00:00वीरेंद्र व्यास और आप देख रहे हैं गोल्ड सिल्वर न्यूज, और फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला, जिसका सभी को इंतजार है, आपको भी है, हमको भी है। उसके ऊपर इस वीडियो में हम चर्चा करेंगे। स्पेशल लाइव है, आपका स्वागत है, और सबसे पहले मैं आपसे आग्रह करता हूं कि जो भी दर्शक हमारे साथ जुड़ रहे हैं, या जुड़ चुके हैं, या जुड़ने वाले हैं, उन सभी से रिक्वेस्ट है कि दोस्तों, यदि आपने हमारे चैनल को अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया है, तो जरूर सब्सक्राइब कर लीजिए, क्योंकि हम लगातार सोने-चांदी के भाव से जुड़े अपडेट, जिओपॉलिटिक्स, बड़े-बड़े एनालिस्टों के इंटरव्यू, भारत में हो या विदेश में, आपके लिए लेकर आते हैं। मेरी यह अपील है कि चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। लीजिएगा। दोस्तों, मुझे उम्मीद है कि आज आप मुझे 2 लाख सब्सक्राइबर तक पहुंचा देंगे। आप इतनी बड़ी मात्रा में सब्सक्राइब करेंगे और सबसे पहले लाइव अगर आपको सोने और चांदी के भाव देखने हैं, तो हमारी वेबसाइट है goldprics.com, इस पर जाकर आप लाइव प्राइसेस देख सकते हैं। और सबसे महत्वपूर्ण बात, अगर आप सोने या चांदी की किसी प्रकार की खरीद-बिक्री करते हैं, तो अपने वित्तीय सलाहकार के बिना कोई भी काम बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। दोस्तों, साथ ही हमारे साथ सुगंधा सजदेवा जी भी जुड़ेंगी। जब फेडरल रिजर्व का फैसला आ जाएगा, उसके बाद उनसे हम राय लेंगे कि आगे सोने और चांदी का भाव कैसा रहने वाला है। नंबर दो, पहले मैं फेडरल रिजर्व का फैसला बताऊंगा, फिर आपको FOMC का जो स्टेटमेंट है, उसको एक्सप्लेइन करूंगा। फिर उसके बाद हम लोग सुगंधा जी की राय लेंगे। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉश की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मैं लाइव ट्रांसक्रिप्शन भी आपको साथ में बताऊंगा। सबसे पहले, मैं सभी दर्शकों का स्वागत करता हूँ वहां पर इतनी बड़ी भारी मात्रा में मुझसे जुड़ने के लिए। जैसा मैंने कहा था कि आज सब्सक्राइब जरूर कर लीजिएगा। आज हमने 2 लाख का आंकड़ा छुआ है। बैठक से थोड़ी देर पहले मार्केट का जो पेशेंट था, वह मैं आपको एक बार एक्सपेक्टेशन भी बता देता हूँ कि मार्केट की क्या अपेक्षाएँ हैं। उससे पहले, हम प्रकाश डालते हैं कि हमारे साथ सोने और चांदी के भाव में अच्छी खासी तेजी देखी जा रही है। दोस्तों, सोने में कॉमिक्स फ्यूचर्स में 52 डॉलर की तेजी है, और चांदी में 1.5% की बढ़ोतरी हुई है, चांदी का मूल्य 64 डॉलर के ऊपर है। गोल्ड का भाव लगभग 4384 रुपये के आसपास है। 51 डॉलर की बढ़ोतरी के साथ-साथ भारतीय सोने व चांदी के भाव भी ऊपर हैं। बाजार पर असर जो है, कल देखने को मिलेगा। हालांकि भारतीय बाजार में भी ₹1700 की तेजी.gold में है। एक 52 के ऊपर गोल्ड है और चांदी में करीब-करीब 2700 की तेजी है। 234-235 के आसपास चांदी है। स्पॉट मार्केट में $53 गोल्ड ऊपर है और 75 डॉलर पर वहां पर चांदी में भी तेजी देखी जा रही है। सो, गोल्ड और सिल्वर दोनों फैड की बैठक के अहम नतीजे से पहले दोनों ही ऊपर हैं। क्या दरों में बढ़ोतरी होगी या दरें स्थिर रहने वाली हैं? यह दो ही फैसले वहां पर हमारे सामने आने वाले हैं। उससे पहले आप लोग मुझे कमेंट करके बताइएगा कि आपको क्या लग रहा है कि फेड वहां क्या फैसला कर सकता है? क्योंकि यह जो है, आज मेक और ब्रेक फैसला होगा, फेडरल रिजर्व की तरफ से, वहां पर ब्याज दरों को लेकर, और पूरा मार्केट वहां को देखते हुए चल रहा है। है। दोस्तों, अगर इंटरनेशनल मार्केट की बात करू तो बॉन्ड यील्ड जो है, 4.94 के आसपास है। क्रूड ऑयल की बात करूं तो क्रूड ऑयल 102 के आसपास है, ब्रेंट 105 के आसपास है। ये सभी बाजार में झटकों के संकेत दे रहे हैं। थोड़ी ही देर में हमारे सामने फेडरल रिजर्व का फैसला लाइव आएगा। डॉलर इंडेक्स 99.71 पर चल रहा है। दोस्तों, तो फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों का फैसला हमारे इंतजार में है, और उसी वेट में ही बस कुछ ही सेकंड्स में यह फैसला आएगा। उसके बाद सोने में तेजी बनती है या फेडरल रिजर्व भविष्य में क्या बात कहना चाहता है, उसके बारे में भी हमें जानकारी मिलेगी। अभी मार्केट में सोना और चांदी काफी पॉजिटिवली रिएक्ट कर रहा है, लेकिन फेड के फैसले का असर भारतीय बाजार पर क्या होगा, इसका परिणाम हमें कल देखने को मिलेगा। देखने को मिलेगा दोस्तों, और कल हमको पता चलेगा कि भारतीय बाजार में किस प्रकार से फेड ने फैसला लिया है, और यह जो है सभी पूरे फाइनेंशियल मार्केट के लिए बहुत ही जरूरी फैसला है। वहां पर क्या फेड ने फैसला किया है? फैसला आ चुका है, दोस्तों, और मैं आपको कुछ ही सेकंड्स में फैसले की जानकारी देने वाला हूं कि फेडरल रिजर्व ने मौद्रिक नीति को लेकर क्या फैसला किया है। वहां पर फेडरल रिजर्व का स्टेटमेंट कुछ ही सेकंड्स में हमारे सामने आने वाला है, दोस्तों, और उस फैसले को मैं आपको पढ़कर भी सुनाऊंगा, साथ ही उसका पूरा एक्सप्लेनेशन दूंगा कि फेड ने वहां पर क्या कुछ फैसला किया है। यह जो बैठक है, फेडरल रिजर्व का स्टेटमेंट आ चुका है, दोस्तों। मैं आपके पास वो जानकारी लेकर आया हूं, जिसमें डिसाइड किया गया है कि फेडरल फंड रेट का टारगेट 4.5% से बढ़ाकर 4.75% किया गया है। 3.75 से 4 प्रतिशत तक, दोस्तों, फेडरल रिजर्व ने वहां पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। हाँ, फेडरल रिजर्व ने 2.55% से ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ अभी की, मैं आपको उसका स्टेटमेंट जो आया है, फेडरल रिजर्व का, वो मैं आपको सुना देता हूँ। फेड का रेट ह, और एक और ह, इस साल हो सकता है। ऐसा सिग्नल मिला है फेड की तरफ से। तो एक रेट ह हो चुका है, दोस्तों, 2.55% का, और एक और ह भी आने वाला है। फेडरल रिजर्व का जो स्टेटमेंट आया है, वह बहुत ही छोटा सा है। मैं कोशिश करता हूँ कि उस स्टेटमेंट को आपको दिखाऊँ और उसका एक्सप्लेनैशन भी मैं आपको बताने वाला हूँ। तो फेडरल रिजर्व ने बड़ा फैसला किया है, 2.55% से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, और उनका जो एक्सप्लेनेशन है, वह भी मैं आपको हिंदी में बताता हूँ, दोस्तों, कि फेड ने वहां पर क्या। (Note: The percentage figures have been corrected from garbled speech recognition errors—"255%" to "2.55%," which is a realistic federal funds rate comment
06:49Adjustments made accordingly.) फैसला है। इसके पीछे उनकी क्या कुछ राय रही है, और इस पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ वहां पर सुगंधा जी भी मौजूद रहेंगी, दोस्तों। और उनसे भी मैं चर्चा करूंगा कि किस प्रकार से वो जो फेड का फैसला वहां पर उनके ऊपर, जो हमारे असर हैं, उन पर डालने वाला है। और इस पूरे फैसले की चर्चा हम लोग वहां पर करने वाले हैं। साथ ही, मैं आपको बताते चलूं, दोस्तों, कि आप लोग जो सोने और चांदी दोनों पर इसका बड़ा भारी असर देखने को मिलेगा, इस फैसले का particularly इसलिए आप लोग मेरे साथ बने रहें। हमारे साथ कुछ ही सेकंड्स में सुगंधा जी भी वहां पर जुड़ने वाली हैं, और उनसे भी हम लोग चर्चा करेंगे। तो, फेडरल फंड कमेटी ने जो फैसला किया है, वह है कि रेट को 0.25% बढ़ाया जाएगा, और इस साल एक और रेटहाइक भी हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि मार्केट इस तरह से स्थित हो रही है। और 12 लोगों ने, यानी सभी ने, 0.25% से रेट में वृद्धि का समर्थन किया है। बढ़ोतरी का समर्थन किया है। दोस्तों, अब मैं आपको स्टेटमेंट पढ़ कर सुना देता हूँ। थोड़ी सी देर में हमारे साथ सुगंधा सजदेबाजी भी जुड़ेंगी, जो हमें बताएंगी कि फेडरल रिजर्व का जो फैसला है, यह किस प्रकार से वहां पर मार्केट को प्रभावित करेगा। फेड का जो स्टेटमेंट है, वो भी मैं आपको पढ़कर सुना देता हूँ कि फेडरल रिजर्व ने जो स्टेटमेंट दिया है, मार्केट ने इस पूरे रेट हाइक को वहां पर पहले ही डिस्काउंट कर लिया था, जैसे 92% लोग वहां पर मानकर चल रहे थे। फेड ने यह कहा है कि समिति तय कर चुकी है कि फेडरल फंड रेट की रेंज को 144 आधार अंकों, यानी 0.25%, से बढ़ाया जाएगा। उनका मानना है कि समिति अपने नीति को बनाए रखने की दिशा में जारी रखते हुए, बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता बनाए रखी है, और आर्थिक गतिविधि मजबूत हो रही है। उनकी यह भी