00:00तरीके से अंधिशन से अंधिया अधिया। यानी प्रपोजल के दम पर एडिमसन मिल जाए, तो ऐसे तमाम छोटी बड़ी जानकारी इस वीडियो के माध्यम से मैं आप तक पहुंचाऊंगा कि किस तरह से संदर्भ सूची और पात्र तैयार करनी है, किस तरह से उसका महत्त्वपूर्ण प्रिस्ट्रेलिया तैयार करना है, कहां-कहां पर कैसे रेफरेंस डालना है, ऐसी तमाम जानकारी और वो भी बहुत ही आसान तरीके से, और इतने आसान तरीके से कि आप अपने मित्रों को भी सिखा सकते हैं। इस तरह से सिन्ोपीसिस बनाई जाती है। तो भले ही आपने कहीं भी सीखा हो, सिन्ोपीसिस बनाने का तरीका। भले ही आपने अपना सिन्ोपीसिस बना लिया हो, लेकिन इस वीडियो को अंत तक देखना जरूरी है। मैं यकीन मानता हूं कि आपको एडिट करने की 100% जरूरत पड़ जाएगी। क्योंकि यह जो सिन्ोपीसिस है, यह दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेनयू जैसे टॉप यूनिवर्सिटियों में काम किए हुए सिन्ोपीसिस हैं, तो उसी के अनुसार, जो मेरा अनुभव है, इतने दिनों का, एजुकेशन का, पीएचडी का। थीसिस का या फिर ये कह सकते हैं कि टीचिंग का जो अनुभव है, कॉलेज नहीं पढ़ाने का, वो सभी अनुभव इस वीडियो के माध्यम से मैं आपको प्रदान करवाने वाला हूँ। तो इस वीडियो को लास्ट तक देखते रहना जरूर, आपकी मदद होगी, ऐसा मुझे विश्वास है। तो चलिए बैठो गाड़ी में, दोस्तों, कैसे हो आप सभी? मैं Dr
01:32Locis Bali, Delhi University के कैंपस से आपका स्वागत करता हूँ। तो दोस्तों, इस तरह के होते हैं प्रोफ़ाइल या हमारा सीनॉप्सिस। सबसे पहले मैं आपको बता देता हूँ इसकी जरूरत हमें कहां पड़ती है। कहीं भी, किसी भी विश्वविद्यालय में, जब भी हमें PhD और MPhil कोर्स की वॉयवा के लिए जाना हो, आफ्टर एक्जाम, टेस्ट पास करके या फिर बाय जियाफ़, तो हमें इसकी जरूरत पड़ती है। और यह इतना महत्वपूर्ण है कि अगर ये दमदार है, आपका टॉपिक दमदार है, तो आपके सेलेक्शन को कोई नहीं रोक सकता, क्योंकि आप जैसे कितने मित्र..
02:16टेस्ट पास करके इंटरव्यू देने आते हैं या फिर JRF NET का टेस्ट पास करके लिए कि चयन सबका नहीं होता, कुछ ही लोगों का होता है। मैं आपको तीन बातें दूँगा। अगर आपको टॉपिक चुनने में कोई समस्या आ रही है, तो ये वीडियो देख लेना। मैंने आपको बहुत ही आसान तरीके से बताया है कि आपको कौन सा टॉपिक चुनना चाहिए, जो आपके लिए हमेशा कारगर साबित हो। इस वीडियो की लिंक मैं जरूर दूंगा, देख लेना। अब हम आते हैं अपने मुद्दे की तरफ, जो मेरे पास ये सिनॉप्सिस रखे हुए हैं। इनके बारे में बता दूँ, दोस्तों। आपको चाहिए कोई भी सब्जेक्ट क्यों न हो, ह्यूमेनिटीज़ हो या कॉमर्स से हो, आप कौमर्स से हो, या ह्यूमेनिटीज़ से, आप चाहे मनोविज्ञान या किसी और विषय से भी हो। ये सभी विषय ऐसी चीजें हैं जिनमें मुख्यतः निपरकर घृया आदि नहीं होती। मुख्य बात ये है कि आप इन विषयों को सरल तरीके से समझें। इसीलिए, जो भी आप विषय चुनें, उसका आधार सामान्य हो और आप उसमें अच्छी तरह से समझ सकें। सक्रा निमंत्रण पर