब देखिए, लगभग 750 पॉइंट नीचे आ चुका है। धीरे-धीरे यह बहुत महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के नीचे चला गया है। आपको थोड़ी देर पहले भी बताया था। जो लोग चैनल से जुड़े हैं, वे लोग चैट में लिखकर बता सकते हैं। अब देखिए, यह 100 दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के भी नीचे चला गया है, और यह सपोर्ट कोई एक दिन का सपोर्ट नहीं था। लगभग 25 जून 2026 से लेकर जुलाई, अगस्त, सितंबर, इन तीन महीनों के सपोर्ट के नीचे अमेरिका का मार्केट अब चला गया है। बहुत बड़ी गिरावट की तरफ यह जा रहा है। अगर यहां से बात करें, तो लगभग अभी भी 700-800 पॉइंट का स्पेस नीचे की तरफ दिख रहा है। क्योंकि अगला जो मेजर सपोर्ट है, वह लगभग आपको इस लेवल के आसपास, 50,700 के आसपास दिख रहा है, और अभी 51,400 के आसपास चल रहा है। तो लगभग यहां से 700 पॉइंट का स्पेस नीचे का खुला है। कई बार अभी भी, बात करें तो पौने 9:45 बजे हैं, और 950 लोग अभी भी जुड़े हैं, तो आप सभी का दिल से धन्यवाद है। लगातार आप लोग जो है, अपना समर्थन बनाए रखते हैं। लगभग पिछले 10 दिन से हमारी लाइव सेशन नहीं हो पा रही थी। मेडिकल कारणों के कारण लगभग पिछले 10-11 दिन से, लेकिन आप लोगों का सपोर्ट लगातार बना रहा। बहुत सारे लोगों के मेल आए और आप लोग कमेंट वगैरह भी कर रहे थे। तो कुल मिलाकर, ग्लोबल मार्केट एक बड़े सेल ऑफ की तैयारी कर रहा है और जो स्थिति है, धीरे-धीरे एक्विटी मार्केट के लिए शॉर्ट टर्म बेसिस पर काफी नेगेटिव साइड पर जा रही है। कोई भी बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर अभी मार्केट में नहीं दिख रहा है। और आप देख रहे हैं कि बिल्कुल डाउ जोन्स लगातार नीचे गिर रहा है, जिसे कंटिन्यूअस फॉल कहते हैं। फॉलिंग नाइफ की तरह यह लगातार नीचे की ओर जा रहा है। आप देख रहे हैं कि अब किस तरह की बड़ी गिरावट डीना में देखने को मिल रही है, और अब लगभग 725 से ज्यादा पॉइंट नीचे हो गया है। 11:30 के बाद, अगर आप देखेंगे, तो यहां पर..
01:40:5952175 चल रहा था। 52175 से लगभग, आप कहें तो अब 800-900 पॉइंट इन्ट्राडे हाई से टूट चुका है, और क्लोजिंग बेसिस पे भी लगभग 750 पॉइंट के आसपास अब नीचे लगातार गिरावट बढ़ रही है। सब लोग एक बार लाइक कर दीजिए, जो लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, अगर अभी तक आपने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, फटाफट आप चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं। देखिए, 750 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट हो चुकी है। जोरदार गिरावट हो रही है यूएस मार्केट में। कैन वॉश की स्पीच के कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट आपके सामने रख रहा हूं। स्पीच लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी है। कुल मिलाकर, स्पीच और प्रेस कॉन्फ्रेंस से भी मार्केट में कोई स्थिरता लौटने की संभावना कम है, जिस तरह के स्टेटमेंट इन्फ्लेशन को लेकर आए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन्फ्लेशन को लेकर जो प्रश्न पूछे गए उससे चिंता मार्केट को यह सता रही है। रही है कि 2026 में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं लगभग मार्केट को नेग्लिबल लग रही हैं। खासकर अक्टूबर की मीटिंग की बात करें। अमेरिका में अब 2026 कैलेंडर ईयर में केवल दो मीटिंग बची हैं। एक मीटिंग आपकी, जो अक्टूबर महीने में होनी है, और दूसरी दिसंबर के पहले सप्ताह में। तो दोनों मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती होगी। इसकी संभावनाएं बहुत कम लग रही हैं, और इनफ्लेशन को लेकर अभी भी कमेटी का मानना है कि अमेरिका में जो इनफ्लेशन है, उसका 2% के टारगेट की तरफ पहुंचना काफी कठिन अभी लग रहा है। अभी टेंपरेरी टर्म पर और जिस तरह का क्राइसिस चल रहा है, उससे आने वाले दिनों में इन्फ्लेशन और बढ़ सकती है, 3.7% से 3.8% की तरफ भी जा सकती है। तो बड़ी गिरावट अमेरिका के मार्केट में हो रही है, और मुझे लगता है कि इसका बहुत बड़ा नकारात्मक प्रभाव भारत के मार्केट पर भी पड़ेगा। में भी सेल ऑफ के देखिए, बंपर गिरावट चल रही है। रुकने का नाम नहीं ले रही। आप देख सकते हैं, लगातार गिरावट है और मैंने आपको बहुत पहले बताया था कि अभी से ज्यादा गिरावट के संकेत हैं। कोई भी मेजर रिकवरी आने की पॉसिबिलिटी कम है। लगभग जो मेजर सपोर्ट है, वह यहां से 650 से 700 पॉइंट नीचे है। और अगर वह सपोर्ट भी ब्रेक होता है, तो जल्दी ही 500 तक की भी गिरावट, यहाँ से 1500 पॉइंट की भी गिरावट हो सकती है। इससे पूरे ग्लोबल मार्केट में एक नेगेटिव ट्रेंड नजर आ सकता है। और डॉलर इंडेक्स, आप देखिए, लगातार अब 100 के ऊपर चल रहा है। 11:30 के बाद से लगातार 100 के ऊपर है, और इतनी ही बड़ी प्रेशर आपको सोना और चांदी में भी देखने को मिल सकती है। सोने की बात करें, तो देखिए, लगातार निगेटिविटी है। इसके अलावा, चांदी में भी गिरावट हो सकती है। चांदी की बात करें, तो वहाँ भी गिरावट हो सकती है। है, और अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड ईल्ड्स की बात करें, वहां भी आपको एक तेजी देखने को मिल रही है, लगभग पांच के ऊपर चला गया है। जहां डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर चल रहा है, अमेरिका के बॉन्ड ईल्ड भी तेजी से पांच के ऊपर चल रहे हैं। दोनों फैक्टर्स नेगेटिव लग रहे हैं। रुपी में भी गिरावट लगातार जा रही है। तो मार्केट के हिसाब से सिचुएशन काफी नेगेटिव लग रही है। कोई भी मेजर रिकवरी आने की संभावनाएं कम हैं। लगभग 1000 लोग अभी भी जुड़े हैं। बहुत बड़ी गिरावट.globally चल रही है। एकदम कोहराम मचा हुआ है मार्केट के अंदर। आप देख रहे हैं और कई सारे महत्वपूर्ण फैक्टर्स को समझाने की कोशिश कर रहा हूं। गिफ्ट निफ्टी में भी लगातार गिरावट हो रही है। Telegram चैनल की लिंक नीचे है, वहां पर क्लिक करके आप ज्वाइन कर सकते हैं। 