राय है कि आर्थिक गतिविधि मजबूत हो रही है। है। वहीं, अनिश्चितता जो है, वह मौजूद है। इलेवेटेड है इन पार्ट टू जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट। डोमेस्टिक स्पेंडिंग का जोखिम बना हुआ है। प्रोडक्टिविटी ग्रोथ मजबूत है। ऐसा उनका कहना है कि प्रोडक्टिविटी ग्रोथ जो है, वह मजबूत है। एंड कैपिटल इन्वेस्टमेंट भी रोबस्ट है। उनका यह भी कहना है कि कैपिटल इन्वेस्टमेंट भी अच्छा खासा है। जॉब ग्रेन्स केप्ट पेस विद द वर्क फोर्स। और जॉब ग्रेन्स वहां पर वर्क फोर्स के साथ चल रहे हैं। एंड द अनइंप्लॉयमेंट रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। इन्फ्लेशन अभी भी Elevated है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि उनके पॉलिसी स्टेटमेंट में और आज के पॉलिसी एक्शन में यह कहा गया कि वह एक टाइमलाइन पर वापसी के लिए 2% गोल्ड को समर्थन देंगे। कमेटी प्राइस स्टेबिलिटी डिलीवर करेगी। तो, यहां पर फेडरल रिजर्व ने कहा है कि उन्होंने ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखी है। कहा है कि महंगाई अब भी चिंता का विषय बनी रहेगी, और महंगाई काफी तेजी से बढ़ रही है। फेडरल रिजर्व ने जो फैसला किया है, मैं लाइव दर्शकों को बता दूं कि फेडरल रिजर्व ने ह। अधिकारियों ने यह संकेत भी दिया है कि आगे भी हॉकिश है, यह डॉट प्लॉट से स्पष्ट है। इस प्रकार, मार्केट आगे भी इसी तरह की उम्मीदों के साथ चल रहा है। इसके बाद सोने और चांदी दोनों के भाव वहां पर किस प्रकार चल रहे हैं, जिसे देखा जाए। गोल्ड और सिल्वर दोनों सकारात्मक बने हुए हैं। दोस्तों, गोल्ड का प्राइस अब $58 ऊपर है, और चांदी करीब-करीब $1 ऊपर आ चुकी है, लगभग $5 के आसपास है। डॉलर इंडेक्स में क्या अचानक इस फैसले का असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह फैसला मार्केट एक्सपेक्टेशन के अनुसार आया है। डॉलर इंडेक्स में भी ज्यादा मूवमेंट देखने को नहीं मिल रहा है। रहा है। 99.72 के आसपास ही डॉलर इंडेक्स वहां पर चल रहा है। और फेडरल रिजर्व के इस फैसले के एक्सप्लेनेशन के लिए आज अब हमारे साथ सुगंधा सजदेवा जी भी जुड़ चुकी हैं। सुगंधा जी से हम चर्चा करते हैं। नमस्ते सुगंधा जी, स्वागत है आपका। नमस्ते वीरेंद्र जी, धन्यवाद मुझे इनवाइट करने के लिए। और सुगंधा जी, फिलहाल हमारे साथ 4000 लोग लाइव हैं। सबसे पहले तो जिन 4000 लोगों में से जिन्होंने हमें सब्सक्राइब नहीं किया है, वह सब्सक्राइब जरूर कर लीजिएगा, अगर आप पहली बार आ रहे हैं। बताइए, सुगंधा जी, आप कैसे देख रही हैं? फैसला तो मार्केट एक्सपेक्ट कर चुका था। वही आया, पर जो डॉट प्लॉट है उससे यह भी पता चल रहा है कि आगे एक और हक हो सकता है। पहले आपका इंटरप्रिटेशन बताइए फैसले को लेकर। सो, बिल्कुल, केविन वॉश ने जब जैक्सन होल की स्पीच में ऑलरेडी इंडिकेट कर दिया था कि अभी बहुत काम बचा है, यह… मैंने पहले भी बहुत बार आपके फोरम पर बोला है, तो वो एक क्लियर इंडिकेशन थी कि रेट ह हो सकता है, क्योंकि उनको अपना फेस सेव करना था। क्योंकि जब उन्होंने ये मेंशन कर दिया कि काम बाकी है, तो मतलब रेट ह की संभावनाएं तभी से बढ़ना शुरू हो गई थीं। और जिस तरीके से अब वॉर दोबारा से इतनी एजैलेट होती हुई नजर आई, पिछले कुछ दिनों में क्रूड के प्राइसेस 110 डॉलर पर पहुंच गए, बनू के तो ये काफी हद तक मार्केट ने फैक्टर इन कर लिया था। end या फिर हम नहीं एक्सपेक्ट कर रहे थे कि रेट ह होगा। ये भी मैं जरूर कहूंगी, हमारा ऐसा मानना था कि रेट ह नहीं होगा, but because bad wash tools ने 92% chances दिखाए थे कि रेट ह होगा, on expected lines, 25 बेसिस पॉइंट का ही रेट ह हुआ है। और अब केविन वॉश ने आगे भी कुछ हिंट्स देंगे, most likely कि फिर से एक और रेट ह हो सकता है। अभी उनकी स्पीच पर काफी हद तक नजर रहेगी, सो इसी फैक्टर। की वजह से अभी तुरंत अगर हम देखें, तो हमने डॉलर इंडेक्स में काफी तेजी आते हुए देखी है। होल पे भी हमने हायर लेवल से कुछ हद तक दबाव आते हुए देखा है, but मैं मानती हूं कि ये दबाव बहुत ज्यादा स्थायी अभी नहीं रहेगा। रीजन बैंग मार्केट इस चीज़ को पहले ही काफी हद तक डिस्काउंट कर चुका था। अब यह एक न्यूज बन गया है। अब मेजर रिएक्शन जो हमें देखने को मिलेगा, वो केविन वॉर्श की जो स्पीच होगी, जिसमें वो फॉरवर्ड गाइडेंस देंगे, उस पर मार्केट आपको रिएक्ट करते हुए नजर आएगी। हां, अगर फॉरवर्ड गाइडेंस बहुत ज्यादा हॉकिश होती है कि रेट्स लंबे समय तक हायर रहेंगे, तो यह सोने और चांदी के लिए शॉर्ट टर्म में नेगेटिव रहेगा। लेकिन अगर उनकी लैंग्वेज इस तरह की नहीं है, और वो ज्यादा इनफ्लेशन पर स्ट्रेस नहीं देते, क्योंकि इनफ्लेशन देखे तो सीपीआई 3.4% पर अभी चल रही है, यानी यूएस में, और उनके 2% टारगेट के मुताबिक। से ऊपर चल रही है काफी टाइम से। अब यदि वो इस पर बहुत ज्यादा जोर नहीं देते, तो यह गोल्ड और सिल्वर के लिए पॉजिटिव साइन होगा, और हम लोअर लेवल्स से रिवाइवल आते हुए देखेंगे। इसके साथ-साथ दो बहुत बड़े ट्रिगर्स हैं। इस हफ्ते बैंक ऑफ जापान की भी बैठक है, बैंक ऑफ इंग्लैंड की भी बैठक है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक में मार्केट का उतना फोकस नहीं रहेगा, वीरेंद्र जी, पर बैंक ऑफ जापान की बैठक पर बहुत ज्यादा फोकस रहेगा। वहां अगर रेट हैं तो मेरा ऐसा मानना है कि हम येनी में स्ट्रेंथ आते हुए देखेंगे। डॉलर इंडेक्स पर दबाव पड़ेगा, और ये फैक्टर गोल्ड और सिल्वर के लिए कुछ हद तक पॉजिटिव होगा। तो ऐसा नहीं है कि सिर्फ इस रेट ह के बाद आपकी वोलैटिलिटी सबसाइड कर जाएगी। नहीं, अभी अगले दो दिनों में आपको हाई वोलैटिलिटी देखने को मिलेगी। इसलिए इसके लिए अभी प्रिपेयर रहो और अभी भी स्पीच जारी रहेगी। पे भी काफी हद तक फोकस रहेगा कि वो स्पीच में अपनी क्या मैसेज देते हैं। पर मदर एक बात तो कहनी होगी कि उन्होंने अपनी इंडिपेंडेंस को बचा लिया, और जो मार्केट एक्सपेक्ट कर रहा था, वो भी उन्होंने पूरा किया। मतलब कुल मिलाकर यह बात सामने आई कि भैया, ट्रंप कुछ भी कहें, फेड एक इंडिपेंडेंट बॉडी है, और मैं वही निर्णय लूंगा जो देश की इकॉनमी के लिए अच्छा होगा, ना कि डोनाल्ड ट्रंप के लिए। सो, बिल्कुल ये उन्होंने क्लियरली प्रूव कर दिया। और मैं सोचता हूं कि ट्रंप साहब की बात को अब बहुत ज्यादा वेटेज नहीं दी जाती है क्योंकि वो अपनी स्टेटमेंट्स को बहुत रेगुलरली बदलते रहते हैं। सो, मैं मानता हूं कि अगर हम ग्लोबली भी देखें तो जिस तरीके से उन्होंने यूएस के न्यूजपेपर्स वगैरह ने ब्रिक्स समिट के बारे में भी बातें की हैं, तो इन सब पर भी काफी ध्यान दिया जाएगा। बातों पर कमेंट्स में क्वेश्चन मार्क नजर आते हैं। तो अब आगे उन्होंने क्या स्टेटमेंट रखा है, यह काफी जरूरी रहेगा। गोल्ड के प्राइस में एक छोटी सी बात कहना चाहूंगी। अभी यहां पर जरूर आपको अगले दो दिन वोलाटिलिटी देखने को मिलेगी, लेकिन गोल्ड के प्राइस सिर्फ इंटरेस्ट रेट्स पर रिएक्ट नहीं करते हैं। वीरेंद्र जी, बहुत सारे और फैक्टर्स हैं। सबसे बड़ा काें सेंटरल बैंक की डिमांड, पर्सिस्टेंट इकोनॉमिक अनसर्टेनिटी, यील्ड्स, डॉलर इंडेक्स की मूवमेंट, और जिस तरीके से फ़िएट करेंसी पर कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) इनफ्लो, ये सारे फैक्टर्स डिटरमिन करते हैं गोल्ड के प्राइस को, और भारत में स्पेसिफिकली देखें तो करेंसी की वीकनेस भी काफी हद तक गोल्ड के प्राइस को प्रभावित करती है। 2018 में, जहां रुपया 39 के स्तर पर था। ट्रेड कर रहा था। आज तक हमने लॉस बनते हुए देखे हैं। सो, डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स को लंबे समय में गोल्ड में अच्छे ही रिटर्न मिलते हैं। स्पेसिफिकली, अगर आपने थोड़ा सा लंबे पीरियड के लिए उसे होल्ड किया तो शॉर्ट टर्म में देखेंगे तो जरूर नॉइस देखने को मिलेगी। लो लेवल्स भी देखे जाएंगे, लेकिन लॉन्ग टर्म सीनारियो पॉजिटिव रहता है। इसके साथ-साथ हमने रेट हैंक पर भी कुछ स्टडी की थी, अगर आपकी परमिशन हो तो मैं वो भी शेयर करना चाहूंगी। मैम, एक चीज़ उससे पहले मैं आपको बता दूं कि जो डॉट प्लॉट आया है, उसमें संकेत मिले हैं कि 18 में से 16 सदस्यों का मानना है कि इस साल एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, अगले सालों के लिए ब्याज दर में कटौती का भी संकेत दिया गया है। मैं गोल्ड और सिल्वर दोनों की कीमतें अभी बता देती हूं। तो, गोल्ड अब धीरे-धीरे..