दो कि अज़रे हो, एक समस्या यह है कि हमें से लिखने में अगर फिर हमें कोई अलग बात लिखनी होती है, तो हम अपने पैराग्राफ को बदल देंगे। फिर तक रहना कि हम क्या लिखें, हमी ठींजना की छोड़ें, आप जो हैं उखें अलग। दस से बीस पेज नहीं बोला है, दस पेज बोला है। पृष्ठ में पांच ही हो जाएं तो दस पेज का आपका कम से कम होना ही चाहिए और आपका इंटरव्यू जो चलने वाला है, वो तकरीबन दस मिनट के आसपास चलेगा। दस ग्यारह मिनट इससे ज्यादा नहीं लेते हैं, लोग दस-ग्यारह मिनट का ही लेंगे। ठीक है, तो अब हम सबसे पहले समझ लेते हैं कि इसके मुख पृष्ठ में हमें क्या लिखनी है और इसको हमें आकर्षक कैसे बनाना है ताकि उन्हें देखते ही आँखों पर चढ़ जाए, इसको पलटकर देखने का मन करें, क्योंकि ऐसे लोग होते हैं कि आपका कोई विषय का नाम, कोई विशेष बात क्यों न हो, कि क्यों ना उसको आकर्षक बनाना चाहिए। विशेष रूप से बात करें तो दिल्ली विश्वविद्यालय की भूगोल विषय में PhD प्रवेश हेतु। प्रस्तुत संक्षिप्त का यह लिखा हुआ है, यहाँ पर शोध प्रबंध लिखा है, इसका काट देना। यह मुझसे गलती से टाइप हो गया है, तो मुझे से ठीक है? इसको आप काट देना। यहाँ पर ऐसे लिखना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय का नाम भी बदलना है। आपको दिल्ली विश्वविद्यालय की भौगोलिक स्थिति में प्रवेश हेतु प्रस्तुत संक्षिप्त का। और आप जनवरी, फरवरी, मार्च 2019 जो लिखना चाहें, यहाँ पर लिख सकते हो। यहाँ पर आपको विभाग का नाम और विश्वविद्यालय का नाम भी लिख सकते हो। साथ में आपको सबसे नीचे लिखा होगा, तो क्रमांक इसमें लिखा होना चाहिए। इसको आप विभाग का नाम लिखें। आकर्षक (अट्रैक्टिव) कलर, लोगो, कलर, आकर्षक, आकर्षक, पीज़रों जाके देखना। तो सबसे पहले शोध प्रबंध की संक्षिप्त लिखनी है। देखो, आप किसी भी भाषा में लिखो, कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर मैं हिंदी में समझा रहा हूँ, तो आप उसको अंग्रेज़ी में ट्रांसलेट कर लेंगे। आपको अपने टॉपिक को 5 या 6 अध्यायों में विभाजित करना है, यह इस पर निर्भर करता है कि आपका विषय कैसा है। तो 5 भागों में बाँट सकते हैं, कोई दिक्कत की बात नहीं है। बस को हिस्सों में विभाजित कर लीजिए। अच्छा, तो मैं बात कर रहा था यह कि ऐसे लेखन कैसे किया जाए, जैसे मान लीजिए हमारी पास कोई विषय है। तो उसका सबसे पहले, परिचय देंगे। तो हमारे संक्षेप में सबसे पहले परिचय देना है। तो मैं आपको उदाहरण के तौर पर बताता हूँ, आपने इतिहास में अकबर का नाम जरूर सुना होगा, इसलिए मैं अकबर का यहाँ पर उदाहरण दे रहा हूँ क्योंकि अकबर का नाम अपने 100% सुना ही होगा। चाहे आप कॉमर्स के विद्यार्थी हों, चाहे आप साइंस के हों, चाहे मानविकी के हों, कोई फर्क नहीं पड़ता। आपने अकबर का नाम जरूर सुना है। इसलिए मैं कह रहा हूँ कि यह बात आप समझ लीजिए। क्या करना है, हमें सबसे पहले अध्ययन में जनरल इंट्रोडक्शन देना है। सामान्यतः हमें उसमें इंट्रोडक्शन में एक पैराग्राफ लिखना