00:00सर, अगर लेवल की बात करें नेक्स्ट वीक के लिए, कि कौन से लेवल इंपॉर्टेंट होने वाले हैं गोल्ड और सिल्वर दोनों के लिए, क्योंकि नेक्स्ट वीक तो बहुत सारे अलग-अलग इवेंट्स हैं, और मेन सबसे अहम इवेंट तो फेड को लेकर हैं, कि फेड की पॉलिसी किस तरीके से होती है, किस तरह का रुख रहता है। लेकिन फिर भी, सारे समझना चाहते हैं, निवेशकों की इंपॉर्टेंट लेवल कौन से हैं, जिनको ध्यान में रखकर जो लोग ट्रेड करना चाहें, वो ट्रेड कर सकते हैं। देखिए, सुमित जी, सबसे पहले तो हम फेड के बारे में थोड़ा सा कवरअप दे देते हैं, क्योंकि बहुत सारे लोग होते हैं, जो नए आते हैं। मुझे देखिए, बुधवार को रात में, हमारे बंद होने के बाद, फेड एक संस्था है, जो इंटरेस्ट रेट कम करना है या फिर ज्यादा करना है, उसके निर्णय बताती है। तो बुधवार को, जब हमारे बाजार बंद हो जाएंगे, उसके बाद इंटरेस्ट रेट में क्या चेंजेस होने वाले हैं, उसे समझना जरूरी है। उसके अनाउंसमेंट होंगे जिसके इफेक्ट हमें गुरुवार को ओपन मार्केट में देखने को मिलेंगे, और यह हर तरह से बहुत जरूरी मीटिंग हो जाती है क्योंकि अभी सितंबर के बाद अक्टूबर एक महीना बचेगा, और उसके बाद नवंबर तीन के आस-पास यूएस के मिड टर्म इलेक्शन है, और यहां पर थोड़ा सा पॉलिटिकल इनफ़्लुएंस रहेगी। मुझे लगता है कि यह फेड की मीटिंग है, क्योंकि देखिए अगर ट्रंप साहब ने ही चेंज किए हैं अपने चेयरमैन को, अभी हाल ही में, और वह चाहते हैं कि ब्याज दरें कम हो जाएं। लेकिन जिस तरह से हमने पिछले समय में देखा है, ट्रंप साहब आए थे पद का अवार्ड लेने के लिए, लेकिन इनके टर्म में ही अभी तक सबसे ज्यादा युद्ध छिड़े हुए हैं, और अभी भी हो रहे हैं। जी हां, तो दिखाते हैं कुछ। इनके दिल में कुछ और होता है। ये बिल्कुल हाथी हैं। इन्हें हम कहते हैं ना, जो हाथी के दांत दिखाने के और खाने के अलग होते हैं। दिखाते हैं कुछ और हैं, करते कुछ और हैं। तो बड़ी डाउटफुल सिचुएशन में लोगों को बैठा देते हैं। अभी ये कि फेड की मीटिंग में अगर इंटरेस्ट रेट बढ़ जाते हैं तो गोल्ड और सिल्वर में सेलिंग प्रेशर देख सकते हैं। न्यूट्रल तो करंट ट्रेंड है, उठापटक चालू है। ₹000 से ऊपर और ₹5000 नीचे यही चलता रहेगा। अगर ट्रंप साहब चाहते हैं कि इंटरेस्ट रेट कम हो जाए, तो गोल्ड और सिल्वर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, यानी भाग सकते हैं। उस स्थिति में, जैसा हमने बताया कि अभी का शकुनी मामा क्रूड ऑयल है। क्रूड ऑयल को नीचे गिरना होगा और ट्रंप साहब को बैकफुट पर आकर ईरान के साथ कुछ ना कुछ समझौते वाली सिचुएशन बनानी पड़ेगी। लेकिन ईरान यहां पर नहीं चाहता है कि कोई भी समझौते वाली स्थिति बने। ईरान इनफ चाहता है कि ट्रंप साहब हार जाए। ईरान ये चाहता है कि क्रूड ऑइल के दाम आसमान छुएं। उसकी दो वजहें हैं। एक तो ट्रंप साहब को हराने की, और दूसरा यह कि वॉर सिचुएशन में जो लॉसेस हुए हैं, उनको ग्लोबल लेवल से कवर करने का एकमात्र उनके पास तरीका है—क्रूड ऑइल, जिससे वो हार्मोन में कंट्रोल अपना नहीं खोना चाहते। ओके, मतलब सर, यूं कहें तो ट्रंप के ही ट्रैप में गोल्ड, सिल्वर से लेकर मार्केट तक सब कुछ फंसा हुआ नजर आ रहा है। सब साहब वही हैं कि अब ये कब जाते हैं पद से, वो तो उसी का इंतजार है सभी ट्रेडर्स, इनवेस्टर्स को, क्योंकि [नाक से की जाने वाली आवाज़] क्योंकि सुबह का बोला रात में भूल जाते हैं, वो खुद ही। और ऐसा भी