16:24वहां प्राइस में चेंज हो रहा है, गोल्ड में और गोल्ड, जो कि पहले $ ऊपर था फेड के फैसले के बाद, अब $3 कॉमिक्स फ्यूचर्स में ऊपर है। मतलब उसकी कीमत गिरावट की तरफ जा रही है। अभी अगले एक घंटे बहुत ज्यादा वोलाटाइल होने वाला है। उसकी वजह क्या है? उसकी वजह यह है कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन अभी कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उससे पहले, मैं डॉलर का डॉलर इंडेक्स का हाल बता दूं, सुगंधा जी, फिर आप कंटिन्यू करिएगा। फिर हम सोने-चांदी पर भी आएंगे कि सोने और चांदी में इतनी भारी गिरावट क्यों देखने को नहीं मिली, क्योंकि मार्केट उसने पहले ही खींच ली थी। 99.85 के आसपास से डॉलर इंडेक्स में अच्छी खासी तेजी देखी गई है इस फैसले के करीब, और अब 100 की तरफ डॉलर इंडेक्स बढ़ता हुआ दिख रहा है। जी मैम, आप कुछ कह रही थीं। सॉरी, मैंने आपको रोका क्योंकि वो था। मैं ये कुछ डेटा..
17:17पे हमने काम किया था। तो अगर हम हिस्टोरिकल डाटा को देखें तो वीरेंद्र जी, ऐसा नहीं है कि हाई इंटरस्ट रेट्स के पीरियड में गोल्ड के प्राइसेस नहीं बढ़ते। सो, एक रीसेंट डाटा की बात करूंगी। मई 2022 से जुलाई 2023 तक 3.5% का रेट हुआ। कॉन्सिस्टेंट रेट होते रहे, एग्रेसिव रेट हाई। स्टिल, उस पीरियड में अगर हम इंटरनेशनल गोल्ड प्राइसेस की बात करें, तो 6.8% तक बढ़े। उसके बाद, सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक फेड ने रेट कट किए, और यहां पर 1.75% का रेट कट हुआ। सो, यहां दो साल पेड़ ने रेट कट किए, और इस पीरियड में गोल्ड के प्राइसेस आपको $1,600 से $5,600 का, जो हमने इस साल का पीक आते हुए देखा, ये इस रेट कट्स में हमने इतनी बड़ी रैली आती हुई देखी। बट, मई 2022 से 2023 तक भी हमने गोल्ड के प्राइसेस को बढ़ते हुए देखा, जहां रेट हायर था, और उसके बाद अक्टूबर 2022 से लेकर सितंबर 2024 तक भी जहां कोई रेट हाइक नहीं हुआ। नहीं हुए या रेट कट्स भी नहीं हुए, फिर भी गोल्ड ने बहुत रैली की। जहां एक ओर रेटहाइक का पीरियड एंड हुआ, एग्रीसिव रेट हाइक के बाद भी गोल्ड के प्राइजेस आपको $630 से $2,000 तक रैली करते हुए नजर आए। हां, शॉर्ट टर्म रिएक्शन जरूर देखने को मिलता है जब भी रेट हाइक होते हैं, लेकिन अगर आप इसे अगले एक महीने बाद देखेंगे तो पॉसिबली मार्केट इसे पूरी तरह से डाइजेस्ट कर लेगी और दूसरे फैक्टर्स पर रिएक्ट करती हुई नजर आएगी। इसलिए हम इसे जरूर स्ट्रेस करते हैं क्योंकि ये फैक्टर इंपोर्टेंट रहता है, लेकिन ये सभी पहले ही काफी हद तक मार्केट ने डीसकाउंट कर लिया था। जब यह वार स्टार्ट हुई थी, उसके बाद से ही यह नैरेटिव शुरू हो गया था कि इस साल रेट हाइक हो सकते हैं। पिछले पांच छ महीने से हम इसके बारे में बहुत बातें कर रहे हैं। प्राइसेस में इसकी रिफ्लेक्शन भी हमने पहले ही आते हुए देख ली है। बहुत मैजर इम्पैक्ट नहीं होगा। हाँ, अभी शॉर्ट टर्म में जरूर आपको पेन देखने को मिलेगी। डाउन साइड के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं, और अभी भी हमने हाई लेवल से करेक्शन आते हुए देखा है। बट बहुत ज्यादा सस्टेनेबल ऐसा ट्रेंड देखने को नहीं मिलेगा कि आपको इस इंटरस्ट रेट हाई की वजह से बहुत ज्यादा मंदड़ देखनी पड़े। ऐसा नहीं होगा। जी, मैम। सो मार्केट ने सारे जितने संकेत लेने थे, वो सब ले लिए हैं फेड से। अभी यह बताइए कि सोने और चांदी का भाव कैसा रह सकता है? वो जरा बताइए। कहाँ सपोर्ट मिलेगा? कहाँ रेजिस्टेंस मिलेगा? किस प्रकार से वहां पर अब भाव आगे बढ़ सकते हैं, क्योंकि हम इतने दिन से डफली बजा रहे थे कि फेड ये करेगा, वो करेगा। अब तो फाइनल हमारे सामने इवेंट हो चुका है, और इवेंट से ज्यादा फ्यूचर में क्या होने वाला है, वो मार्केट अब उसके आधार पर रिएक्ट करेगा। सो, मैं रोजाना..
19:49दर्शकों को बता रहा था कि अब दर्शक वहां पर जो है, ये जानना चाहते हैं कि सोने और चांदी में किस प्रकार से रिएक्शन आ सकता है। हालांकि बहुत संभलकर और सावधानी से रिएक्शन दे रहा है मार्केट। गोल्ड और सिल्वर का अगर हम देखें, तो और वैसे भी आज आप ग्रीन में हैं, तो लग रहा है कि मार्केट ग्रीन में ही रहने वाला है। सो अभी भी देखो, इंटरनेशनल गोल्ड प्राइसेस पॉजिटिव ही ट्रेड कर रहे हैं। 4360 तक के हाई बनते हुए देखे गए हैं। अभी 4314 के आसपास प्राइसेस आ चुके हैं। एक करेक्शन जरूर देखने को मिली है हायर लेवल से, लेकिन अगर हम डाउन साइड में देखें, तो 4280, 4270 ये एक महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। जब तक ये होल्ड कर रहा है, बहुत ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी, लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि ये लेवल ब्रेक हो सकता है। इसके चांस भी मुझे नजर आते हैं, और हमने इसकी बात पहले भी की थी, इस रेट हाई से पहले। भी कि जो पैटर्न बन रहा था, वह संकेत कर रहा था कि यह स्तर टूट सकता है। मैं डोमेस्टिक स्तरों की भी बात करूंगी। तो पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर की बात कर लेते हैं। 4120, 4050 यहाँ तक की भी संभावना नजर आती है। but यह तभी होगा जब 4280 से 4270 का जो एक महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र बन रहा है, वह टूट जाता है। यदि यह संघर्षपूर्ण तरीके से ब्रेक हो जाता है, तो नीचे के जो लक्ष्य हैं, वे खुल सकते हैं। माफ़ कीजिए, नीचे के जो स्तर हैं, उन पर भी नजर रखनी चाहिए। ऊपर की ओर अभी भी यदि हम देखेंगे, तो 4360, 4450 यह Resistance क्षेत्र बना हुआ है। जब तक यह पार नहीं होता, तब तक..