है, और आप चाहें तो उसमें कह सकते हैं कि आपक का कौन सा विषय है। फिर आप उसमें संक्षेप में बता सकते हैं कि आपका विषय क्या है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप नेशनल हिस्ट्री का विषय लिया है, तो आप उसमें बताएंगे कि यह इतिहास में कब से शुरू हुआ और उसका महत्व क्या है। इसी तरह से हम क्या कर सकते हैं, कि सिलेबस का सारांश बनाने के लिए बताएंगे। आप यह भी जानते हैं कि यदि आप कोई विषय जैसे कि इकोनॉमिक्स का विषय है, तो उसमें आप इंट्रोडक्शन दे सकते हैं। फिर आप उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या उसका इतिहास में विकास का वर्णन कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई वर्तमान मुद्दा है, जैसे रासायनिक मुद्दा, तो आप उसमें लिख सकते हैं कि उस मुद्दे का इतिहास क्या है, कब से वो शुरू हुआ और उसका वर्तमान में महत्व क्या है। इसलिए प्रीप्रेक्ली की थीम इसमें ये ये चीजें चली थी, तो आपको उसमें ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य लिखना है। आपको उदाहरण के तौर पर देंगे कि जो अकबर था, वह इसी समय हुआ था, उसका काल ये ये था, और उन्होंने ये ये काम किया था। उसमें उसके ऐतिहासिक और उसमें उसके इतिहासिक कार्यकाल के समकालीन राजा-महाराजा का भी वर्णन डाल दिया। और यह न इतना लंबा है, केवल दस लाइनें ही लिखनी है, ज्यादा बढ़ाना नहीं है। यह बहुत छोटा है, तो इस तरह से हमने दो टॉपिक लिख दिए हैं। समझ गए? पहले में इंट्रोडक्शन, दूसरे में उसको ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य यानी कि उसका इतिहास। अब, जिस तरह से आप दूसरे अध्याय में अपने टॉपिक का हिस्ट्री में क्या संबंध है, यह चीख डाल देना है। मतलब, अब तीसरा जो अध्याय आएगा, वह हमारा बहुत महत्वपूर्ण अध्याय होने वाला है, जैसे कि… मैंने अकबर का आपको उदाहरण दिया, तो हम इसमें डालेंगे कि राजफत असल में संदर्भ मतलब कौन सा नए धर्म का उन्होंने इजाद किया था, वो किस तरह से सभी धर्मों को साथ लेकर चलने वाले बादशाह थे। तो उसके जो सॉफ्ट कॉर्नर हैं, उस मुस्कान पर डाल दिया। ठीक है? यह हमारा चौथा हो जाएगा, और उसी तरह से पाँचवा कि अगर राजपूत नीति का अकबर को क्या लाभ मिला, ये डाल दिया। ये पाँच अध्याय होंगे हमारे, बताओ निबंध है या नहीं है। ऐसे में भी तो ऐसी लिखते हैं निबंध में भी तो इसी तरह से लिखा जाता है कि पहले परिचय दो, धीरे-धीरे चीजों को आगे बढ़ाओ और आखिरी में किन को इसे समाप्ति है। यह कितना आपने, मैंने, कितनी बार समझा दिया, फिर भी मुझे बार-बार सर अलग से कोई सरल भाषा में मुझे वीडियो बना कर दो। यह सरल भाषा में वीडियो दिखाओ। आपको इस तरह से सेंट को डिवाइड कर देखना है। अब आगे मैं आपको अस ट्रिक्स बताऊंगा। चीजें बताऊंगा इस वीडियो में आपको ताकि आप मतलब, मतलब, मतलब और और लोगों से आपको हटकर कैसे हो जाना है, मौलिक और लोगों से आप बिल्कुल यूनिक कैसे हो गए, ये चीज मैं आपको इस वीडियो के माध्यम से