800 पॉइंट्स के आसपास की गिरावट हो चुकी है। इन दिनों, हां, गिफ्ट। निफ्टी में भी लगातार गिरावट बढ़ रही है, और उसके हिसाब से एक बड़ी गैप डाउन ओपनिंग की संभावना है। लगभग निफ्ट और निफ्टी 120 पॉइंट के आसपास नीचे चल रहे हैं, और उसके हिसाब से मार्केट में एक बड़ी नेगेटिव ओपनिंग की संभावना कल आपको देखने को मिल सकती है। देखिए, जो चिंताएं सता रही हैं कि अमेरिका में इनफ्लेशन लंबे समय तक ऊपर के स्तर पर रह सकती है, उससे मार्केट में प्रेशर आया है। इनफ्लेशन अभी 2% के टारगेट के ऊपर है। इनफ्लेशन के कारण अमेरिका के हाउसहोल्ड कंज़्यूमर्स की टैक होम और परचेसिंग पावर में गिरावट देखने को मिल रही है, और लगभग 25 बेसिस पॉइंट का बढ़ोतरी भी हो रही है। ठीक है? गिफ्ट निफ्टी लगभग 160 पॉइंट की बड़ी गिरावट हो रही है। चल रहा है, और गिफ्ट निफ्टी में जिस तरह की गिरावट है, उसका एक नकारात्मक प्रभाव आपको कल मार्केट की ओपनिंग में देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी में अभी बहुत बड़ी गिरावट चल रही है। अभी आप देख रहे हैं लगभग 160 पॉइंट के आसपास, अब निफ्टी नीचे चला गया है। सब लोग एक बार लाइक कर दीजिए, जिन्होंने लाइक नहीं किया है। फटाफट, आप लोग एक बार लाइक कर सकते हैं। जो भी लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, चैनल को जरूर सब्सक्राइब करते चलें। सेशन को आप लोग एक बार लाइक कर दीजिए, दो सेकंड लगेंगे। लगातार चर्चाएं चल रही हैं कि अमेरिका की मौद्रिक नीति मार्केट को पसंद नहीं आई है। गिरावट लगातार जारी है। स्पीच और ओवरऑल कमेंट्री का भी कोई सकारात्मक प्रभाव प्राइस स्थिरता में नहीं देखने को मिल रहा है। इक्विटी मार्केट के अंदर सेल ऑफ़ आपको गोल्ड और सिल्वर में भी आज नजर आ रहा है। इंट्राडे बेसिस पर देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से गोल्ड और सिल्वर में एक नकारात्मक ट्रेंड विकसित हो रहा है। जब से मार्केट में संभावनाएं लग रही थीं कि डॉलर इंडेक्स फिर से 100 के ऊपर निकल सकता है, वही चीज़ आज आपको मार्केट में देखने को मिल रही है। फेड की मौद्रिक नीति का डॉलर इंडेक्स पर इंतजार था, और वहां लगातार तेजी आ रही है। डॉज लगातार नीचे जा रहा है। यह मौद्रिक नीति, जो अमेरिका की आई है, उसके फदर इम्पैक्ट लाइव मार्केट में देखने को मिल रहे हैं। ओवरऑल मौद्रिक नीति में, जो पॉइंट्स हम डिस्कस कर रहे थे, शाम को भी एक ऑफलाइन वीडियो बनाया था, उसमें सारे पॉइंट्स हमने चर्चा भी किए थे कि ब्याज दरों को बढ़ाने की संभावना है। 25 बेसिस प्वाइंट का राइज़ आ सकता है। राइज़ आता है तो मार्केट के लिए नकारात्मक रहेगा, और उसके बाद कमेंट्री और स्पीच से भी जो स्टेटमेंट आए, वह भी। मार्केट को फर्डर नेगेटिव डायरेक्शन में ले जा रहे हैं। डाउ जॉन्स के अंदर आज एक बड़ी गिरावट है। लगभग अब यदि हम बात करें तो लगभग 800 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट अभी आपको डाउ जॉन्स में देखने को मिल रही है। कोई भी मेजर रिकवरी अभी भी आपको डाउ जॉन्स के अंदर देखने को नहीं मिल रही। अगला प्रश्न क्या है सर? दाउ जॉन्स का चार्ट लगा दें। ठीक है सर, यह लगा है। ठीक है? यह आपके सामने लगभग 825 पोइंट, यदि आप इसको क्लोजिंग बेसिस पर देखें तो 825 पॉइंट नीचे। पर यदि आप इसको इंट्राडे हाई से देखें, पॉलिसी के पहले, तो लगभग 52,175 से 900 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट है। लगभग 1000 पॉइंट के आसपास की गिरावट है। इंट्राडे हाई से पॉलिसी के बाद, तो लगभग दाउ जॉन्स में 1000 पॉइंट और क्लोजिंग बेसिस पर लगभग 850 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट है। और मैंने आपको पहले ही बताया है, यह गिरावट और बढ़ सकती है। जिस तरीके के टेक्निकल ब्रेकआउट हुए हैं, तो लगभग यहां तक आने की संभावना बन सकती है। तो बड़ी गिरावट आपको यूएस मार्केट में पॉलिसी के बाद में देखने को मिल रही है। 850 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट है और उतनी ही तेज रिकवरी आपको डॉलर इंडेक्स में, सोने और चांदी में भी प्रेशर देखने को मिल रहा है। अगला प्रश्न क्या है, सर? हां, गिफ्ट निफ्टी भी लगभग अब 170-180 पॉइंट के आसपास नीचे चल रहा है। ऑटो सेक्टर के हिसाब से भी, ओवरऑल जब भी इंटरस सेंसिटिव सेक्टर से रिलेटेड कोई डिसीजन होता है, तो वहां भी एक इंपैक्ट आता है। निफ्टी की अगर बात करें, तो निफ्टी के अंदर भी काफी नकारात्मकता देखने को मिल रही है। कोई भी मेजर वहां पर अभी तक ठीक से रिकवरी नहीं हुई है। और निफ्टी में अगर बात करें, तो अभी यह लगभग 23,200 के आसपास खड़ा है। बहुत जरूरी लेवल, निफ्टी ने अभी तोड़ दिया है। चुका है। और अगला जो मेजर सपोर्ट है निफ़ी के अंदर, अगर हम बात करें, तो काफी क्रूशियल सपोर्ट है, वह लगभग 23,000 के आसपास देखने को मिल रहा है। तो निफ़ी में जो मेजर सपोर्ट है, वह लगभग 23,000 के आसपास है, और यह बहुत क्रूशियल सपोर्ट है। इसके बाद जो अगला सपोर्ट है, वह लगभग 22,700 है। तो निफ़ी के अंदर जो लॉन्ग टर्म बेसिस पर सपोर्ट हैं, वह 23,000 और 22,700 के आसपास देखने को मिल रहे हैं, और ऊपर की तरफ जो तत्काल महत्वपूर्ण Resistance है, वह लगभग 23,600 और 23,800 के हैं। तो निफ़ी में टेक्निकल दृष्टिकोण से बात करें तो, लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों स्ट्रक्चर नकारात्मक हैं। पिछले कुछ हफ्तों और दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। आज