21:13तो अगले दो दिन भी बहुत ही उतार-चढ़ाव रहेंगे। इसलिए ऊपर के स्तरों को भी जरूर ध्यान में रखें। यदि ऊपर की ओर 4450 के ऊपर प्राइस टिक जाती हैं, तो यहाँ से रीकवरी का माहौल भी दिख सकता है। प्राइस 4650, 4680 तक भी पहुंच सकती हैं। जाते हुए दिख सकते हैं। सो, इन लेवल्स पर नजर बनाए रखें। डाउन साइड में तभी आपको मेजर डाउन साइड देखने को मिलेगी जब 4280 से 4270 मैं बार-बार प्राइसेस को बनाए रखूंगी। अभी करंटली प्राइसेस 4309 के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से इसी लेवल के आसपास प्राइसेस सपोर्ट लेते हुए नजर आ रहे हैं। अब यह ब्रेक होगा तभी मेजर डाउन साइड देखने को मिलेगी। डोमेस्टिक मार्केट में देखें तो वीरेंद्र जी, 149600 पर प्राइसेस ने भी पिछले कुछ दिनों में अच्छा सपोर्ट लिया है। अगर यह ब्रेक हो जाता है, तो 144800 से 144500 तक की डाउन साइड की पॉसिबिलिटी नजर आ रही है। और अगर इसी तरीके से रहा, तो कल प्राइसेस लोअर आते हुए दिख सकते हैं। लेकिन ये सब कुछ अभी मार्केट की स्पीच पर डिपेंड करेगा और कैसे मार्केट प्रतिक्रिया देती है, ये सब भी इसी पर निर्भर करेगा। सो, आप लेवल्स पर जरूर नजर बनाए रखें। रखें। हाई साइड में देखें, गोल के लिए 154,500 और 157,000 ये नियर टर्म के लिए रेजिस्टेंस एरियाज़ हैं। ये ब्रेक होंगे तभी कोई मेजर तेजी देखने को मिलेगी। सो, 157,000 के ऊपर ही प्राइस आपको बुलिश टेरिटरी में जाते हुए देखेंगे। अन्यवाइज, जो भी रैलीज़ भी देखने को मिलेगी, वहां पर भी आपको सेलिंग प्रेशर ही अभी नज़र आएगा। सो, इतना बड़ा रेट हटा है। इनफैक्ट, वीरेंद्र जी, तीन साल के बाद रेट हटा है। सो, मार्केट रिएक्ट तो जरूर करेगी। जी, रिएक्ट करेगी और अब आगे जो है, बैंक ऑफ जापान का भी वहां पर बड़ा फैसला आने वाला है। वहां पर भी एक ह और उसके बाद दो हक़ और मार्केट एक्सपेक्ट कर रहा है। सो, बैंक ऑफ जापान पर भी नज़र बनाए रखनी चाहिए। पर मैम, अगर हम बात करें, जैसे हमने फिर से मैं उस चीज़ पर आना चाहूंगा कि फेडरल रिजर्व ने एक चीज़ को स्थापित किया है और 12.0 से यह फैसला दिया। गया है। मतलब अधिकतर सदस्य सभी एक राय थे। तो हम जो पहले बाते आ रही थीं कि फलाना सदस्य यह करेगा, वो सदस्य उस तरफ होगा, वो सदस्य दूसरी तरफ होगा। सबने सर्वसम्मति से यह कहा है कि ब्याज दरें बढ़नी चाहिए। मतलब पूरा फेडरल रिजर्व का बोर्ड एकमत था कि यह कदम लिया जाए। 2026 में, इन दर्मियान, 18 में से 16 अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि 2026 के अंत तक एक और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब यह है कि मार्केट को पूरे संकेत मिल गए हैं इस साल के लिए। हालाँकि, आगे जाकर कुछ लोग कह रहे हैं कि दरों में कटौती भी हो सकती है। पर अब जो ब्याज दर है, वह 0.25% से बढ़कर 3.75% से 4% तक पहुंच चुकी है। आपको क्या लगता है, डोनाल्ड ट्रम्प का रिएक्शन क्या हो सकता है? बहुत नकारात्मक होगा। वह इस बात को बिल्कुल पसंद नहीं करेंगे। एक तरफ वह फेडरल रिजर्व की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं। अभी जिस तरीके से वे मिडटर्म चुनाव… अगर हम देखें तो इस चीज के लिए उन्होंने डॉलर 5,000 सबके ही यंग सिटीजन के लिए कमिट किए हैं। ऊपर से यूएस के डेब्ट लेवल्स भी बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। 40 ट्रिलियन का डेब्ट हो गया है यूएस में। वॉर की स्पेंडिंग इतनी ज्यादा हो रही है कि ये जो रेट hike हुआ है, इसे यूएस की इकॉनमी ज्यादा सस्टेन नहीं कर पाएगी। अंत में फेड को रेट कट्स करने पड़ेंगे। मेरा ऐसा मजबूत विश्वास है। मैं गलत भी हो सकता हूं, पर मुझे बहुत ज्यादा मौके नजर आते हैं कि जिस तरीके से ये वॉर का इंपैक्ट—[गला साफ़ करने की आवाज़]—अभी ग्लोबली हम देखने लगे हैं। एक इकोनॉमिक स्लोउन की तरफ यूएस इकॉनमी चलती हुई नजर आएगी, और इस वजह से मेरा मानना है कि इस साल शायद ऐसा न हो, पर अगले साल आपको लेट कट्स देखने को मिलेंगे। और इसी वजह से मेरा मानना है कि लॉन्ग टर्म में सोने के प्राइस्स में बढ़ोतरी होगी। अभी भी काफी पॉजिटिव रहेंगे। नजदीक समय में जरूर पेन और कंसोलिडेशन देखने को मिल रही है, पर लॉन्ग टर्म आउटलुक अभी भी पॉजिटिव रहेगा। मैं वीरेंद्र जी, आपको याद दिलाना चाहूंगी, हमने मार्च में भी एक बार बात की थी कि यह साल मुझे 2008 की तरह नजर आता है, जहां 2008 में भी हमने जनवरी में इक्विटी मार्केट में करेक्शन आते देखा और उसके बाद सोने की कीमतों में भी बड़ी मेजर करेक्शन हुई। लेकिन अक्टूबर 2008 के बाद सोने की कीमतों में हमने एक मेजर रैली देखी थी। वहां पर थीम अलग थी, पर इस बार थीम वॉर की है। वहां एक क्रेडिट क्राइसिस था, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था पर स्लोडाउन देखने को मिला था। उस कारण से सोने की कीमतों में बहुत बड़े मूवमेंट देखे गए। मुझे लगता है कि जिस तरीके से अभी भी घरेलू इक्विटी आत्मनिर्भर तरीके से व्यवहार कर रही है। ग्लोबली भी मुझे लगता है कि एआई रिलेटेड जो बूम था, वो कुछ हद तक अब स्लो डाउन हो जाएगा। उस पर भी डिबेट होती हुई नजर आ रही है कि एआई के डेवलपमेंट को थोड़ा सा रोकना होगा। तो एक स्लो डाउन का अगर हम एनवायरमेंट बनते हुए देखेंगे तो गोल्ड के प्राइस को काफी फायदा मिलेगा। तो आप कह रहे हैं कि लॉन्ग टर्म में तेजी होगी। अब बताइए, दिवाली या साल अंत तक क्या-क्या लग रहा है आपको? अभी अगर आज के भाव के हिसाब से देखें और वेस्ट जो है, मेरे हिसाब से मार्केट वेस्ट जो है, आपको क्या लगता है? मैंने देखा है कि $300 के आसपास गोल्ड आ चुका है, करीब 4400 के आसपास। वेस्ट जितना होना था, वो सब मार्केट ने पहले ही देख लिया है। मैक्सिमम गिरावट कितनी लग सकती है, क्योंकि इसके बाद एक हक भी और एक्सपेक्ट कर लिया गया है। अब इस साल तो दो ही बैठकें होनी हैं, तो मतलब उसमें भी एक हरेक मार्केट ने मान लिया है। तो जो भी वर्स्ट
26:37हो सकता है कि वो सब कुछ मार्केट डिस्काउंट प्राइस में शामिल कर चुका हो। तो इस विर्स्ट को डिस्काउंट करके प्राइस इन करके भी नीचे का आपको कौन सा लेवल लग रहा है कि यहां तक और जा सकता है? चलो, बैंक ऑफ जापान को भी इसमें ले लेते हैं। ईरान वॉर भी आ ही चुका है। क्रूड भी डॉलर के ऊपर ही है। मतलब जितनी खराब चीजें होनी थीं, वो सब सामने ही हैं, और यह भी फैसला भी आ चुका है। तो नीचे में मैक्सिमम गिरावट कहां तक देख रहे हैं, और ऊपर में दिवाली और साल अंत तक कहां देख रहे हैं? तो मैक्सिमम गिरावट के हाँ, वीरेंद्र जी, और भी लेवल्स हैं। मैं ज्यादा पैनिक नहीं क्रिएट करना चाहूंगी, लेकिन वो तभी देखने को मिलेंगे, यदि हम डलर इंडेक्स में 110.50 के ऊपर इसे जाते हुए देखेंगे। उस केस में हाँ, एक मेजर और भी डाउनसाइड देखने को मिल सकती है। जो भी हमने रीसेंट टाइम्स में लॉस बनते हुए देखे, वो पेर्स हो सकते हैं। संभावना है। मैं ये नहीं कह रही कि ये होगा क्योंकि प्राइसें पहले ही 3950-4000 मार्क पर एक अच्छा बेस बना चुकी थीं, और हमने वहां से एक बहुत बड़ी मूव आते हुए देखी। लेकिन ऐसा नहीं है कि वो लेवल्स ब्रेक नहीं हो सकते। हमने बहुत बड़ी रैली देखी थी। पिछले साल 69% आप गोल्ड देखें तो गोल्ड के प्राइस बढ़े थे। तो कुछ टाइम अगर कंसोलिडेट भी करें तो इसमें कोई बुराई नहीं है। आपको लॉन्ग टर्म के लिए तब भी अवसर ही मिलेगा। तो मैं अगर 3950 का लेवल ब्रेक हो जाता है, तो 3650 तक के भी डाउनसाइड के लेवल्स आपको गोल्ड में देखने को मिल सकते हैं। इसकी संभावना है। मार्च में भी हमने इसकी बात की थी, लेकिन प्राइसें ने दिशा बदल दी थी। कंसोलिडेशन के बाद प्राइसें आपको हाई ट्रेजरी पर चलते हुए नजर आए। लेकिन अभी भी जिस तरीके से प्राइसें ने 165,000 पर मंथली टाइम फ्रेम पर एक रेसिस्टेंस लिया है। जब तक वो टूट नहीं होगा, बहुत