बताने वाला हूँ। तो हमने दो चीजें सीख ली हैं आपसे पहले इस वीडियो में। एक तो हमारा मुख्य प्रष्ठ, जो है, मैन प्रष्ठ, वो कैसे बनाते हैं, ये चीज़ सीख ली हमने, ठीक है, उसको किस तरह से टैग भी रखेंगे। इसके बाद में हमने यह सीख लिया कि हमारे चैप्टराइजेशन कैसे करना है, उसको बाटना है, जैसे कि यह देखो, अध कि रेफरेंस किससे देने हैं और उसको किस तरह से लिखा जा सकता है। रेफरेंस किसे देना है, वीडियो में भी आपका कोई भी विषय क्यों ना हो, आपका कोई भी ईडिया हो, तो उसको 24 रेफरेंस देने हैं, देने हैं, जैसे कि किसी चीज़ को परिभाषित करने के लिए, मान लो, तो परिभाषा में हमने क्या किया, रेफरेंस या इसके। अलावा यदि आप किसी थीसिस से लेना चाह रहे हैं, तो आपको वहां पर संदर्भ देना पड़ेगा। कैसे देंगे, यह आप समझ लो। मैं आपको बता देता हूं। दो तरीकों से संदर्भ देते हैं। एक तरीका ऐसा होता है कि आपका अध्याय खत्म हो गया, मान लीजिए यह संदर्भ हैं, जैसे यह इतने सारे संदर्भ देने रखे हैं। यार, यह लाइट मुझे दिक्कत कर रही है कि मान लीजिए ये चीजें संदर्भ हैं। तो दो तरीके होते हैं संदर्भ देने के। एक तरीका यह है कि संदर्भ को अपने अध्याय के अंत में डाल दें। दूसरा तरीका जैसे कि मेरा यह सारा मैटर हो गया, कि मैंने एक अध्याय लिख दिया, पूरा कर लिया। उसके बाद मैं यहां पर संदर्भ सूचि लिख दूंगा, अलग से संदर्भ सूचि और वहां पर मैंने एक या दो नंबर पर संदर्भ डाल दिया। एक तरीका तो यह है, लेकिन यह बहुत पुराना हो गया है। यार, हम दिल्ली वाले हैं, कुछ नया करते हैं, तो मान लीजिए। मैंने आपने किसी भी रेफरेंस की लाइन लिखी तो आपको सबसे पहले रेफरेंस का नंबर लिखना आना चाहिए। अगर आप यहां दिख रही हो तो आपको दो नंबर लिखना होगा, यानी कि दो नंबर का जो रेफरेंस है, उसको हमें डालना है। यह अच्छा तरीका सबसे अच्छा लगता है। यही अच्छी बात है। तो हमारा जो रेफरेंस था, उसको हमें उस प्रश्न में डाल देना है। डालने के बाद ये चीजें हैं कि हमें अलग और लोगों से यूनिक बनाना चाहिए, और यूनिक ही लोग करेंगे। तो देखें, यहां कितने लोग कर सकते हैं। इतना ही नहीं, आप प्रयास में टाइप वर्तनी सुधरें। इसमें बॉर्डर डाल देना ज्यादा अच्छा दिखेगा। अच्छा दिखाने के लिए और बेहतर बनाने के लिए जरूरी है कि आप और भी चीजें, जो लोगों से अलग हों, उन्हें शामिल करें। और अगर आप Dr
16:56Locus (डॉ
16:57लोकस) की बात कर रहे हैं तो… वाली को देख रहे हो तो मैं आपको सबसे बेहतर बनाऊंगा, इसलिए मैं चाहता हूं कि जितने मेरे दोस्त हैं, समय जो देख रहे हैं, मैं उनको बेहतर बनाना चाहता हूं और लोगों से और आपका सेलेक्शन होना चाहिए। तो आप ऐसी चीजों को यहां पर ध्यान में रख सकते हैं। तो दोस्तों, एक और मैं आपको ट्रिक्स बताने वाला हूं। अच्छी चीज़ जानकारी, आप ऐसा करना कि कभी आपका जो भी सिनॉप्सिस है या प्रिपोजल है, उसको न तो दोनों साइड टाइप मत करवाना, जैसे इधर की साइड भी करवा लिया और लिखो कि आप सिंगल साइड पर लिखें। तो