लगभग एक शॉर्ट कवरिंग रैली ट्रिगर हुई थी। जब भी बाजार इस तरह के बड़े नकारात्मक फेस में जाता है, तो छोटे-मोटे पुलबैक भी देखने को मिलते हैं। आते हैं। पर इसको आप कोई ट्रेंड रिवर्सल और मेजर स्ट्रेंथ के तौर पर नहीं देख सकते। तकनीकी रूप से छोटे-मोटे पुलबैक, रिलीफ रैलियाँ आती रहती हैं। पर जो महत्वपूर्ण Resistance है, Immediate Resistance, वह आपको निफ्टी में 23,600 के आसपास देखने को मिल रहा है। और नीचे की तरफ जो मेजर Support है, वह लगभग आपके 23,000 और 22,700 के स्तर पर देखने को मिल रहे हैं। इसके बाद, अगर बैंक निफ्टी की बात करें, तो स्ट्रक्चर वहां भी नकारात्मक है। मोमेंटम का एक प्रभाव, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का, वहां भी देखने को मिल सकता है। अब जहां तक मेजर Support की बात है, तो देखिए, बैंक निफ्टी पहले ही बहुत मेजर Support पर खड़ा है। लगभग, अगर हम बात करें, तो 55,600 के आसपास मेजर Support है, 55,600 ही एक महत्वपूर्ण Support का काम कर रहा है। एसएफए बैंक निफ्टी इस कंसर्न में 55,000 से 55,600 के आसपास का देखा जा सकता है, और पीछे लंबा गैप भी देखने को मिल रहा है। रहे हैं, और यह सपोर्ट अगर ब्रेक होते हैं, तो जो मेजर सपोर्ट है, फिर आपको वे लगभग 54,800, 55,600, 54,800 के मेजर सपोर्ट देखने को मिल रहे हैं। अभी काफी गिरावट बैंक निफ्टी में चल रही है, वहां पर लगातार प्रेशर बना हुआ है। इमीडिएट बेसिस पर अगर बात करें, तो देखिए, छोटे-मोटे पुलबैक भी बैंक निफ्टी में विकसित हो सकते हैं। जैसे कि हम बात कर रहे हैं कि जो 55,000 से 56,000 के आसपास का सपोर्ट है, वह काफी महत्वपूर्ण है। ऊपर की तरफ जो इमीडिएट महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है, वह लगभग 57,200 के आसपास देखी जा रही है, और दूसरा जो मेजर रेजिस्टेंस है, वह लगभग 58,000 के आसपास है। स्वाभाविक है कि 57,200 के आसपास थोड़ा प्रेशर भी देखने को मिल सकता है। तो जब तक बैंक निफ्टी इन लेवल्स से ऊपर नहीं जाता, कोई भी तयाश्रो, मार्केट स्थिर नहीं होगी। फेडरर का रैली छोटी-मोटी राहत रैली विकसित होंगी, वे स्थायी नहीं होंगी। संभावनाएं कम हैं। सेन्सेक्स की बात करें, तो कल देखते हैं कि एक्सपिरि भी है, जो काफी महत्वपूर्ण है। एक्सपायरी के हिसाब से पूरी तरह से एक गैप डाउन ओपनिंग की संभावना लग रही है। पिछले कुछ दिनों से, कुछ हफ्तों से, सेन्सेक्स का ट्रेंड लगातार नकारात्मक है। 100-दिन और 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज लगातार नीचे की तरफ चल रहे हैं। तत्काल मुख्य समर्थन के बात करें तो, सेन्सेक्स के अंदर मुख्य समर्थन लगभग 73,200 और 72,700 पर है। ऊपर की तरफ जो प्रतिरोध है, वह 7,500 का है। तो जब तक सेन्सेक्स 7,500 के ऊपर रहते हुए एक्सपायर करता है, जिसकी संभावना कम है, यह स्थिति बनी रहेगी। ये ग्लोबल संकेत हैं और जो मुख्य इवेंट अभी हुआ है, वह मोनेटरी पॉलिसी का लगभग 1 1/2 घंटे अब मौनिटरी पॉलिसी को हो चुके हैं और मार्केट लगभग नेगेटिव डायरेक्शन में क्रैश हो रहा है। तो सेंसेक्स के अंदर भी कोई मेजर रिकवरी आने की संभावना कम है। इमीडिएट जो रेजिस्टेंस है, वो 75,500 के आसपास आपको देखने को मिल रहा है। मिड कैप की बात करें तो बड़ा फॉल यहाँ पे भी हुआ है, लगातार यहाँ पे भी प्रेशर रहा है, और काफी इंपॉर्टेंट सपोर्ट भी इसने ब्रेक किया है। एक अच्छी रैली इसके अंदर बनी थी, लगातार ऑल टाइम हाई के आसपास गया था। 15,100 के आसपास से थोड़ा सा इसमें डिस्ट्रीब्यूशन हुआ है, पर अभी भी इसके अंदर जो मेजर सपोर्ट है, वह 13,900 से लेकर 14,000 के बीच में है, और उसके बाद फिर 13,800। So 14,000 के आसपास आपको मेजर सपोर्ट मिड कैप निफ्टी मिड कैप में देखने को मिल रहा है, और उसके बाद जो फॉल्टर सपोर्ट है, वह लगभग 13,800 के आसपास देखने को मिल रहा है। और जहां तक इमीडिएट रीस्टेंस की बात करें, तो 14,800 एक इमीडिएट रीस्टेंस का काम कर रहा है। एज मिड कैप का कंसर्न है। फिर निफ्टी की बात करें, गिरावट यहां पर भी काफी हुई है। ऑल ओवर ट्रेंड नेगेटिव है। 100 दिन और 200 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज भी नीचे चल रहे हैं। इंपॉर्टेंट जो अगला सपोर्ट है, वह आपको इमीडिएट basis पर 25,000 के आसपास देखने को मिल रहा है, और उसके बाद दूसरा मेजर सपोर्ट लगभग 24,500 के आसपास है। टेक्निकल रीस्टेंस 25,700 के हैं। आज लगभग 185 पॉइंट की गिरावट के बाद निफ्टी सकारात्मक जाकर 25,262 के आसपास बंद हुआ है, और इसको हम एक रिलीफ रैली के तौर पर देख सकते हैं। इमीडिएट जो क्रूशियल रेजिस्टेंस है, शॉर्ट टर्म basis पर, वह 25,700 के आसपास है, और नीचे की तरफ जो मेजर सपोर्ट है, वह 25,000 और 24,500 के आसपास है। ओवरऑल 200-दिन का मूविंग एवरेज भी नीचे की तरफ है। दिन और 100 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के यह भी नीचे की तरफ चल रहा है। देखिए, बड़ी गिरावट है, लगभग 900 पॉइंट के आसपास दाएं, डाऊ जॉन्स में भी बड़ी गिरावट चल रही है। कोई भी मेजर रिकवरी की संभावनाएं अभी आपको दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही हैं। देखिए, अब इसमें जो क्र्यूशियल रेजिस्टेंस है, वह लगभग 52,800 का है। तो यहां से अगर बात करें, तो अभी लगभग 1,500 पॉइंट ऊपर मेजर रेजिस्टेंस हो गया है। आप समझ सकते हैं कि आज कितनी बड़ी गिरावट हुई है, लगभग 850-900 पॉइंट की गिरावट है। 1.5% से ज्यादा की गिरावट नजर आ रही है डाऊ जॉन्स में। बड़ी गिरावट है, और डॉलर इंडेक्स अब धीरे-धीरे 101 की तरफ बढ़ रहा है। अभी लगभग 0.70% की तेजी, 100.30 के आसपास यह चल रहा है। नीचे टेलीग्राम चैनल की लिंक दी है, यदि आप चाहें तो वहाँ पर..
