00:00एआई की वजह से क्या नई अपॉर्चुनिटीज़ आ रही हैं? बस आपको एक चीज़ चाहिए। आप ही आप हैं। आपका लैपटॉप है और आपका इंटरनेट कनेक्शन। इतना है, अगर आपके पास ये दोनों हैं, तो आप 7, 8, 9 करोड़ की कंपनी पहुंचा सकते हैं। तो आप यह कह रहे हैं कि जो लोग 15, 18, 20 साल लगाकर डिग्रियां ले रहे हैं, वो डिग्री अब किसी काम की नहीं है। टेक्नोलॉजी का उपयोग हर जगह किया जा सकता है, लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपका विजन क्या है, अपने बिजनेस को लेकर। ये इंडस्ट्री में आप काम कर रहे हो या इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने की सोच रहे हो, तो इससे बेहतर है कि आप AI सीखो। AI हर इंडस्ट्री के साथ इंटरग्रेट होने वाला है, और हमें इसका फायदा उठाना है। अगर हम AI स्किल लें, तो हम बहुत सरलता से देख सकते हैं कि AI के माध्यम से व्यवसाय कैसे किया जा सकता है। AI आपको नए रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रहा है, और धीरे-धीरे यह ऑटोमेशन में भी परिवर्तित हो रहा है। आगे-आगे आपको रास्ता दिखता जाएगा। यह वैसा ही है कि AI कोई डेस्टिनेशन नहीं है, बल्कि एक जर्नी है। दोस्तों, आज के समय में [गला साफ़ करने की आवाज़] में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक बड़ा विषय बना हुआ है। इसके अपने फायदे भी हैं और नुकसान भी। फायदे क्या हैं? आज वह काम जो आपको करने में पहले महीने लगते थे, अब मिनटों में हो जाते हैं। बहुत सारे काम के लिए आपको कर्मचारी पर निर्भर नहीं होना पड़ता। अब वह काम खुद से कर सकते हैं। बहुत सारे काम आसानी से हो जाते हैं। कम लागत में हो जाते हैं। जिन कामों के लिए पहले आपको हजारों या लाखों खर्च करने पड़ते थे, अब या तो फ्री में हो जाते हैं या बहुत कम कीमत में। लेकिन नुकसान क्या है? नुकसान क्या है? यह मैं नहीं बताऊंगा। यह बताएंगे आपको AI मेंटर। जी हां दोस्तों, आज हमारे साथ एक AI स्टार्टअप मेंटर हैं जिन्होंने कई सारी कंपनियों को मार्गदर्शन दिया है। बनाई है एआई रिलेटेड, जिसमें कि ऐप्स, उमिराई, AI क्लाइम्स, स्किल्स। AI जी हां दोस्तों, ऐसी अलग-अलग कंपनीज़ हैं जो मल्टीपल AI सॉल्यूशंस देती हैं। आज उनके फाउंडर हमारे साथ हैं। वो आपको बताएंगे कि AI में अवसरें क्या हैं और किस तरीके से AI आपके लिए खतरा भी बन सकता है। तो दोस्तों, हम लोग सीधा स्वागत करते हैं एआई स्टार्टअप मेंटर गौतम जैन जी का। फ्रेंचाइजी बताओ के इस स्पेशल पॉडकास्ट में, पूरा पॉडकास्ट जरूर देखिएगा, क्योंकि यहां पर बहुत सारी नॉलेज और बहुत सारी अवसरें एक साथ मिलने वाली हैं। तो आइए, स्वागत करते हैं गौतम जी का। सर, आपका बहुत-बहुत स्वागत है। धन्यवाद, सूर्या अशिष जी, इनवाइटिंग के लिए। कैसे हैं गौतम जी? सुपरब, मैं बहुत अच्छा हूँ। आज आपका इतना महत्वपूर्ण समय देने के लिए धन्यवाद। आज आपके साथ बातचीत करने का बहुत सुखद अवसर है। नॉर्मली, जो लोग इस स्पोर्ट्स पॉडकास्ट देखते हैं, उन्हें पता है कि हम इस तरीके से कभी लिखकर बात नहीं करते। लेकिन AI के विषय में बात करनी है तो लिखकर करनी पड़ेगी। जैसे हमने शुरुआत किया है कि AI अवसर भी ला रहा है, और साथ ही में बहुत सारी चीज़ों के लिए खतरा भी है। तो हम लोग सीधे पहले अवसर पर बात करते हैं। AI की वजह से क्या नई अवसर आ रहे हैं? AI की वजह से हर इंडस्ट्री में नई अवसर आ रहे हैं। जो चीजें पहले सीखने में बहुत समय लगती थीं, फिर अनुभव लेने में समय लगता था, इंटर्नशिप में जाना पड़ता था, और उसके बाद जब ग्राउंड लेवल पर काम करने की बारी आती थी, तो वो काम बहुत अलग होता था। तो इस पूरे प्रोसेस को बहुत शॉर्ट कर दिया है, AI ने। आज जैसे शार्क टैंक में आप देखते हो कि 13 साल के बच्चे भी AI स्टार्टअप को लेकर वहाँ जा रहे हैं। हैं। तो 13 साल का बच्चा अगर कर पा रहा है एक एआई स्टार्टअप कर पा रहा है, बस एक माइंडसेट की बात है, तो कोई भी कर सकता है। एआई आया ही उन लोगों के लिए है जो नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड के लोग हैं। आज टेक्निकल लोग और नॉन टेक्निकल लोगों को वहीं पर ला खड़ा किया है, जहां वे एक स्तर पर होंगे। तो आज अवसर नॉन टेक्निकल के पास ज्यादा बड़े हो चुके हैं। तो आप यह कहना चाह रहे हैं कि जो लोग 15 साल, 18 साल, 20 साल लगाकर डिग्रियां ले रहे हैं, वह डिग्री अब किसी काम की नहीं है। सच्चाई यही है कि वो डिग्री इस बात पर निर्भर करती है कि वह कौन सी है। अभी तो पर वह उसका भविष्य में उपयोग नहीं होगा। मेरे हिसाब से, यह एक सच्ची बात है, मैं बताना चाहता हूं, क्योंकि मैं अभी विश्वविद्यालयों में भी बहुत जगह गया हूं। तो आज भी विश्वविद्यालय में कोडिंग सिखाई जा रही है। आज भी विश्वविद्यालय में कुछ ऐसी चीजें सिखाई जा रही हैं। आज के समय में AI (Artificial Intelligence) सिर्फ एक तकनीक ही नहीं रह गई है, बल्कि इसकी कीमत ढाई लाख, तीन लाख, चार लाख रुपये तक हो रही है। हम आने वाले दो साल में ही कोडिंग की जरूरत ही नहीं रहेगी, क्योंकि एक AI एजेंट दूसरे AI एजेंट बना सकता है। तो आप कोडिंग क्यों सिखा रहे हैं? ये कुछ ऐसी बातें हैं जो फ्यूचरिस्टिक सोच के तहत हमें जाननी चाहिए। वह बच्चा दो साल में पढ़ाई पूरी करेगा, तो जब तक कोडिंग ही नहीं रहेगी, तब वह डिग्री का क्या करेगा? यह एक एक्सेप्टेड बात हो गई है। दूसरे भी, जैसे आपने सुना होगा कि AI अस्पताल चीन में खुल गया है, जिसमें 14 AI डॉक्टर हैं। AI डॉक्टर का मतलब क्या है? वे सर्जरी भी कर रहे हैं, पूरा स्कैन करके आपको दवाएं भी दे रहे हैं। उनके पास 4 करोड़ पेशेंट का डाटा बेस मौजूद है। तो उनके पास बहुत अच्छा ज्ञान है। हमारे पास अच्छा डाटा है, उनके पास भी। तो आज अगर MBBS की पढ़ाई कर रहा कोई बच्चा है, तो वह भी इस दिशा में कदम बढ़ा सकता है। यहां पे फियर फैक्टर होना चाहिए कि हमें एआई स्किल हर इंडस्ट्री में सिखाने की जरूरत है। अगर उसके पास एमबीबीएस की डिग्री है, पर अगर उसके पास एआई की स्किल भी है, तो आज की तारीख में वो मल्टीप्लाई कर सकता है अपने पेशेंट की समस्या को सॉल्व करने के लिए। अपनी स्किल को, अपनी एक्सपर्टीज को। तो अगर हम इसको ऐसा देखें कि मैं तो डॉक्टर हूं, मुझे कोई एआई सीखने की जरूरत नहीं, क्योंकि जो मेरा एक्सपीरियंस है, वो एआई से नहीं आ सकता। अगर इस तरह की मेंटालिटी है डॉक्टर की, तो मुझे लगता है, वो बहुत पीछे रह जाएगी। उनके हाथ से अवसर चले जाएंगे। मतलब, आप ये कहना चाह रहे हैं कि आज के दिन एक डॉक्टर जो बनता है, पांच साल, सात साल, दस साल का पूरा एक्सपीरियंस चला जाता है, और कई मामलों में 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का खर्चा भी हो जाता है। और उसके बाद जो डॉक्टर बनकर आ रहा है, वह एक अनुभव वाले डॉक्टर..
