00:15बाजार बाइट्स में एक बार फिर आपका स्वागत है। मैं हूं अंकुर मित्तल और हमारे साथ हैं मार्केट के जाने-माने एक्सपर्ट सुनील मिगलानी जी। सुनील जी, आपने इंटरडे के बारे में हमें काफी जानकारी दी है। पहले आपने बताया इसमें कितने खतरे हैं, इसके लिए क्या-क्या प्रिकॉशन लेनी चाहिए, किस स्टेज पर आके इन्ट्राडे में एंटर करना चाहिए। सुनील जी, हमने सब कर लिया है, अब हम पूरी तरह तैयार हैं इस इन्ट्राडे के मैदान में कूद पड़ने के लिए। मैंने डिस्क किया था, इच्छुक था, लेकिन आप इन्हें प्रोत्साहित कर गए हो। तो चलिए, अब करना है तो करना ही है। क्या करें? अच्छा, तो ये बताइए जब हम युद्ध के इस मैदान में कूद ही पड़े हैं, तो इसमें कौन-कौन से हथियार हमें चाहिए। स्टेप वन: हाउ टू सेलेक्ट स्टॉक्स फॉर इन्ट्राडे। कौन से स्टॉक्स हम सिलेक्ट करें, क्या हमारा क्राइटेरिया हो, जब हम सुबह बैठे स्क्रिन के सामने। सामने काम करने के लिए इंट्राडे में कैसे स्टॉक्स चुनें, देखिए। जैसा आपने कहा कि मैं हमेशा इंट्राडे को डिस्काउंट करता हूं, और आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि आप इंट्राडे में ज्यादा इवॉल्व न हों। लेकिन जो लोग इसे सीख चुके हैं या अभी उस प्रोसेस में हैं, उनके लिए स्टॉक सिलेक्शन एक बहुत बड़ा क्षेत्र है, जो इंट्राडे के लिए आपको चुनना होता है। क्योंकि दिन के अंदर, देखिए, सबसे बड़ी दिक्कत है कि आपको उसी पांच घंटे के अंदर सौदे को लेकर फैसला करना होता है। इसलिए, आपकी स्टॉक सिलेक्शन बहुत ही परफेक्ट होनी चाहिए। हल्की फुल्की गलती भी वहां बहुत भारी पड़ सकती है। तो, स्टॉक सिलेक्शन के लिए मुझे ऐसा लगता है कि इसका एक ऐसा तरीका होना चाहिए जो ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड न हो, बहुत ज्यादा सिंपल भी न हो, एक ऐसा रास्ता बीच का, जो मार्केट ही सुझाता है, उसी रास्ते पर चलकर मैं..
01:59लगता है कि इंट्राडे में फिर भी कुछ मौके हैं कि आप धीरे-धीरे सीख सकते हैं और कुछ न कुछ मुनाफा भी घर ला सकते हैं। कॉम्प्लिकेटेड सिस्टम नहीं होना चाहिए। इंट्राडे के अंदर स्टॉक चुनने का तरीका यह है कि जब हम इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं, तो सबसे पहले आपको यह देखना है कि पिछले हफ्तों में कौन से स्टॉक अच्छा प्रदर्शन किया है, कौन सा सेक्टर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कम से कम इतना होमवर्क आपको करना पड़ेगा। जब आप इंट्राडे के अंदर काम करने जाते हैं, तो एक चीज का ध्यान जरूर रखें कि इसका मतलब यह नहीं है कि 9:00 या 9:15 बजे जब मार्केट खुलेगी, तो मैं सोचूंगा कि मुझे क्या करना है। यह सबसे