00:00अमेरिका में आज ब्याज दरों को लेकर फेड की एक अहम बैठक है। बाजार की नजर फेड की बैठक पर है ही। फेड के फैसले से पहले अमेरिका के बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब इस बैठक में क्या सामने आता है, यह बहुत कुछ निर्भर करेगा। कल हमारे बाजार कैसा कारोबार करेंगे, यह भी महत्वपूर्ण है। तो CNBC आवास के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंहल से समझते हैं कि ये सारी बातें हमारे मार्केट पर कैसा इंपैक्ट डाल सकती हैं। बिल्कुल, देखिए आज सभी की नजरें फेड की बैठक पर हैं। बस अब कुछ देर में फेड का फैसला आ जाएगा, रात को 11:30 भारतीय समय पर बिल्कुल सटीक। बाजार क्या अनुमान लगा रहा है, क्या कीमतें प्रीमियम कर रही हैं? जो यूएस की बॉन्ड मार्केट है, वह यह मानकर चल रही है कि अब 25 बेसिस प्वाइंट का रेट बढ़ चुका है, लगभग 94% संभावना है। तो ऐसे में, बैंक ऑफ अमेरिका का मानना है कि अब यदि रेट ह ना हुई तो वो अनप्रेसिडेंटेड होगा। तो मान लीजिए कि रेपो रेट बढ़ेगी। अब केविन वाश की कमेंट्री काफी क्रूशियल रहने वाली है और उसमें क्या निकलकर आएगा, वो सबसे ज्यादा क्रूशियल रहने वाला है। कमेंट्री में एक्सपर्ट मार्केट की नजर कहां पर होगी? देखिए, दो तरीके की हंक होती हैं। एक होती है डवेश हॉक, और दूसरी होती है हॉकिश हॉक, मतलब डवेश हॉक का अर्थ है फेड चेयरमैन आए बोले, हमने हाइकिंग की क्योंकि एक सिचुएशन ऐसी आ गई थी जिसमें हमें हाइक करनी पड़ी, लेकिन अभी कोई ऐसा डेटा पॉइंट नहीं दिख रहा कि आगे हमें और हाइक करनी पड़ेगी। यह सिर्फ एक वन-ऑफ़ हाइक है। दूसरी होती है हॉकिश हॉक, जिसमें फेड चेयरमैन आकर कहें कि देखिए, हमें लग रहा है कि शायद रेट हाइक की चक्रवात शुरू हो गई है, क्योंकि इनफ्लेशन यहां से बहुत तेजी से ऊपर आएगी, और ऐसे में हमें सतर्क रहना होगा, और हम ऐसी कोई गारंटी नहीं दे सकते कि ये..
01:39आखिरी रेट अगर ऐसा हुआ, तो यह मार्केट के लिए बहुत बड़ा नेगेटिव होगा। देखिए, रेट ह से इमर्जिंग मार्केट्स पर डायरेक्ट इंपैक्ट आता है। अब आप ये तर्क दे सकते हैं कि हमारे यहां हॉट मनी वैसे ही एब्सेंट रही है, लेकिन फिर भी फर्क पड़ता है। ठीक है? डॉलर की डिमांड बढ़ती है, उससे डॉलर ऊपर आता है और इसका एक इंपैक्ट होता है। लोगों की स्पेंडिंग कम होती है, क्योंकि अगर आपकी ईएमआई बढ़ेगी तो आप अपनी स्पेंडिंग कम करेंगे, तो उससे नाॅन-फार्म रिसेशन का रिस्क रहता है। एक और बात कि सोने और चांदी पर खास नजर रखिए, क्योंकि अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो वहां पर भी काफी इंपैक्ट आता है। अब इनमें से बहुत कुछ पहले से ही प्ले हो चुका है, जैसा मैंने कहा। तो अब यह निर्भर करेगा कि यह भी हो सकता है कि मार्केट सिर्फ इस रेट ह घटना का इंतजार कर रहा है, जैसे यह इवेंट अचानक हो जाए। हो सकता है कि ग्लोबल मार्केट भी इस वेटिंग मोड में हो। में एक रिलीफ रैली या एक शॉर्ट कभी भी आ जाए। धन्यवाद, अनंत सर, इस एनालिसिस के लिए। और थोड़ी सी बातचीत करते हैं इस पर। जरा और समझते हैं। मार्केट एक्सपर्ट सुनील सुब्रमण्यम, अब हमारे साथ जुड़ गए हैं। सर, बहुत-बहुत स्वागत है आपका CNBC आवास पर। तो अनुज जी जैसे कह रहे थे कि एक या दो-तीन अलग-अलग नजरिए होंगे इस पूरे इवेंट को देखने के लिए। आपकी क्या उम्मीद है कि कितना रेट हो सकता है, और हुआ तो फिर हमें क्या इम्पैक्ट देखने को मिलेंगे? देखिए, जैसे अनुज जी ने कहा, मैं उससे सहमत हूं। 