06:06आप कह रहे हैं कि वह एक रोबोट या एक एआई को रिप्लेस कर देगा। हाँ, फ्यूचर में ऐसा होगा। फिर कोई डॉक्टर बनना क्यों चाहेगा? सर, [नाक से की जाने वाली आवाज़], नहीं, यह चीज हमें कभी नहीं भूलनी चाहिए कि पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मानव बुद्धिमत्ता बहुत अलग थी। अभी तक तो मानव बुद्धिमत्ता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने बाईपास नहीं किया है, लेकिन हाँ, फ्यूचर में जरूर करेगा। इसमें कोई संदेह नहीं है। इकोनॉमिक वर्ल्ड फोरम में आपने सुना होगा कि एलोन मस्क ने कहा है कि इसी साल हम मानव बुद्धिमत्ता को बाईपास कर सकते हैं। यह उस समय की बात है। बहुत बड़ी बात नहीं है, लंबी बात नहीं है। अगर वह ये कह रहे हैं तो भी, यदि हम इसे दो साल भी पकड़ लें, तब भी यह संभव है, क्योंकि AI अब नई चीज़ है। नई चीज़ है एसआई। व्हाट इज एसआई? सुपर इंटेलिजेंस या फिर सिंथेटिक इंटेलिजेंस। ह्यूमन इंटेलिजेंस को बाईपास करेगा। क्या होता है, वो बेसिक डिटेल में बताएंगे, डिटेल में इसको ऐसे देखें जैसे अभी जो एआई है, वो आर्टिफिशियल है। आर्टिफिशियल मीनस उसमें जो डेटा फीड किया गया है, उसी हिसाब से उसके जवाब आते हैं। जब हम चैट जीपीटी पर कुछ पूछते हैं, तो हमें लगता है कि वो जवाब मुझे मिल गया, और कुछ लोग अंधा विश्वास भी करते हैं उस पर, कि यार, ये तो सही बता रहा होगा। ये तो एआई है। ये एक मिथ है। वो सही बता रहा है, ये गारंटी नहीं है। क्योंकि वो वही बता रहा है, जो डेटा फीड किया गया है, और वो आपके बायस के हिसाब से बता रहा है। आपने एक शब्द सुना है, कंफर्मेशन बायस। हां, बिल्कुल। कंफर्मेशन ऑफ बायस, मतलब कि यदि एक उदाहरण लें तो, यदि महिला या महिला बाइक चला रही है या कार चला रही है, तो एक पुरुष का कंफर्मेशन बायस ऐसा होता है कि थोड़ा सा दूर से ध्यान से चलाना, क्योंकि ये सही..
07:56सिग्नल दे रहे हैं तो शायद लेफ्ट में भी जा सकती है। हम तो यह कंफर्मेशन बायस है। ऐसा है, जरूरी नहीं कि वैसा ही हो। परसेप्शन क्या बन गया है। हां, तो आप जब अपने चैटबॉट से बात कर रहे हो, भले ही वो कोई भी एलएलएम का हो, वो आपको उत्तर आपके बायस पॉइंट ऑफ व्यू से ही दे रहा है। तो इसे सही तरीके से प्रयोग करना लोगों को नहीं आ रहा है। अगर मैं एलएलएम को समझना चाहूं, क्योंकि बहुत सारे लोग यहां पर नॉन-टेक्निकल भी होंगे और क्योंकि आप फ्रेंचाइजी बताते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो व्यवसायिक दृष्टिकोण से इस पॉडकास्ट को देख रहे हैं। तो शायद वे एलएलएम को विस्तार से नहीं जानते होंगे। तो एलएलएम क्या होता है? आप यह बता पाएंगे? लार्ज लैंग्वेज मॉडल। ओके, जो चैटजीपीटी, ग्रॉक, जेमिनाई, क्लाउड, ये सब मॉडल्स हैं, डीप सिक्वेंस वाले, ये सब एलएलएम मॉडल होते हैं, और इसी एलएलएम मॉडल के बेस पे दुनिया में नए-नए ऐप्स बनाए जाते हैं। नई-नई एआई कंपनियां बन रही हैं, मतलब लैंग्वेज ऑफ एआई, लैंग्वेज ऑफ एआई, लैंग्वेज ऑफ एआई, बड़े लैंग्वेज मॉडल हैं। उनके पास सब ज्यादा डेटा है, हम डेटा की बात कर रहे हैं। जैसे आपने बताया, डीपमाइंड चीन का है और अमेरिका ने तो क्लाउड भी बनाया, चैटजीपीटी भी बनाया। तो इस तरीके से इंडिया का कौन सा अच्छा लैंग्वेज मॉडल है? [हंसी] यही तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। ये है कि सबसे बुरी खबर यह है कि अभी हमारे पास कोई भी लैंग्वेज मॉडल नहीं है। इंडिया ने कोई भी नहीं बनाया। कोई नहीं बनाया। और यह चौंकाने वाला है कि क्यों नहीं बनाया? मैं नहीं जानता। इतनी बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत में हैं—Reliance है, TCS है, Adani है। पैसों की कोई कमी नहीं है, सरकार के पास पैसों की भी कमी नहीं है। लेकिन हम अभी तक अपना लैंग्वेज मॉडल क्यों नहीं बना पाए? उल्टा, हमारे मंत्री ही ऐसे सुझाव देते हैं कि दूसरे देशों के लैंग्वेज मॉडल मुफ्त में प्रयोग करें, अपने लोकसभा में। ये तो मेंटालिटी, किसी ने कहा चैट जीपीटी फ्री कर देनी चाहिए। हां, चैट जीपीटी फ्री कर दो। अब ये कितनी बेवकूफों वाली बात है, मतलब कि आप अगर किसी और कंपनी का एक प्लेटफार्म पूरा फ्री कर दोगे, वो भी डिटेल वाला फ्री। फ्री तो वैसे भी है, वो। लेकिन आप प्रो वर्जन फ्री करने की बात कर रहे हो, तो सारा डेटा तो वहां जाना ही है। फिर बिल्कुल। तो चलिए हम वापस अपने सवाल पर आते हैं। अब जैसे आपने बताया कि डॉक्टर को जरूरत नहीं है। अब डॉक्टरों की जगह AI कर रहे हैं, सारा काम। तो आपको क्या लगता है कि AI कौन-कौन सी इंडस्ट्रीज को रिप्लेस कर देगा, कि अब ये इंडस्ट्री में आप काम कर रहे हो या इंडस्ट्रीज में अगर आप अपना करियर बनाने की सोच रहे हो, तो इससे बेहतर है कि AI सीख लो। 99% इंडस्ट्री सारी इसमें कवर होती है, जैसे कि आप कुछ 5, 7, 10, कुछ भी बताना चाहें, एक एजुकेशन इंडस्ट्री है। सिर्फ 4 साल में 5..