बड़ी गलती है एक ट्रेडर की। वो कहता है, "मार्केट जब खुलेगी, तभी देखूंगा कि मुझे क्या लेना है।" यह गलत बात है। अगर आप इंट्राडे में काम करना चाहते हैं, तो इसकी तैयारी एक दिन पहले ही कर लें। पहले करनी पड़ती है, कम से कम एक दिन पहले, मार्केट में जो भी क्लोजिंग आया, जिस भी तरह का सेटअप बना हुआ है चार्ट पर, जो भी चीजें देख रहे हो, आप को उसी समय अगले दिन के लिए कुछ ऐसी तैयारी करके रखनी है कि मार्केट अगर आप के हिसाब से काम करे तो आप एक्शन लेने की स्थिति में हो। वहां पर तैयारी क्या करनी है, उस पर बात करते हैं। सबसे पहले तो आप एक काम कीजिए कि पिछले दिन जो भी ट्रेड हुआ है, उस ट्रेड का एक सेटअप पूरा अपने दिमाग में लाइए कि आज पूरा दिन हुआ क्या है मार्केट में और स्टॉक्स के अंदर। मार्केट में मान लेते हैं, मार्केट ऊपर गई तो कितनी ऊपर गई, कहां खुली थी, कैसा व्यवहार रहा है, कैसा काम हुआ। उसके अंदर व्यवहार क्या था, स्टॉक्स का व्यवहार क्या था, सेक्टर्स का। इन सब चीजों को अपनी एक कॉपी पर लिख लीजिए। आप उससे आपको आइडिया लगेगा। एक चीज और बताना चाहता हूं, मैं यहां पर कि इंट्राडे कोई अपने आप में कोई भी दिन अलग से नहीं है, कोई आइसोलेटेड दिन नहीं है। एक दिन मैंने काम कर लिया, इंट्राडे के भीतर। जब आप काम कर रहे हो तो आज का दिन पिछले दिनों से जुड़ा हुआ है। आज का दिन कल और परसों की एक्सटेंशन है। वास्तव में, कल और परसों जो भी इस मार्केट में हुआ है, किसी भी स्टॉक में आज उसकी सिर्फ एक्सटेंशन है। तो यह नहीं है कि आज का दिन कोई स्वतंत्र दिन है। कल का असर, कल का जो काम हुआ है, वह आज पर जरूर आएगा। कई बार जब हम छोटे टाइम फ्रेम का चार्ट देखते हैं—10 मिनट, 5 मिनट, 15 मिनट, 20 मिनट—तो हमें पता भी नहीं चलता है कब दिन खत्म हुआ और कब शुरू हुआ। चार्ट जहां खत्म होता है, वहीं से अगले दिन शुरू होता है। लगभग थोड़ा बहुत ऊपर नीचे गैप अप होता है, यह बात अलग है, लेकिन लगभग वहीं से शुरुआत होती है। इसका मतलब है कि अगर आप बड़ा चार्ट देखेंगे—एक हफ्ते का या दो हफ्ते का—तो आपको… कई बार पता नहीं चलता कि एक दिन कहां खत्म हुआ, दूसरे दिन कहां शुरू हुआ। स्टॉक वहीं से अपनी दोबारा यात्रा शुरू करता है, नई वाली। तो यह आपको पता होना चाहिए कि जिस स्टॉक में मैं काम कर रहा हूं, वह स्टॉक कल क्या कर रहा था या उससे पिछले दिनों में क्या कर रहा था। दूसरी बात, स्टॉक सिलेक्शन का प्रॉपर तरीका यह है कि आप मार्केट की सुनें, अपनी ना बोलें। मार्केट ने आपको क्या बताया है, मार्केट कल किन सेक्टरों के ऊपर, किन स्टॉक्स पर दाव लगाया था, किन सेक्टरों में किस स्टॉक में चाल आई है। अब वह चाल