1. फेड मीटिंग और सोने-चांदी पर उसका असर [0]

thumbnail फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों पर होने वाले फैसले का सोने और चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

1.1. फेड मीटिंग का महत्व और संभावित परिणाम [0]

  1. फेडरल रिजर्व का निर्णय [0]
    1. फेडरल रिजर्व (फेड) एक संस्था है जो ब्याज दरों को कम या ज्यादा करने का निर्णय लेती है। [0]
    2. यह निर्णय बुधवार रात को भारतीय बाजार बंद होने के बाद घोषित किया जाएगा, जिसका असर गुरुवार को बाजार खुलने पर दिखेगा। [0]
  2. राजनीतिक प्रभाव [0]
    1. यह बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर के बाद अक्टूबर एक महीना बचेगा, और उसके बाद नवंबर में यूएस के मध्यावधि चुनाव हैं, जिससे राजनीतिक प्रभाव बढ़ सकता है। [0]
    2. ट्रंप चाहते हैं कि ब्याज दरें कम हों, लेकिन उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा युद्ध हुए हैं, जिससे उनकी कथनी और करनी में अंतर दिखता है। [0]
  3. ब्याज दरों का असर [0]
    1. यदि फेड मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने और चांदी में बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है। [0]
    2. यदि ट्रंप चाहते हैं कि ब्याज दरें कम हों, तो सोने और चांदी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए कच्चे तेल की कीमतों को गिरना होगा और ईरान के साथ समझौता करना होगा। [0]
    3. ईरान ट्रंप को हराना चाहता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ाना चाहता है ताकि युद्ध के नुकसान की भरपाई हो सके। [0]

1.2. सोने और चांदी में निवेश की रणनीति [0]

  1. बाजार की अस्थिरता [0]
    1. वर्तमान में सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसमें ₹5000 ऊपर और ₹5000 नीचे का ट्रेंड चल रहा है। [0]
    2. फेड मीटिंग में कुछ अप्रत्याशित होने की संभावना है, जिससे बाजार में बड़ा उछाल या गिरावट आ सकती है; उछाल की संभावना 30% और गिरावट की 70% है। [0]
  2. निवेशकों के लिए सलाह [0]
    1. फेड के फैसले से पहले कोई भी पोजीशन न बनाएं, क्योंकि स्टॉप लॉस हिट हो सकते हैं और बड़े नुकसान हो सकते हैं। [1]
    2. बाजार में अभी "लॉन्ग स्क्वीज" है, जिसका मतलब है कि लोग उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं, और जब तक वे निराश नहीं होते, तब तक बाजार में स्थिरता नहीं आएगी। [1]
  3. सोने और चांदी के महत्वपूर्ण स्तर [1]
    1. चांदी में ₹1.5 लाख तक की गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह अभी भी मजबूत रहेगी; शॉर्ट टर्म में तेजी के लिए इसे ₹49,000 के ऊपर निकलना होगा। [1]
    2. सोने में ₹61,000 का स्तर महत्वपूर्ण है; यदि यह ₹49,600 से नीचे जाता है, तो यह ₹35,000 से ₹36,000 तक गिर सकता है। [1]
    3. लंबी अवधि में बाजार ऊपर ही जाएगा, लेकिन छोटी और मध्यम अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। [1]