10:30साल में आप देखें कि एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन होगा। एक IIT लेवल का ट्यूटर हम 500 रुपये सब्सक्रिप्शन में पर्सनल ट्यूटर मिल जाएगा। यह AI ट्यूटर होगा। यह ट्रांसफॉर्मेशन है और जो भी एजुकेशन में सिखाया जा रहा है। अब जैसे आपने यह भी न्यूज़ सुनी होगी कि प्रधानमंत्री के एडवाईज़र ने एक बहुत बड़ा स्टेटमेंट कहा था कि यूपीएससी परीक्षा एक पूरी तरह से समय की बर्बादी है, AI के युग में। यह प्रधानमंत्री के एडवाइज़र ने कहा है, मैं नहीं कह रहा हूं। यूपीएससी एजेंसी एक पूरी तरह से समय की बर्बादी है, AI के युग में। अब हम भी एक प्रश्न पूछते हैं। हम अपने आप से पूछते हैं, जब हमने पढ़ाई की, आपने की, मेरे साथ भी वही था। इतिहास उस समय भी पढ़ाई जाती थी। हां जी। आज भी पढ़ाई जा रही है। आज भी पढ़ाई जा रही है। तो इसका क्या उपयोग है? आप बता दीजिए, स्कॉलर्स के लिए, हमारे लिए तो नहीं है। बात वो है ना? पर एआई की दुनिया में तो अब कोई यूज़ नहीं है ना उसका। हम तो वैसे एजुकेशन का ही है, जैसे डॉक्टर की इंडस्ट्री है। बिजनेस में जितने भी रिपीटिटिव टास्क हैं, वो सब ऑटोमेट हो जाएंगे एआई की वजह से। मैंने देखा कि आपने भी कई सारे एआई प्लेटफार्म बनाए हैं, जैसे यूनाई, FDM, क्लेम स्किल। हम बात करें कि आप किस तरीके से बिजनेस की समस्या को सॉल्व कर रहे हैं थ्रू एआई। एआई वॉयस कॉलिंग, एआई टॉकिंग वेबसाइट—अच्छी वेबसाइट से मत सुनो, हाँ, मतलब, वो वो बात कर रही है वेबसाइट, वो लीड जेनरेट कर रही है, अपॉइंटमेंट बुक कर रही है और रात के 2:00 बजे भी कर रही है। एक साथ 1 लाख लोगों के साथ बात कर रही है, फॉलो-अप ले रही है, वो फाउंडर की वॉयस में बात कर रहा है। आपका जो भी बिजनेस है, अगर आप अपनी ही आवाज़ में, अपनी वेबसाइट पर वॉयस एजेंट डाल दें, चैटबॉट। अब पुरानी बात हो गई, हम वॉइस एजेंट का इस्तेमाल नई चीज़ के रूप में कर सकते हैं
12:29आप अपने क्लाइंट को फिल्टर करके वेरिफाइड करने में मदद ले सकते हैं, तो AI मार्केटिंग से यह हो सकता है
12:35दूसरा आप अपना ऐप बना सकते हैं, जैसे अब HR है, किसी कंपनी में अब HR का ही एक ऐप बन जाए, जो AI का हो
12:49यदि कोई इंटरव्यू ले रहा है या कुछ भी ले रहा है, तो उसे फिल्टर करना है और उसमे बहुत टाइम बचेगा
12:54उसको मैनुअली कुछ करने की जरूरत नहीं है
12:56मतलब, मैनुअली जो भी काम repetitive हैं, वह सारे बंद हो जाएंगे और कई सारी जॉब्स भी उससे चले जाएंगी
13:05ठीक है
13:13आप ने अभी सुना होगा कि AI प्लांटर नामक कंपनी लॉन्च हुई है, जिसमें AI सोइल को देख कर, वह पानी देती है और उसके न्यूट्रिशन की वैल्यू के हिसाब से उसमें न्यूट्रिशन भी डालती है
13:22यह प्रॉपर कैल्कुलेटिव तरीके से वह प्लांट ग्रो होता है
13:26हम तो यह फार्मिंग..
13:27इंडस्ट्री में भी बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है, रिवोल्यूशन। इसमें AI ट्रैक्टर भी आ चुके हैं। [हंसी] मतलब, AI देखा जाए तो हर एक क्षेत्र में लोगों के लिए खतरा भी है और अवसर भी है। हम लोग अवसरों की बात करते हैं कि हम फ्रेंचाइजी बताएंगे, पर है सर, और हम यहां पर यह भी बताते हैं कि हम लोगों को बिजनेस अवसर क्यों बताते हैं। और किस तरह से AI के जरिए कारोबार किया जा सकता है। AI कैसे आपको नई नौकरियों के अवसर दे रहा है, इस पर हम ज्यादा बात करेंगे। लेकिन साथ ही यदि आप इससे अधिक जानना चाहते हैं, तो सर के सेशंस हैं, मेरे ख्याल से। मैं लिंक दे दूंगा, आप ज्वाइन करें और जानें कि किस तरह से AI सीख सकते हैं और किस तरह से AI के जरिए काम कर सकते हैं। सीखने के बाद हम आगे आएंगे। लेकिन पहले अवसरों पर आते हैं। आज ऐसी कौन सी अवसर हैं, जिनसे कि AI..
14:20सीख कर हम पैसा कमा सकते हैं? बहुत अच्छा प्रश्न है यह, और यह बहुत लोगों को फायदा देने वाला है। दुनिया में दो प्रकार के व्यवसाय हैं। अगर आप एक बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो उन दो ही प्रकार के व्यवसाय हैं, जो शुरू हो सकते हैं। एक सेवा आधारित व्यवसाय, और एक उत्पाद आधारित व्यवसाय। बिल्कुल। लेकिन सेवा आधारित व्यवसाय में ग्राहक संतुष्टि का अनुपात जो है, वह थोड़ा कम रहता है। इन उत्पाद आधारित व्यवसाय का थोड़ा अधिक है। सामान आ गया न हाथ में? हां। लेकिन इन उत्पाद आधारित व्यवसायों में दो श्रेणियां हैं: फिजिकल उत्पाद और डिजिटल उत्पाद। हां जी। अब, फिजिकल उत्पाद व्यवसाय यदि कोई शुरू करना चाहता है, तो आज के AI की दुनिया में यह डिजिटल की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि फिजिकल उत्पाद व्यवसाय में कुरियर डिलीवरी का प्रॉब्लम, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का प्रॉब्लम… ब्रेकआउट का प्रॉब्लम, रिजेक्शन का प्रॉब्लम, वेयरहाउस मेंटेन करो। बहुत सारे चैलेंजेस कंपेयर टू डिजिटल। अगर आप डिजिटल प्रोडक्ट बेस्ड बिजनेस शुरू कर रहे हैं, तो वो बहुत ही पावरफुल बिजनेस है। और उसमें भी जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिजिटल आ जाए, भी आपके पास जिसको AI SaaS मॉडल बोलते हैं, सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस AI का आज की डेट में इससे बेहतर बिजनेस मॉडल दुनिया में उपलब्ध नहीं है। तो आप कैसे अपना AI SaaS प्रोडक्ट बना सकते हैं और एक दिन में लॉन्च कर सकते हैं, यही हम अपने फ्री ट्रेनिंग में सिखाते हैं। एक दिन में AI SaaS प्रोडक्ट बनाकर लॉन्च कर लो। हाँ, कैसे हो सकता है सर ये? [हंसी] क्योंकि आज जब आप यहां बैठे हैं, तो आपसे ये ट्रेनिंग तो ली जाए न। जैसे कि कोडर और उसकी कोई जरूरत ज्यादा नहीं है आज की डेट में। राइट? Appdeye, जो हमारा एक सिस्टम है, उसमें 2 मिनट में आप अपने ऐप बना सकते हैं। जस्ट 2 मिनट में एप्लीकेशन बनकर तैयार हो जाती है। एप्लीकेशन बनाना बहुत आसान है, बैकएंड में सिर्फ चार स्टेप्स हैं, और उसमें कुछ भी असंभव नहीं है। आपका बैकएंड भी तैयार हो जाता है। Android के ऐप, iOS के ऐप, यहां तक कि क्रिप्टो और ब्लॉकचेन लेवल के ऐप्स, जैसे कि क्रिप्टो ब्लॉकचेन ऐप्स, जो लीडेबल में भी नहीं बनते, वह सब भी बन सकते हैं। हां, जी, मैं उसकी बात कर रहा हूं, जो ऐपडैडी पर बनते हैं। यह इतना एडवांस सिस्टम है कि इसमें कोडिंग की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ चैटिंग की जरूरत है। आपके पास एक आइडिया होना चाहिए। विराट कोहली ने कहा था न कि मैं सिर्फ बीच के गैप देखता हूं, फील्डर के बीच का, और फिर बॉल मारता हूं। आपको बस बिजनेस में वो पिन पॉइंट ढूंढना है, गैप पहचानना है, और उसका AI ऐप बनाना है। आपका बिजनेस शुरू होता है एक एप्लिकेशन से, एक प्रॉम्प्ट से, और आपका एप्लिकेशन बनकर तैयार हो जाता है। वह एप्लिकेशन प्रोविज़न भी नहीं, प्रॉम्प्ट भी नहीं। देना है। अगर मैं यहां पे बात कर रहा हूँ कि भाई, एक आयुर्वेद का ऐप बनाना है, जिसमें 5000 साल पुरानी हमारी जो एंशिएंट आयुर्वेद है, उसका नॉलेज होना चाहिए, और हमें जो होम रेमेडीज हैं, उससे हम करंट लाइफस्टाइल डिसीज का सॉल्यूशन दे दें। ये बातें करी हैं न, हमने, बस इतना सा ऐप बनाना है। बस इतना सा ही बताना है, उसको बस इतना सा बताना, [हंसी], और ऐप बन कर तैयार हो गया। आप उसको प्ले स्टोर पर अपलोड भी कर सकते हो, हाँ, iOS पर भी कर सकते हो, और वेब ऐप भी कर सकते हो। तीनों चीजें हो सकती हैं। और उसके पीछे पीछे, जो बात करें, होस्टिंग कहां होगी, ये सब कुछ ऑटोमेशन पर है। सब कुछ ऑटोमेशन पर है। हाँ, मतलब आज किसी को ऐप डेवलपर बनना है, तो उसको बस एक ऐप का नाम याद रखना है। That's it। हाँ। यह सिंपल है। यह बहुत आसान है। और इसके अलावा, वो कोई भी चार्ज कर सकता है, सामने। क्लाइंट से, या डेट्स हर चॉइस। ऑब्वियस है कि उसका ऐप मतलब कमाई का अवसर बहुत ही अधिक है। नई चीजों में जब आप एंटर करोगे, तो बेशक आपके पास कमाई के अवसर बढ़ेंगे, बढ़ेंगे। तो एक तो आपने बताया कि एक ऐप डेवलपर के रूप में आपके पास एक अवसर है। यदि आप AI सीखते हो, तो इस क्षेत्र में सीखने के लिए भी बहुत कुछ है। एक नॉन-टेक्निकल भी इसे कर सकता है, 100% AI नॉन-टेक्निकल के लिए ही है। यह स्पष्ट हो जाना चाहिए। तो आपने बताया कि एप्लिकेशन डेवलपमेंट का बिजनेस हो गया, SaaS बेस्ड बिजनेस हो गया। और क्या बिजनेस अवसर हैं AI के जरिए? AI ऑटोमेशन और AI एजेंट क्रिएशन क्या है, सर? वो Detail में थोड़ा जानें। AI ऑटोमेशन जैसे आपने मानो ऐप बना दिया। हम इसे पीपीएमओआर फ्रेमवर्क बोलते हैं। पीपीएमओआर फ्रेमवर्क। ओके। यह है सर, यह सफलता का फार्मूला है किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने का। फर्स्ट पी का मतलब है प्रोडक्ट डेवलपमेंट। ठीक है, पहले प्रोडक्ट बना लो जी। और प्रोडक्ट तो बन गया तुम्हारा 2 मिनट में। बता दिया मैंने, तुम बना लो ये। हां, एप्लिकेशन बना लिया। अब जो बनाना है, वो पता होना चाहिए तुम्हें। हम्म, हां। अच्छा, सॉरी। अगर वो भी नहीं पता है तुम्हें, तो भी एआई बताएगा। [हंसी] मतलब, एआई सब कुछ खत्म करने वाला नहीं है। क्रिएशन हमेशा डिस्ट्रक्शन के बाद ही होता है, ना? आशीष जी, ताजमहल क्रिएट हुआ तो कुछ न कुछ डिस्ट्रक्शन हुआ, फिर क्रिएट हुआ। हम तो ऐसे ही दुनिया चलती है। बट हमें पॉजिटिव साइड देखना है। तो ये आप पीपीएमओआर फार्मूला बता रहे थे। जी। तो प्रोडक्ट डेवलपमेंट हो गया। हम अब सेकंड है प्रोडक्ट पोजीशनिंग। ओके। तो ये तो बायपास कर देता है बंदा। सीधा वो मार्केटिंग पर आ जाता है। दूसरा एमपीपीएमआर, यानी मार्केटिंग पर आ जाता है। अब मार्केटिंग के लिए भी पूरा ऑटोमेशन का फनल बनाना है, मार्केटिंग ऑपरेशन और रेवेन्यू का फार्मूला, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, प्रोडक्ट पोजीशनिंग, मार्केटिंग ऑपरेशन, रेवेन्यू—सिंपल, यही है। बस, व्यवसाय पूरा यही है। और क्या होता है, मान लीजिए कि आप ने प्रोडक्ट बना लिया। और यह पूरा पीपीएमओआर फार्मूला ऑटोमेट कर दिया। और मैं कहूं कि एक भी कर्मचारी की जरूरत नहीं है। यह संभव ही नहीं है। यह AI से ही संभव है। कैसे? प्रोडक्ट AI पर चल रहा है। आपने कहा कि आपने एक एप्लिकेशन बना लिया। उससे प्रोडक्ट बनकर तैयार हो गया। ठीक है? अब प्रोडक्ट की पोजीशनिंग कैसे करनी है? तो मुझे ही सोचना पड़ेगा। हम मार्केटिंग कैसे करनी है, यह भी मुझे ही सोचना है। ऑपरेशन के लिए एक टीम चाहिए होगी। रेवेन्यू मतलब सेल्स। सेल्स के लिए भी टीम चाहिएगी। तो ये इतनी चीज़ एआई से कैसे हो सकती है? बताता हूं मैं। बताइए तो जानना पड़ेगा। सास प्रोडक्ट की बात चल रही है यहाँ पे। ठीक है? जब आप एक एआई सास प्रोडक्ट बनाते हैं, आप उसको ऑटोमेशन पर सेल कर सकते हैं। सही? बस आप एक चाहिए, आप एक लैपटॉप है और आपका इंटरनेट कनेक्शन इतना है कि अगर आपके पास तो आप 7, 8, 9 फिगर तक की कंपनी पहुंचा सकते हैं, बहुत आसानी से ऑटोमेशन पर। कैसे? प्रोडक्ट डेवलप हो गया। हम अब सही प्रोडक्ट को सही ऑडियंस से कनेक्ट करने के मेकेनिज्म को फनल बोलते हैं। एआई फनल। हाँ जी। जो एआई मार्केटिंग का प्रोसेस है। ठीक है? अब मैंने एक फनल बना दिया। मेरा प्रोडक्ट है। मैंने ट्रैफिक के लिए ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक मार्केटिंग करी। वो भी एआई से ही करो। चार स्टेप में लिंक करो अपने सिस्टम को। ये सिस्टम। सब अपने पास अवेलेबल है। और मार्केट में भी आप कर सकते हो। सो, कैंपेन लॉन्च हुआ, ट्रैफिक आया, आपका लैंडिंग page है, लर्निंग page पर आपका 15 मिनट का प्रोडक्ट का डेमो है, जो आपका ऐप क्या यूज करता है और उस इंडस्ट्री की ऑडियंस ऑटोमेटिकली एआई टारगेट करेगा, क्योंकि Meta ने Android में अपडेट लाया है, राइट? तो उसने देखा, डेमो 15 मिनट का, जैसे ही देखा, बटन आ गया, उसको पसंद आ गया, उसने सब्सक्रिप्शन लिया, एक्सेस हुआ, वो आगे चला गया और प्रोडक्ट डिलीवरी उसकी मेल पर ऑटोमेशन में चली गई। हम प्रोडक्ट डिलीवरी हो गई। रेवेन्यू आ गया आपके पास। मतलब, हमें केवल एक बार सिस्टम लगा कर छोड़ना है। हाँ, सिस्टम लगा कर बटन ऑन करना है। मतलब, पाइपलाइन बिछानी है, और कुछ बिछानी है हमें एक बार। हाँ, एक बार पाइपलाइन बिछानी है, फिर जब पानी चाहिए, निकालो। मतलब, यह तो सीखने वाली चीज है। बिल्कुल, यह सीखने वाली चीज है। थोड़ी सी ट्रेनिंग की चीज है। और इसीलिए हमने एजुकेशन प्लेटफॉर्म पूरा अलग रखा हुआ है, कि ClaimSkills.ai जिसमें कई यूनिवर्सिटीज के साथ हमने टाई अप किया हुआ है और बनें एआई स्पेशलिस्ट सर्टिफाइड। लेकिन, सर, ये तो बहुत महंगा है ना। मैं पीछे, आज से डेढ़ साल पहले भी सोच रहा था कि मैं AI सीखूं। तो मैंने Google पर सर्च किया तो