ऊपर की भी हो सकती है, नीचे की भी हो सकती है। आप या तो स्टॉक को खरीद सकते हैं या आप स्टॉक को बेच सकते हैं, लेकिन आपको पता होना चाहिए कि कौन सी तरफ की चाल है। ये जब आप यह छोटे से हो, आपका हो जाएगा। उसके बाद, आप देखिए कि कौन-कौन से ऐसे स्टॉक हैं जो कल टॉप गेनर थे या टॉप लूजर थे टॉप गेनर, टॉप लूजर से मतलब यह है कि कुछ स्टॉक ऐसे जरूर होते हैं, जो हर मार्केट में होते हैं। कल के दिन में यानी अगर मैं आज काम करना चाहता हूं, तो मुझे कल का डाटा देखना है। आप एनएसई की साइट पर जाइए, वहां पर एक छोटी सी लिस्ट होती है, जिसमें टॉप गेनर और टॉप लूजर की लिस्ट होती है। अब, टॉप गेनर और टॉप लूजर की जो लिस्ट होती है, एनएसई की और एनएस 50 की या मिडकैप स्टॉक्स या एफ एंड ओ के स्टॉक्स, जो भी होते हैं, निकाल लीजिए। उनमें से टॉप गेनर और टॉप लूजर की लिस्ट बनाइए। उस लिस्ट को निकालने کے بعد, सबसे पहले उस लिस्ट को लिखिए अपने पास। उसमें 20, 25 या 30 स्टॉक्स होंगे, मेरे ख्याल से 40 स्टॉक्स भी हो सकते हैं। उन 20 से 30 स्टॉक्स को लिखिए, उनके चार्ट खोल कर देखिए। क्या होता है, कई बार आप देखते हैं कि कोई चाल, किसी भी दिन जब शुरू होती है, अगर वो चाल शुरू होने का सबसे पहला दिन है, तो वो चाल एक दिन कभी भी खत्म हो सकती है। नहीं होती है। हम अक्सर यह देखते हैं कि कोई भी स्टॉक अगर ऊपर जाना शुरू करता है, तो वह कम से कम दो या तीन दिन ऊपर रहता है। यदि कोई स्टॉक नीचे आना शुरू करता है, तो वह भी कम से कम दो या तीन दिन नीचे जाता है। तो आप उस 202 स्टॉकों की लिस्ट में से, जो ऊपर जाने वाले स्टॉक्स हैं, और जो कल ऊपर गए थे, और जो कल नीचे गए थे, उनमें से यह देखिए कि क्या यह उनका पहला दिन था। उन 205 स्टॉकों में से कोई-कोई दो या तीन चार स्टॉक ऐसे जरूर मिल जाएंगे, जो पहला दिन होगा जब वे ऊपर गए होंगे। ज्यादा टॉप गेनर की लिस्ट में आने का मतलब है कि वे अधिक ऊपर गए हैं, मार्केट से ज्यादा, अपने साथियों से ज्यादा ऊपर गए हैं। या वे ज्यादा नीचे आए हैं। यदि यह उनका पहला दिन है ऊपर जाने का, तो इसके बहुत ज्यादा Chancen हैं कि अगले दो या तीन दिन में वे और ऊपर जाएंगे। उन स्टॉकों को अलग लिख लीजिए, बाकी स्टॉक को हटा दीजिए, जो चार। दिन से ऊपर जा रहा है, पांच दिन से ऊपर जा रहा है, तीन दिन से वह आपके काम का नहीं है, उसको छोड़ दो क्योंकि आपको सिर्फ इंट्राडे में काम करना है। इंट्राडे में काम करना है उस स्टॉक को उठाइए जिसने कल अपनी चाल की शुरुआत की है, वो स्टॉक आपके काम का है। उस स्टॉक को अलग लिखिए। जैसे ही आप लिख लेंगे, आपके पास चार-पांच स्टॉक हो जाएंगे, दो-तीन स्टॉक होंगे नीचे