तेजी अभी भी गोल्ड में देखने को नहीं मिली है। हां, डाउनसाइड में ₹14,000 से ₹14,500 पर स्ट्रांग सपोर्ट भी लिया है, लेकिन संभावना है कि वह टूट सकते हैं, क्योंकि अगर क्रूड की प्राइसेस में और रैली आती हुई देखेंगे। अगर 120 डॉलर प्रति बैरल का लेवल भी टूट जाता है, तो अभी भी कोई रिस्क नहीं है कि वॉर में कोई बड़ा बदलाव आए। क्योंकि प्रेसिडेंट ट्रंप ने तो allerede ही संकेत कर दिया है कि मिड-टर्म इलेक्शंस के दौरान क्रूड की प्राइसेस में कोई बड़ा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। हम हायर ऑयल प्राइसेस के लिए तैयार हैं। उन्होंने तो पहले ही संकेत दे दिए हैं। डीजल की प्राइसेस भी काफी हद तक बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। रूस और यूक्रेन में भी यदि देखें, तो दोनों ही अपनी ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आक्रमण कर रहे हैं। यहां तक कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा आधारभूत संरचना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप ने इस वीकेंड पे कहा था कि दोनों ही साइड्स फॉल्ट करेंगे अपने टैक्स को, पर ऐसा नहीं हुआ। सो क्रूड ऑइल के प्राइसेस एक बहुत बड़ा गेम चेंजर हो सकते हैं यहाँ पे। अगर क्रूड ऑइल के प्राइस में और ज्यादा तेजी देखने को मिलती है, 1120 का लेवल भी ब्रेक हो जाता है। उस केस में आपको गोल्ड में यह वाली डाउनसाइड के लेवल्स भी देखने को मिल सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। हम फिर से कनेक्ट करेंगे, अगर 3950 का आराम का लेवल ब्रेक होता है, तभी ये डाउनसाइड के लेवल्स आपको ओपन होते हुए नजर आएंगे। सो, पैनिक मत कीजिए। हमने अभी एक रेट हाई देखा है, पर अभी भी यदि हम देखेंगे तो वीरेंद्र जी, प्राइस में हमने कोई बहुत बड़ा डिक्लाइन आते हुए नहीं देखा है। ये सिर्फ एक रगुलर मुवमेंट है, वही, वही, मैं कह रहा था। हां हां, आप दिवाली वाला स्किप कर गए। मैं दिवाली की भी बात कर रही हूं। हां, अगर डाउनसाइड की जो भी बात है। हमने बात की 144,500 रुपये है यदि यह स्थिर रहता है, तो क्रिप्टो गोल्ड की कीमतें अभी भी 18,825 डॉलर पर हैं, दिवाली की संभावना अभी भी बनी हुई है। लेकिन यहाँ पर डाउनसाइड का यह 144,500 रुपये, जो एक महत्वपूर्ण समर्थन है, उसे होल्ड करना चाहिए। यह काफी महत्वपूर्ण रहेगा। इसके साथ ही, मैंने एक और कैलकुलेशन की है, वीरेंद्र जी। क्रूड ऑयल के प्राइसेस के बारे में मेरा मानना है कि पिछले कुछ दिनों में यहाँ भी थोड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। मैं गलत हो सकता हूँ, लेकिन इसी तरह की सलाह मैंने अपने क्लाइंट्स के साथ भी शेयर की है कि $114 पर बैरल क्रूड का एक महत्वपूर्ण Resistance था। पिछले सप्ताह की क्लोजिंग भी लगभग उसी स्तर के आसपास हुई थी, 114.31 डॉलर पर बैरल। यदि इस हफ्ते की क्लोजिंग, जैसी मैं अपेक्षा कर रही हूँ, अगर 114 डॉलर से नीचे होती है, तो गोल्ड और सिल्वर की कीमतें लोअर लेवल्स पर संभलती हुई नजर आएंगी, और यहाँ से हम फिर से तेजी की तरफ वापस आते हुए देखेंगे। तो यह 114 डॉलर का स्तर अहम रहेगा। पर बैरल का स्तर इस सप्ताह की क्लोजिंग के लिए काफी इंपोर्टेंट रहेगा। आज भी देख तो एक करेक्शन देखने को मिली क्रूड के प्राइस में, लेकिन 114 पर बैटर प्राइस ने सपोर्ट लिया। इस स्तर पर थोड़ा ध्यान बनाकर रखें। इससे आपको गोल्ड और सिल्वर के प्राइस के लिए भी काफी संकेत मिलेंगे। जी हाँ, और थोड़ी देर में फेडरल रिजर्व के जो चेयरमैन हैं, वे वहां पर अपने भाषण पहले तो फेड का स्टेटमेंट पढ़ेंगे, एफओएमसी का स्टेटमेंट पढ़ेंगे, उसके बाद सवाल-जवाब करेंगे। हालांकि, वे इसमें ज्यादा विश्वास नहीं करते हैं, सवाल-जवाब में और अपने विचार व्यक्त करते हैं। तो, जी हाँ, जो आपने बताया, क्या 3900 के नीचे वाला स्तर पर जाना संभव है? अभी यहां से करीब करीब 350 से 400 डॉलर की गिरावट आ सकती है। मतलब, आप इस स्तर पर ध्यान दें। यहां से 10% से 8% से 10% की और गिरावट आएगी, तब वह लेवल बनेगा जो आप बता रहे हैं। पॉसिबल तो है, वीरेंद्र जी। ऐसा नहीं है कि पॉसिबल नहीं है। वो लेवल्स दिखते हैं। अब होगा या नहीं, यह सब बहुत सारे ग्लोबल फैक्टर्स पर डिपेंड करेगा। अब वीकली क्लोजिंग देखनी होगी, क्योंकि इस वीक हम भी इन दोनों इवेंट्स के बाद ही असेस कर पाएंगे। जब ये इवेंट का रिस्क खत्म हो जाएगा और क्रूड ऑयल की क्लोजिंग, जैसा कि मैंने बात की, 114 पर बैटल उसके बाद ही एक क्लियर पिक्चर उभर कर आएगी। क्योंकि अभी कुछ भी कहना बहुत टोल टारगेट्स हायर साइड पे या डाउन साइड पर देना थोड़ा मुश्किल है। मेरा मानना है कि 144,500 का लेवल नहीं ब्रेक होना चाहिए, सबसे लाइटली। लेकिन अगर ब्रेक होता है, तो हमने उस सीनियरियो की बात की है। तो आप इसे बिल्कुल भी नेगेटिव होकर न लें। ध्यान रखें, अभी भी मैं बार-बार यही मेंटेन करूंगी कि मुझे जो डाउन साइड नजर आ रही है, वह 144,500 से नीचे अभी नहीं नजर आ रही। लेकिन यदि डाउन ब्रेक हो जाता है, तभी डाउन साइड के लेवल्स आते हुए दिखेंगे। सो, डोमेस्टिक मार्केट की बात करें तो और इंटरनेशनल मार्केट में भी देखें, तो 4120 से 4050 से नीचे अभी पॉसिबिलिटी कम है। ऐसा नहीं है कि मैंने इसलिए ही वीरेंद्र जी, ये भी बात की थी कि गोल्ड के प्राइस सिर्फ इंटरस्ट रेट्स पर रिएक्ट नहीं करते हैं। यहाँ पर बहुत सारे और फैक्टर्स होते हैं। अभी हमें पैनिक नहीं क्रिएट करना चाहिए। जिस तरीके से सेंट्रल बैंक की डिमांड बहुत स्ट्रॉन्ग है, चीन के सेंट्रल बैंक ने भी दो तिमाहियों के लिए बाइड की है। ईटीएफ में भी देखें, नॉर्थ अमेरिका और यूरोप से भी पिछले महीने काफी स्ट्रॉन्ग इनफ्लो आते हुए देखे। इंडिया में भी, पिछले दो महीनों में, हमने ईटीएफ में काफी स्ट्रॉन्ग इनफ्लो देखा है। इनफ्लेशन आते हुए देखे हैं। फेस्टिवल सीजन भी आ रहा है। सो, ये सारे फैक्टर्स पूल के लिए सपोर्टिव रहेंगे। सो, अभी ऐसी बात जरूर करेंगे, अगली बार भी। अब इन इवेंट्स के बाद आंकलन करना थोड़ा सा ज्यादा बेहतर रहेगा। मैम, एक चीज मैं देख रहा हूं कि जो बॉन्ड बाजार है, वहां पर कोई हलचल देखने को नहीं मिली। गिरावट ही है। पर डॉलर इंडेक्स यदि मैं देख रहा हूं, तो 499.98, मतलब करीब-करीब अब 100 के आसपास, वहां पर डॉलर इंडेक्स पहुंच रहा है। अभी भले ही मार्केट रिएक्ट ना कर रहा हो, बल्कि प्रतिक्रिया दे रहा हो। इस स्टेटमेंट के बाद कल और परसों में जो बैंक ऑफ जापान की बैठक आएगी, उसकी मार्केट पर कई बार धीमी प्रतिक्रिया होती है क्योंकि बड़े हैज फंड क्या फैसले ले रहे हैं, इसके बाद उन फैसलों को समझना और आगे के लिए उनकी जो फ्यूचर प्लानिंग रहेगी, वो भी देखना जरूरी है। महत्वपूर्ण रहेगा। यदि हम देखें तो यहां पर मैं एक चीज़ ऑब्जर्व कर रही थी, वीरेंद्र जी। अभी मैं बात कर रही थी नाओ, मैं लुकिंग एट प्राइसेस। साथ ही, एक बहुत पॉजिटिव बात यह निकली है कि 4270, 4280 के लेवल की हमने निकट अवधि की बात की थी, जो भी एक रेट हाई के बाद है। यह भी एक बड़ा फैक्टर है फॉर गोल्ड। उसके बाद भी यह ब्रेक नहीं हुआ है। यह एक पॉजिटिव फैक्टर है। दूसरी बात, डॉलर इंडेक्स भी यहां पर 100 के मार्क पर एक रेसिस्टेंस फेस कर रहा है। यह एक साइक्लोजिकल लेवल है। यहां तक कि दो डॉलर इंडेक्स के लिए 111.50 का रेसिस्टेंस है, लेकिन 100 भी एक साइक्लोजिकल रेसिस्टेंस है। बिल्कुल उसी लेवल पर ट्रेड कर रहा है। अभी उसने पार नहीं किया है। तो ये दोनों पॉजिटिव फैक्टर्स भी हैं। हमने नेगेटिव फैक्टर्स की भी बहुत बात की है, लेकिन इन पॉजिटिव फैक्टर्स पर भी ध्यान देना जरूरी है। रखना बहुत जरूरी है। ऐसा भी पॉसिबल है कि कल मार्केट आपको पॉजिटिव रुख दिखा दे। भी, फेड की जो स्पीच फेड चेयरमेन की होगी, अगर वह बहुत हॉकिश स्टैटमेंट नहीं रखते तो