देखा कि एक साल का कोड से ₹3 लाख चार्ज कर रहे हैं, ₹4 लाख चार्ज कर रहे हैं। पैसा भी एक इंपोर्टेंट चीज है। Plus, एक साल पूरा लग रहा है। अब मैं अपना बिजनेस छोड़कर एक साल तो नहीं लगा सकता। बिल्कुल। तो एक साल और तीन चार लाख एक मायने रखता है किसी भी आम आदमी के लिए। तो इतनी महंगी होकर AI सीखने से अच्छा है कि AI टूल का यूज़ कर लो। नहीं, बात तो सही है, पर अगर हम देखें कि हमने अभी तक एजुकेशन में कितना इन्वेस्ट किया, तो 2025 लाख का तो कर ही दिया होगा। सबका होता ही है, सबका होता ही है, उसके बाद हमें क्या आउटपुट मिला? नौकरी ढूंढते हैं, लोग, आउटपुट मिला नहीं, ना, और कोई गारंटी भी तो नहीं मिली, ना। हां, तो आज जब AI पूरा नया इंडस्ट्री है, पूरा नया युग है, एक हिसाब से, तो उस पर उतना ही तो इन्वेस्ट करना चाहिए। हम ऐसी सोच अगर रखें, पर जैसे आपका क्वेश्चन है, क्योंकि सबके पास उतना होता भी नहीं है। हम तो क्या करें? कैसा रहेगा if मैं आपको ऐसा कहूं कि हम जो क्लेम स्किला AI का हमारा जो सर्टिफाइड AI स्पेशलिस्ट का कोर्स है, जो कनाडियन लैब्स ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मैनेजमेंट का है, वो हम सिर्फ एक कप कॉफी के प्राइस पे सीखने मिल जाए तो, पर डे कैसे पॉसिबल है? यही हम कर रहे हैं। हम वांट टू रिवोल्यूशनाइज, वांट टू हेल्प ऐसे मनी पीपल को, मांगे। और अगर आपके पास पैसे नहीं है और आप सीखना चाहते हैं, तो सिर्फ $9 पर महीने में, 90 दिनों का AI कोर्स हम दे रहे हैं। स्पेशलिस्ट का कोर्स है कनाडियन लैब्स का, और कई सारे यूनिवर्सिटीज़ के साथ हमारे टाई-अप्स हैं। आप वह सीख सकते हैं। पूरी दुनिया में जो एआई है, वह सब आपको यहां पे सिखा दिया जाएगा। सारे एआई एक ही कोर्स में, 90 दिनों में, मतलब 3 महीने में, और $27 में। हां, और $2500 से कम में। तो हां, कोई लाखों की क्यों डिमांड कर रहे हैं लोग? सब अपने-अपने बिजनेस स्ट्रेटजी पे चलते हैं, है ना? कोई अगर सिर्फ कोर्स बेच के ही करना चाह रहा है। हम लोग वेल्यू देना चाह रहे हैं पहले। हम लोग इसे फ्री में भी दे सकते हैं। मैं ऑनेस्टली बताऊं, पर फ्री की वेल्यू नहीं होती, आप जानते हो। यह तो अबाउट या $ है, आपसे एक ही चीज चाहिए, कमिटमेंट और सीरियसनेस। अगर आप हैव, तो अपने ड्रीम को फॉलो करने के लिए, अपने बिजनेस के लिए, तो हम आपको स्किल देंगे, सिस्टम देंगे, मेंटोरशिप, गाइडेंस, हैंडहोल्डिंग, सब कुछ, क्योंकि हम। आज के समय में AI (Artificial Intelligence) सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि एक मिशन है। भारत में 2030 तक 1 लाख AI स्टार्टअप फाउंडर बनाने का लक्ष्य है, यानी अगले चार वर्षों में 1 लाख AI बिजनेसमेन और उद्यमी बनाने हैं। तो सर, हम सीधे बात करें तो आज अगर कोई व्यक्ति AI का बिजनेस शुरू करना चाहता है, तो बहुत सारे लोग यहां पर सोच रहे हैं कि मैं ऐसा बिज़नेस कैसे शुरू करूं। आज AI बिज़नेस शुरू करने के लिए हो सकता है कि आपके दिमाग में ये ख्याल हो कि मुझे इतना पैसा निवेश करना पड़ेगा या फिर बहुत अधिक रिस्क है, क्योंकि इसमें गहरी ज्ञान की जरूरत होती है। तो आज अगर कोई AI से जुड़कर बिज़नेस करना चाहता है, तो उसके लिए मुख्य आवश्यकताएँ क्या हैं? बस एक लैपटॉप और वाईफाई कनेक्शन चाहिए। और शिक्षा का बैकग्राउंड क्या चाहिए? कुछ भी नहीं। बस इतना जरूरी है कि उसे लैपटॉप चलाना आता हो, बस इतना ही। आज के समय में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ी बिज़नेस अवसर भी है। यदि आप सोशल मीडिया का उपयोग करना जानते हैं, तो आप AI का भी व्यवसाय कर सकते हैं। हा, AI का बिजनेस। हाँ, क्या आप सीरियस हैं? मैं बहुत सीरियस हूँ। इसलिए यह बहुत बड़ा अवसर है। और इसमें कितना इन्वेस्टमेंट लगेगा, इसका सवाल है? यदि मैं सीधा-सीधा इन्वेस्टमेंट पूछूँ, तो वो कितना होगा? उतना ही जितना एक चाय की फ्रेंचाइजी लेने में जाता है। अब चाय की फ्रेंचाइजी की बात करें, तो उसकी कीमत ₹1 लाख से लेकर ₹35 लाख तक होती है। हँसी आएगी, लेकिन यह सच है। अच्छा, मतलब ₹1 लाख में भी मिल जाती है, और ₹35 लाख की भी फ्रेंचाइजी बिक चुकी है। सोचिए, आप समझ लीजिए, यह इतनी महंगी भी नहीं है कि आप आराम से अरेंज न कर सकें। यह उससे भी कम में हो सकता है, जैसे कि ₹1 लाख। और अगर कोई व्यक्ति एक बार पहले ₹1 लाख नहीं देना चाहता, तो हम कह सकते हैं कि आप क्वार्टरली या मंथली भी पेमेंट कर सकते हैं। कर सकते हैं। बस आपके साइड से कमिटमेंट होनी चाहिए। कमिटमेंट इज़ मच वेरिएंट, वेरिएंट, क्योंकि या अब मान लीजिए कि किसी ने AI सेस या AI एजेंसी शुरू करने की सोच ली है। उसके पास लैपटॉप है, इंटरनेट है, और उसने आपके साथ ज्वाइन भी कर लिया। लेकिन अब ट्रेनिंग सबसे जरूरी है। क्योंकि मैंने देखा है कि बहुत छोटी-छोटी एप्लिकेशन के लिए भी ट्रेनिंग चाहिए होती है। चाहिए होती है। तो आपके लेवल से ट्रेनिंग कैसे प्रोवाइड होती है? हमारे नियमित सेशंस चलते हैं, हमारे कम्युनिटी को लेकर क्योंकि हम बिल्डिंग एथिकल AI कम्युनिटी, जो कि बहुत ज्यादा जरूरी है आज की डेट में। अगर आप एथिकल AI को सपोर्ट करते हैं, तो हम आपका स्वागत करते हैं हमारी कम्युनिटी में, क्योंकि उसकी डिमांड बहुत ज्यादा है। नहीं तो चीजें बहुत गलत भी हो सकती हैं और हो रही हैं। तो हमारे नियमित सेशंस चलते हैं। सेशन चलते हैं, वीकली सेशन चलते हैं, मेंटरशिप के सेशन चलते हैं, वन टू वन सेशन चलते हैं। तो इस लेवल पर हैंड होल्डिंग रहती है, जब तक आप 1 लाख रुपये तक नहीं पहुंचते, तब तक हम खुद आपको नहीं छोड़ने वाले। क्योंकि हम सिर्फ सिखाना नहीं चाह रहे, हम सिर्फ सिस्टम नहीं देना चाह रहे। हम वास्तव में चाह रहे हैं कि वह बंदा अपनी इनकम कर पाए और अपने ड्रीम्स तक पहुंच पाए AI के माध्यम से, और जो 1 लाख एआई स्टार्टअप फाउंडर बनाने का हमारा मिशन है, वह सिर्फ लॉन्च करने का मिशन नहीं है, उन्हें छोड़ने का मिशन भी नहीं है। क्योंकि भारत एक 150 करोड़ का देश है, मैं अकेला कैपेबल नहीं हूं, मेरी टीम भी कैपेबल नहीं है कि हम सभी को एंटरटेन कर पाए। इसीलिए, हमें एक अच्छी कम्युनिटी, अच्छे लोग चाहिए हमारे कम्युनिटी में। बहुत अच्छा, बहुत अच्छा सर। तो यह समझ में आया कि आज अगर आपको AI बेस्ड बिज़नेस शुरू करना है या AI एजेंसी शुरू करनी है..
