1. डिविडेंड इनकम की टैक्सेबिलिटी: फाइनेंस एक्ट 2020 के बाद के बदलाव [0]

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1.1. डिविडेंड की परिभाषा और पूर्व टैक्सेबिलिटी स्थिति [0]

  1. डिविडेंड का अर्थ:

    1. यह शेयर होल्डर्स की इनकम है [3]।
    2. यह उन लोगों की इनकम है जिन्होंने कंपनी के शेयर्स या म्यूचुअल फंड में निवेश किया है [4]।
    3. कंपनी अपने प्रॉफिट का एक हिस्सा शेयर होल्डर को देती है [5]।
    4. प्रॉफिट के इसी हिस्से को डिविडेंड (लाभांश) कहते हैं [6]।
  2. फाइनेंस एक्ट 2020 से पहले की स्थिति:

    1. डिविडेंड की इनकम शेयर होल्डर्स के लिए एग्जेंट (टैक्सेबल नहीं) थी [8]।
    2. शेयर होल्डर को डिविडेंड पर कोई टैक्स नहीं देना होता था [9]।
    3. कारण: कंपनी डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूट करते समय डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) पे करती थी [10]।
    4. यह इनकम पहले ही टैक्स हो चुकी थी, इसलिए डबल टैक्सेशन से बचने के लिए शेयर होल्डर के हाथ में यह एग्जेंट थी [12]।
  3. फाइनेंस एक्ट 2020 में बदलाव:

    1. फाइनेंस एक्ट 2020 में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को खत्म कर दिया गया [13]।
    2. अब कंपनी को डिविडेंड देने पर कोई टैक्स पे नहीं करना पड़ता [14]।
    3. टैक्स पे करने की लायबिलिटी शेयर होल्डर्स पर शिफ्ट कर दी गई [15]।
    4. अब डिविडेंड की इनकम पर टैक्स शेयर होल्डर को देना होता है [16]।
    5. इस बदलाव से डिविडेंड की टैक्सेबिलिटी में परिवर्तन आया [17]।

1.2. वर्तमान टैक्सेशन और टीडीएस प्रावधान [18]

  1. टैक्स की गणना:

    1. फाइनेंस एक्ट 2020 से पहले, 10 लाख से अधिक डिविडेंड इनकम ही टैक्सेबल होती थी [19]।
    2. वर्तमान में: डिविडेंड की इनकम को कुल इनकम में जोड़ा जाएगा [20]।
    3. डिविडेंड की इनकम नॉर्मल स्लैब रेट से टैक्स की जाएगी [21]।
  2. टीडीएस (TDS) प्रावधान:

    1. डिविडेंड देने वाली कंपनी या फंड कंपनी टीडीएस डिडक्ट करेंगी [22]।
    2. टीडीएस तभी कटेगा जब डिविडेंड का अमाउंट ₹5000 से ज्यादा हो [24]।
    3. टीडीएस की दर (प्रेजेंट में) 10% है [25]।
    4. टीडीएस कटने के बाद ही अमाउंट रिसीव होगा [26]।
    5. रिटर्न फाइल करते समय टीडीएस का क्रेडिट लिया जा सकता है [26]।
    6. यदि टैक्स नहीं बनता है, तो रिफंड भी लिया जा सकता है [27]।

1.3. टीडीएस का उदाहरण और नॉन-रेसिडेंट्स के लिए दरें [46]

  1. उदाहरण (मिस्टर रवि):

    1. मिस्टर रवि को एक इंडियन कंपनी से ₹66,000 की डिविडेंड इनकम हुई [30]।
    2. यह डिविडेंड उन्हें 15 जून 2020 को मिला था [32]।
    3. इनकम ₹5000 से ज्यादा है, इसलिए टीडीएस डिडक्ट होगा [33]।
    4. कोविड-19 के कारण दर में बदलाव: उस समय टीडीएस की दर 10% से घटाकर 7.5% कर दी गई थी [34]।
    5. 7.5% की दर से टीडीएस ₹6,600 डिडक्ट होगा [36]।
    6. मिस्टर रवि को प्राप्त होने वाली राशि ₹59,400 होगी [37]।
  2. नॉन-रेसिडेंट्स के लिए टीडीएस:

    1. नॉन-रेसिडेंट असेसीज के लिए टीडीएस की दर 20% होगी [38]।
    2. यह दर डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) के अधीन होगी [39]।

1.4. खर्चों की कटौती (Deduction of Expenses) [40]

  1. खर्चों की कटौती की अनुमति:

    1. अब डिविडेंड इनकम टैक्सेबिलिटी में आ गई है [41]।
    2. इसलिए, इस इनकम को कमाने में किए गए खर्चों को डिडक्ट किया जा सकता है [42]।
  2. उदाहरण (निवेश पर ब्याज):

    1. यदि शेयर होल्डर ने निवेश के लिए लोन लिया है [45]।
    2. उस लोन पर चुकाया गया ब्याज उसका एक्सपेंस माना जाएगा [46]।
    3. इस एक्सपेंस का डिडक्शन डिविडेंड की इनकम से लिया जा सकता है [47]।
  3. टैक्सेबल हेड:

    1. यह डिविडेंड की इनकम इनकम अंडर द हेड अदर सोर्सेस के तहत टैक्सेबल होगी [48]।