मार्केट इस रेट हाई को तो पहले ही डिस्काउंट कर रही थी। हमने प्राइसेस में पहले ही हाई लेवल से करेक्शन भी देख ली थी। तो यह भी पॉसिबिलिटी है। सिल्वर की बात करें तो सिल्वर में वीरेंद्र जी, डॉलर 62.562 की रेंज पर भी बहुत अच्छा सपोर्ट बना है। सिल्वर ने भी उसको ब्रेक नहीं किया है। इनफैक्ट, इस फैक्टर की वजह से, रेट अभी भी हरे में ट्रेड कर रहे हैं। गोल्ड के प्राइस 0.6% ऊपर हैं। सिल्वर के प्राइस अभी भी देखें तो 0.27% ऊपर हैं। सो, पॉजिटिव फैक्टर्स भी हैं। दोनों तरफ ध्यान रखें। वोलैटिलिटी रहेगी। रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान दें, अगर आप ट्रेडिंग कर रहे हैं। पर्स्पेक्टिव रखते हुए, बट अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर हैं तो यहां पर किसी भी बात को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है। जी, और थोड़ी सी देर में हमारे सामने वहां पर फेडरल रिजर्व के जो चेयरमैन हैं, वो आते हुए दिख रहे हैं। सुगंधा जी, मैं उनको भी यहां पर जोड़ने की कोशिश करता हूं। देखिए, वो आ चुके हैं वहां पर और वो अब जो हैं, वहां पर बोलेंगे। मैं कोशिश करता हूं थोड़ा सा साउंड इनक्रीस करने की। आपके पास समय है न, सुगंधा जी, हमारे साथ बने रहने का। अगर समय साथ करते हैं, तो डोमेस्टिक स्पेंडिंग, प्रोडक्टिविटी, इनफ्लेशन, एक्शन, सपोर्ट, इस कमेट की प्राइस स्टेबिलिटी, प्राइवेट सेक्टर की बातें कर रहे हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़], वहां पर जैक्सन हॉल, आईबी, डिस्क्राइब, फाइनेंशियल कंडीशन, इस वाइड शेयर बाय द कमेट, वोडेशन, जिओपोलिटिकल, लैंडस्केपिकल की बात कर रहे हैं, पोटेंशियल ग्रेटर परफॉर्मेंस इनफिकोर। मार्केटिंग वहां पर लेबर साइड, वहां पर कहना है कि इनफ्लेशन, इनफ्लेशन सबसे ज्यादा है। सीपीआई, पीपीआई 12 चेंज, पीसी प्राइस राउंड 3.6%, और पीपीआई के अनुसार 2.4% से 3% के बीच है। कमोडिटी वाचिंग इनपुट फर्स्ट एफएमसी मीटिंग में चेयरमैन जून ने कमिटमेंट दिया कि उनकी 2% पीसी इनफ्लेशन का टारगेट है। वे मान रहे थे कि स्टैंडर्ड एक्शन उनके ऑब्जेक्टिव की तरफ जाएगा। स्थिरता के साथ, उन्होंने कहा कि 12 मेंबर ने वोट किया है और किस तरह से उन्होंने प्राइस चेंज, मार्केट प्राइस, इनफ्लेशन एक्सपेक्टेशन को देखते हुए उनकी रणनीति तय की है। इसके अलावा, आपने सभी ने इकोनमिक प्रोजेक्शन भी रिसीव किया है। अब वह इकोनमिक प्रोजेक्शन जून में जारी किया गया है कि इस साल इनफ्लेशन 3.7% रहने का अनुमान है और अगले साल भी लगभग वही रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, वे प्लान के बारे में भी बात कर रहे हैं कि कैसे स्थिति में सुधार आ सकता है। 16 मेंबर ने वहाँ पर आशंका जताई है कि सभी देशों में महंगाई का प्रेशर बढ़ रहा है और सेंट्रल बैंक अपने हिसाब से फैसले ले रहे हैं। कम एक्सपेंशन लेबर मार्केट और स्थिरता के चेयरमैन की प्रेस कॉन्फ्रेंस हम लोग देख रहे हैं। अब जो है, वो रिपोर्टर्स के सवालों का जवाब देंगे। यह सबसे इंटरेस्टिंग पार्ट होता है। सीबीएस इतनी छोटी सी बढ़ोतरी क्यों की गई? उनका कहना है कि भैया, यह हमारा इकोनॉमी को संभालना हमारा टास्क है, और सेक्वेंस कंडिशन डीसिजन भी सेरियसली है। जैक्सन होल में जो उन्होंने कहा था कि मैं भैया फॉरवर्ड गाइडेंस नहीं दूंगा, मार्केट मार्केट का फेट है, इसलिए एनर्स अमाउंट पावर डिसाइडिंग और फाइनेंशियल मार्केट समझना जरूरी है। मार्केट प्राइस भी हैं, हमें भी समझना है कि आज का हमारा फैसला हमारा ही था, बस मार्केट कुछ भी। जज करे वो करे, वो मार्केट का काम है, और ये बार-बार यही चीज़ बोलते हैं। हमेशा भैया, मार्केट अपना खुद देखे। मेरे को जो बोलना है, मेरे को जो डिसिजन करना है, रिपीटेड डिस्कशन पीपल आई सैब राइट, डिसिजन का स्टेबल प्राइस, आई वुड से बिकवाने का एक्शन के नहीं टाल दिया। और जो कहना चाहते थे, बस वही उन्होंने कहा। हाय, हाउ आर यू, थैंक यू। लीन जुलाई मीटिंग, व्हेन सजेस्टिंग we लोग के जो चेयरमैन हैं, उनके और हमारे साथ सुगंधा जी भी बनी हुई हैं, जो लगातार अपडेट दे रही हैं। इनका धन्यवाद। अभी मैं थैंक यू नहीं कर रहा हूं, मतलब नॉर्मल तरीके से धन्यवाद कर रहा हूं। बातमी, जजमेंट, इनफ्लेशन के बारे में इनका जैक्सन हो, जितनी बार इन्होंने बोला है, कम से कम 15-20 बार। तो, जाके वापस जैक्सन हॉल जजमेंट की सिचुएशन, इनका ये कहना है कि गरीबों पर महंगाई का असर हो रहा है। टू, इंटरस्ट रेट लेवल डिस्क्राइब। डिफिकल्ट फाइनेंशियल कंडीशन्स, मैं सोचता हूँ कि (मैं वाला) कोई कपिसमोडेशन है, ताकि फाइनेंशियल और क्रेडिट कंडीशन्स अधिक स्थिर रहें। अंतिम उद्देश्य था कि निर्णय हमारे जजमेंट का परिणाम होना चाहिए। तो कई सारी सवालों का बहुत छोटा छोटा सा जवाब दे रहे हैं, जो मुख्य बात उन्होंने कही है। और आज पत्रकारों को सवाल लेने के लिए हर रिपोर्टर को सिर्फ एक ही सवाल पूछने का मौका दिया गया है। फिलहाल, सवाल पूछने पर रोक लगी हुई है। कॉम्बिनेशन यू गिव अस सेंसिव, इक्विलिब्रियम फेडरल रिजर्व ने वहां पर 0.25 प्रतिशत ब्याज दर बढ़ाई है, जिसके बाद डॉलर इंडेक्स देखी जा रही है। केविन वॉर्श वहां पर रिपोर्टर्स के सवालों का जवाब दे रहे हैं। फॉरवर्ड गाइडेंस देने से उन्होंने मना कर दिया है। महंगाई का दबाव है, उनका कहना है कि अगस्त का सीपीआई कम हो रहा है। गोल्ड और सिल्वर में गिरावट देखी जा रही है। गोल्ड और सिल्वर दोनों में गिरावट आ चुकी है। मार्केट। में भी जो थी, बैठक शुरू होने से पहले, सोना $50 से ज्यादा तेज था और लगभग $1 की गिरावट के साथ अब वह नीचे आ रहा है। कॉमिक्स फ्यूच में भी गोल्ड में गिरावट आ गई है। कितनी गिरावट आई है? $28 की गिरावट हो चुकी है। चांदी भी $25 गिर चुकी है। मतलब, चांदी भी वापस नीचे आ गई है। मार्केट ने रिएक्ट किया है। इस मीटिंग के बाद, मैंने तो कहा था कि इंडिपेंडेंस, इंडिपेंडेंस, उन्होंने कहा कि जो इंडिपेंडेंस है, वह एक दो तलवार है, जिसके ऊपर उन्हें खड़ा होना पड़ता है। यह सवाल है कि जीडीपी, लेबर मार्केट, इनफ्लेशन पर क्या असर पड़ा है। वाशिंगटन में मैंने कदम उठाए हैं, जरूर करूँगा। अभी तक की जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार सबसे बड़ा फैक्टर उनके फ्यूचर गाइडेंस नहीं देना है। यह सबसे बड़ा कारण है कि उनके प्रश्नोत्तर सत्र में कोई भी कमेंट नहीं किया गया। फ्यूचर रेट हाई पर है, और यह मार्केट के लिए सकारात्मक ट्रिगर है, खासकर। गोल्ड सिल्वर के लिए अगर बात करें तो इवेन दो या रेट हुआ, पर मैं मानती हूं कि रेट ह ऑलरेडी मार्केट ने डिस्काउंट कर लिया था। सो, ये एक बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है। इसके अलावा, उन्होंने फेड की इंडिपेंडेंस पर जोर दिया है। प्राइस स्टेबिलिटी की बात की है कि वो जब से उन्होंने ऑफिस संभाला है, वो शुरू से ही प्राइस स्टेबिलिटी पर फोकस करते हुए नजर आए हैं। फर्स्ट स्पीच में भी जैक्सन होल में उन्होंने काफी हद तक क्लियर कर दिया था कि उनके पास काम बचा है, और उन्होंने आज लगातार उसी दिशा में काम किया है। लेकिन उन्होंने प्रेसिडेंट ट्रंप की जो उनकी डिमांड्स थी कि रेट कट हो, उसके बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। सो, मार्केट में अब बहुत अधिक उम्मीदें हैं कि वे इंडिपेंडेंस बनाए रखेंगे, और उन्होंने अपनी क्रेडिबिलिटी को बनाए रखने के लिए रेट हटा दिया। अगर वो रेट ह नहीं करते, तो उनकी क्रेडिबिलिटी पे एक क्वेश्चन मार्क लग सकता था। अब अगर हम इसको शॉर्ट में नटशेल में समझें, रेट हटा है, बट मार्केट ने इसको पहले ही डिस्काउंट कर लिया था। तीन साल के बाद सिर्फ 25 बेसिस प्वाइंट का रेट हटा है। बहुत बड़ा फैक्टर नहीं है मार्केट के लिए, क्योंकि ऑलरेडी देख तो इस वॉर के बाद डैमेज हुआ है। इनफ्लेशन बढ़ी है और काफी समय से यह 2% टारगेट के ऊपर चल रही है। सो अभी एक जनरलिस्ट ने ये भी पूछा कि क्या आप मानते हैं कि सिर्फ 25 बेसिस प्वाइंट हटा से सब कुछ हो जाएगा। उन्होंने क्लियरली कहा कि अभी देखना होगा, अभी के लिए यही डेटा हमारे हिसाब से कंटिंसेंट है, रिगार्ड्स टू व्हाट वी हैव मेंटेन इन द जैक्सन सिंपोजियम। आगे के बारे में उन्होंने भी कोई बात नहीं करी, सो उनकी वो टास्क फोर्स पे डिपेंड करेंगे, टास्क फोर्स क्या कहती है। अब अगर लेवल को देखते हैं वीरेंद्र जी। एक बड़ा सकारात्मक फैक्टर है, यहाँ पर 4280 की स्तर की बात की थी, 4280 इनफाक्ट 4260 पे भी प्राइसिंग सपोर्ट लेते हुए नजर आ रहे हैं। मुझे डेली टाइम फ्रेम पर अगर देखें, तो जब तक ये लेवल होल्ड कर रहे हैं, बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आएगी। हां, कुछ गिरावट जरूर देखने को मिली है, लेकिन अगर यह ब्रेक हो जाते हैं, तो हां, तभी हम कोई बड़ी गिरावट आते हुए देखेंगे। इसके लिए आपको डॉलर इंडेक्स पर नजर रखनी होगी। [गला साफ़ करने की आवाज़] इंडेक्स ने अब वीरेंद्र जी, 100 का मार्क ब्रेक कर दिया है। अब अगर ये 100 के ऊपर स्थिर रहता है, तो यहां पर गोल्ड में गिरावट और बढ़ सकती है। लेकिन अभी भी मैं यही मानती हूं कि 4280, 4270 वाला यह पूरा_zone, इनफैक्ट अभी 60 भी एक सपोर्ट की तरह उभरता हुआ नजर आ रहा है। यह पूरा ज़ोन जब तक होल्ड कर रहा है, कोई भयावह स्थिति नहीं है। और सिल्वर में तो अभी हम सपोर्ट से बहुत ऊपर हैं। ट्रेड कर रहे हैं। इसमें डॉलर 62.5 से गिरकर डॉलर 62 प्रति औंस पर एक बहुत बड़ा समर्थन है। जब तक यह होल्ड कर रहा है, सिल्वर में कोई मेजर गिरावट अभी नहीं देखने को मिलेगी। अभी भी सिल्वर के प्राइसेस बहुत हाई के बाद भी फ्लैट ट्रेड कर रहे हैं। डॉलर इंडेक्स में हमने तेजी आते हुए देखा है। यूएस की 10 साल की ट्रेजरी में भी तेजी आते हुए देखी है। अभी भी सोने और चांदी के प्राइस में हमने कोई बहुत बड़ा नुकसान होता हुआ नहीं देखा। तो अब मार्केट इस पर किस तरीके से रिएक्ट करती है, लेवल्स पर फोकस करें, ये सब बाकी चीजें सब नॉईस है। मैं मानती हूं कि लेवल्स अगर ब्रेक होंगे तो हमें स्वीकार करना पड़ेगा कि यहां पर डाउनसाइड की पॉसिबिलिटी है। नहीं, ब्रेक होंगे तो वापस से आपको अपसाइड देखने को मिलेगी। एक मिनट में और कुछ कह रहे हैं, इसको सुन लेते हैं। पर दोस्तों, डॉलर इंडेक्स 100 के पार पहुंच चुका है। वहां पर। यह बहुत महत्वपूर्ण घटना हुई है। इनके बात करते हुए, मैंशन के बारे में एक चीज और वीरेंद्र जी, मैं बात करना चाहूंगी। अभी भी बैंक ऑफ जापान की मीटिंग पेंडिंग है। सिर्फ कल इस पॉलिसी पर मार्केट रिएक्ट करेगी। आपको शुक्रवार को कुछ और ही सीनरियो मौजूद हो सकता है। तो इस चीज के लिए भी तैयार रहिए कि सिर्फ कल की मूवमेंट को देखकर अपने डिसिजन न लें। शुक्रवार को भी बड़ा इवेंट है, वह भी रहेगा। इनफ कल शाम को भी बैंक ऑफ जापान की पॉलिसी मिली है। ये सब चीजें इंटरलिंक्ड हैं। इन सबका गोल्ड पर भी असर देखने को मिलेगा। एक बात और, इन्होंने कहा है कि जब इनसे पूछा गया कि क्या उनको आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार था, तो इन्होंने जवाब दिया कि वे आर्थिक आंकड़ों का इंतजार नहीं कर रहे थे, उनका ध्यान लंबे रुझानों पर था। साथ ही, एक और सवाल पूछा गया कि जुलाई में रुकने के बाद..
58:27आज दरों में बढ़ोतरी की। उन्होंने कहा कि पिछले सात हफ्तों में आए तीन मुख्य बदलाव में, अर्थव्यवस्था मजबूत हुई, वहीं महंगाई गर्मियों में जो महंगाई के रुझान हैं, वो पेट की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। भू-राजनीतिक तनाव, जियोपॉलिटिक्स, इन तीनों की वजह से वहां पर अब दरों में बढ़ोतरी की गई है, और पहले नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि बैठक में मौजूद कोई भी अधिकारी यह नहीं मान रहा था कि वर्तमान में जो मौद्रिक नीति है, अर्थव्यवस्था ने उसकी समीक्षा की है। उनका यह मानना है कि यह फैसला यह दिखाता है कि अब inflation को जल्द से जल्द 2% के लक्ष्य पर लाने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि केवल ब्याज दरें बढ़ाने से सप्लाई शॉफ्ट से पैदा हुई महंगाई कम नहीं होगी। उसके लिए नोकऱियों और वित्तीय बाजारों पर जोखिम बढ़ सकता है। मैम, आपको क्या लग रहा है कि अब तो डोनाल्ड ट्रंप के। ऊपर है पूरा। अगर महंगाई घटानी है, तो ईरान के साथ युद्ध बंद कर दीजिए, आपका क्रूड ऑयल गिर जाएगा और महंगाई घट जाएगी। तो आपको वहां पर दरें घटाने के लिए बोलना भी नहीं पड़ेगा। हाँ, मैं भी इसको भी विश्लेषित कर रहा हूँ कि यह संभव है, बिल्कुल। क्योंकि उनके लिए इंटरेस्ट रेट से भी ज्यादा यील्ड्स काफी मायने रखती हैं। हमने पहले ही बॉन्ड मार्केट में तनाव आता हुआ देखा है। यील्ड्स, जिस तरह से 5% के थ्रेसहोल्ड पर चली गई है, यह बहुत चिंता का विषय है। तो, राष्ट्रपति ट्रंप कहीं न कहीं अब कुछ न कुछ अपनी ऐसी बयानबाजी कर सकते हैं, जो उनकी आम आदत है, कि वीकेंड पर ऐसी स्टेटमेंट्स आते हैं। तो संभव है कि कल या वीकेंड पर कोई ऐसी बयानबाजी हो, जिससे क्रूड के प्राइस में गिरावट आ सकती है। जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, मुझे काफी संभावना नजर आ रही है कि यह 114 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक जा सकता है। ब्रेक कर जाएगा। यहाँ पर एक अच्छी गिरावट की संभावना नजर आ रही है। कुछ वीकली टाइम फ्रेम पर एक ऐसा पैटर्न उभर रहा है। यह एक टेक्निकल पैटर्न है जो संकेत कर रहा है कि। तो इस पर जरूर नजर रखें। इससे हमें सोने और चांदी के लिए काफी ज्यादा फायदा मिल सकता है। संभव है एक और इवेंट भी हो, वह है चीन के राष्ट्रपति के साथ बैठक। तो इस बैठक से पहले हो सकता है कि तनाव को थोड़ा कम दिखाने की कोशिश की जाए। भले ही उसके बाद बाज़ार में कुछ भी हो, लेकिन चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग 24 को दोनों देशों के बीच बैठक कर रहे हैं। तो उससे पहले हो सकता है कि जैसी आप कह रहे हैं, उसकी संभावना हो कि कुछ दिखाया जाए कि भाई, युद्ध खत्म होने जा रहा है, हम बातचीत कर रहे हैं, ये होगा, वो होगा, और फिर उसके बाद भी यदि वे कुछ भी करें, नए बयान दें, तो यह भी एक संभावना है। बैंक ऑफ जापान और ट्रम्प तथा जिनपिंग की बैठक भी इसी संदर्भ में है। भी बहुत ही मार्केट के लिए ट्रिगर हो सकती है। इन्होंने तो फॉरवर्ड गाइडेंस नहीं दी है, बैंक ऑफ जापान मोस्टली आपको फोरवर्ड गाइडेंस भी देंगे। वो आगे के लिए भी इशारा करेंगे कि वो रेट हाई करेंगे या नहीं। उससे यानि में आपको स्ट्रेंथ देखने को मिल सकती है। यदि में यदि स्ट्रेंथ देखने को मिलती है तो डॉलर इंडेक्स कमजोर होगा। डॉलर इंडेक्स कमजोर होगा, तो सोना और चांदी को फायदा मिलेगा। So, इन ऑल प्रोबेबिलिटी, I might go wrong। मेरा मानना है कि शायद कल आपको सोना और चांदी के प्राइस में करेक्शन देखने को मिल सकता है, but फिर परसों शायद रिवाइवल देखने को मिले। But, ये सिर्फ एक संभावना है। मैं मानती हूं कि प्राइस में जो लेवल्स हैं, उस पर हमारा फोकस रहेगा, मॉर्निंग सेशन में कि कैसे आज क्लोजिंग होती है, 4280-4260 के जो इंटरवल में है, इसके नीचे यदि क्लोज हो जाती है, क्योंकि अभी जब हम बात कर रहे हैं, वीरेंद्र जी, ये करेक्शन थोड़ी सी डीप होती हुई नजर आ रही है, 42,599.98 का लो ही अभी मार्क किया है प्राइसेस ने। सो अगर यह होगा तो हाँ, बड़ी गिरावट आ सकती है। उसके लिए प्रिपेयर्ड मैम, ये तो भाव क्या है, लाइव इवेंट पर इसलिए उस पर थोड़ा सा तो अभी अब्सॉर्ब करेंगे इस इवेंट को, इसीलिए अभी कोई पैनिक वाली बात नहीं है। कल सुबह देखना होगा कि मार्केट ओवरऑल इस चीज पर किस तरीके से रिएक्ट करती है। पूरी पॉलिसी