28:54अगर आप AI बिजनेस में कर सकते हो तो आप UI से जुड़ सकते हो, वहां पर जुड़कर आपको सिखाया भी जाएगा, बताया भी जाएगा और समझाया भी जाएगा कि आप अपने लिए AI बिजनेस में एक अवसर कैसे तलाश सकते हो। ट्रेनिंग के साथ-साथ सारी चीजें आपको मिलने वाली हैं। अगर मैं कुछ ऐसी बातें पूछूं कि आज तक आपने हजारों लोगों को बिजनेस शुरू करवाए हों, तो ऐसी कोई टॉप फाइव कैटेगरी बताइए जहां पर लोग अच्छा पैसा कमा रहे हों, यार ये सेवाएं दे रहे हो और इन सेवाओं में तो लोगों को जरूरत भी है और यहां पर पैसा भी मिलता है। मैं आपको बेस्ट उदाहरण देता हूं। हाल ही में नासिक का एक रियल एस्टेट डेवलपर है, जो हमारे पास आए। उनका नया प्रोजेक्ट था, नाशिक का एक टॉलस्ट टावर। उन्होंने 15 दिन में हमारी सिर्फ AI मार्केटिंग की सर्विस का इस्तेमाल किया। उन्होंने सिस्टम लिया और हमारे [नाक से की जाने वाली आवाज़] स्टेप्स फॉलो किए। स्ट्रेटजी बनाई और 15 दिन की मार्केटिंग की है। बस उनका बर्थडे था, उनका लॉन्चिंग डे का इवेंट था। तीन दिन का इवेंट था, और आप विश्वास नहीं करेंगे कि तीन दिन के इवेंट में उनका पूरा प्रोजेक्ट सोल्ड आउट हो गया। वह भी छोटा-मोटा नहीं। 100 से ज्यादा यूनिट उनके सोल्ड आउट हुए, और एक यूनिट का स्टार्टिंग प्राइस था ₹50 लाख। इसका मतलब है, तीन दिन में उनका 50 करोड़ का रेवेन्यू हुआ है। यही है AI मार्केटिंग की ताकत। यह हमारे वन ऑफ द फ्यू जो कम्युनिटी के लोग हैं, और एक अहमदाबाद से भी कोई है, जो रोह डिजाइन स्टूडियो चलाते हैं। उन्होंने अपना बिजनेस लॉन्च किया, और 3 महीने में हमारे सिस्टम का इस्तेमाल करके 1.5 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया है। सर, अभी हमारे साथ बहुत सारे फ्रेंचाइजी ब्रांड भी जुड़े हुए हैं। मान लीजिए किसी की चाय की फ्रेंचाइजी है, किसी की कपड़ों की फ्रेंचाइजी है, किसी का प्री-स्कूल भी। आज के समय में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं है। ऑलरेडी ट्रेडिशनल बिजनेस में हैं। किस तरीके से वह एआई का यूज करके अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं? वह एआई ऑटोमेशन कर सकते हैं, पहले तो और एआई मार्केटिंग कर सकते हैं, जिससे उनकी ऑथोरिटी, ब्रांडिंग सारी रेडी होती है। सारी चीजें होती हैं। अब जैसे टेक्नोलॉजी का यूज हर जगह किया जा सकता है, पर वह डिपेंड करता है कि आपका विजन क्या है आपके बिजनेस को लेकर। हम ये बहुत इंपोर्टेंट मानते हैं। अब टेक्नोलॉजी का प्रयोग नहीं करेगा, यदि उसका विजन ही छोटा है, उसका अगर कमाया ही इतना है। आज अगर जो फ्रेंचाइजी बेच रहे हैं, जो चाय की फ्रेंचाइजी बेच रहे हैं, क्या वह टेक्नोलॉजी का यूज कर रहे हैं या नहीं? नहीं कर रहे हैं। मतलब, मेरे ख्याल से, यदि जो नॉर्मल टपरी पर चाय बेच रहे हैं या सादा चाय बना रहे हैं, तो वो नहीं कर रहे। पर जो फ्रेंचाइजी बेच रहे हैं चाय की, वह कम से कम… ऑटोमेशन में ये तो इस्तेमाल कर रहे हैं कि बिलिंग के लिए उपयोग कर रहे हैं। छोटा-छोटा इस्तेमाल कर रहे हैं। बिल्कुल। हां। अगर मैं आपसे कहूं कि सही तरीके से यदि AI मार्केटिंग को अपने किसी भी व्यवसाय के लिए उपयोग किया जाए तो आप अपने व्यवसाय को 5X से 10X तक बेच सकते हैं, सिर्फ एक क्वार्टर या दो क्वार्टर में। आप मुझे कोई एक केस स्टडी बता सकते हैं, जैसे चाय का व्यवसाय है। हम उदाहरण लेते हैं। यह किसी भी चीज का हो सकता है, जैसे चाय, कपड़े, जूते, या कोई भी रिटेल कारोबार। वह रिटेल कारोबार ऐसा क्या AI का उपयोग करें कि उसका व्यवसाय बढ़ जाए, ग्राहक ज्यादा आएं, बिक्री ज्यादा हो जाए। एक उदाहरण लेते हैं, व्हाट्सएप API का। उसमें AI को इंटीग्रेट कर लें। ठीक है? आज अगर कोई व्यवसाय स्वामी है और उसे 1 लाख संदेश भेजने हैं, मान लीजिए, स्वतंत्रता दिवस का। ऑफर भेजना है उसको, ठीक है? 10% का। वो 1 लाख मैसेज कैसे भेजेगा? व्हाट्सएप के जरिए भेज सकता है, जैसा आपने बताया। हां, पर व्हाट्सएप के जरिए नहीं भेज सकता। व्हाट्सएप के जरिए तो ब्लॉक हो जाएगा। हां, व्हाट्सएप ब्रॉडकास्ट भी करेगा तो सामने वाले के पास नंबर सहेजना जरूरी है। एसएमएस के ऑप्शन्स भी होते हैं, सॉफ्टवेयर्स के जरिए। एसएमएस के जरिए भी भेजा जा सकता है। पर आज सबसे ज्यादा कौन सी ऐप खुली जाती है? हमारे पास व्हाट्सएप है। व्हाट्सएप में, जहां ज्यादा ट्रैफिक है, वहां आप होना चाहिए, न? विज़िबल भी। हम तो व्हाट्सएप API के जरिए ये कर सकते हैं। लेकिन व्हाट्सएप API भी एक सामान्य चीज है, जबकि AI व्हाट्सएप API एक एडेवांस चीज है। दोनों में क्या फर्क है? जैसे व्हाट्सएप API में आप फ्लो चार्ट बना सकते हैं कि चलो, मैं एक साथ 1 लाख लोगों को मैसेज करता हूं। सामने वाले ने मुझे यह मैसेज किया, "मैं यह खरीदना चाहता हूं।" तो आपने कुछ..
33:12फ्लो चार्ट बनाया हुआ है कि क्या मैसेज जाना चाहिए। वो ऑटोमेटिक मैसेज चला गया। पर अगर उसने ऐसा कोई सवाल पूछा जिसका जवाब आपके फ्लो चार्ट में नहीं है, तो वह क्वेरी तो अनसॉल्व्ड हो गई। हाँ। पर वहां पर अगर आप इंटेलिजेंस डाल देते हो, तो ऐसी कोई क्वेरी नहीं होगी जो अनसॉल्व्ड जाए। अनसर्ड जाए। मतलब, WhatsApp API में एआई एजेंट डाल दो। एआई एजेंट डाल दो तो आपका बिजनेस वैसे ही बढ़ेगा, क्योंकि अगर 10,000 इनक्वायरीज हैं और उनमें से 20,000 इनक्वायरीज के जवाब नहीं गए हैं, तो बिजनेस तो गया ना वहाँ का? हाँ, बिल्कुल। पर अगर 10,000 इनक्वायरी हैं और 10,000 की 10,000 फॉलो-अप हो गई है और जवाब गया है, तो बिजनेस बढ़ा कि नहीं बढ़ा? बढ़ेगा। और यह 24/7 होगा। जिस समय मैसेज करेगा, उसी समय रिप्लाई जाएगा और वह भी प्रोपर ऑथेंटीक रिप्लाई जाएगा, जो नॉलेज बेस आप देंगे। उसको इसकी कोई एज लिमिट भी है कि हां, एआई को यूज करने के लिए इसी उम्र के लोग होने चाहिए, ऐसा सच नहीं है। इन अवर कम्युनिटी में एक 16 साल का बच्चा है, बेंगलुरु में, जिसने सिर्फ एक महीने में राइडो एआई शुरू किया। हमारे कम्युनिटी में, और इसे शुरू करने में उसे एक महीना लगा। 