आपको सिंगल साइड लिखना है। यह बात भी आपको ध्यान रखनी है कि हमें हमारा सिनॉप्सिस सिंगल साइड होना चाहिए, ठीक है। सिंगल साइड में हमने सिनॉप्सिस लिख दिया है। और एक बात और मैं आपको बताता हूं कि हमारी फॉन्ट की साइज इतनी ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए, ना ही बहुत छोटी। करना कि उसे देखी ना पाए। वो लोग एक मीडियम जैसे 12 या 13 साइज का फॉन्ट की होती है, उस पॉइंट में टाइप करो ताकि आप ज़्यादा से ज़्यादा अच्छा और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सको। उन्हें वो लोग समझते नहीं हैं, उनका बात ही अलग है, लेकिन जो व्यक्ति पहले से ही इन बातों को समझते हैं, उनके लिए ये आसान हो जाता है। जिनके पास पावर, प्रीप, नॉलेज, नॉलेजीन जैसी चीजें हैं, वे इन चीज़ों को रिलेट कर सकते हैं। हमेशा की तरह, आप भी यह देखेंगे कि जैसे आप किसी चीज को जानते हैं, तो उसे रिलेट कर देंगे और आसान बना देंगे। तो जिस व्यक्ति को यह सब पता है, वह समझ जाता है कि यह सिर्फ सिनॉप्सिस है, बस उसमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है। और हर आदमी ने इसे लिखा है। आप भी, मेरे हर दोस्त जो इस समय यह वीडियो देख रहे हैं, सिनॉप्सिस लिख सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि यह वीडियो आपको पसंद आया होगा। लाइक जरूर कर देना। यदि वीडियो अच्छा लगा हो, तो अपने सवाल कमेंट में जरूर पूछिए। कृपया मैं सभी कमेंट्स को पढ़ता हूँ और मैक्सिमम कमेंट्स के रिप्लाइ करता हूँ। जितने भी पुराने साथी हैं, जो आपको पता है, मैं सभी का reply करता हूँ। और जितने भी दोस्त अगर मुझसे personally बात करना चाहते हैं, तो मुझे Instagram पर फॉलो कर लीजिए। आप मुझे Instagram पर मैसेज कर सकते हैं, लेकिन मुझे आपके messages तभी दिखेंगे, जब पहले आप मुझे फॉलो करेंगे। उसके बाद आप मुझे मेसेज करोगे, तो मुझे आपके messages दिखाई देंगे। तो फॉलो कर लेना। मैं आपको बताता हूँ कि आप मेरी निजी लाइव के बारे में या फिर मुझसे personally बात करना चाहते हो, या चैट करना चाहते हो, तो Instagram फॉलो करें। सर्कीप्स में, गरंट में, कैसे फॉन्ट होगा, किस तरह से लिखना चाहिए, किस तरह से उसका संदर्भ सूची लिखनी चाहिए, और किस तरह से आप उदाहरण के अनुसार समझ सकते हैं। इसमें कोई भी विषय हो। कोई ना हो दोस्तों, वीडियो पसंद आया है तो वीडियो को लाइक कीजिए, चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, और if आपको लगता है कि मैंने बहुत अच्छी जानकारी दी है जो आपकी लाइफ चेंजिंग है, तो इस वीडियो को और इस चैनल को अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए, Facebook पर करें, अपने दोस्तों को WhatsApp ग्रुप में भेजें, personally जाकर बोलिए कि यह आपका दोस्त का चैनल है, उसको सब्सक्राइब करें, आपकी नॉलेज को बिल्ड करेगा, क्योंकि मैं आपके साथ बना रहूंगा पूरी ईमानदारी के साथ। तो जल्द मिलते हैं आपसे, शाम तक ही। तब तक नमस्कार।