कहा जाता है, ऐसा भी सोर्सेस से सुनने में आता है कि उनको भी आधी अधूरी बातें बताई जाती हैं, जितनी उनसे मैनिपुलेशन करवानी है, उतनी बातें उन्हें तक पहुंचाई जाती हैं, और वो आकर सोशल मीडिया में हंगामा मचा देना शुरू कर देते हैं। हाँ। ओके सर, गोल्ड और सिल्वर में आरएसआई और एमएससीडी कैसे काम कर रहे हैं? क्या दिखा रहा है सर? देखिए, गोल्ड में अगर आरएसआई की बात करें तो यह एक लॉन्ग टर्म स्ट्रक्चर में है, तो यह ओवरसोल्ड टेरिटरी में भी नहीं है और ओवरबॉट टेरिटरी में भी नहीं है। लेकिन शॉर्टर ड्यूरेशन में जब हम आरली चार्ट्स देखते हैं, तो जब यह ₹15,000 के आसपास आता है, तो यह ओवरसोल्ड टेरिटरी में चला जाता है और जब यह ₹56,000 के ऊपर जाता है, तो यह ओवरबॉट टेरिटरी में चला जाता है। इसलिए ये सारे उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं, और ये उतार-चढ़ाव अभी तीन दिन और चलेंगे। स्टॉप हंटिंग होगी, बड़ी मूवमेंट आएगी। मुझे ऐसा लगता है कि फेड में कुछ न कुछ अनएक्सेक्टेड हो सकता है, जिसकी वजह से बाजार में बड़ा फॉल या फिर बड़ा अपसाइड मूवमेंट आ सकता है। अपसाइड आने की संभावना 30% है, डाउनसाइड आने की 70% है। लेकिन ये स्टेटमेंट सोच कर आज..
03:55पोजीशन नहीं बनाना है क्योंकि स्टॉप लॉस हिंटिंग होगी। डराएगा तो आप डर के मारे अपनी राइट को छोड़ देंगे या फिर बड़े-बड़े लॉसेस बुक कर लेंगे, तो अनावश्यक रूप से मार्केट में उलझ कर फायदा नहीं है। लेकिन सर, मार्केट तो प्रोबेबिलिटी पर ही चल रही है कि कितने का चांस ज्यादा है। आप सर ये बता रहे हैं कि 70% गिरावट की चांस है। मतलब, यहां से जो आम निवेशक हैं, जो लोग त्योहारों के सीजन में खरीदारी करना चाह रहे हैं, क्या उनको खुश होने की जरूरत है? खुश तो होना ही चाहिए। खुश क्या, मेरे ख्याल से तो सुमित जी, जहां तक मेरा आकलन है जी, इतना फोमो क्रिएट किया गया था फरवरी से, अभी भी लोग होपफुल हैं। थोड़ी सी अपसाइड मूवमेंट आती है तो लोग एकदम बड़ी-बड़ी बातें करने लगते हैं, जैसे कि "गोल्ड आज भी, अभी मैं थोड़ी देर पहले अपनी रील में कमेंट पढ़ रहा था, ₹ लाख इस दिसंबर में सोना आ जाएगा," इस तरह की वीडियो। कंटेंट आने लगते हैं तो यानी, ये थोड़ा अनरियलिस्टिक बातों से लोग बहुत इन्फ्लुएंस हो गए हैं। लोगों ने अपनी कैपेसिटी से ज्यादा माल लेके रख लिया है। ठीक है, तो अभी बाजार में लॉन्ग स्क्वीज है और वो लॉन्ग स्क्वीज रहेंगे जब तक वो उम्मीद नहीं खो देते, जब तक वो मार्केट में त्रस्त ना हो जाए। जब तक मार्केट में लोगों को यह न कहने लगे कि यार, अब गोल्ड सिल्वर शायद कभी नहीं बढ़ेंगे। तो मुझे लगता है कि अब ये लॉन्ग टर्म कंसोलिडेशन में है, या फिर शॉर्ट टर्म डिस्ट्रीब्यूशन में। बाजार एक ट्रैप में फंसा हुआ है। ₹150 के नीचे एक मंदी गहरा सकती है। एक ₹156,000 के ऊपर अगर निकलता है, तो बाजार में एक ₹161,000 की तेजी आ सकती है। अगर सयित जी मुझे कोई कहता है कि गोल्ड और सिल्वर यहां पर खरीद लो, तो मैं शायद थोड़ा इंतजार करना पसंद करता हूं। ₹156,000 के ऊपर यदि स्थिरता आती है, तो फिर 158000 के ऊपर भी चल सकती है। के ऊपर की स्टेबिलिटी आती है तो एक 161 यहाँ तक बढ़ने की पॉसिबिलिटी बनती है और एक 161 के बाद हरे नीले नए आसमान के लिए बाजार रेडी होता है। ठीक है। तो जब तक एक 161 नहीं कट रहा है, तब तक मैं बाय नहीं करता। और अगर यहां पर बेच देता, तो यहां पर बेचता भी नहीं मैं। पहले