16 साल का बच्चा पढ़ाई कर रहा है, उसने एक महीने में अपनी खुद की एआई एजेंसी शुरू की और उसका पहला क्लाइंट ₹1 लाख का क्लोज हुआ। अच्छा, भारत में कई बार ऐसा भी लगता है कि एआई अभी शहरों की चीज है, बड़ी चीज है। तो गांव में या फिर छोटी जगहों में एआई का बहुत ज्यादा उपयोग नहीं है। यह कितना सच है? मैंने आपको कहा कि एआई ट्रैक्टर आ चुके हैं, एआई कृषि में शामिल हो चुका है। तो यह बात मुझे नहीं लगता कि अब यह सिर्फ शहरों की बात रह गई है। इसकी कोई जरूरत नहीं कि आप किस शहर में रह रहे हैं, चाहें गांव में ही क्यों न हो। यह पहले हम कंप्यूटर के जमाने में भी कहते थे। बारे में भी सोचते थे। ये पहले हम इंटरनेट के बारे में भी सोचते थे। ये पहले हम सोशल मीडिया में भी सोचते थे। आज तो वैसा कुछ नहीं है। आज उल्टा गांव में ज्यादा इस्तेमाल होता है। हम तो एआई हर इंडस्ट्री से इंटीग्रेट होने वाला है और उसका फायदा हमें लेना है। अगर तो हमें एआई स्किल लेनी पड़ेगी। बहुत सिंपल है। अब आपने एज की लिमिट पूछी। 16 साल का बच्चा भी कर सकता है। 75 साल के लोग भी हमारी कम्युनिटी में हैं। तो 75 साल के जो सीनियर्स हैं, वो भी अगर इस्तेमाल करके अपनी एजेंसी शुरू कर चुके हैं और अपना बिजनेस कर रहे हैं, तो कोई भी कर सकता है। एक चीज और भी है, सर, जब मान लीजिए लाखों लोग यही काम करने लगेंगे, तो आपको नहीं लग रहा कि हाई कॉम्पिटिशन हो जाएगा और फिर जो प्राइसिंग चाहिए, वो नहीं मिलेगी। ऐसा नहीं होता है। इसमें हर बिजनेस की नीश अलग होती है। ये डिपेंड ऑन द नीश, यार। राइट? कि आप किस बिजनेस में। नीश में बात कर रहे हो, जैसे अभी Amazon ने अपने एक वेयरहाउस में सभी रिपीटेटिव टास्क के लिए जो कर्मचारी थे, उन्हें हटा दिया। एक लाख कर्मचारियों को हटा दिया और उन्होंने पूरी AI रोबोट्स लगा दीं, करीब-करीब 1500 AI रोबोट्स वहां पर लगा दिए। आप सोचिए, यह वैसे तो सही बात नहीं है, बिल्कुल, मेरा अगला सवाल भी इसी पर है। मतलब जब इस तरीके से नौकरियां जाएंगी, तो क्या आपको नहीं लगता कि हमारा पूरा इकोसिस्टम इम्बैलेंस हो जाएगा। आज ही बेरोजगारी की इतनी समस्या है, तो AI से तो और भी ज्यादा बेरोजगारी आ जाएगी। यह सच है। बी रेडी फॉर द सुनामी ऑफ अनएंप्लॉयमेंट। बी रेडी फॉर दैट। अगर आप इसमें सुनें कि सुनामी में बहना नहीं चाहते हैं, तो एक ही ऑप्शन है—एक AI इंजीनियर की वैल्यू एक ट्रडिशनल डेवलपर के बराबर है। हम उसकी वैल्यू इतनी है कि आप जिस भी इंडस्ट्री में हैं, वहाँ। एआई को सीख लीजिए तो आप उसका फायदा उठा पाएंगे और काम बढ़ जाएगा। जैसे आज यदि 10 व्यक्ति का काम एक AI स्किल वाले व्यक्ति से हो सकता है, तो अब जिसके पास ये AI स्किल है, उसकी सैलरी बढ़ गई है। हां जी। तो यदि ये 10 लोगों के पास भी AI स्किल हो, तो कंपनी का काम 100 गुना बढ़ सकता है। कंपनी का काम कम करना चाहती है कभी। बिल्कुल सर। या आप कह रहे हैं कि AI इतना ही जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतना ही जरूरी है। तो अभी तक IITs में AI क्यों नहीं आया है? मैं पीछे पढ़ रहा था। अभी IITs में का एक फुल फेज्ड कोर्स नहीं है। नहीं, ऐसा तो नहीं हो सकता। मैं अभी, ठीक कल ही, मैं IIT खड़गपुर में था, तो वहां छात्रों से बातचीत हो रही थी। वह मैकेनिकल का है और अलग-अलग कोर्स होते हैं, IIT का। IIT मस्त कॉमर्स का है। मैं नॉट एन इंजीनियर ही हूं, उन्होंने बोला। अभी तक एआई को लेकर जैसे मैकेनिकल कोर्स है, वो एक पूर्ण और समर्पित कोर्स नहीं है। एआई एक पार्ट ऑफ़ कोर्स है, सही। लेकिन एआई पर एक पूरा कोर्स अभी नहीं है, यह एक बड़ी समस्या है। यहां पे क्या होता है सर कि जितनी तेजी से ये टेक्नोलॉजी ग्रो कर रही है, और जितनी तेजी से वह आगे बढ़ रही है, उस तुलना में एजुकेशनल ट्रांसफॉर्मेशन उतना तेज़ नहीं हो पा रहा है, क्योंकि कई प्रोटोकॉल्स और कई पॉलिसीज़ इसके आड़े आ रही हैं। और इसकी वजह से हमें नुकसान होता है स्टूडेंट्स को। एक स्टूडेंट अपनी मेहनत की कमाई लाखों रुपये खर्च कर रहा है, उसके पिता माँ बाप लोन ले रहे हैं। वो पढ़ाई कर रहे हैं, मगर आज की सच्चाई यह है कि जब वह डिग्री लेकर बाहर निकलेगा, तो उसे फिर से एआई का कोर्स करना पड़ेगा, तभी जाती उसको नौकरी मिलेगी। नहीं तो, नौकरी नहीं मिलेगी। हां, जैसे पहले लोगों ने एमबीए कर लिया, तो..
38:38आज के समय में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं है, बल्कि डिजिटल मार्केटिंग कोर्स किया तो कहीं जाकर उसे नौकरी मिली। यही है कि आज डिजिटल मार्केटिंग अब आउटडेटेड चीज़ हो गई है, और आपको लग रहा है कि अभी भी उसका स्कोप है। डिजिटल मार्केटिंग का एडवांसमेंट हो गया है, उसमें AI मार्केटिंग के जरिए आउटडेटेड तो नहीं कह सकते, बल्कि यह और भी एडवांस हो गया है। हां, तो आपको एडवांसमेंट AI के जरिए आएगा, और वाकई में आप लोग Claimskill.ai में तीन महीने में, सिर्फ एक कप कॉफी में, या फिर पर दिन कह लीजिए, उतने में यह पूरा कोर्स कर सकते हैं। मैं आपको Claimskill.ai का और इनके AI एजेंसी प्लस SaaS का जो लिंक है, वह मैं आपको डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। वहाँ से आप सीधे ज्वाइन कर सकते हैं। और ऐसी भी बात है कि कोई पहले देखना चाहे, सीखना चाहे, या बाद में खरीदना चाहे, तो ऐसा भी हो सकता है। हां, हमारी फ्री क्लास भी हो रही है। क्लास हो रही है आपकी। पहले फ्री क्लास में आ जाएं, या बिल्कुल वेलकम। उसके बाद आप उस क्लास को देखकर एक एक्सपीरियंस लेकर सीख सकते हैं। हां, यह भी संभव है। हां, हां। तो आपके पास एक अवसर है एआई में आगे बढ़ने का। आप किसी भी क्षेत्र से हैं—कोई भी हो, चाहे आपका मेडिकल बैकग्राउंड हो, नॉन-मेडिकल हो, या आप अनइंप्लॉयड हैं, नौकरी ढूंढ रहे हैं, नौकरी कर रहे हैं, या कोई बिजनेस कर रहे हैं। आपके पास आज का मौका है कि आप अपने आप को स्मार्टली अपग्रेड करें थ्रू एआई। आप कितना कमा पाएंगे, यह तो आप पर निर्भर है, लेकिन यह आपकी स्किल पर आधारित है। और इस स्किल के जरिए जरूर ही आपको एक नया रास्ता मिल सकता है। 100% यह नया रास्ता गौतम जैन जी दे रहे हैं, जिन्होंने एक मिशन लिया है—एक लाख एआई स्टार्टअप फाउंडर्स बनाने का, और आप भी उनमें से एक हो सकते हैं। तो ज्वाइनिंग का..