01:55:59क्लिक करके ज्वाइन कर सकते हैं। सब लोग एक बार लाइक कर दीजिए, जिन्होंने लाइक नहीं किया। लगभग 700 लोग अभी भी जुड़े हैं। देखिए, जो रिफाइनरी सेक्टर होता है, सर, उसमें जब भी नॉर्मली क्रूड ऑयल के प्राइस पिकअप होता है, अंतरराष्ट्रीय मार्केट में, तो रिफाइनरी सेक्टर के लिए शॉर्ट टर्म बेसिस पर अच्छी न्यूज़ रहती है। देखिए, रेट वो तो already हो चुकी है, सर। डेट वो हो चुकी है। लगभग डेढ़ घंटे के बाद मार्केट के अंदर मोंटी पॉलिसी का एक negative impact चल रहा है। देखिए, इंडियन मार्केट के अभी गणेश साहब बात करें, तो अगले कुछ दिनों तक तो आउटलुक उतना पॉजिटिव नहीं है। कोई भी पॉजिटिव ट्रिगर फैक्टर अभी आपको मार्केट में नहीं दिख रहा है। अगर जियोपोलिटिकल फंड पर थोड़ा स्टेबिलिटी लौटती है, तो मार्केट थोड़ा सस्टेन कर सकता है, पर ओवरऑल जो ट्रेंड है, वह अभी भी साइडवेज़ है। नेगेटिव ज़ोन में आपको देखने को मिल रहा है। हां सर। टेलीग्राम चैनल के लिंक के नीचे अगर आप चाहें तो उसमें क्लिक करके ज्वाइन कर सकते हैं। टेलीग्राम चैनल आप नीचे क्लिक करें। हम जो भी लोग चैनल पर नए आए हैं, आप चाहें तो चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं। रियल टाइम बेसिस पर इम्पॉर्टेंट डिस्कशन हमारे करते हैं। डेली बेसिस पर आप कनेक्ट हो सकते हैं। लाइव क्लासेस में लगभग 10 से 10:30 बजे के आसपास हम शुरू करते हैं, और एक से डेढ़ घंटे का सेशन रहता है। जब भी अमेरिका में कोई इम्पॉर्टेंट ईवेंट या स्पीच आदि होती है, तो वहाँ पर सेशन थोड़ा लंबा चलता है। तो रियल टाइम बेसिस पर आप 'The Power of Markets' के साथ कनेक्ट हो सकते हैं। इसके अलावा, 10 से 15 मिनट के शॉर्ट वीडियो भी आपको चैनल पर देखने को मिलते हैं। आज भी लगभग एक इम्पोर्टेंट वीडियो शाम को अपलोड किया गया था, लगभग 9:30 बजे के आसपास। आसपास। तो मार्केट में जब भी कोई महत्वपूर्ण डेवलपमेंट होता है, कोई ऐसी न्यूज या ईवेंट जो आपको जानकारी में रहनी चाहिए, उसका एक अपडेट आपको लगातार मिलता रहता है। एक अलग पर्सपेक्टिव से चीजों को सिम्पली आपको समझाने की कोशिश करते हैं। तो दोस्तों, यदि आप इंटरेस्टेड हैं तो आप नियमित रूप से ज्वाइन कर सकते हैं। हां सर, क्या पूछ रहे हैं? धन्यवाद सर। धन्यवाद मोहम्मद हफ़ीज़ साहब। क्या पूछ रहे हैं सर? देखिए, निफ़्टी, निफ़्टी की बात करें तो नीचे की तरफ प्राचलमंदर सिंह चल रही है, और संभावना यह दिख रही है कि और अधिक नकारात्मकता आपको यहां से देखने को मिल सकती है। कोई भी सकारात्मकता अभी भी आपको यहां देखने को नहीं मिल रही है। यदि हम गिफ्ट निफ़्टी की बात करें, तो लगातार वहां गिरावट का दौर जारी है, और जो डेवलपमेंट है, जो पूरे मार्केट का आज की मॉनिटरी पॉलिसी के कारण हुआ है, उसका एक नकारात्मक प्रभाव आपको दिखाई दे सकता है। वहां पर भी देखने को मिल रहा है। सब लोग एक बार लाइक कर दें दोस्त। दो सेकंड लगेंगे। जिन्होंने लाइक नहीं किया, अगर आपको एनालिसिस अच्छा लग रहा है, फटाफट आप लोग एक बार लाइक कर सकते हैं। जिन्होंने भी लाइक नहीं किया, देखिए, अब निफ्टी लगभग 150 पॉइंट से ज्यादा नीचे चल रही है। अमेरिका का मार्केट भी लगातार नकारात्मक ट्रेंड में है, लगभग आधे घंटे का समय बचा है। 1:30 बजे यूएस मार्केट क्लोज हो जाएंगे, तो संभावना लग रही है कि अमेरिका का मार्केट एक बहुत बड़ी वीक क्लोजिंग की तरफ जा रहा है। और इसके अलावा NASDAQ की भी बात करें तो अब NASDAQ भी लगभग 80 पॉइंट नीचे है, स्टैंडर्ड एंड पूअर्स 500 लगभग 55 पॉइंट नीचे चल रहा है। तो बड़ी गिरावट वहां देखने को मिल रही है। यूरोपियन मार्केट की भी बढ़त लगभग खत्म हो गई है, बिल्कुल फ्लैट हो गए हैं, और जापान का मार्केट भी लगभग 200 पॉइंट बढ़ा है। तो पूरे ग्लोबल मार्केट में। एक बड़ा सेल ऑफ़ गिफ्ट, निफ्टी लगातार 150 पॉइंट के आसपास नीचे जा रही है, और स्वाभाविक है कि मार्केट के अंदर एक नकारात्मक सेंटिमेंट विकसित हो रहा है। कोई भी पॉजिटिविटी अभी भी आपको मार्केट के अंदर देखने को नहीं मिल रही है। तो यह मान लेना चाहिए कि ओवरऑल मार्केट का सीनारियो काफी नकारात्मक हो गया है। क्योंकि जब भी मैक्रोइवेंट्स होते हैं, तो उनका इम्पैक्ट थोड़े लंबे समय तक मार्केट में रहता है, और जिस तरीके से बॉन्ड डील्स वगैरह के संकेत थे, उससे भी लगभग यही संभावना बन रही थी कि मार्केट के अंदर मॉनिटरी पॉलिसी के बाद कुछ बड़े डायरेक्शनल मूवमेंट देखे जा सकते हैं। वहीं स्थिति मार्केट में लगभग बनती जा रही है, और दाऊ जेस में तो बिल्कुल एक तरफ़ा गिरावट लगभग देखने को मिल रही है। फटाफट सब लोग एक बार लाइक कर दीजिए। क्या पूछ रहे हैं सर? देखिए, जापान के अंदर जो मौद्रिक नीति है, वो आना है शुक्रवार को। वहाँ भी संभावना है कि वर्तमान में जापान के अंदर जो ब्याज दर है, वो 1% के आसपास चल रहा है। तो जो आपका पूछना है, सर, उसके हिसाब से ब्याज दरों को अगर बढ़ाया जाता है, तो 25 बेसिस पॉइंट की संभावना वहां भी है। आज अमेरिका के अंदर जिस तरीके से 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया गया है, उसके बाद संभावना यह लग रही है कि जापान के अंदर भी 25 बेसिस प्वाइंट का हाइक आपको देखने को मिल सकता है। और इसका सेंसिक इम्पैक्ट आपको भारत के अंदर भी 5 से 7 अक्टूबर 2026 को जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की नीति आएगी, तो वहां भी आपको 25 बेसिस पॉइंट का राइज देखने को मिल सकता है। तो ओवरऑल, ब्याज दरें बढ़ाने की जो साइकिल है, कहां घटाने की बात चल रही है, पर जिस तरीके से अब अमेरिका-ईरान का मामला बिगड़ रहा है, सऊदी अरब और रूस का मामला है, जो ग्लोबल..