जाने वाले, दो-तीन चार स्टॉक होंगे ऊपर जाने वाले। अगले दिन मार्केट जब खुलती है, सुबह 9 से 1 बजे तक, आपको बिल्कुल भी सौदा नहीं डालना है। सबसे पहला डिसिप्लिन तो ये बना लीजिए, अपना यह पूरा तैयारी कर ली हमने, क्योंकि सुबह होते ही सौदा नहीं डालना है, बिल्कुल नहीं डालना। आपको सौदा डालना है कुछ मूवमेंट देखने के बाद। आपने जो स्टॉक निकाला है, ऊपर जाने वाला कि आपको लग रहा है कि कल यह पहले दिन ऊपर गया था, अब यह और ऊपर जा सकता है। तो वो स्टॉक जबतक आपको यह दिखता है। ना दे कि वाकई में वह कल की उसकी चाल थी, उसको आगे बढ़ा रहा है, तब तक आपको उसमें एंट्री नहीं करनी। तो मेरा मानना यह है कि आपको पहले आधे से पौने घंटे का एवरेज ट्रेडेड प्राइस, जिसे हम एटीपी कहते हैं, वह देखना चाहिए। आप देखते हैं, आपकी स्क्रीन पर आती है एटीपी, एवरेज ट्रेडेड प्राइस। पहले आधे से पौने घंटे का जो एटीपी है, अगर वह स्टॉक उसके ऊपर काम कर रहा है, तो आपको उसे खरीदना है। अगर स्टॉक उसके नीचे काम कर रहा है, तो आपको उसे सेल करना है। अब, आपके पास दो लिस्ट हैं, एक खरीदने की लिस्ट है और दूसरी बेचने की लिस्ट। तीन-चार स्टॉक खरीद में हैं, दो-तीन स्टॉक सेल में हैं। आप यह देखिए कि खरीद वाली लिस्ट का स्टॉक, अगर वह अपनी एटीपी के ऊपर है, यानी एवरेज ट्रेडेड प्राइस के ऊपर, तो वह स्टॉक अगर पहले आधे पौने घंटे में एटीपी के ऊपर काम कर रहा है, तो वह स्टॉक आपके काम का है, उसे पकड़ लीजिए। और जो स्टॉक आपकी सेल वाली लिस्ट में हैं। लिस्ट में है यानी कि आप बेचना चाहते हो स्टॉक को, कल वो गिरा था ज्यादा और उसका पहला दिन था। उस स्टॉक को आप देखिए, वॉच कीजिए। पहले आधे से पौने घंटे में, मतलब 101 तक। अगर उस समय तक वह स्टॉक अपनी एटीपी के नीचे काम कर रहा है, तो आपको वहां उसको सेल कर सकते हो। वह अच्छा मौका है, एक्चुअली, आपको काटने के लिए, और स्टॉप लॉस लगाना है। आपको जरूर वह स्टॉप लॉस आपके डिसिप्लिन पर काम करेगा, जो भी आप सेटअप के ऊपर काम करते हो। आपको अपने हिसाब से देखना है कि मैं कितना लॉस दे सकता हूं, कौन सा एरिया है जो नहीं कटना चाहिए। आप स्टॉप लॉस उस हिसाब से लगा सकते हो, और स्टॉप लॉस का डिसीजन जो है, आपको लास्ट डे की कोई ना कोई एरिया ऐसा मिलेगा, जो उसकी सपोर्ट बन रही होगी। वहां पर आपको लगाना है। आपको लास्ट डे का चार्ट देखना है, उस चार्ट पर कोई ना कोई ऐसी जगह होगी, जहां पर उसने सपोर्ट लिया होगा। सपोर्ट एरिया आपका स्टॉप लॉस है। आप देखिए, देखिए कि यदि वो स्टॉप लॉस लेने पर आपका रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो फेवरेबल हो रहा है, तो आपको लग रहा है कि हाँ, स्टॉप