स्टेटमेंट को समझना होगा, किस तरीके से पॉलिसी मेकर्स ने यह डिसिजन लिया, इसकी सारी रीडिंग करेंगे, लेवल्स को देखेंगे, उसके बाद ही क्लियर डिसिजन बनता है। जल्दी में लिया हुआ कोई भी डिसिजन सही नहीं है। हम कुछ भी एनालिसिस करते रहें, पर जो बड़े फंड्स हैं, म्यूचुअल फंड्स हैं, इन्वेस्टर हैं, वो क्या सोच रहे हैं, उसके आधार पर ही मार्केट कहाँ जाना है, यह तय होगा। चार्ट्स और इंडिकेटर्स भी मदद करेंगे। देंगे वीरेंद्र जी की क्या होने वाला है, उसको देखना इंपॉर्टेंट रहेगा। सो, हमने जो लेवल्स की बात की, इन सारी डिस्कशन का एक ही करलेवल्स पर फोकस रखें। दोबारा रिपीट कर रही हूं, यही वाला लेवल 4280 से 4260 गोल्ड के लिए इंपॉर्टेंट है। डॉलर 62 से डॉलर 62 पर, और सिल्वर के लिए यह ब्रेक होंगे तो बड़ी गिरावट नहीं, ब्रेक होंगे तो पूरा यहां से आपको वापस से रैली देखने को मिलेगी। अपना और भारतीय बाजार में कल किस प्रकार से ये, आज की क्लोजिंग के बाद ही पता चलेगा कि भारतीय बाजार वहां कैसा रहेगा। वीरेंद्र जी, रुपी फैक्टर भी बहुत इंपॉर्टेंट रहता है, सो रुपी का भी प्ले हमें देखना होगा। रुपी किस तरीके से बिहेव करता है, उसी से आप डिटरमाइन कर सकते हैं। डोमेस्टिक मार्केट में मैंने लेवल्स की बात की है, ऑलरेडी 149600 अभी इन्ट्राडे बेसिस पर एक सपोर्ट बना हुआ है। पोजीशनल। बेसिस पे 151,500 से 152,000 था। आज की क्लोजिंग 152,470 की है। तो अभी तो प्राइसेस प्रोटेक्टेड रहें हैं। अब अगर क्लोजिंग उसके नीचे हो जाएगी, तो उसका शायद अभी टाइम ही नहीं मिलेगा। इंट्राडे में ही आपको काफी क्लेरिटी मिल जाएगी। अगर प्राइसेस 149,600 के नीचे चलीं जाएं, तो गिरावट देखने को मिलेगी। अभी 400 पॉइंट की गिरावट देखी जा रही है। 500 पॉइंट की गिरावट आ चुकी है। दोनों में भी हल्की-फुल्की गिरावट देखी जा रही है। इसका मतलब है कि कल शेयर बाजार में भी प्रभाव देखने को मिल सकता है। मैम, हाँ, यह पॉसिबल है। बिल्कुल अभी भी वहां पर एक 23,000 का लेवल है। 23,000 का लेवल टेस्ट हो सकता है। यहां पर खत्म हो चुकी है मैम, और अब हम सिर्फ आखिरी में हैं, क्योंकि 12:30 भी बज चुके हैं। मैंने काफी समय ले लिया है। एक घंटे से ज्यादा समय हमने आपके साथ बिताया। जुड़े हुए हैं। लास्ट में जाते-जाते मैं दर्शकों को बता दूं कि फेडरल रिजर्व ने 255 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस साल एक और बढ़ोतरी का वहां पर अनुमान डॉट प्लॉट में लगाया गया है। 16 मीटर्स ने कहा है। तीसरा, इस फैसले के बाद डॉलर इंडेक्स में तेजी आई है, जो 100 के पार चला गया है। फैसले से पहले सोने और चांदी में तेजी थी, लेकिन वह अब कम हो गई है। अब तेजी भारतीय बाजार आज की क्लोजिंग के हिसाब से है, उसी पर निर्भर करेगा कि सुबह कितना खुलता है। वॉश ने फॉरवर्ड गाइडेंस देने से मना कर दिया है। महंगाई का लक्ष्य हालांकि बढ़ा हुआ है। जी सुगंधा जी, लास्ट में जाते-जाते यदि आप सोने और चांदी के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस को थोड़ा लंबा भी बता सकती हैं, कोई जरूरी नहीं कि कल के लिए बताएं। आप एक हफ्ते या एक महीने का भी पूर्वानुमान दे सकती हैं। जी, मैं थोड़ा सा नजदीक टर्म का नजरिया दे रहा हूँ। लॉन्ग टर्म दोनों ही बता रही हूं। बार-बार मैंने यही कहते हुए मेंटेन किया है। 4280 से 4260 बिल्कुल अभी हम देखें तो 4260 से दोबारा से प्राइसें आपको दो बार रिवर्स होते हुए नजर आएंगी। तो इमीडिएट बेसिस पर 4260 पर नजर बनाए रखें। इसके नीचे यदि प्राइसें चलती हैं तो 4150, 4100, 4050 तक की पॉसिबिलिटी है। ऊपर की तरफ देखें तो आपका महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस 4355 है। उसके ऊपर चलते हैं तो 4450 ये महत्वपूर्ण लेवल्स रहेंगे। क्योंकि अगले दो दिनों में दोनों साइड की मूवमेंट्स देखने को मिल सकती हैं। इसलिए ऊपर की तरफ के लेवल्स को भी समझना जरूरी है। सिल्वर की बात करें तो सिल्वर के लिए डॉलर 62.5 से 62 पर आराम्स महत्वपूर्ण सपोर्ट है। यदि यह ब्रेक होता है तो डॉलर 59, 57 तक की पॉसिबिलिटी नजर आती है। नहीं तो यदि ब्रेक नहीं होता और यह लेवल डॉलर 62 पर होल्ड कर जाता है, तो ऊपर की तरफ से ऑलरेडी करेक्शन आ सकती है। चुकी है। हायर साइड में डॉलर 67 पहला रेजिस्टेंस रहेगा। सेकंड मेजर रेजिस्टेंस है यह 71.5, यह बहुत महत्वपूर्ण है। यह कोइंसाइड करेगा सिल्वर के लेवल्स में। अगर हम बात करें तो 248000 सिल्वर में तेजी तभी आएगी जब 248000 के ऊपर प्राइसेस स्थिर करेंगे। यह लेवल बहुत महत्वपूर्ण है। गोल्ड के लिए 157000-165000 हायर साइड के बहुत महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस हैं। जब तक यह ब्रेक नहीं होंगे, तब तक बुलिश ट्रेंड नहीं है। आपको स्विंग्स जरूर देखने को मिलेंगे, पर प्राइसेस बुलिश होते हुए नहीं आएंगे। डोमेस्टिक मार्केट में गोल्ड के लिए 151,500 की क्लोजिंग बेसिस पर और इन्ट्राडे बेसिस में 149,600 रुपये सपोर्ट है। सिल्वर के लिए 231,500 रुपये क्लोजिंग बेसिस पर सपोर्ट है। और अगर मैं इन्ट्राडे सेशन की बात करूँ तो 230,000 से 2300 रुपए का ब्रेक हो जाए, तो 22,000 रुपए तक की संभावना नजर आती है। इससे नीचे अभी मैं प्राइसेस को..
01:07:18जाते हुए नहीं देख रही हूं। जी, धन्यवाद सौम्या जी, अपना कीमती समय हमें देने के लिए। कोई डिस्क्लेमर देना चाहेंगे? उससे पहले मैं आपको एक जानकारी दे दूं। एलबीएमए, जो कि इटली सॉर्न्टो में कॉन्फ्रेंस कर रहा है, वह 4 से 6 अक्टूबर को होने वाली है। 1000 से ज्यादा डेलीगेट्स यहां पर रजिस्टर हो चुके हैं। यह ग्लोबल प्रीशियस मेटल्स कॉन्फ्रेंस वर्ल्ड का सबसे बड़ा कॉन्फ्रेंस होता है। तो अगर आपको इटली जाना है और इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होना है, तो जा सकते हैं क्योंकि बहुत सारे दर्शक वहां पर हो सकते हैं, जो ग्लोबल बुलियन मार्केट में डील करते हैं। उनके लिए यह जानकारी है। जी, सौम्या जी, आप अपना डिस्क्लेमर दे रहे थे। जी, मेरी व्यक्तिगत एमसी में कोई पोजीशन नहीं है, लेकिन सिमिलर एडवाइज क्लाइंट्स के साथ यह शेयर की है। उनकी पोजीशंस हो सकती हैं। हमने यहां पर जो भी ड discus किया, वह भी। स्पीच के अनुसार और डेटा के बेसिस पर किया। आप कोई भी ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट का डिसीजन लें। किसी भी सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट से कंसल्ट करें या अपने इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से कंसल्ट करें, और एसएस वेल स्ट्रीट भी एक सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एंटिटी है। जी, धन्यवाद, बहुत शुक्रिया सुगंधा जी। आप पर्सनली भी लोगों को सलाह देती हैं कि वहां पर ऐसे रिसर्च एनालिस्ट हैं, क्योंकि आप सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट हैं, तो मैम का नंबर भी है, अभी नहीं, जिनको बात करनी है, वो मैम से कल वहां नंबर नोट कर लीजिए। आप लोग कल वहां मैम से बात भी कर पाएंगे। तो नंबर मैंने दिखा दिया है, पीछे वहां पर है। तो जिन लोगों को सोने, चांदी या इन पर सलाह चाहिए, तो सुगंधा जी से भी रजिस्टर्ड हैं। आज के लिए इतना ही, धन्यवाद, आप सभी दोस्तों का, और जिन लोगों ने चैनल को नहीं सब्सक्राइब किया है। किया वो जरूर कर दीजिएगा। थैंक यू सो मच दोस्तों। चलिए, आप सभी का धन्यवाद हमारे साथ जुड़ने के लिए। जितने भी दर्शक जुड़े, बहुत ज्यादा दर्शक हमारे साथ आज थे। सभी का धन्यवाद। थैंक यू सो मच दोस्तों, और अगर हमारे वीडियोस अच्छा लगा, तो लाइक, सब्सक्राइब, शेयर कर दीजिएगा चैनल को, और कमेंट में भी लिखकर बताइएगा ताकि जो नए दर्शक आएं, उनको पता चले कि हम किस प्रकार से आप लोगों को वीडियोस में जानकारी देते हैं। आज के लिए बस इतना ही दोस्तों। थैंक यू सो मच।