02:04:08अनिश्चितता का उससे नकारात्मक प्रभाव आपको मौद्रिक नीतियों के अंदर, ग्लोबल स्तर पर अब देखने को मिल रहा है। देखिए, गिफ्ट निफ्टी लगभग 150 पॉइंट से नीचे है, अभी कोई बड़ी रिकवरी के संकेत नहीं हैं। अमेरिका का मार्केट लगभग 1:30 बजे के आसपास तक चलता है सर। हां, 700 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट आपको DJIA में देखने को मिल रही है। अभी भी करीब 800 पॉइंट के आसपास नीचे चल रहा है और डॉलर इंडेक्स लगभग 101 के आसपास है। अगला प्रश्न क्या है, सर? लगभग देखिए, रात के 1:10 हैं। 700 लोग अभी भी जुड़े हुए हैं। तो आप सभी का दिल से धन्यवाद है। जो भी लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, अगर अभी तक आपने YouTube चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, तो फटाफट आप चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं। और नीचे Telegram चैनल की लिंक दी हुई है, तो वहाँ पर क्लिक करके आप चाहें तो Telegram प्लेटफ़ॉर्म भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ज्वाइन कर सकते हैं। कई सारे इंपॉर्टेंट अपडेट और जानकारियां लगातार आपको वहां मिलती हैं। और दुज हो या इंटरेस्टेड चैनल को ज्वाइन कर सकते हैं, Telegram चैनल भी। Telegram चैनल का लिंक नीचे है, वहां से आप ज्वाइन कर सकते हैं। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, तो फटाफट सब्सक्राइब कर सकते हैं। लिंक दी हुई है, वहां क्लिक करके आप चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं। जिन्होंने अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया। ओवरऑल, तो जो आज की खबरें, एफएमसी की खबरें हैं, वो तो मार्केट के हिसाब से नेगेटिव ही लग रही हैं सर। देखिए, गिफ्ट निफ्टी की बात करें, अभी भी लगभग 150 पॉइंट से ज्यादा नीचे हैं, और मार्केट लगभग रात 2:45 बजे तक खुली रहती है, फिर सुबह 6:30 बजे फिर से खुल जाती है। हां, मार्केट के भीतर फिलहाल रिकवरी की संभावना नहीं लग रही है, चाहे यूएस मार्केट। बाजार की बात करें, गिफ्ट निफ्टी की बात करें। देखिए, डीआईआई अब्सॉर्ब तो कर ही रहा है, सर, पर मार्केट का जो सेंटимент है, जो फैक्टर्स हैं, वो लगातार नेगेटिव साइड पे जा रहे हैं। यह बात आपकी सही है कि डीआईआई मार्केट को सपोर्ट करने का काम कर रहा है, लेकिन मार्केट के लिए हर तरह के प्लेयर्स की जरूरत होती है। अगर हम एफआईआई की बात करें, तो लगातार वहां पर आपको प्रेशर देखने को मिल रहा है। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स, यानी एफपीआई, आज भी लगभग 2032 करोड़ का नेगेटिव फ्लो है। 16 सितंबर की बात करें और डीआईआई की तरफ से लगभग 3910 करोड़ का पॉजिटिव फ्लो रहा है। तो ये बात जरूर है कि ओवरऑल इंस्टीट्यूशनल फ्लो की बात करें, तो लगभग डबल आज डीआईआई का फ्लो रहा है। तो आपकी बात सही है, पर फिर भी मार्केट के हिसाब से। एफआईआई की भी जरूरत है। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स का लगातार जो नेगेटिव फ्लो है और आज भी, ओवरऑल जो है, अगर हम सारे एक्सचेंजेस के हिसाब से देखें, तो लगभग 2032 करोड़ के आसपास का नेगेटिव फ्लो आज भी एफआईआई की तरफ से मार्केट में मिल रहा है। देखिए, डाउ जॉन्स में कोई भी मेजर रिकवरी नहीं आ रही है। लगभग अब 17-18 मिनट का समय बचा है, और अभी भी डाउ जॉन्स लगभग 760 पॉइंट नीचे है। लगभग 51,000 के आसपास, अगर अभी बात करें, तो 51,335 के आसपास चल रहा है। डाउ जॉन्स कोई भी मेजर रिकवरी अभी भी यहां नहीं दिख रही है। अभी भी लगभग 780 पॉइंट नीचे है, और लगातार गिरावट जारी है, जिस तरीके का टेक्निकल पैटर्न है और फेड की नेगेटिविटी देखने को मिल सकती है, जो लगातार हम बात कर रहे हैं। यदि आप इसका लॉन्ग टर्म चार्ट देखें, तो अभी..