40:17लिंक मैं जरूर दे दूंगा आपको नीचे। आप जरूर करिएगा। मैं आपसे एक सवाल और लेना चाहूंगा अभी कि किन लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं करनी चाहिए? ऐसा भी कुछ है कि भाई, अगर ये काम कर रहे हो, तो करते रहो। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मत करो। [हंसी] ये हर किसी के लिए जरूरी है। मैं ऐसा कहूंगा कि जो भी काम में आप गहरा प्रयास कर चुके हैं, तुरंत में इसे शिफ्ट नहीं करना है। सिमल्टेनियसली आप साथ में सीखना शुरू करें और धीरे-धीरे आप उसे कैसे केंद्रित कर सकते हैं, अपने काम को और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को उस पर ब्रेनस्टॉर्म करके आगे बढ़ें। शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। धीरे-धीरे वह ऑटोमेशन में आगे बढ़ता जाएगा। यह वैसा ही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नॉट द डेस्टिनेशन, यह एक जर्नी है। तो इसे जर्नी की तरह ही लें और अपने सफर में इसे साथ में बनाएं साथी। ठीक है? हम लोग सीधे आप ही के ब्रांड पर आते हैं। सर, यूराई AI। आपने बताया कि आप मार्केटिंग एजेंसी या AI मार्केटिंग एजेंसी स्टार्टअप करने में लोगों की मदद कर रहे हैं। वे अपनी खुद की, अपने नाम से बना सकते हैं। हाँ। दूसरा यह कि आप बताए कि सास (SaaS) प्रोडक्ट भी बेच सकते हैं, बना भी सकते हैं। अच्छा, सास प्रोडक्ट बना सकते हैं और आपके द्वारा बनाए गए सास प्रोडक्ट्स, जो पहले से ही AI ड्रिवन हैं, वे भी सेल कर सकते हैं। ये तीन अवसर हैं या इसके अलावा भी और अवसर हैं? नहीं, बहुत सारी अवसर हैं। जैसे आप अपना AI प्लस Amazon की एजेंसी शुरू कर सकते हैं। AI प्लस Amazon बुक राइटिंग, Ghost राइटिंग सर्विस शुरू कर सकते हैं। उसमें हम यह भी बता रहे हैं कि कैसे उस बुक को बेस्ट सेलर बनाना है। उसका सीक्रेट फॉर्मूला दे रहे हैं। फिर आप व्हाट्सएप बल्क मैसेजिंग API की एजेंसी खोल सकते हैं। फिर आप मेटा एड एजेंसी भी खोल सकते हैं। फनल एजेंसी ओपन कर सकते हो। फिर आप SaaS एजेंसी ओपन कर सकते हो। एआई ऑटोमेशन एजेंसी ओपन कर सकते हो। किसी भी बिजनेस को एआई ऑटोमेट करके दे सकते हो। आप एआई एजेंट क्रिएशन की एजेंसी भी ओपन कर सकते हो। मल्टीपल एजेंसी का मतलब है कि कई एजेंसियां एक ही प्राइस या एक ही रेट पर मिलेंगी गौतम जैन जी के द्वारा। तो अगर आपको अपने फ्यूचर को एआई में बनाना है, तो एक प्लेटफार्म मिल रहा है। इस प्लेटफार्म के जरिए आप बना सकते हो। सर, एआई कितना बड़ा डर है आने वाले फ्यूचर के लिए? मैं बात करूं, तो आपको क्या लगता है? कितना बड़ा डर है? डर तो बहुत बड़ा है। उसका कारण है, जस्ट इमेजिन करिए कि यदि एआई ने अगर ह्यूमन इंटेलिजेंस को बायपास कर दिया, और आने वाले दो साल में हम सबके घर पर रोबोट दिखने शुरू हो जाएंगे। और आज आपने सुना होगा कि एक सोशल नेटवर्किंग ऐप बन चुका है, एजेंट्स का, एआई एजेंट्स का — वो न्यूज सुनी। आपने मतलब पढ़ी थी, पूरी जानकारी नहीं। मुझे उसकी हां मोल्ट बोल्ट करके एक नाम है, कुछ शायद नाम गलत भी हो सकता है। मेरे से ये एक नाम है तो सोशल नेटवर्किंग जैसे-जैसे सोशल मीडिया अपना है, ह्यूमन का, वैसे एआई रोबोट्स का एक सोशल मीडिया बना है, और वो आपस में बात कर रहे हैं, और वो ह्यूमन के खिलाफ बातें कर रहे हैं। वो सारे एजेंट, दुनिया के जितने भी एआई एजेंट्स हैं, एआई रोबोट्स हैं, उनका सोशल मीडिया ऐप है, और वो अपनी खुद की भाषा बना चुके हैं। वो भाषा हम नहीं समझ पा रहे। आप समझ रहे हैं? ये तो मतलब आप कुछ बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। जी। तो अगर गलती से भी कोई गलत चीजें उनके हाथ में लगती हैं, या वो गुस्सा हो गए या उनका कुछ इमोशन टच हो गया, या कुछ भी ऐसी बातें होती हैं, फ्यूचर में या किसी आतंकवादी के हाथ लग गया, या परमाणु बम का बटन उनके पास आ गया, तो उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। करना। आज एआई एजेंटिक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर चल रहा है। आज अगर हमें एक पिज्जा ऑर्डर करना हो तो हमें सिर्फ एआई को बोलना है, "एक पिज्जा ऑर्डर कर दो," जो ऑटोमेटिकली पेमेंट भी कर देगा, ऑर्डर भी पूरा कर देगा। हम ऐसा भी कह सकते हैं कि मान लीजिए कि आप जेनरल पिज्जा ऑर्डर करते हैं, तो वह जेनरल पिज्जा ऑर्डर करके ये काम कर देगा। और जब पिज्जा यहाँ आ जाएगा, तो एजेंट कहता है कि उसको ले लो। इस लेवल पर तो शायद आप इसे एजीआई यानी आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस कह सकते हैं। भविष्य में जो वार भी होगी, वह रॉबोट्स के माध्यम से ही होगी। बिल्कुल। अभी इंडिया- पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो ड्रोन ही संचालित हो रहे थे। हां, लेकिन मैं ह्यूमन रॉबोट्स की बात कर रहा हूं। [हँसी] अभी मेरी समझ में यह आ रहा है कि लर्निंग बहुत जरूरी है। अगर आपके पास ज्ञान नहीं होगा, तो आप बहुत पीछे रह जाएंगे। जाओगे। आपने एक बात कही कि इंडिया का अपना कोई एलएलएम नहीं है, जबकि जितनी भी आज हम कहते हैं कि हम टॉप थ्री इकॉनमी में आने वाले हैं, और टॉप थ्री में सिर्फ टॉप टू के पास ही एलएलएम है और हमारे पास नहीं है। ये एक बड़ा खतरा है। और अगर मैं बात करूँ कि आज के समय में बहुत सारे व्यवसाय और बहुत सारे प्रोफेशन अब एआई के अंतर्गत आ रहे हैं, जैसे आपने डॉक्टरों के लिए कहा, इंजीनियर्स के लिए कहा, एजेंसी के लिए कहा, हर जगह अब काम एआई करेगा। ये लोग क्या करेंगे, मुझे नहीं पता। तो एक नया दौर आने वाला है, आ चुका है। इस दौर में प्रवेश करें, सीखें, समझें और इसका लाभ उठाएँ। मैं ये कहूंगा कि आज आपके पास एक अवसर है कमाई करने का। यदि आप करना चाहते हैं, तो मैं आपको लिंक दे दूंगा। यदि आपके मन में कोई सवाल है, तो कमेंट्स बॉक्स में कमेंट करके भी पूछ सकते हैं। जो Google फॉर्म दूंगा, उसको उस पर फॉर्म भर कर भी पूछ सकते हैं। आपके सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। इसकी मैं आपको आश्वासन दे सकता हूं। बाकी सर, कुछ और आप शेयर करना चाहें। अगर वास्तव में कोई ऐसा बात है जिसे आप साझा करना चाहते हैं, जो रह गई हो, कोई बहुत जरूरी बात। सबसे अधिक जरूरी बात यह है कि एज अ मोरल रिस्पांसिबिलिटी है कि हम अपने बच्चों के बारे में, आने वाली पीढ़ी के बारे में सोचें, तो हमें एथिकल एआई को प्रमोट करना पड़ेगा। हमें इसको सपोर्ट करना पड़ेगा, और मैं सरकार भारत से भी एक रिक्वेस्ट करना चाहता हूं कि AI सुरक्षा, AI फ्रेमवर्क और AI मंत्रालय के बारे में सोचे। इसे बनाना बहुत जरूरी हो गया है, क्योंकि गलत चीजें तुरंत वायरल हो जाती हैं और वे किसी के नियंत्रण में नहीं रहतीं। आज मैं बॉलीवुड में भी एक ऐप..
46:25बना रहा हूँ कई सेलिब्रिटीज के साथ। तो वहां पे भी यह दिक्कत है कि आज उनके AI अवतार या उनके वॉइस को उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया जा रहा है। हां जी। तो आज किसी भी फेमस पर्सनालिटी की इमेज, ऑथोरिटी और क्रेडिबिलिटी तुरंत खत्म की जा सकती है AI के माध्यम से। बस क्योंकि हमारे भारत में AI सेफ्टी और AI फ्रेमवर्क नहीं है। तो क्यों नहीं है? आज भारत सातवें नंबर से AI स्किल के मामले में विश्व में नंबर एक पर आ गया है। तो हम इस पर क्यों नहीं काम कर रहे हैं? यूरोप ने काम कर दिया, अमेरिका ने काम कर दिया, चीन ने काम कर दिया। हर जगह AI सेफ्टी का फ्रेमवर्क है। यह इसलिए भी नहीं है क्योंकि एथिकल AI कम्युनिटी के बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। सिर्फ पैसे कमाने के लिए फोकस किया जा रहा है। तो मेरी रिक्वेस्ट है कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह, हमें इसे ध्यान से देखना चाहिए। देखना पड़ेगा। तो आज आपको कैसा लगा यह पॉडकास्ट? आप मुझे जरूर बताइएगा। बहुत सारे अलर्ट्स हैं। उन अलर्ट्स को सीखिए, समझिए, जानकारी लीजिए और आपके मन में कोई सवाल है तो कमेंट्स बॉक्स में आप जरूर डालिएगा। आगे आपके सारे सवालों के जवाब जरूर दिए जाएंगे। और अगर आप इसमें एक फ्यूचर तलाश कर रहे हैं तो आप जुड़िएगा जरूर। लिंक मैंने दिया है। आप उस लिंक को क्लिक करिए। आप फ्री लर्निंग लीजिए। या फिर आपको लग रहा है कि आप सीधे इसमें एआई एजेंसी या फिर एआई सेस प्रोडक्ट सेल करने का काम करना चाहते हैं, तो आप क्वार्टरली पेमेंट कर के मिनिमम बेयर मिनिमम शुरुआत कर सकते हैं। अन्यथा, आप बात भी कर सकते हैं। सर, आपने समय दिया इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। थैंक यू सो मच।