25 बेसिस पॉइंट्स की रेट का करीब 94% संभावना है, और डेटा को देखते हुए यही लग रहा है कि ऐसा ही होगा। तो नंबर एक चीज है। नंबर दो, जैसे अनुज जी ने कहा कि रेट high इतना भी जरूरी नहीं है क्योंकि वो डिस्काउंटेड है। अब ये है कि कमेंट्री कैसी होती है? प्रेस कॉन्फ्रेंस जो होगी, 12:00 बजे। इंडियन टाइम में मिस्टर वॉर्स क्या कहते हैं अबाउट फ्यूचर में कैसे डील करेंगे। मगर एक चीज है जो मिस्टर वॉर्स के बारे में क्लियर कट सामने आया है कि वो ज्यादा गाइडेंस नहीं देते हैं। वो ज्यादा डॉट प्लॉट में भरोसा नहीं रखते हैं। वो हमेशा कहते आ रहे हैं कि हम डेटा को रेस्पोंड करेंगे। इसलिए मेरी ये भी है कि शायद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहेंगे कि भैया, अभी इनफ्लेशन बढ़ा है तो हमने रेट हाइक किया। फ्यूचर की बात डाटा पर डिपेंड करता है। तो ऐसे करेंगे तो उसको डिविशन हक मानेंगे, मार्केट और मार्केट एक्चुअली रिकवरी में आ सकती है, फ्रॉम द यूएस मार्केट पर्सपेक्टिव। उधर ये डिस्काउंट हो चुका है। बट इंडिया की बात थोड़ी अलग है, क्योंकि इंडिया में बात ये है कि ये जो रेट हाइक उधर हो रहा है, अभी उससे पहले ही देखें तो 10 साल की यील्ड में अभी खाली 2% का फासला रहा। भारत का 7% के करीब है, उधर अमेरिका का करीब 5%
04:12यह बहुत नज़दीक हैं। हिस्टोरिकली देखें तो ये लगभग 2.5% के आसपास होते हैं। तो दबाव रुपये के ऊपर आएगा क्योंकि अगर उन्होंने ब्याज दरें बढ़ाई हैं और आरबीआई ने सोचा कि नहीं करेंगे, तो रुपये पर दबाव रहेगा क्योंकि आउटफ्लो हो सकते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि अब इसके बाद इनफ्लेशन का डेटा आया है भारत में, जो उम्मीद से ज्यादा है। 4.86 आया है, तुलना में जुलाई में 4.45 था और आरबीआई की सेकंड क्वार्टर की जो अपेक्षा थी, 4.7 थी। तो उससे ज्यादा आया है। मगर याद रखना यह है कि Q3 में आरबीआई ने पहले ही कहा था कि 5.9 का अनुमान था। अब मार्केट की आउटलुक बदल सकती है, आरबीआई की सोच के ऊपर। फेड का तो फैसला आ चुका है। अब आरबीआई पर क्या यह दबाव बढ़ाएगा? ये इस कमेंट्री के साथ, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में होता है, उससे मार्केट को समझने की कोशिश करेगी। लेकिन आज ही हमने देखा। कि कल के करेक्शन के बाद आज मार्केट में एक वी-शेप रिकवरी हुई। भले ही स्मॉल एंड मिड कैप पॉजिटिव में नहीं आ पाए, फिर भी एक रिकवरी तो थी, जिसका मतलब वैल्यू बाइंग था क्योंकि डीआईआई फ्लोस अभी भी मजबूत है, तो वैल्यू बाइंग आ रही है। मेरे ख्याल से, unless फेड कोई हॉकिश संकेत देता है, मार्केट इसको पहले ही डिसकाउंट कर चुका है। और जैसे ही आज 종료 हुआ, पॉजिटिव बाइंग से कल भी उसकी एक रिलीफ रैली देख सकते हैं। मगर, जैसे मैंने कहा, 12:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस सबसे बड़ा इम्पोर्टेंट चीज है, और आरबीआई के लिए करेंसी की बात मैंने की। अब तो रिजर्व्स काफी हैं, आरबीआई के पास फाइनेंस बी स्कीम के कारण। तो करेंसी को डिफेक्ट करने के लिए उनके पास अभी हथियार हैं। इसलिए, अगले दो-तीन दिनों या हफ्तों में यदि आरबीआई की सोच या कोई बातचीत होती है, तो यह बहुत अहम होगी कि वे क्या रेट करते हैं। हैं। भारत के लिए रिज़र्व बैंक का रेट हैक बहुत महत्वपूर्ण है। फेड के रेट हैक से ज्यादा। ठीक है, तो ये एक अच्छा इनसाइट सुनील जी की तरफ से कि जो फेड आज जो रात को करेगा, वही करेगा। कल भी उसका असर हो सकता है कि हम कल भी सकारात्मक बाजार देख सकते हैं अपने यहां पर, लेकिन इंपॉर्टेंट होगा रिज़र्व बैंक का क्या स्टांस लेता है हमारे यहां, क्योंकि हमारे यहां भी धीरे-धीरे वो जो इनफ्लेशन का क्लॉक है, वो टिक करके थोड़ा ऊपर की तरफ गया है। फिर उन्हें भी बहुत सारे बैलेंस बनाने पड़े हैं, लेकिन क्या रिज़र्व बैंक का रुख रहता है, यह भारतीय मार्केट के लिए ज्यादा जरूरी लगेगा। साथ ही, तो मैं एक सवाल और पूछ लेता हूं। एक राहत खबर आई थी दो दिन पहले, मतलब आईटी सेक्टर के लिए कि एआई का थोड़ा स्लो डाउन होगा, खतरा है। यह तो हमने देखा कि हमारे शेयर दौड़े, और आज हमने देखा कि लगभग सभी स्टॉक्स में बड़ा मुनाफ़ा वसूली हुई। गई। तो क्या आईटी के साथ इसी तरह का रोलरकोस्टर चलते रहने वाला है? एक खबर आएगी तो अगले दिन फिर नीचे? हां, बिल्कुल। देखिए, एक कल की बात थी कि किसी एआई चीफ ने मिलकर कहा कि एआई को रेगुलेट करना चाहिए। तो नेचुरली इसका एक पॉज़िटिव असर देखा गया था सेक्टर के ऊपर, आईटी सेक्टर के ऊपर। मगर जैसे आपको पता है, वो लोग शायद इसे एक नए कंपटीशन—एआई के नए कंपटीशन—को दबाने के लिए कह रहे हैं। ऐसी खबर आज फैली तो इसलिए आईटी में वो हवा निकल गई। पर दूसरी बात मैं कहूंगा कि देखिए, ब्याज दरें बढ़ना यूएस में, वो डिस्प्यूशनरी कंजम्पशन के लिए नकारात्मक है, इसलिए आईटी बाइंग के लिए भी नकारात्मक है। इसलिए आज का जो करेक्शन हुआ, वो पार्टली प्रॉफिट बुकिंग थी, और पार्टली यह भी था कि अगर रेट हाइक होगा तो क्या आईटी सेक्टर की डिमांड थोड़ी घटेगी? यह डर आ गया है। और मेरा… मानना है कि आईटी का रोलर coaster ही रहेगा। खबर के ऊपर थोड़ी ऊपर नीचे ऊपर नीचे। क्योंकि लॉन्ग टर्म में देखो तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का डेफिनेटली इम्पैक्ट आईटी के ऊपर रहेगा। अभी भी मैं नहीं मानता हूं कि बाय एंड होल्ड या लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी आईटी में बाकी है। आईटी एक वैल्यू प्ले रहेगा। डिविडेंड प्ले डिविडेंड ईल्ड के कारण प्ले में रहेगा। और शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में आप एक ट्रेडर की ओर से आईटी को प्ले करके मुनाफा कमा सकते हैं, मगर ध्यान से करें। मगर मेरे ख्याल में आईटी जरूर एक रोलर कोस्टर ही रहेगा, जैसे आप ने सही कहा। जी ओके, सुनील सर, धन्यवाद बहुत।