लॉस छोटा है और टारगेट बड़ा है, तो आप उस स्टॉक को ले लीजिए। यदि आपको लग रहा है कि स्टॉप लॉस बहुत बड़ा है, तो उसको हटा दीजिए। देखिए, एक बात हमेशा याद रखिए, इंट्राडे के अंदर कोई आपको 50% पर मिलने वाला नहीं है। आपको दो, चार, पाँच पर चाहिए। वो एक-दो स्टॉक में आ जाता है, तो बहुत ज्यादा भीड़ इकट्ठी करने की जरूरत नहीं है। आपको कोई एक स्टॉक भी अगर रोज का एक स्टॉक हो गया, जिसमें आपको 2-3% पर आ गया, तो क्या चाहिए? सर, बैंक में 7% साल का देता है, वो 8% पर, आपको 2% पर भी मिल गया, तो क्या चाहिए? आप अभी लालच करते रहोगे, तो सब कुछ मैं खा लूँ। ऐसा कुछ नहीं होता। लोग हमारे पास आते हैं और कहते हैं, "सर, हमें 100% का प्रॉफिट चाहिए।" कोई डेक्ली तोड़ी पड़ रही है, यहाँ पर 100% का। प्रॉफिट चाहिए। आप बात जो करेंगे, वो जस्टिफाई भी तो होनी चाहिए ना। आपको एक-दो स्टॉक चाहिए, इसमें आपको दो-चार पैसे का प्रॉफिट अगर आ जाता है, अपना डिसिप्लिन फॉलो करके, तो मेरा ख्याल में उससे अच्छी कोई बात नहीं है। तीन स्टेप मैंने आपको बताए, दोबारा रिपीट कर देता हूं। पहला, मार्केट की ओवरऑल चाल देखिए, क्या चल रही है। दूसरा, टॉप गेनर, टॉप लूजर की लिस्ट, जो एनएससी की साइट पर आती है, उसको नोट डाउन करिए। उनमें से वो स्टॉक अलग छांट लीजिए, जिनका पहला दिन ऊपर या नीचे जाने का हो। उस पहले दिन वाले स्टॉक को अलग कर लीजिए। उनको अपनी स्क्रीन पर लगाइए। उसके बाद, जो स्टॉक आधे से पौने घंटे के अंदर अपनी एटीपी के ऊपर या नीचे काम कर रहा हो, उसके हिसाब से उसे बाय या सेल कर दीजिए, विद स्टॉप लॉस। आप देखेंगे, अगर आप 20-2 दिन लगातार ऐसा करते रहेंगे, तो हो सकता है कि एक-दो बार चार बार-बार आपका स्टॉप लॉस टक हो जाए, जो कि नॉर्मल बात है इस मार्केट में, लेकिन 10, 12, 15, 15 बिल्कुल ठीक निकलेंगे, और उस 10, 15 बार के अंदर अगर आपने 5, 7 पर का प्रॉफिट कमा लिया और स्टॉप लॉस के रूप में दो, चार, पांच बार में अगर आपने कुछ पैसे दे दिए, तब भी आप नेट में प्रॉफिट में रहेंगे। स्टार्टिंग में जो आदमी काम कर रहे हैं, मैं फिर से कह रहा हूँ, बार-बार अंदर ट्रेंड में बिल्कुल मत जाइए। यह बहुत ही डिसिप्लिन का काम है, बहुत ही फास्ट डिसीजन लेने पड़ते हैं, लेकिन सीखने के हिसाब से छोटी क्वांटिटी के अंदर, इस प्रोसेस को फॉलो करके आप काम कर सकते हैं। सुनील जी, तरीका तो आपने बहुत अच्छा बताया, काफी जद्दोजहद के बाद, काफी बार पूछने के बाद, सुनील जी ने फाइनली कुछ बताया है। सुनील जी, एक और क्वेरी थी इससे जुड़ी हुई। आपने जो सिस्टम बताया है, क्या उसमें काम करते हुए हमें इस बात का ध्यान भी रखना है कि अगर