दो-तीन दिन इंतजार करता, अगर 15,860 के आसपास मिलता तो वहां पर एक बेहतरीन सेलिंग अवसर बनता है। स्टॉप लॉस छोटा होता है, और बाजार अगर एक बार 14,960 के नीचे ट्रेड कराना शुरू करता है, तो हो सकता है कि हम रीसेंट लॉस जो अभी लगे हुए हैं, उन्हें भी ब्रेक होता हुआ देखें। तो अब पूरी निगाहें आप लोगों को 14,960 लोअर साइड में और 14,600 के ऊपर हायर साइड में बनाकर रखनी चाहिए। ठीक है सर, अगर सीधा-सीधा पूछा जाए और सामान्यत: समझा जाए कि अगर फेड रेट हाई होती है, इनफ्लेशन वगैरह — ये सारी चीजें को एक तरफ रखते हैं, सरलता से समझते हैं तो आप सर क्या समझ पा रहे हैं? गोल्ड और सिल्वर में कितनी बड़ी गिरावट आ सकती है और आपको क्या लगता है सर, कितने तक दोनों की कीमती धातुएं नीचे के लेवल में पहुंच सकती हैं, सुमित जी? देखिए, देखिए, मैं ना बाजार को लॉन्ग टर्म, शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म के प्रोस्पेक्ट से देखता हूं। बात करता हूं, शायद कई लोग इसमें कंफ्यूज हो जाते हैं क्योंकि कई बार मैं लॉन्ग टर्म में बुलिश बोलने लगता हूं, शॉर्ट टर्म में बेरिश बोलता रहता हूं। तो लोगों को लगता है कि मैं बुलिश हूं या बेरिश हूं, कंफ्यूज रहते हैं। तो अगर चांदी यहां से ₹1.5 लाख तक भी टूट जाती है, तो भी लॉन्ग टर्म में मंदी नहीं होगी। ओके। लेकिन बड़ी बात कह रहे हैं, सर, आप ₹1.5 लाख तक चांदी अगर आ जाए, हां, अगर ₹1.5 लाख तक आ जाती है, तो भी लॉन्ग टर्म में वीक नहीं होगी। लेकिन शॉर्ट टर्म में बुलिश होने के लिए इसको ₹49,000 के ऊपर निकलना पड़ेगा। ओके? बाजार। में शॉर्ट टर्म में गिरावट आ सकती है। लेकिन लॉन्ग टर्म में कहें तो 5 साल, 8 साल के नजरिए से अगर हम बाजार को देखते हैं, तो इंसान हो या बाजार, जाना ऊपर ही है। लेकिन ₹1.5 लाख तक टूट भी जाए, तब भी वो बेरिश नहीं होगा। तो यहां से करेक्शन आने की ब्राइट पॉसिबिलिटी है। अगर वही मैं गोल्ड की बात करूं, तो जब तक ₹61,000 नहीं कट रहा है, तब तक ₹72 लाख आने की संभावना नहीं है। एक बार कटता है, तो हो सकता है, प्रॉबेब्ली मैं अपने को गिरगिट की तरह चेंज कर लूं। लेकिन जब तक ₹161,000 के ऊपर है, नीचे है, और यदि ₹149,600 कट जाता है, तो प्रॉबेब्ली हम ₹135,000 से ₹136,000 तक वापस से गोल्ड के इन स्तरों को टेस्ट करता हुआ देख सकते हैं। ये भी बड़ी बात है। तो मतलब, गोल्ड के लिए ₹135,000 तक का आप लेवल बता रहे हैं, और सिल्वर के लिए भी कह रहे हैं कि अगर उस तरीके का सीनियरियो बना हुआ है, और रेट हई होती है, तो ₹1.5 लाख तक भी आ सकता है। गोल्ड, सिल्वर। देखिए, सुमित जी अपने हिंदुस्तान बाजार में सबसे बड़ी कमी को कैपिटलाइज करते हैं, लोगों की और लोगों की कमी क्या है। लोगों को यह कल का हुआ, परसों का हुआ भूल जाते हैं। वे आज के बाजार को देखकर आज भागीदारी करना चाहते हैं। मैं आपको एक ऐसा आंकड़ा बताता हूं, 11, 17,500 के ऊपर इसने ब्रेकआउट दिया था और 17,500 तक गया था। 17,500 का बेस था। लोग सोच रहे थे कि अब यहां से वापस से 1,80,000 आ जाएगा, लेकिन उसने वो बेस क्रिएट किया था, और वहां से 17,92 गया था। तो 17,35 नहीं, बल्कि 17,20, अगर गोल्ड 17,17 तक भी आ जाता है, तो भी लंबी अवधि की संरचना पॉजिटिव रहने वाली है क्योंकि मध्यकालीन अवधि में बाजार अभी bearish है। मध्यकालीन अवधि में बाजार 16,1 के ऊपर बुलिश होगा, और छोटी अवधि में तो खैर ये 2,500 के लिए बहुत सारे रंग बदलता रहेगा।