02:10:05लगभग यहाँ से और स्पेस बचा हुआ है, तो लगभग यहाँ से भी अभी एक फॉरवर्ड नेगेटिविटी की स्थिति बन सकती है। अगर बात करें डॉलर इंडेक्स की, तो एक फॉरवर्ड स्ट्रेंथ अभी भी आपको नजर आ रही है। अभी लगातार 100 के ऊपर सस्टेन कर रहा है। अभी लगभग आप देख रहे हैं, 100.25 के आसपास चल रहा है। तो डॉलर इंडेक्स में भी तेजी है। मंटी पॉलिसी के बाद अमेरिका की ट्रेजरी 10 वर्षीय बॉन्ड और 30 वर्षीय बॉन्ड डील के अंदर भी एक डेवलपमेंट है, सकारात्मक पक्ष पर, और जो कि भारत के मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहा है। अगला प्रश्न क्या है, सर? सब लोग एक बार लाइक करते चलें, जिन्होंने लाइक नहीं किया। देखिए, सेक्टर्स में स्वाभाविक है कि एक एक्सपायरी के हिसाब से जो संकेत हैं, काफी नेगेटिव लग रहे हैं। एक नेगेटिव स्थिति बन सकती है, और नीचे की तरफ जो मैजर सपोर्ट है, वह लगभग अभी 7,300 के आसपास आपको देखने को मिल रहा है। हाँ। गोल्ड के अंदर भी देखिए जो ट्रेंड है, आज पॉलिसी के बाद में नेगेटिविटी है। डॉलर इंडेक्स, जिस तेजी से 100 के ऊपर निकला है, उसका एक फडर नेगेटिव इम्पैक्ट आपको गोल्ड और सिल्वर के अंदर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। गोल्ड और सिल्वर के हिसाब से, जब भी डॉलर इंडेक्स में इस तरीके की तेजी आती है, तो स्वाभाविक है कि सेंटीमेंटल पॉइंट ऑफ व्यू से यह नेगेटिव रहता है। देखिए, निफ़ी का जो मेजर सपोर्ट है, वह 23,000 के आसपास आपको देखने को मिल रहा है। 23,000 और 22,700 के इम्पोर्टेंट सपोर्ट आपको निफ़ी के अंदर देखने को मिल रहे हैं। फर्स्ट फेड रेट हाऊस, यदि हम पूरे कैलेंडर ईयर में बात करें, तो सेंसेक्स के अंदर भी देखिए, ओवरऑल तो आज एक रिलीफ रैली थी, लेकिन जो स्ट्रक्चर है, टेक्निकल फ्रंट से शॉर्ट टर्म बेसिस पर, वह भी फडर आपको नेगेटिव साइड पर देखने को मिल रहा है। देखिए, निफ़ी के अंदर 23,000
02:13:42और 22,700 के मेजर समर्थन का बात करें तो क्रूड ऑइल के अंदर यदि हम बात करें, तो ओवरऑल आज जरूर इंट्राडे बेसिस पर थोड़ी सी नेगेटिविटी ट्रेंड में देखने को मिली। पर अभी भी जो ट्रेंड है, संकेत हैं कि वह लगातार पॉजिटिव साइड पर बने हुए हैं। चाहे हम क्रूड ऑयल की बात करें, एक अच्छा मोमेंटम शॉर्ट टर्म बेसिस पर खासकर जब से सऊदी अरबिया और रूस का पूरा मामला लाइमलाइट में आया है, उसका एक इम्पैक्ट आपको क्रूड ऑयल में ग्लोबल स्तर पर देखने को मिल रहा है, और अभी भी यदि हम बात करें, तो लगभग $105 पर बैरल के आसपास है। बैंक निफ्टी की बात करें तो देखिए, बैंक निफ्टी के लिए स्वाभाविक है कि मंती पॉलिसी का एक इम्पैक्ट रहेगा और एक नेगेटिविटी की स्थिति बन सकती है, और 5500-55600 मेजर समर्थन के तौर पर कार्य कर रहा है। नीचे की तरफ जो मेजर समर्थन है, वह 5500-55600 के आसपास देखने को मिल रहे हैं। सब लोग 2 सेकंड। लगेंगे। फटाफट आप लोग Telegram चैनल नीचे लिंक दी है, वहां पर ज्वाइन कर सकते हैं। सर, क्या कह रहे हैं, सेंसेक्स के अंदर देखिए, जो क्रूशियल सपोर्ट है सेंसेक्स के अंदर, लगभग आज 74,335 के आसपास की क्लोजिंग इनtrasेड़ बेसिस पर, आज आपको एक रिलीफ रैली देखने को मिली है। पर कोई मेजर स्ट्रेंथ आपको टेक्निकली अगर बात करें, तो सेंसेक्स के अंदर कोई भी मेजर स्ट्रेंथ नहीं मिली है। लगभग एक फ्लैट क्लोजिंग रही है, और नीचे की तरफ जो मेजर सपोर्ट है, वह आपको 73,000 के आसपास दिख रहा है, 75,500 का इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। अगर हम सेंसेक्स की बात करें, तो जब तक सेंसेक्स 75,500 के रेजिस्टेंस के नीचे चल रहा है, तो जोखिम बना रहेगा। थैंक यू, सर। थैंक यू। स्पिन ऑल लॉन्ग टाइम देखने को मिल रहा है। देखिए, यह बात सही है आपकी कि कुछ चीजें मार्केट में प्राइस इन थे, पर जिस तरीके की स्पीच और कमेंट्री आई है, जो आउटलुक लग रहा है। है, इनफ्लेशन को लेकर उससे एक और नेगेटिविटी आपको पॉलिसी के बाद भी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स की बात करें, तो देखिए एक नेगेटिव ओपनिंग की स्थिति कल बन सकती है। एक्सपायरी है। सेकंड हाफ में खासकर दो बजे के बाद उतार-चढ़ाव आपको देखने को मिल सकता है। कॉपर की अगर बात करें, तो देखिए, सिल्वर और गोल्ड के तुलना में ट्रेंड बेहतर है, लेकिन अभी एक साइडवेज ट्रेंड वहां भी दिख रहा है। क्रिप्टो के अंदर अभी कोई फल्ल हार्ड बुलिशनेस तो नहीं है, सर। 74,800 का स्तर एक मेजर सपोर्ट का काम कर रहा है। क्रिप्टो की बात करें, तो बिटकॉइन में भी अभी बहुत ज्यादा तेजी नहीं है। जिन्होंने लाइक नहीं किया, फटाफट लाइक कर सकते हैं। हां, सर, क्या पूछ रहे हैं? हां, निफ्टी में थोड़ी रिकवरी तो आई है, पर अभी भी संकेत नेगेटिव ही दिख रहे हैं। किस चीज का रिजल्ट, सर? देखिए, गोल्ड के अंदर..
02:19:16भी डॉलर इंडेक्स में इस तरीके का सडन मूवमेंट होता है, एक नेगेटिविटी आपको देखने को मिलती है। देखिए, जो सैंशन बिल की आप बात कर रहे हैं, ये बात जरूर है कि अमेरिका में जो रूसिया क्रूड ऑयल इंपोर्ट वाले सैंशन बिल की आप बात कर रहे हैं, वह अभी भी फाइनलाइज होना है। यह बात जरूर है कि नीचे के उस पे वो हो चुका है, पर अभी एक बार फाइनलाइज नहीं होता, तब तक उसका कोई बहुत ज्यादा असर नहीं है। मार्केट अभी दूसरे फैक्टर्स पे ज्यादा ऑपरेट कर रहा है। और DXY के अंदर भी हां, 100 से 150 पॉइंट की आपको रिकवरी देखने को मिली। पर अभी भी जो ओवरऑल संकेत हैं, वह अभी भी आपको नेगेटिव साइड पर देखने को मिल रहे हैं। अगर आप देखेंगे, तो अभी भी बड़ी गिरावट है, और देखिए, अभी भी लगभग 7-8 मिनट का मार्केट बचा है। लगभग 650 पॉइंट की गिरावट भी एक बड़ी गिरावट के तौर पर आप देख सकते हैं, और डॉलर इंडेक्स। भी बिल्कुल ऊपर के लेवल पर जाकर बंद हो रहा है। कल के हिसाब से तो अभी तो सर एक नेगेटिव ओपनिंग की संभावना लग रही है कि मार्केट थोड़ा नेगेटिव साइड पर ओपन कर सकता है। जो फैक्टर सामने हैं, उसके हिसाब से तो नेगेटिव ओपनिंग की स्थिति लग रही है मार्केट के अंदर। आप देख ही रहे हैं कि गिरावट किस तरीके से मार्केट में हो रही है। आप देख सकते हैं कि जिस तरीके की तेजी डॉलर इंडेक्स में है, यह मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव संकेत हैं। पॉलिसी आने के पहले लगभग यहाँ पे चल रहा था। एक बड़ी तेजी आपको पिछले कुछ दिनों से देखने को मिल रही है, और अब नीचे की तरफ जो मेजर सपोर्ट है, वह लगभग 99 के आसपास है। तो जब तक यह 99 की तरफ नहीं जाता या उसके नीचे नहीं जाता, भारत के मार्केट के हिसाब से थोड़ा रिबाउट के तौर पे आने वाले दिनों में ऑपरेट हो सकता है। यह केवल एक ऐसा फैक्टर था जो थोड़ा मार्केट के लिए। अभी सपोर्टिव लग रहा था, पर अब जिस तरीके का यहां पे भी डेवलपमेंट हुआ है, यहां पे भी एक अनसर्टेनिटी आपको मार्केट में देखने को मिल सकती है। बिल्कुल सर, हां, निफ्टी के अंदर इस तरीके के गैप डाउन ओपनिंग की पॉसिबिलिटी बन सकती है। क्रूड ऑयल का ओवरऑल जो ट्रेंड है, आज थोड़ा सा करेक्टिव फेस में इंट्राडे बेसिस पर, पर शॉर्ट टर्म बेसिस पे अभी भी स्ट्रेंथ है। क्रूड ऑयल के अंदर। हां, गोल्ड की जहां तक बात करें, डॉलर इंडेक्स में जिस तरीके का एक ऊपर का सर्च हुआ है, अगर यह 100 के ऊपर मेंटेन होता है, तो शॉर्ट टर्म बेसिस पे थोड़ा सा स्वाभाविक है। गोल्ड के हिसाब से नेगेटिविटी रहती है। गोल्ड की ही बात कर रहा हूं। देखिए, सेंसेक्स की कल एक्सपायरी है, सेकंड हाफ में उतार-चढ़ाव आपको देखने को मिल सकता है। हां, जो आप बिल की बात कर रहे हैं, दैट्स व्हाट आई एम सेइंग कि अभी बिल को लेकर कोई फर्दर..