मार्केट की जो ब्रॉडर चाल ऊपर की या नीचे की है, तो हम जो स्टॉक लें, वह भी उसी दिशा में क्लिक करके चलें, या कुछ बाय कुछ सेल करके चले। इस तरह का प्रोसीजर फॉलो करना चाहिए। बहुत अच्छा सवाल है आपका। देखिए, एक बात का नियम हमेशा बना के रखें अपने लिए कि मार्केट के ट्रेंड के साथ में जब भी आप होते हैं, आपको प्रॉफिट होने का चांस बहुत ज्यादा होता है। यह बात तो आप अपनी गांठ में पकड़ लीजिए कि जब भी आप बड़े ट्रेंड के साथ होते हैं, तो प्रॉफिट का चांस बहुत ज्यादा होता है। मार्केट अभी नीचे आ रही है, लेकिन यदि आप एक ऐसा स्टॉक उठाना चाहते हैं जो बाय करना चाहते हैं, तो यह हो सकता है कि वो स्टॉक जो है, मार्केट के साथ ज्यादा नीचे ना आए, लेकिन यह भी कोई गारंटी नहीं है कि वह ऊपर जाएगा। हो सकता है कि मार्केट के प्रेशर में वह ऊपर भी ना जाए, तो आपको फायदा उस चीज में ज्यादा है कि मार्केट का ट्रेंड..
13:14अगर नीचे है तो उन स्टॉक्स पर ज्यादा दाव लगाइए जो आपकी सेलिंग लिस्ट में हैं। मार्केट का ट्रेंड यदि उस दिन ऊपर का है, तो उन स्टॉक्स पर ज्यादा दाव लगाइए जो ऊपर के ट्रेंड में चल रहे हैं। इस चीज़ को थोड़ा नोट करना जरूरी होता है कि बॉर्डर मार्केट, यानी सीमांत बाजार, किस दिशा में चल रही है। हवा के खिलाफ जो शेयर बहुत कम ट्रेड कर पाते हैं, या फिर वो खड़े हो जाते हैं। ऐसा हो सकता है कि कोई स्टॉक ऊपर जाना चाहता है, लेकिन मार्केट में किसी तरह का सेलिंग प्रेशर है, तो वो खड़ा रह जाएगा। लेकिन आपको तो कुछ नहीं मिला ना, या तो स्टॉप लॉस कट जाएगा या फिर वो पूरे दिन खड़ा रहेगा। आपका पूरा दिन वेस्ट हो गया। इसलिए कोशिश करिए कि मार्केट की चाल बड़ी चाल है, उस चाल के साथ ही आप चलिए। स्टॉक सिलेक्शन अपने हिसाब से कीजिए, लेकिन मार्केट की चाल के साथ में रहेंगे तो आपकी संभावना ज्यादा होगी कि आप कुछ कमाएंगे, जैसा आप हमेशा। कहते हैं कि पतंग उड़ाने में उसी दिशा में फायदा होता है जहां की हवा चल रही है। दिशा के खिलाफ पतंग उड़ाने की कोशिश करेंगे तो कुछ फायदा नहीं होगा। दर्शकों, आशा है आपको यह कार्यक्रम बहुत पसंद आया होगा। इंट्राडे के बारे में बहुत सारी क्वेरीज़ आती हैं हमारे पास, और सुनील जी ने एक बहुत अच्छा इनिशियल स्टेप दिया, हमने को वो हथियार दे दिए हैं जिनसे हम इंट्राडे के मैदान में कूद सकते हैं। लेकिन मैं फिर भी यही कहूंगा, बार-बार यही कहूंगा कि इंट्राडे में पैसे कमाना आसान नहीं है। अपने डिसिप्लिन के साथ काम कीजिए, शुरू में सीखिए, उसके बाद धीरे-धीरे उसे बढ़ाइए। धन्यवाद दर्शकों, हमारे साथ बने रहने के लिए, कृपया वीडियो को शेयर, लाइक, सब्सक्राइब करना न भूलें।