02:22:53क्लैरिटी नहीं है। बात जरूर है कि सेनेट में पास हो गया था। उसके बाद अमेरिका के अंदर भी दो सदन होते हैं, सेनेट है और जो लोअर हाउस है, वहां पे होना था। तो अभी उसको लेकर कोई क्लैरिटी नहीं है। अभी मार्केट दूसरे फैक्टर्स पे ज्यादा ऑपरेट कर रहा है। तो जो आप सेंक्शन बिल की बात कर रहे हैं, जो रूसिया कुड ऑयल इंपोर्ट सेंक्शन बिल की, जो मार्केट में चर्चा चल रही थी, वह पुरानी खबर है। वैसे भी मार्केट उसको डिस्काउंट कर चुका है। देखिए, क्रूड ऑयल के ऊपर कोई बहुत ज्यादा डायरेक्ट इंपैक्ट नहीं है। मेटा जो क्रूड ऑयल का मूवमेंट है, वह रेट के अलावा इस बात पर डिपेंड कर रहा है कि जो जियोपॉलिटिकल अनस्टेबिलिटी है, वो जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स हैं, वो मार्केट में कैसे स्टेबलाइज़ होंगे। तो जहां तक अगर हम क्रूड ऑयल की बात करें, तो क्रूड ऑयल किन फैक्टर्स पर ज्यादा ऑपरेट हो रहा है अभी। मौमेंट रीडर दें कि इंटरेस्ट रेट है, ये चीज़ ध्यान रखना है। नहीं, डब जॉस स्टॉक क्लोज होने वाला है, सर, मेजर कोई उम्मीदें नहीं हैं। डब जॉस स्टॉक क्लोज होने वाला है, लगभग नीचे की तरफ ही बंद हो रहा है। अभी भी लगभग 600 पॉइंट के आसपास नीचे थोड़ा रिकवरी जरूर हुई है, नीचे के लेवल्स से, पर अभी भी लगभग 600 पॉइंट के आसपास की नकारात्मक क्लोजिंग के तौर पर आप देख सकते हैं। बड़ा फॉल आपको पालिसी के बाद में यहाँ पर देखने को मिला है, और डॉलर इंडेक्स भी बिल्कुल ऊपर के लेवल पर स्थिर है। यह खासकर हमारे मार्केट के हिसाब से काफी नकारात्मक लग रहा है। देखिए, बहुत सारे नकारात्मक पॉइंट हैं, जो स्पीच और कमेंट्री में दिखाई दे रहे हैं, जो इनफ्लेशन को लेकर चिंता बताते हैं, जैसे 2% का टारगेट उसे हासिल करना मुश्किल लग रहा है। इसके अलावा, ब्याज दरों को बढ़ाया गया है, कमेंट्री के अंदर भी कई सारी अनिश्चितताएं हैं। है। कोई क्लियर कट आउटलुक नहीं है। 2026 को लेकर संभावना यही है कि अक्टूबर और दिसंबर 2026 में भी जब अगली मौंटी पॉलिसीज हैं, वहां पर ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बहुत कम हैं। तो ये सारे जो हैं, एक नेगेटिव फैक्टर के तौर पर भी देखा जा सकता है। हां, आप Telegram चैनल जॉइन कर सकते हैं, नीचे लिंक दी हुई है। हजारों लोग वहां पर जुड़े हुए हैं, बहुत सारे जरूरी अपडेट और जानकारियां लगातार आपको मिलती रहती हैं। आप चाहें तो YouTube कम्युनिटी भी ज्वाइन कर सकते हैं, उसकी डिटेल भी आपको YouTube चैनल पर Telegram प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगी। लगभग रात के 1:30 बजे हैं और अभी भी 500 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। तो आप सभी का दिल से धन्यवाद है, आप लगातार हमारे चैनल को सपोर्ट करते हैं, जिससे मोटिवेशन मिलता है। देखिए, दैनिक जो डाऊ जॉब बिल्कुल अब नीचे की तरफ क्लोज हो रहा है, 550 से 600 पॉइंट की क्लोजिंग। को भी अपने एक नेगेटिव क्लोजिंग के तौर पर ही देख रहे हैं। जिन्होंने अभी तक लाइक नहीं किया है, पहली बार यदि आप चैनल पर हैं तो चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। इसके अलावा, छोटे ऑफलाइन वीडियो भी यदि आप देखना चाहें तो वह भी चैनल पर लगातार आप को मिलते हैं। वह भी आप YouTube चैनल पर जाकर देख सकते हैं। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, फटाफट आप लोग सब्सक्राइब कर लीजिए। कई लोग चैनल पर सब्सक्राइब करना भूल जाते हैं। यदि अभी तक आप नए आए हो, चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया हो, तो तुरंत आप लोग चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं। लिंक वगैरह भी शेयर कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग चैनल के साथ कनेक्ट हो सकें। जिन्होंने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है, फटाफट आप लोग चैनल को भी सब्सक्राइब करते चलें। जो भी लोग नए चैनल पर आए हैं, फटाफट चैनल को आप..
02:28:10सब्सक्राइब कर सकते हैं। देखिए एक नेगेटिव ओपनिंग की संभावना, यूएस मार्केट भी लगभग 630 पॉइंट नीचे जाकर बंद हुआ है। डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी है। ओवरऑल, जो आज अमेरिका की मौद्रिक नीति आई है, उस पर एक नेगेटिव इम्पैक्ट आपको कहीं न कहीं मार्केट के अंदर देखने को मिल रहा है। और जिस तरीके के संकेत हैं, उसके हिसाब से स्वाभाविक है कि मार्केट एक नेगेटिव ओपनिंग की तैयारी कर रहा है। सेंसेक्स की क्योंकि कल एक्सपायरी है, तो वहां पर उतार-चढ़ाव आपको सेकंड हाफ में देखने को मिल सकता है। कैश सिस्टम का भी एक इम्प्लीमेंटेशन रहता है, एक्सपायरियों के दिन ये चीज़ आप जानते हैं। उसको भी थोड़ा सा आपको दिमाग में रखना है। पर ओवरऑल, जो अभी संकेत हैं, उसके हिसाब से मार्केट थोड़ा नेगेटिव साइड पर ओपन हो सकता है। आज मार्केट में जरूर एक ..
02:31:14क्योंकि लगातार मार्केट एक नेगेटिव ट्रेंड में चल रहा था, तो आज मार्केट में एक रिलीफ रैली, शॉर्ट कवरिंग रैली, इस तरह की मार्केट में डेवलप होती हैं, और शॉर्ट टर्म बेसिस पर ओवरऑल जो अभी मेजर इंडिसेस हैं, वहां पर आपको एक नेगेटिव ट्रेंड दिख रहा है, जैसे निफ्टी और सेंसेक्स। वहां पर आपको थोड़ा प्रेशर मार्केट के अंदर देखने को मिल रहा है, इन जियोपोलिटिकल फैक्टर्स जैसे घटनाओं और आज खासकर जो बड़ा ग्लोबल मैक्रोइवेंट हुआ है, उसकी वजह से मार्केट की अपेक्षाएं वैसे ही बहुत ज्यादा पॉजिटिव नहीं थीं। मार्केट यह मान कर चल रहा था कि ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, और इनफ्लेशन वगैरह का जो डेटा भारत में आया, जैसे 4.82% रिटेल इनफ्लेशन (सीपीआई) और 9.92% वाईपीआई का डेटा, इनका भी कहीं न कहीं संकेत हैं, ओवरऑल भारत की अर्थव्यवस्था के हिसाब से, और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की 5 से 7 अक्टूबर 2026 की मीटिंग पर भी। इंस्पेक्टर रेट में कोई कटौती होगी इसकी संभावनाएं काफी कम लग रही हैं। वो भी इंपैक्ट कहीं न कहीं धीरे-धीरे मार्केट में डिस्काउंट होगा, और लगभग अभी बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति कल आना है। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति शुक्रवार को आनी है। तो वहां पर भी मार्केट के हिसाब से कोई सपोर्टिव नीतियां आने की संभावनाएं कम लग रही हैं। यहाँ तक कि जापान के अंदर भी यह लग रहा है कि जिस तरीके से इनफ्लेशन का डेटा आया था, उस तरीके की स्थिति में जापान के अंदर ब्याज दरों को 1% से बढ़ाकर 1.25% किया जा सकता है। शुक्रवार को भी एक बार फिर आपको ग्लोबल स्तर पर बैंक ऑफ जापान में ब्याज दरें बढ़ती हुई देखने को मिल सकती हैं। तो ओवरऑल इस हफ्ते में मार्केट के अंदर कोई भी बड़ा फैक्टर अभी ऐसा पॉजिटिव साइड पे देखने को नहीं मिल रहा है। भारत के जो रिटेल इम्प्लेशन और जो बैलेंस ऑफ ट्रेड आदि के..
02:32:34डाटा सोमवार और मंगलवार को आए हैं, वह भी मार्केट के हिसाब से थोड़ा नकारात्मक रूप से पेन आउट हो रहे हैं। फटाफट सब लोग लाइक करते चलिए। जिन्होंने लाइक नहीं किया, जो लोग चैनल पर पहली बार आए हैं, चैनल को भी सब्सक्राइब करते चलिए। चलिए सर, तो उम्मीद करते हैं कि एक अच्छा आउटलुक आपको पॉलिसी से संबंधित जो हमने चर्चाएं की हैं, उसके अंतर्गत मिला होगा। इससे संबंधित एक छोटा वीडियो भी अगर आप चैनल पर देखना चाहें तो वहाँ उपलब्ध है। और ओवरऑल मॉनेटरी पॉलिसी मार्केट के हिसाब से उतना सपोर्टिव नहीं है। खासकर जो स्पीच और कमेंट्री में निकली बातें, जो स्टेटमेंट आए हैं, उससे मार्केट में बहुत अधिक नकारात्मकता बढ़ी है। आपने भी देखा होगा। अब लगभग पॉलिसी आए हुए दो घंटे हो चुके हैं। स्पीच भी हो चुकी है। ऑब्जेक्शंस भी आ चुके हैं। आर्थिक स्थिति का स्टेटमेंट आपके सामने है। ओवरऑल पॉलिसी मार्केट के हिसाब से अभी तो कोई बहुत ज्यादा सपोर्टिव साइड पे आपको नहीं लग रही। आप देख ही रहे हैं, मार्केट में लगातार प्रेशर रहा है।िदू जॉस में लगातार गिरावट रही है, और एक वक्त पे लगभग 800 से 850 पॉइंट के आसपास नीचे चल रहा था। एनएसडीसी जो कि पॉलिसी के पहले लगभग 20,020 पॉइंट्स का pozitiv था, वह भी बाद में नेगेटिव जाकी क्लोज हुआ है। तो यूएस मार्केट में चाहे डाउ जोंस हो, एनएसडीसी हो, या S&P 500 हो, लगातार वहां गिरावट रही है। गिफ्ट निफ्टी भी लगभग फ्लैट चल रहा था, पर बाद में वहां पे भी लगभग 150 पॉइंट की गिरावट रही है। तो संकेत ने निगेटिव साइड पे इक्विटी मार्केट में रहे हैं। कमोडिटीज के अंदर, गोल्ड और सिल्वर में भी आपको पॉलिसी के बाद में एक जोरदार गिरावट वहां भी देखने को मिली है। टेलीग्राम चैनल की लिंक नीचे दी हुई है। तो जो भी लोग इंटरेस्टेड हैं, वहां पर। क्लिक करके आप Telegram प्लेटफार्म भी ज्वाइन कर सकते हैं। तो, ओवरऑल जो फैक्टर्स हैं मार्केट के हिसाब से, काफी नेगेटिव लग रहे हैं, और एक वीक ग्लोबल क्यूज़ के साथ में आज यूएस मार्केट की क्लोजिंग हुई है। मैडाटा भी नेगेटिव है, और जिस तरीके से ग्लोबल इंडिकेटर्स के संकेत हैं, उसके हिसाब से ओवरऑल जो आउटलुक है, वह मार्केट के हिसाब से काफी नेगेटिव लग रहा है। उम्मीद करते हैं कि पावर ऑफ मार्केट का आज का सेशन आप लोगों को पसंद आया होगा, और आप लोग चाहे तो पावर ऑफ मार्केट YouTube कम्युनिटी भी ज्वाइन कर सकते हैं। उसकी डिटेल भी आपके YouTube चैनल पर और Telegram प्लेटफार्म पर मिल जाएगी। नीचे लिंक दी है, वहां क्लिक करके ज्वाइन कर सकते हैं। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पावर ऑफ मार्केट अवेलेबल है। वहां जाकर आप ज्वाइन कर सकते हैं। तो आज के सेशन को अब हम यहीं पर समाप्त करते हैं। क्लोज़ कर रहे हैं। अगले महत्वपूर्ण सेशन में फिर आप लोगों से मुलाकात होगी। जी, धन्यवाद बहुत।